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PM Kisan Yojana: पीएम किसान योजना की 10वीं किस्त हुई जारी, जानिए किस विधि से संपन्न होंगे हमारे किसान

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देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी पीएम मोदी ने 1 जनवरी, शनिवार को पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) की 10वीं किस्त जारी कर दी। इसके तहत किसानों के खाते में 2 हजार रुपये की किस्त आई। इस योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके अकाउंट में ट्रांसफर की गई।

Table of Contents

PM Kisan Yojana: मुख्य बिंदु

  • 1 जनवरी, 2022 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) की 10वीं किस्त का पैसा सीधा किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 10.09 करोड़ किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत 20,900 करोड़ रुपये की 10वीं किस्त जारी की है।
  • प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों को यह राशि जारी की।
  • किसानों को यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (PM Kisan Scheme) के तहत पात्र किसानों को एक साल में 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

PM Kisan Yojana से 1.24 लाख किसानों को होगा फायदा

शनिवार को पीएम मोदी ने वर्चुअल कार्यक्रम में 351 कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) को 14 करोड़ रुपये से अधिक का इक्विटी अनुदान जारी किया है। इससे 1.24 लाख किसानों को फायदा होगा। इस कार्यक्रम में नौ राज्यों के मुख्यमंत्री, विभिन्न राज्यों के मंत्री और कृषि संस्थानों के प्रतिनिधि भी वर्चुअल तरीके से शामिल हुए।

पैसा नहीं आने पर इन नंबरों पर शिकायत दर्ज करें 

  • पीएम किसान टोल फ्री नंबर: 18001155266
  • पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर: 155261
  • पीएम किसान लैंडलाइन नंबर्स: 011—23381092, 23382401
  • पीएम किसान की नई हेल्पलाइन: 011-24300606
  • पीएम किसान की एक और हेल्पलाइन है: 0120-6025109
  • ई-मेल आईडी: pmkisan-ict@gov.in

PM Kisan Yojana: लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम

  • स्टेप-1: वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। 
  • स्टेप-2: होम पेज पर Menu बार देखें और यहां ‘Farmers Corner’ पर जाएं। 
  • स्टेप-3:यहां ‘लाभार्थी सूची’ (Beneficiary List) के लिंक पर क्लिक करें।
  • स्टेप-4:इसके बाद अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव विवरण दर्ज करें।
  • स्टेप-5:इतना भरने के बाद Get Report पर क्लिक करें और पाएं पूरी लिस्ट।

PM Kisan Yojana के तहत कब कब हुई किस्तें जारी?

  • पहली किस्त सरकार की तरफ से फरवरी 2019 में जारी की गई थी। 
  • दूसरी किस्त 2 अप्रैल 2019 को जारी हुई थी। 
  • तीसरी किस्त अगस्त 2019 में जारी हुई थी। 
  • चौथी किस्त जनवरी 2020 में जारी की गई थी। 
  • पांचवीं किस्त 1 अप्रैल 2020 को जारी की गई थी। 
  • छठी किस्त 1 अगस्त 2020 को जारी की गई थी। 
  • सातवीं किस्त दिसंबर 2020 में जारी की गई थी। 
  • आठवीं किस्त 14 मई 2021 को जारी की गई थी। 
  • नवीं किस्त 9 अगस्त 2021 को जारी की गई थी। 
  • दसवीं किस्त आज यानी 1 जनवरी 2022 को जारी की गई जिसमें नए साल 2022 के पहले दिन 10.09 करोड़ किसानों के खातों में 20,900 करोड़ रुपये । 

PM Kisan Yojana पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का बयान

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नए साल 2022 के पहले दिन 10.09 करोड़ लाभार्थियों के खातों में 20,900 करोड़ (20,946,77,28,000) रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। उन्होंने कहा कि पीएम-किसान कार्यक्रम सरकार के किसानों की आमदनी को दोगुना करने के प्रयासों में मदद करने के लिए शुरू किया गया है।

