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लाखासर हनुमानगढ़ राजस्थान गौशाला: संत रामपाल जी महाराज द्वारा 310+ गौवंश हेतु शेड निर्माण शुरू

​राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाली नौहर तहसील के लाखासर गांव में स्थित श्री कृष्ण गौशाला समिति के प्रतिनिधि और ग्रामीण अपनी गंभीर समस्याओं एवं गौवंश के संरक्षण की गुहार लेकर संत रामपाल जी महाराज की शरण में पहुँचे थे। इस गौशाला...

गाँव मालिया, हनुमानगढ़, राजस्थान: श्री कृष्ण गौशाला को भारत के सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज द्वारा 400 क्विंटल चारे के उपरांत 60×80...

भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गौवंश की सेवा को सर्वोपरि स्थान दिया गया है, परंतु वर्तमान समय में गौशालाओं के संचालन और उनके रखरखाव हेतु पर्याप्त संसाधनों का अभाव एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे कठिन समय में समाज और जरूरतमंदों...

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परमेश्वर कबीर जी द्वारा अजामिल (अजामेल) और मैनका का उद्धार

अजामेल (अजामिल) की कथा: काशी शहर में एक अजामेल (अजामिल) नामक व्यक्ति रहता था। वह ब्राह्मण कुल में जन्म था फिर भी शराब पीता था। वैश्या के पास जाता था। वैश्या का नाम मैनका था, वह बहुत सुंदर थी। परिवार तथा समाज के समझाने पर भी अजामेल नहीं माना तो उन दोनों को नगर से निकाल दिया गया। वे उसी शहर से एक मील (1.7 किमी.) दूर वन में कुटिया बनाकर रहने लगे। दोनों ने विवाह कर लिया। अजामेल स्वयं शराब तैयार करता था। जंगल से जानवर मारकर लाता और मौज-मस्ती करता था। गरीब दास जी महाराजजी हमे बताते है कि

कैसे हुआ गंगा नदी का उद्गम, क्या है इसका इतिहास, आखिर क्यों गंगाजल खराब नहीं होता?

गंगा एक ऐसी नदी जिसका पानी विश्व की किसी भी अन्य नदी से अलग है। गंगा एक ऐसी नदी है जो केवल पृथ्वी पर ही नहीं बल्कि जनमानस की अभिव्यक्ति में भी लोकोक्तियों एवं मुहावरों के रूप में बहती है। अपनी इसी लोकप्रियता एवं अद्वितीय रूप में बहने के कारण यह लगातार जन्म मृत्यु के उपरांत किये जाने वाले कर्मकांड का हिस्सा बनी। आइए जानें क्या है गंगा जल का रहस्य? कैसे आई गंगा पृथ्वी पर और क्यों है यह अतुलनीय।

ऋषि मुनीन्द्र, हनुमान जी और नल-नील की कथा [कहानी]

Last Updated on 21 July 2024 IST: Munindra Rishi Story in Hindi: लाखो साल...

मीरा बाई (Meera Bai) ने श्री कृष्ण जी की भक्ति करनी क्यों छोड़ी और किस भक्ति से वे मूर्ति में समाई?

मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।

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भीषण अकाल से जूझ रहे चूरू के लखाऊ में दुनिया के सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज ने पहुँचाया 400 क्विंटल चारा

​राजस्थान राज्य के चूरू जिले के अंतर्गत आने वाली राजगढ़ तहसील के लखाऊ गांव...

​राजस्थान के चूरू जिले में संत रामपाल जी महाराज द्वारा गोधन के संरक्षण हेतु ऐतिहासिक श्रीगणेश

​राजस्थान के चुरू जिले के अंतर्गत आने वाली सरदारशहर तहसील के गांव बिल्युबास रामपुरा...