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International Yoga Day 

International Yoga Day is celebrated on June 21st every year. June 21st was announced as the international yoga day five years ago in 2014 after prime minister Narendra Modi proposed this idea. The main aim of celebrating international yoga day is to create awareness amongst…

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 

योग शरीर के लिए और अध्यात्म आत्मा के लिए आवश्यक है। योग क्या है ? योग शारीरिक (आसन) और मानसिक (ध्यान केंद्रित) क्रियाओं का समूह है जिसकी उत्पत्ति प्राचीन भारत में हुई थी। योग करने से श्‍वास-नियंत्रण तथा मन प्रफुल्लित रहता है। भगवान शिव को…

Guru Nanak Dev Ji

नानक जी का संक्षिप्त यथार्थ परिचय 

आदरणीय श्री नानक साहेब जी प्रभु कबीर(धाणक) जुलाहा के साक्षी – श्री नानक देव का जन्म विक्रमी संवत् 1526 (सन् 1469) कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को हिन्दू परिवार में श्री कालु राम मेहत्ता(खत्री) के घर माता श्रीमती तृप्ता देवी की पवित्र कोख (गर्भ) से पश्चिमी पाकिस्त्तान…

God, kabir saheb ji

‘‘संत दादू दास जी व मीरा बाई को कबीर जी ने शरण में लिया‘‘ 

श्री दादू जी को सात वर्ष की आयु में जिन्दा बाबा जी के स्वरूप में परमेश्वर जी मिले थे। उस समय कई अन्य हम उम्र बच्चे भी खेल रहे थे। परमेश्वर कबीर जी ने अपने कमण्डल (लोटे) से कुछ जल पान के पत्ते को कटोरे…

kabir saheb ji

‘‘ऋषि रामानन्द स्वामी को गुरु बना कर शरण में लेना’’ 

स्वामी रामानन्द जी अपने समय के सुप्रसिद्ध विद्वान कहे जाते थे। वे द्राविड़ से काशी नगर में वेद व गीता ज्ञान के प्रचार हेतु आए थे। उस समय काशी में अधिकतर ब्राह्मण शास्त्रविरूद्ध भक्तिविधि के आधार से जनता को दिशा भ्रष्ट कर रहे थे। भूत-प्रेतों…

God, kabir saheb ji

‘‘शिशु कबीर परमेश्वर का नामांकन’’ 

कबीर साहेब के पिता नीरू (नूर अल्ली) तथा माता नीमा पहले हिन्दू ब्राह्मण-ब्राह्मणी थे। इस कारण लालच वश ब्राह्मण लड़के का नाम रखने आए। उसी समय काजी मुसलमान अपनी पुस्तक कुरान शरीफ को लेकर लड़के का नाम रखने के लिए आ गए। उस समय दिल्ली…

God, kabir saheb ji

‘‘कबीर परमेश्वर जी का कलयुग में अवतरण’’ 

भारत वर्ष के काशी शहर में सुदर्शन के पिता वाले जीव ने एक ब्राह्मण के घर जन्म लिया तथा गौरीशंकर नाम रखा गया तथा सुदर्शन जी की माता वाले जीव ने भी एक ब्राह्मण के घर कन्या रूप में जन्म लिया तथा सरस्वती नाम रखा।…

God

‘‘पूर्ण परमात्मा कबीर जी का द्वापर युग में प्रकट होना’’ 

प्रश्नः- हे परमेश्वर! अपने दास धर्मदास पर कृपा करके द्वापर युग में प्रकट होने की कथा सुनाऐं जिस से तत्त्वज्ञान प्राप्त हो? उत्तरः- कबीर परमेश्वर (कबिर्देव) ने कहा हे धर्मदास! द्वापर युग में भी मैं रामनगर नामक नगरी में एक सरोवर में कमल के फूल…

kabir jayanti

’’त्रेतायुग में कबीर परमेश्वर जी का प्रकट होना‘‘ 

प्रश्न :- धर्मदास जी ने पूछा, हे बन्दीछोड़! आप त्रेतायुग में मुनिन्द्र ऋषि के नाम से अवतरित हुए थे। कृपया बताएं उस युग में किन-2 पुण्यात्माओं ने आप की शरण ग्रहण की? उत्तरः- हे धर्मदास! त्रेता युग में मैं मुनिन्द्र ऋषि के नाम से प्रकट…

kabir jayanti

कबीर साहेब जी का संपूर्ण जीवन परिचय (प्रथम भाग ) 

‘‘यथार्थ कबीर प्राकाट्य प्रकरण‘‘(कबीर साहेब चारों युगों में आते हैं) गरीब, सतगुरु पुरुष कबीर हैं, चारों युग प्रवान। झूठे गुरुवा मर गए, हो गए भूत मसान।। ”सतयुग में कविर्देव (कबीर साहेब) का सत्सुकृत नाम से प्राकाट्य“ तत्त्वज्ञान के अभाव से श्रद्धालु शंका व्यक्त करते हैं…