संत रामपाल जी महाराज के शिष्य ने पेश की ईमानदारी की मिसाल 

Published on

spot_img

वर्तमान समय में ईमानदारी की उदाहरण मिलना कठिन है।मानवता का स्तर इतना गिर चुका है कि लोग पैसों के लिए दुसरे व्यक्ति का कत्ल तक कर देते हैं। यह कलयुग का ऐसा दौर चल रहा है जिसमें लोग चोरी, ठग्गी, कत्ल जैसे अपराध करने से भी नहीं चूकते। इसका सबसे बड़ा कारण लोगों में ईश्वर का डर न होना है, इसी लिए तो आए दिन हजारों की गिनती में ऐसी खबरें सुनने को मिल जाती हैं।लेकिन संत रामपाल जी महाराज के शिष्य ने ईमानदारी की एक अद्भुत उदाहरण पेश की है, जो आज के समय में कम ही देखने को मिलती है।

बताया जा रहा है कि यह घटना छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की तहसील पाटन की है। वहां प्रमोद दास जी की फ़ल की दुकान है। सूत्रों की माने तो उन्हें रास्ते में एक मोबाइल पड़ा हुआ मिला और उन्होंने अपने पास सुरक्षित रख लिया। कुछ समय बाद राजेश प्रजापति नामक व्यक्ति का फोन उस मोबाइल पर आया और उन्होंने बताया कि यह मोबाइल उनका है। प्रमोद दास जी ने राजेश जी को उनका मोबाइल लौटने का आश्वासन दिया। सोचने की बात तो यह है कि आज के समय में यहां लोग पड़ा हुआ एक रुपया तक नहीं छोड़ते, वहीं दुसरी ओर संत रामपाल जी महाराज के शिष्य प्रमोद दास जी ने इतना मूल्यवान मोबाइल लौटा दिया।

राजेश प्रजापति गांव कोहका (भिलाई) के रहने वाले हैं ।जब वे अपना मोबाइल लेने पाटन पहुंचे तो, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने बताया कि जब मोबाइल खो गया तो वे बहुत घबरा गए थे। लेकिन जब प्रमोद दास जी ने उनका मोबाइल सुरक्षित लौटाया तो उनको बहुत आश्चर्य हुआ कि इतने घोर कलयुग में भी ईमानदार लोग हैं। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज और प्रमोद दास जी का ह्रदय से आभार व्यक्त किया। प्रमोद दास जी ने भी उन्हें संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित अनमोल पुस्तक “ज्ञान गंगा” दी। अपको बता दें कि यह एक ही ऐसे व्यक्ति नहीं हैं, जिन्होंने ईमानदारी की अनोखी मिसाल पेश की है। बल्कि आए दिन संत रामपाल जी महाराज जी के शिष्यों द्वारा किए गए ऐसे कार्य सुनने को मिल ही जाते हैं।

बातगलब है कि संत रामपाल जी महाराज के शिष्य बहुत ही साधारण ईमानदारी से जीवन जीते हैं। क्योंकि संत रामपाल जी महाराज के बताए गए ज्ञान से उन्हें समझ आ गया है कि दूसरों के धन पर बुरी नज़र डालने से अपने ही कर्म खराब होते हैं। इसी लिए ईश्वर जो दे, उसी में संतुष्ट रहना चाहिए। संत रामपाल जी महाराज बहुत ही अच्छा समाज तैयार कर रहे हैं जिसमें चोरी, ठग्गी, रिश्वतखोरी की कोई जगह नहीं है। इसके अलावा संत रामपाल जी महाराज जी के शिष्य शराब, दहेज़ लेना, जुआ खेलना जैसी बुराईयों से दूर रहते हैं। वह अपने शिष्यों को शिक्षा देते हैं कि सभी के साथ मिलकर रहना चाहिए, क्योंकि सभी एक मालिक (ईश्वर) के बच्चे हैं।आप संत रामपाल जी महाराज के द्वारा प्रदान की गई शिक्षाओं को जानने के लिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल देखिए।

Latest articles

गौ सुरक्षा एवं सेवा क्रांति: संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में देशभर की गौशालाओं में नि:शुल्क सुविधाएं

देशभर में गौ वंश के संरक्षण, संवर्धन और बेसहारा गौ माताओं की उचित देखभाल...

Youth Uprising in Delhi: CJP Parliament March Clashes with Security Forces Amid Mass Crackdown

The national capital was thrown into severe logistical and security upheaval on July 20,...

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील के गांव नगलाकंजा के किसानों की डूबती दुनिया को संत रामपाल जी महाराज ने किया आबाद

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील का गांव नगलाकंजा पिछले तीन-चार सालों...
spot_img

More like this

गौ सुरक्षा एवं सेवा क्रांति: संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में देशभर की गौशालाओं में नि:शुल्क सुविधाएं

देशभर में गौ वंश के संरक्षण, संवर्धन और बेसहारा गौ माताओं की उचित देखभाल...

Youth Uprising in Delhi: CJP Parliament March Clashes with Security Forces Amid Mass Crackdown

The national capital was thrown into severe logistical and security upheaval on July 20,...

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील के गांव नगलाकंजा के किसानों की डूबती दुनिया को संत रामपाल जी महाराज ने किया आबाद

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील का गांव नगलाकंजा पिछले तीन-चार सालों...