Last Updated on 21 June 2026 IST | National Doctor’s Day in Hindi | प्रतिवर्ष 1 जुलाई को भारत रत्न डॉ. बिधानचन्द्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि के अवसर पर राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctor’s Day 2026) मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य चिकित्सकों के अमूल्य योगदान का सम्मान करना तथा समाज में उनके प्रति कृतज्ञता और विश्वास की भावना को बढ़ावा देना है। आधुनिक समय में डॉक्टर केवल रोगों का उपचार ही नहीं करते, बल्कि आपातकालीन सेवाओं, जनस्वास्थ्य, टेलीमेडिसिन और नई चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन की रक्षा कर रहे हैं। किसान और जवान की तरह चिकित्सक भी समाज के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो मानव सेवा को अपना धर्म मानते हैं। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस हमें उनके समर्पण और त्याग को नमन करने का अवसर देता है। साथ ही यह विचार भी उत्पन्न करता है कि शास्त्रों में वर्णित जन्म-मरण रूपी दीर्घ रोग से मुक्ति दिलाने वाला वास्तविक चिकित्सक कौन है। इसी विषय पर इस लेख में विस्तार से चर्चा की गई है।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctor’s Day 2026 in Hindi) सम्बंधी मुख्य बिंदु
- प्रतिवर्ष 1 जुलाई को डॉ. बिधानचन्द्र रॉय के जन्मदिन को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctor’s Day) के रूप में मनाया जाता है
- 2026 की थीम है: “मास्क के पीछे: देखभाल करने वालों की देखभाल” (Behind the Mask: Caring for the Caregivers)
- इस वर्ष 33वां राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctor’s Day) मनाया जाएगा
- डॉ बिधानचन्द्र रॉय का जन्मदिवस और पुण्यतिथि दोनों ही 1 जुलाई को होती हैं
- देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत विभूति हैं डॉ. बिधानचन्द्र रॉय
- इंडियन मेडिकल असोसियेशन (IMA) ने भारत में 1991 से राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाने की शुरुआत की। तब से प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctor’s Day) मनाया जाता है।
- इस दिन चिकित्सकों को उनके कार्यों व अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है।
- वर्तमान समय में जन्म-मरण जैसे दीर्घ रोग से मुक्ति दिलाने की सतभक्ति रूपी दवा संत रामपाल जी महाराज जी के पास है
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस का इतिहास (History of National Doctor’s day in Hindi)
आइए जानते हैं 1 जुलाई को भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाने के पीछे क्या वजह है? 1 जुलाई के दिन देश के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. बिधानचंद्र रॉय को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर इसे मनाया जाता है। उनका जन्म 1 जुलाई 1882 में बिहार के पटना जिले में हुआ था। कोलकाता में मेडिकल की शिक्षा पूरी करने के बाद डॉ. राय ने एमआरसीपी और एफआरसीएस की उपाधि लंदन से प्राप्त की। 1911 में उन्होंने भारत में चिकित्सकीय जीवन की शुरुआत की। इसके बाद वे कोलकाता मेडिकल कॉलेज में व्याख्याता बने। वहां से वे कैंपबैल मेडिकल स्कूल और फिर कारमिकेल मेडिकल कॉलेज गए।
National Doctor’s Day in Hindi: इसके बाद वे राजनीति में आ गए। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) के सदस्य बने और बाद में उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का पद भी संभाला। डॉ. राय को उनके अद्वितीय योगदान के लिए सन् 1961 में तत्कालीन भारत सरकार द्वारा देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। 80 वर्ष की आयु में 1962 में अपने जन्मदिन के दिन यानी 1 जुलाई को ही उनकी मृत्यु हो गई थी।
महान फिजिशियन डॉ. बिधान चंद्र रॉय पं. बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री भी थे और उन्हें उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए उन्हें पं. बंगाल राज्य का आर्किटेक्ट भी कहा जाता है। डॉ. बिधानचन्द्र रॉय के अमूल्य योगदान की स्मृति में 1 जुलाई 1991 को तत्कालिक सरकार द्वारा राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National doctor’s Day) मनाने की घोषणा की गई थी। तब से प्रतिवर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (नेशनल डॉक्टर्स डे) मनाया जाता है। भारत के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री को सम्मान और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।
प्राचीन काल से ही महान चिकित्सकों की भूमि है भारत देश
National Doctor’s Day in Hindi | चिकित्सक को इंसान के रूप में भगवान के तुल्य माना जाता है जो रोगी को एक नई जिंदगी प्रदान करता है। भारत में प्राचीन काल से ही वैद्य परंपरा रही है, जिनमें धनवन्तरि, अश्विनी, चरक, सुश्रुत, जीवक आदि रहे हैं। वैदिक काल में जो महत्व और स्थान अश्विनी को प्राप्त था वही पौराणिक काल में धन्वंतरि को प्राप्त हुआ। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनवन्तरि का देवता के रूप में पूजन किया जाता है।
कैसे मनाया जाता है राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस? (How to Celebrate National Doctor’s Day?)
