February 2, 2026
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सोनीपत/मदीना: संत रामपाल जी महाराज की असीम कृपा से बनेगा शिक्षा का भव्य मंदिर, 150 ट्रैक्टरों के साथ आभार व्यक्त करने उमड़ा जनसैलाब

हरियाणा के सोनीपत जिले के मदीना गांव में शिक्षा और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली है। संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में संचालित सतलोक आश्रम की जनकल्याणकारी गतिविधियों के अंतर्गत मदीना गांव को करोड़ों रुपये की लागत...

ढाणा कलां की पुकार और राहत की कहानी: डूबते गांव से उम्मीद तक का सफर

हरियाणा के हिसार जिले की तहसील हांसी का ढाणा कलां गांव इस साल की बाढ़ में सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों में से एक बन गया। यह कोई साधारण जलभराव नहीं था, बल्कि ऐसा संकट था जिसने किसानों की आजीविका, बच्चों की पढ़ाई, but the...

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Kurukshetra News (Hindi) | संत रामपाल जी महाराज ने बाढ़ पीड़ितों को पहुंचाई राहत सामग्री

Kurukshetra News (Hindi) : हर‍ियाणा में लगातार हुई भारी बार‍िश के चलते हालात बेकाबू...

Know the Sant Eliminating the Female Foeticide Through Spiritual Discourse

Updated on 5 July 2023 IST | Female Foeticide is a curse to society...

Blood Donation Camp: संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुए रक्तदान शिविर, बने चर्चा का विषय

Blood Donation Camp: आज हम बात कर रहे हैं देश के उत्तरप्रदेश राज्य की, जिसके सभी 75 जिलों में एक दिन में सम्पन्न हुए विशाल रक्तदान शिविर देशभर में सुर्खियों का कारण बने हुए हैं, इन विशाल रक्तदान शिविरों का आयोजन 2 अक्टूबर, शनिवार के दिन संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में मुनींद्र धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा आयोजित सत्संगों के माध्यम से किया गया। संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायियों द्वारा एक दिन में किये गए इस विशाल रक्तदान समारोह की देशभर में हर जुबां पर आज चर्चा है और हो भी क्यों न, क्योंकि संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायी अपने गुरुजी की बताई गई शिक्षा-दीक्षा को प्रथम मानकर समाज हित के हर हितैषी कार्य में अग्रणी रहते हैं, आइये जानते हैं विस्तार से।

सामाजिक कार्यों के लिए मशहूर संत रामपाल जी महाराज के शिष्य ने किया देहदान

Body Donation News, Jabalpur, MP: जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायियों...

Solution for Dowry System [Hindi]: संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुए दहेज रहित विवाह बने चर्चा का विषय

Solution of Dowry System: क्या आपने ऐसा कोई विवाह देखा है जहां दूल्हा-दुल्हन साधारण वेशभूषा में हों? जहाँ बिना हल्दी, मंडप आदि रस्मों के पूर्ण परमात्मा की उपस्थिति में विवाह सम्पन्न हुआ हो? जहां दहेज के नामोनिशान न हो? हाँ जी, ऐसा सम्भव हो पाया वो भी केवल संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में चलाये जा रहे दहेज मुक्त विवाह अभियान से। आपको सोचने में थोड़ा अचंभित सा लग सकता है क्योंकि ऐसे विवाहों की कल्पना करना भी मुश्किल है फिर धरातल पर होना तो बहुत बड़ी बात है पर आज हम आपके सामने ऐसे ही कुछ विवाह पेश कर रहे हैं जिनके बारे में जानकर आपको सचमुच लगेगा कि क्या आज के आधुनिक युग में भी इतने सादगीपूर्ण विवाह सम्भव हैं।

PM Kisan Yojana: पीएम किसान योजना की 10वीं किस्त हुई जारी, जानिए किस विधि से संपन्न होंगे हमारे किसान

देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी पीएम मोदी ने 1 जनवरी, शनिवार...

Women’s Marriage Age in India 2021: Minimum Age of Marriage of Girls Will Increase to 21 Years

Women's Marriage Age in India 2021: The demand for raising the age of marriage...

सतगुरु संत रामपाल जी महाराज के भक्त ने महंगा लावारिस फोन वापस कर पेश की मानवता की मिसाल

आज संत रामपाल जी महाराज की पुस्तकों का प्रचार करते समय जिला मैनपुरी सेवादार...

Farm Laws Repeal 2021: जानिए क्यों PM मोदी ने लिए कृषि कानून वापिस?

Farm Laws Repeal 2021: PM मोदी ने शुक्रवार को तीन कृषि कानून वापिस लेनें की घोषणा की। विरोध कर रहे किसानों का नहीं रहा खुशी का ठिकाना और सबने मिठाईयां बांटी। आंदोलन करते हुए किसान जूझ रहे थे लेकिन कभी नहीं हारी थी हिम्मत और अंततोगत्वा सफलता हासिल हुई। सांसारिक विषयों पर समाज और सरकार आपस में लड़-झगड़ कर पतन की ओर जा रहे हैं। मनुष्य जीवन के उदेश्य पूर्ति के लिए सद्गुरु से सदभक्ति लेकर सभी इस नाशवान लोक में सुख प्राप्त कर सकते हैं और मोक्ष भी। 

‘जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया’ नाम से मशहूर तुलसी गौड़ा (Tulsi Gowda) हुई पद्म श्री पुरुस्कार से सम्मानित

पर्यावरणविद् तुलसी गौड़ा (Tulsi Gowda) को सोमवार को पर्यावरण के संरक्षण में उनके अतुलनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री से सम्मानित किया।

संत रामपाल जी महराज के अनुयायियों द्वारा नेपाल में पशुबलि के विरोध में निकाली गई रैली

भारत के पड़ोसी देश नेपाल में प्रतिवर्ष दशहरे के पर्व के साथ पशुबलि का भी आयोजन किया जाता है। पशुबलि में हजारों पशुओं की बलि धर्म के नाम पर दी जाती है। इस कुप्रथा को मानव समाज एक लंबे समय से ढो रहा है। इतिहास में अब तक पहली बार इसका बड़े स्तर पर विरोध किया गया है। 5 अक्टूबर 2021 को सन्त रामपाल जी महाराज के सभी अनुयायियों ने एकजुट होकर पशुबलि के विरोध में न केवल रैली निकाली बल्कि कुछ समजोपयोगी कार्य जैसे रक्तदान भी किए। विस्तार से जानें।

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देपल की मिट्टी से उठी उम्मीद की कहानी: बाढ़, बेबसी और मानवता की मिसाल

हिसार जिले के देपल गांव की यह कहानी सिर्फ पानी में डूबी ज़मीन की...

Guru Ravidas Jayanti 2026: How Ravidas Ji Performed Miracles With True Worship of Supreme God?

Last Updated on 31 January 2026 IST: In this blog, we will learn about...