’’त्रेतायुग में कबीर परमेश्वर जी का प्रकट होना‘‘

प्रश्न :- धर्मदास जी ने पूछा, हे बन्दीछोड़! आप त्रेतायुग में मुनिन्द्र ऋषि के नाम से अवतरित हुए थे। कृपया बताएं उस युग में किन-2 पुण्यात्माओं ने आप की शरण ग्रहण की? उत्तरः- हे धर्मदास! त्रेता युग में मैं मुनिन्द्र ऋषि के नाम से प्रकट हुआ। त्रेता युग में भी मैं एक शिशु रूप धारण […]

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कबीर साहेब जी का संपूर्ण जीवन परिचय (प्रथम भाग )

‘‘यथार्थ कबीर प्राकाट्य प्रकरण‘‘(कबीर साहेब चारों युगों में आते हैं) गरीब, सतगुरु पुरुष कबीर हैं, चारों युग प्रवान। झूठे गुरुवा मर गए, हो गए भूत मसान।। ”सतयुग में कविर्देव (कबीर साहेब) का सत्सुकृत नाम से प्राकाट्य“ तत्त्वज्ञान के अभाव से श्रद्धालु शंका व्यक्त करते हैं कि जुलाहे रूप में कबीर जी तो वि. सं. 1455 […]

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कबीर साहेब जी का संपूर्ण जीवन परिचय (भाग -2)

“सतयुग में कविर्देव (कबीर साहेब) का सत्सुकृत नाम से प्राकाट्य” वर्तमान में चल रही चतुर्युगी के प्रथम सत्ययुग में मैंने (परमेश्वर कबीर जी ने) एक सरोवर में कमल के फूल पर शिशु रूप धारण किया। एक ब्राह्मण दम्पति निःसन्तान था। वह विद्याधर नामक ब्राह्मण अपनी पत्नी दीपिका के साथ अपनी ससुराल से आ रहा था। […]

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