दसवीं किस्त का किसान भाई कर रहे थे इंतजार 

पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojana) के तहत दी जाने वाली 10वीं किस्त का इंतजार आखिरकार खत्म हो ही गया। किसानों को लंबे समय से खाते में 2 हजार रुपये आने का इंतजार था। पहले कहा जा रहा था कि किसानों के खाते में 15 दिसंबर को रुपये आएंगे। फिर बताया गया कि पिछले साल की तरह 25 दिसंबर को किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। हालांकि, दोनों बार किसानों को निराश होना पड़ा, लेकिन 31 दिसंबर को पीएम मोदी ने ट्वीट कर नए साल के मौके पर किसानों के खाते में रुपये भेजने का ऐलान किया।

किसानों को कुल 1.8 लाख करोड़ रुपये किए जा चुके हैं ट्रांसफर 

इससे पहले पीएम-किसान की नौवीं किस्त अगस्त, 2021 में जारी की गई थी। आज जारी राशि के बाद अब तक इस योजना के तहत किसानों को 1.8 लाख करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। पीएम-किसान योजना की घोषणा फरवरी, 2019 के बजट में की गई थी। इसके तहत पहली किस्त दिसंबर, 2018 से मार्च, 2019 की अवधि के लिए जारी की गई थी।

भारत में किसे माना जाता है किसान?

राष्ट्रीय किसान नीति-2007 के अनुसार ‘किसान’ शब्द का मतलब उगाई गई फसलों के आर्थिक या आजीविका क्रियाकलाप में सक्रिय रूप से शामिल व्यक्ति तथा अन्य प्राथमिक कृषि उत्पादों को उगाने वाले व्यक्ति से है। इसमें काश्तकार, कृषि श्रमिक, बटाईदार, पट्टेदार, पशुपालक, मधुमक्खी पालक, माली, चरवाहे आते हैं। रेशम के कीड़ों का पालन करने वाले, वर्मीकल्चर तथा कृषि-वानिकी जैसे विभिन्न कृषि-संबंधी व्यवसायों से जुड़े व्यक्ति भी किसान हैं। इन लोगों को किसानों की श्रेणी में रखा गया है।

पीएम किसान (PM Kisan Yojana) योजना क्या है? 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (PM Kisan Scheme) के तहत पात्र किसानों को एक साल में 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। किसानों को यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करके दी जाती है ।

पीएम किसान योजना की शुरुआत कब हुई? 

पीएम मोदी ने इस योजना की औपचारिक रूप से शुरुआत 24 फरवरी, 2019 को यूपी के गोरखपुर में एक समारोह में की थी। 

कौन पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojana) का लाभ नहीं ले पाएंगे?

डॉक्टर, सीए, वकील आदि भी इस योजना से बाहर हैं। पीएम किसान सम्मान स्कीम का लाभ अब उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके नाम पर खेत होगा। मौजूदा या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री को पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिलता। अगर कोई व्यक्ति खेत का मालिक है, लेकिन उसे 10000 रुपये महीने से अधिक पेंशन मिलती है तो वह भी इस योजना का पात्र नहीं है।

किन किसानों को नहीं मिलेगा पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ?

किसान जो भूतपूर्व या वर्तमान में संवैधानिक पद धारक हैं, वर्तमान या पूर्व मंत्री हैं। मेयर या जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक (MLA), एमएलसी, लोकसभा और राज्यसभा सांसद हैं, भले ही वो किसानी भी करते हों वे और केंद्र या राज्य सरकार के अधिकारी इससे बाहर रहेंगे। इसके साथ  पिछले वित्तीय वर्ष में आयकर भुगतान करने वाले किसानों को भी इसका फायदा नहीं मिलेगा। 10 हजार रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को भी लाभ नहीं मिलेगा। पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील और आर्किटेक्ट योजना से बाहर होंगे।

किन किसानों के खाते में नहीं आएगी 2000 रुपये की 10वीं किस्त?