इस दिन को लोग अपने–अपने तरीके से मनाते हैं। किन्तु कुछ संगठनों द्वारा इसे निम्न तरीके से मनाया जाता है –
- जुलाई की 1 तारीख को अधिकतर मरीज अपने चिकित्सक (Doctor) को धन्यवाद करते हुए उन्हें ग्रीटिंग कार्ड्स, प्रशंसा कार्ड, ई-कार्ड्स, फूलों के गुलदस्ते, मेल के माध्यम से ग्रीटिंग मेसेज आदि देते हैं। स्वास्थ्य केन्द्रों, अस्पतालों, नर्सिंग होम या डॉक्टर्स द्वारा घरों पर विशेष मीटिंग, पार्टी एवं डिनर का आयोजन किया जाता है, ताकि मेडिकल प्रोफेशन के लिए डॉक्टर्स और उनके योगदान के महत्व को याद किया जा सके।
- हर किसी के जीवन में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिकाओं के बारे में जागरूक करने के लिए मुफ्त में ब्लड टेस्ट, रैंडम शुगर टेस्ट, ईसीजी, ईईजी, ब्लड प्रेशर चेकअप आदि गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
- इस दिन चिकित्सा प्रोफेशन के विभिन्न पहलुओं जैसे स्वास्थ्य जाँच, इलाज, रोकथाम, रोग का उचित उपचार आदि इसी तरह के कई मुद्दों के बारे में चर्चाएँ करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
- वर्तमान समय में अनेक अस्पताल एवं स्वास्थ्य संस्थान ऑनलाइन हेल्थ वेबिनार, टेलीमेडिसिन परामर्श, डिजिटल हेल्थ अवेयरनेस अभियान तथा स्वास्थ्य संबंधी मोबाइल ऐप्स के माध्यम से भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
- इस दिन हेल्थ केयर संगठनों द्वारा कई स्वास्थ्य केन्द्रों और सार्वजनिक स्थानों पर आम जनता के लिए कुछ चिकित्सा जाँच शिविर आयोजित किये जाते हैं, जो कि पूर्णतया निःशुल्क होते हैं।
- इसके अलावा इस दिन गरीबों एवं वरिष्ठ नागरिकों के बीच हेल्थ स्टेटस, हेल्थ काउंसलिंग, हेल्थ पोषण पर बातचीत और पुरानी बीमारियों की जागरूकता का आंकलन करने के लिए जनरल स्क्रीनिंग टेस्ट शिविर भी आयोजित किये जाते हैं।
- चिकित्सकों (Doctors) द्वारा दिए गये योगदान से परिचित कराने के लिए सरकारी और निजी स्वास्थ्य संगठनों में विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctor’s Day) मनाने का उद्देश्य
चिकित्सक दिवस (National Doctor’s Day 2026) मनाने के पीछे उद्देश्य चिकित्सकों के प्रति सहानुभूति रखते हुए उन्हें समाज में सम्मान का स्थान देना है। दुनिया में किसान और जवान के समान ही चिकित्सक की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है, जिनके बिना समाज की कल्पना असंभव है। रोगी जब चिकित्सक के पास जाता है तो वह याचक के रूप में होता है और चिकित्सक दानी।
■ Read in English | Know About the Real Doctor on National Doctor’s Day
चिकित्सक रोगी को मौत के मुंह से भी निकालकर ले आता है। डॉक्टर आयुर्वेदिक, ऐलोपैथी, यूनानी आदि अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों के जरिए मरीज को ठीक करने का प्रयास करता है। विश्व भर में कोरोना जैसी खतरनाक महामारी में डॉक्टर्स ने अपनी भूमिका तत्परता से निभाई।
Importance of celebrating Doctor’s Day (चिकित्सक दिवस मनाने का महत्व)
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस केवल डॉक्टरों का सम्मान करने का अवसर ही नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व, चिकित्सा नैतिकता और मानवीय सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी एक महत्वपूर्ण दिन है। यह दिवस चिकित्सकों को उनके कर्तव्यों के प्रति समर्पण, संवेदनशीलता और उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा के लिए प्रेरित करता है।
