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​गाँव डीघल, झज्जर (हरियाणा) में संत रामपाल जी महाराज द्वारा जल निकासी समस्या का ऐतिहासिक समाधान

​हरियाणा राज्य के झज्जर जिले की बेरी तहसील के अंतर्गत आने वाले गाँव डीघल में पिछले तीन दशकों से अधिक समय से जोहड़ के गंदे और बरसाती पानी की निकासी को लेकर एक अत्यंत गंभीर समस्या बनी हुई थी। प्रत्येक वर्ष मानसून और बरसात...

अन्नपूर्णा मुहिम फेज़ 2 ने समाप्त किया 7 वर्षों का इंतज़ार : कैसे संत रामपाल जी महाराज ने हनुमानगढ़ के बिराण गांव को जीवनदायी...

भीषण जलभराव जैसी प्राकृतिक आपदाएं किसानों से उनकी आजीविका, सम्मान और भविष्य छीन लेती हैं। हनुमानगढ़ जिले के बिराण गांव में वर्षों तक ठहरे हुए पानी ने उपजाऊ खेतों को बंजर भूमि में बदल दिया, जिससे हजारों ग्रामीण असहाय जीवन जीने को मजबूर हो...

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परमेश्वर कबीर जी द्वारा अजामिल (अजामेल) और मैनका का उद्धार

अजामेल (अजामिल) की कथा: काशी शहर में एक अजामेल (अजामिल) नामक व्यक्ति रहता था। वह ब्राह्मण कुल में जन्म था फिर भी शराब पीता था। वैश्या के पास जाता था। वैश्या का नाम मैनका था, वह बहुत सुंदर थी। परिवार तथा समाज के समझाने पर भी अजामेल नहीं माना तो उन दोनों को नगर से निकाल दिया गया। वे उसी शहर से एक मील (1.7 किमी.) दूर वन में कुटिया बनाकर रहने लगे। दोनों ने विवाह कर लिया। अजामेल स्वयं शराब तैयार करता था। जंगल से जानवर मारकर लाता और मौज-मस्ती करता था। गरीब दास जी महाराजजी हमे बताते है कि

कैसे हुआ गंगा नदी का उद्गम, क्या है इसका इतिहास, आखिर क्यों गंगाजल खराब नहीं होता?

गंगा एक ऐसी नदी जिसका पानी विश्व की किसी भी अन्य नदी से अलग है। गंगा एक ऐसी नदी है जो केवल पृथ्वी पर ही नहीं बल्कि जनमानस की अभिव्यक्ति में भी लोकोक्तियों एवं मुहावरों के रूप में बहती है। अपनी इसी लोकप्रियता एवं अद्वितीय रूप में बहने के कारण यह लगातार जन्म मृत्यु के उपरांत किये जाने वाले कर्मकांड का हिस्सा बनी। आइए जानें क्या है गंगा जल का रहस्य? कैसे आई गंगा पृथ्वी पर और क्यों है यह अतुलनीय।

ऋषि मुनीन्द्र, हनुमान जी और नल-नील की कथा [कहानी]

Last Updated on 21 July 2024 IST: Munindra Rishi Story in Hindi: लाखो साल...

मीरा बाई (Meera Bai) ने श्री कृष्ण जी की भक्ति करनी क्यों छोड़ी और किस भक्ति से वे मूर्ति में समाई?

मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।

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August Kranti 2026: The 84th Quit India Movement Commemorating Day

Last Updated on 4 August 2026 IST: This year on 8 August, which falls...

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम फेज़ 2 ने जींद के बाढ़ प्रभावित धमतान साहिब गांव को दी स्थायी राहत

हरियाणा के जींद जिले की नरवाना तहसील स्थित धमतान साहिब गांव के निवासी वर्षों...