PM Kisan Samman Nidhi 10th Installment, पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत 1 जनवरी 2022 को जारी हुई 10 वीं किस्त की रकम लाखों किसानों के खाते में ट्रांसफर नहीं होगी। दरअसल, आयकरदाताओं को इस स्कीम का पैसा न दिए जाने का प्रावधान है। अगर किसी किसान ने पिछले वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स दिया है तो वह अप्लाई नहीं कर सकता। लेकिन ऐसे लाखों लोगों ने आवेदन किया था। आधार (Aadhaar) कार्ड के जरिए ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया। अब उनसे पैसा वापस लिया जा रहा है। सबसे ज्यादा उन्हीं किसानों ने गड़बड़ी की जो इनकम टैक्स देते हैं। अवैध रूप से इस स्कीम का फायदा लेने वालों में से 56 फीसदी आयकरदाता हैं और यह स्कीम केवल गरीब किसानों के लिए है।

बिहार ने अयोग्य किसानों की सूची जारी की

बिहार सरकार ने तो बाकायदा पीएम किसान (PM-KISAN) योजना के तहत आयकर भरने वाले अयोग्य किसानों की सूची जारी कर दी है। जिसमें हर ग्रामसभा के ऐसे किसानों के नाम और फोन नंबर दिए गए हैं जिन्होंने अवैध रूप से पीएम किसान स्कीम का लाभ लिया। बिहार सरकार के डीबीटी (DBT) वेबसाइट पर खासतौर पर उन किसानों की सूची अपलोड की गई है जो इनकम टैक्स देते हैं।

पीएम किसान योजना किन किसानों के लिए उपयोगी साबित हुई?  

छोटे किसानों के लिए यह योजना अत्यन्त उपयोगी सिद्ध हुई है। बुवाई से ठीक पहले नगदी संकट से जूझने वाले किसानों को इस नगदी से बीज, खाद और अन्य वस्तुओं की उपलब्धता में सुविधा हो रही है। इन छोटे किसानों में ज्यादातर सीमान्त हैं, जिनका खेती से पेट भरना मुश्किल है। लेकिन इस योजना के आने के बाद किसान इसका लाभ ले कर काफी खुश हैं।

■ यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi Yojana): कबीर परमात्मा हैं सबके हितकारी

इस योजना का लाभ दो हेक्टेयर खेती वाली जमीन से कम रकबा वाले किसानों को दिए जाने का प्रावधान है। राज्य सरकारें ऐसे किसानों की जोत के साथ उनके बैंक खाते और अन्य ब्यौरा केंद्र सरकार को मुहैया कराती हैं। उसकी पुष्टि के बाद केन्द्र सरकार ऐसे किसानों के बैंक खातों में सीधे धन जमा करती है। योजना की सफलता में डिजिटल प्रणाली की भूमिका अहम साबित हो रही है।

भारत में किसानों की मौजूदा स्थिति संतोषजनक नहीं है!

देश में प्रतिवर्ष दस हज़ार से अधिक किसानों के द्वारा आत्महत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। 1997 से 2006 के बीच 1,66,304 किसानों ने आत्महत्या की। भारतीय कृषि बहुत हद तक मानसून पर निर्भर है तथा मानसून की असफलता के कारण नकदी फसलें नष्ट होना, किसानों द्वारा की गई आत्महत्याओं का मुख्य कारण माना जाता रहा है। 

■ यह भी पढ़ें: Farm Laws Repeal 2021: जानिए क्यों PM मोदी ने लिए कृषि कानून वापिस?

मानसून की विफलता, सूखा, बीज व खाद्य सामग्री की कीमतों में वृद्धि, ऋण का अत्यधिक बोझ आदि परिस्तिथियाँ, समस्याओं के एक चक्र की शुरुआत करती हैं। बैंकों, महाजनों, बिचौलियों आदि के चक्र में फँसकर भारत के विभिन्न हिस्सों के किसानों ने आत्महत्याएँ की हैं।

आज के युवा बच्चे किसान क्यों नहीं बनना चाहते? 