National Doctor’s Day in Hindi: कभी-कभी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही, गलत जानकारी या गैर-पेशेवर व्यवहार के कारण मरीजों और उनके परिजनों में असंतोष उत्पन्न हो जाता है। ऐसे में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस डॉक्टरों और समाज के बीच विश्वास, संवाद और पारस्परिक सम्मान को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।
यह दिवस हमें उन समर्पित चिकित्सकों के योगदान को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने अपने ज्ञान, सेवा और त्याग से अनगिनत लोगों का जीवन बचाया है। कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी से लेकर सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं तक, डॉक्टरों ने हर परिस्थिति में मानवता की सेवा की है।
आज के समय में जब डिजिटल हेल्थकेयर, टेलीमेडिसिन और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का विस्तार हो रहा है, तब चिकित्सकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस उनके समर्पण, करुणा और अथक सेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने तथा समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
2026 में डॉक्टरों की बदलती भूमिका
आधुनिक चिकित्सा विज्ञान तेजी से बदल रहा है और वर्ष 2026 में डॉक्टरों की भूमिका पहले से कहीं अधिक व्यापक हो गई है। अब चिकित्सक केवल रोगों का उपचार ही नहीं करते, बल्कि आधुनिक तकनीकों की सहायता से बेहतर, तेज़ और सटीक स्वास्थ्य सेवाएँ भी प्रदान कर रहे हैं।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्वास्थ्य सेवाएँ: आज AI की मदद से रोगों की प्रारंभिक पहचान, मेडिकल इमेज विश्लेषण और उपचार योजनाओं को अधिक सटीक बनाया जा रहा है, जिससे डॉक्टरों को बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिलती है।
- टेलीमेडिसिन का बढ़ता उपयोग: इंटरनेट और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से दूर-दराज़ क्षेत्रों के मरीज भी घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श प्राप्त कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएँ अधिक सुलभ बन रही हैं।
- डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स (Electronic Health Records): मरीजों का चिकित्सा इतिहास अब डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा रहा है, जिससे इलाज की गुणवत्ता, पारदर्शिता और आपातकालीन सेवाओं में तेजी आई है।
- रोबोटिक सर्जरी का विस्तार: आधुनिक अस्पतालों में रोबोटिक तकनीक से जटिल सर्जरी अधिक सटीकता और कम जोखिम के साथ की जा रही है, जिससे मरीजों की रिकवरी भी तेज़ हो रही है।
- रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवा (Preventive Healthcare): आज चिकित्सा जगत केवल बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमित जांच, टीकाकरण, स्वस्थ जीवनशैली और समय पर स्क्रीनिंग के माध्यम से बीमारियों की रोकथाम पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।
- मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ता ध्यान: तनाव, अवसाद और अन्य मानसिक समस्याओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, परामर्श सेवाओं और समग्र स्वास्थ्य देखभाल को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि बदलती तकनीकों के इस युग में भी डॉक्टरों की करुणा, सेवा भावना और मानवता के प्रति समर्पण ही चिकित्सा पेशे की सबसे बड़ी शक्ति है।
(Inspiration Quotes on National Doctor’s Day in Hindi) : राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर प्रेरणादायक उद्धरण
- एक डॉक्टर ही होता है जो रोते हुए आये हुए को हँसाते हुए भेजता है, परन्तु पूर्ण गुरु कभी भी अपने साधक को दुःखी नहीं होने देता है।
- स्वास्थ्य लाभ में दवाई ही हमेशा जरुरी नहीं होती है, इसके लिए विश्वास भी जरुरी होता है, वरन जीवन में सर्व लाभों के लिए सर्वाधिक आवश्यक सतभक्ति है।
- एक डॉक्टर अपने मरीज के स्वास्थ्य को लेकर हमेशा चिंतित रहता है तथा पूर्ण गुरु अपने शिष्यों को सर्व चिंताओं से आश्वस्त करता है।
- एक अच्छा डॉक्टर दवा कम, ख्याल ज्यादा रखने की सलाह देता है, जबकि तत्वदर्शी संत अपने शिष्य का ख्याल ऐसे रखता है जैसे माता अपने गर्भ का।
- सच कहते हैं जीवन जीना एक कला है कई बार मौत के करीब से आपको वापस लाने वाला डॉक्टर उसकी सही कीमत बता जाता है, परन्तु पूर्ण परमात्मा कविर्देव जी मुर्दे को भी जीवनदान प्रदान करते हैं।
- डॉक्टर जब विनम्रता और मुस्कुराकर बात करते हैं तो रोगी का आधा दुःख-दर्द बिना दवा किये ही ठीक हो जाता है, पूर्ण परमात्मा कविर्देव जी के आशीर्वाद से असाध्य रोगी का सर्व रोग समाप्त हो जाता है।
- डॉक्टर बनने के बाद पैसा कमाने के साथ-साथ मानव सेवा जरूर करें।
- एक सच्चा संत शास्त्रानुकूल सत्य साधना करने की सलाह देता है जिससे किसी भी प्रकार की बीमारी आसानी से ठीक हो जाती है।
National Doctor’s Day 2026 Theme in Hindi
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस हर वर्ष 1 जुलाई को देशभर में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह दिन उन समर्पित चिकित्सा पेशेवरों को समर्पित है, जो मानव जीवन की रक्षा के लिए निरंतर सेवा में लगे रहते हैं। 2026 की थीम है – “मास्क के पीछे: देखभाल करने वालों की देखभाल” (Behind the Mask: Caring for the Caregivers)। यह थीम इस ओर ध्यान आकर्षित करती है कि दूसरों की सेवा करते हुए डॉक्टर अक्सर अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं। इसका उद्देश्य है — उन्हें बेहतर कार्य परिस्थितियाँ, मानसिक स्वास्थ्य समर्थन और समाज से आवश्यक सम्मान दिलाना। इस दिन पूरे देश में जागरूकता अभियानों, सम्मान समारोहों और विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, ताकि न केवल उनकी सेवाओं को सराहा जाए, बल्कि उनके कल्याण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा सकें।
क्या होता है चिकित्सक (Doctor)
वह व्यक्ति जो शिक्षित, प्रशिक्षित/ अनुभवी हो और किसी बीमारी का निदान व उपचार करता है चिकित्सक/ डाक्टर कहलाता है।( दवाओं, रोग तथा आयुर्विज्ञान का ज्ञान रखतें हैं।) जो पीड़ित/रोगी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए अपनी जान की परवाह न करते हुए अपनी सर्वस्व मेहनत का समर्पण कर दे। चिकित्सक को डॉक्टर, वैद्य, हकीम, तबीब आदि नामों से जाना जाता है। इंसानों की बस्ती में चिकित्सक को भगवान के तुल्य माना जाता है।
शास्त्रानुसार कौन है वो वास्तविक चिकित्सक, जो जन्म-मरण रूपी दीर्घ रोग से मुक्ति दिला सकते हैं?
आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज ने कहा है कि सर्व रोगनाशक वैद्य/चिकित्सक/तबीब बंदी छोड़ कबीर जी हैं।
हरदम खोज हनोज हाजिर, त्रिवेणी के तीर हैं।
दास गरीब तबीब सतगुरु, बन्दी छोड़ कबीर हैं।।
उपरोक्त अमृतमयी वाणी का भावार्थ है कि शारीरिक रोग तथा जन्म-मरण के रोगों के वैद्य परमेश्वर कबीर जी हैं। उनके बताए भक्ति मार्ग से असाध्य रोग जो शरीर के हैं, वे समाप्त हो जाते हैं तथा जन्म-मृत्यु का दीर्घ रोग जो श्री ब्रह्मा, श्री विष्णु व श्री शिव जी को भी लगा है, वह भी कबीर तबीब अर्थात वैद्य/चिकित्सक रूपी कबीर परमेश्वर से समाप्त हो जाता है। कबीर जी बन्दी छोड़ हैं ।
- यजुर्वेद अध्याय 5 के मंत्र 32 में वर्णन है
अमर करूं सतलोक पठाऊँ, ताते बन्दी छोड़ कहाऊँ।|
कर्म बंधनों से मुक्ति मिलने पर प्राणी अमर मोक्ष प्राप्त करता है। परमेश्वर कबीर जी की सत्य साधना करने से सर्व पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं। तब भक्त (साधक) अमर हो जाता है, परमात्मा कविर्देव जी उसे सतलोक भेज देते हैं।
वर्तमान समय में कौन है वास्तविक चिकित्सक की भूमिका में ?
वर्तमान समय में पूर्ण परमेश्वर कबीर जी स्वयं पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी के रूप में इस पृथ्वीलोक अर्थात मृत्युलोक में जन्म-मरण के दीर्घ रोग से मुक्ति दिलाने के लिए आये हुए हैं, कृपया सत्य को पहचानें व कीमती समय के मर्म को पहचानते हुए संत रामपाल जी महाराज से आज ही निःशुल्क नामदीक्षा प्राप्त कर इस जन्म-मरण रूपी दीर्घ रोग से छुटकारा पाएं। संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग श्रवण हेतु सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल को देखे।
FAQs About National Doctor’s Day 2026 in Hindi
प्रतिवर्ष 1 जुलाई को डॉ. बिधानचन्द्र रॉय के जन्मदिन को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctor’s Day) के रूप में मनाया जाता है।
इस दिन चिकित्सकों को उनके कार्यों व अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctor’s Day) की थीम है मास्क के पीछे: देखभाल करने वालों की देखभाल” (Behind the Mask: Caring for the Caregivers)।
डॉ बिधानचन्द्र रॉय का जन्मदिवस और पुण्यतिथि दोनों ही 1 जुलाई को होती हैं।
देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत विभूति हैं डॉ. बिधानचन्द्र रॉय।
इंडियन मेडिकल असोसियेशन (IMA) ने भारत में 1991 से राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाने की शुरुआत की। तब से प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctor’s Day) मनाया जाता है।
वर्तमान समय में जन्म-मरण जैसे दीर्घ रोग से मुक्ति दिलाने की सतभक्ति रूपी दवा संत रामपाल जी महाराज जी के पास है, वही एकमात्र चिकित्सक हैं।