एक तरफ जहां बॉलीवुड में काम करने वाले लोग लाखों और करोड़ों रुपए थोड़ी ही देर में कमा लेते हैं वहीं किसान अपना और अपने परिवार के पालन पोषण के लिए सर्दी, गर्मी जैसी मौसम और बैमौसम कठिनाइयां झेलते हुए कड़ी मेहनत करते हैं। जहां पर बॉलीवुड के लोग जो नशा इत्यादि का प्रचार करते हैं, समाज में अश्लीलता फैलाते हैं, भारतीय संस्कृति का नाश कर रहे हैं ऐसे लोगों को हम करोड़पति – अरबपति बना रहे हैं और किसान अपनी भौतिक स्थिति को लेकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। 

जो हमारे लिए अन्न उगाते हैं उनकी हम कद्र नहीं करते और जो लोग हमारा मनोरंजन करते हैं उन्हें हम सिर आंखों पर बिठाते हैं। यही कारण है कि वर्तमान में कोई भी ‘युवा’ किसान नहीं बनना चाहता। यह देश का बहुत बड़ा दुर्भाग्य है। हमारा देश कृषि प्रधान देश है किंतु भ्रष्ट राजनीति और समाज की कुंठित मानसिकता ने किसानों को पंगु बना कर रख दिया है और हिंदुस्तान के किसानों की दुर्दशा हम देख रहे हैं। अगर किसानों को उनकी मेहनत करने का उचित मूल्य और सरकार से यथोचित सहयोग मिलता रहेगा तो ही किसानों की स्थिति में सुधार हो सकता है।

किसान भाइयों को सतभक्ति करते करते कृषि कार्य करना चाहिए

एक पुरानी कहावत है “जैसा खाएंगे अन्न वैसा होगा मन”। यदि हमारे किसान भाई परमेश्वर का सुमिरन और भक्ति करते हुए खेती का कार्य करेंगे तो उत्पन्न किया हुआ अन्न खाने वालों को बहुत लाभ देगा और वह उनकी बुद्धि भी शुद्ध करेगा जिससे देश में रहने वाले लोगों की बुद्धि अच्छी होगी और फिर वे मानवता के कल्याण वाले कार्य किया करेंगे। इसलिए सभी किसान भाइयों को कृषि कार्य करते वक्त या कोई भी अन्य कार्य करते वक्त ईश्वर का स्मरण करना चाहिए ऐसा तत्वदर्शी संत अपने सत्संगों में बताते हैं। 

किसान धन्ना भक्त के खेत में इतना ज्वार उगा कि पूरे गांव ने खाया 

एक बार की बात है धन्ना जाट नाम का एक किसान था। एक समय जब वह अपने खेत पर बीज बोने गया उसी वक्त कुछ साधु संत भक्त लोग वहां आ गए। वह भूखे थे उनकी भूख को देखकर धन्ना भक्त ने अपना बीज उन भूखे संतों को खाने को दे दिया और उनका पेट भर दिया और खेत में कंकड़ बो कर घर वापस आ गया जिसके फलस्वरूप खेत में पूर्ण परमेश्वर ने उन कंकड़ों से ही इतना अन्न उगाया कि पूरे गांव ने पूरे साल के लिए अपने घर में अन्न भर भर के रख लिया, अर्थात सभी किसान भाइयों से प्रार्थना है कि सत भक्ति करने से परमात्मा आपके छोटे से खेत में बहुत ज्यादा पैदावार करेंगे और वे रोग, अकाल मृत्यु, प्राकृतिक आपदा और पाप से बचे रहेंगे और अंततः मोक्ष प्राप्त करेंगे।

वर्तमान में कौन है तत्वदर्शी संत जिनकी बताई भक्ति करने से होगा लाभ?

हिंदुस्तान की पावन धरा पर मौजूद, जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी वह संत हैं जो सभी शास्त्रों से प्रमाणित सत भक्ति प्रदान कर रहे हैं, जिस कारण 33 करोड़ देवी देवता और पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब भक्तों का सदा साथ देते हैं। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तकेंज्ञान गंगा PDF और जीने की राह PDF अवश्य पढ़ें, ज्ञान को समझें, नाम दीक्षा लें और मर्यादा में रहकर भक्ति करें। इससे आपको भी ईश्वरीय लाभ प्राप्त होंगे। बीमारी, रोग, नशे से आपका परिवार दूर हो जाएगा और छोटे से काम में कबीर परमेश्वर बहुत धन देंगे जिससे आप और आपका परिवार सुख पूर्वक निर्वाह कर सकेगा।

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