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Dhanteras Puja 2026: इस धनतेरस पर करें आत्मविश्लेषण, परंपरा क्यों और कैसे?

Last Updated on 31 October 2026 IST | Dhanteras Puja in Hindi : धनतेरस की पूजा दिवाली की शुरुआत से जुड़ा एक प्रमुख त्योहार है। यह कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। अंग्रेज़ी कैलेंडर के अनुसार, यह त्योहार...

ज़रूरतों के भंवर में उम्मीद का आंचल: संत रामपाल जी महाराज के सेवा प्रकल्पों से संवरता जन-जीवन

आज के दौर में जब आम आदमी बुनियादी समस्याओं और विकट परिस्थितियों के सामने खुद को असहाय पाता है, तब संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में संचालित होने वाले निःस्वार्थ सेवा कार्य समाज के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आ रहे हैं।...

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परमेश्वर कबीर जी द्वारा अजामिल (अजामेल) और मैनका का उद्धार

अजामेल (अजामिल) की कथा: काशी शहर में एक अजामेल (अजामिल) नामक व्यक्ति रहता था। वह ब्राह्मण कुल में जन्म था फिर भी शराब पीता था। वैश्या के पास जाता था। वैश्या का नाम मैनका था, वह बहुत सुंदर थी। परिवार तथा समाज के समझाने पर भी अजामेल नहीं माना तो उन दोनों को नगर से निकाल दिया गया। वे उसी शहर से एक मील (1.7 किमी.) दूर वन में कुटिया बनाकर रहने लगे। दोनों ने विवाह कर लिया। अजामेल स्वयं शराब तैयार करता था। जंगल से जानवर मारकर लाता और मौज-मस्ती करता था। गरीब दास जी महाराजजी हमे बताते है कि

कैसे हुआ गंगा नदी का उद्गम, क्या है इसका इतिहास, आखिर क्यों गंगाजल खराब नहीं होता?

गंगा एक ऐसी नदी जिसका पानी विश्व की किसी भी अन्य नदी से अलग है। गंगा एक ऐसी नदी है जो केवल पृथ्वी पर ही नहीं बल्कि जनमानस की अभिव्यक्ति में भी लोकोक्तियों एवं मुहावरों के रूप में बहती है। अपनी इसी लोकप्रियता एवं अद्वितीय रूप में बहने के कारण यह लगातार जन्म मृत्यु के उपरांत किये जाने वाले कर्मकांड का हिस्सा बनी। आइए जानें क्या है गंगा जल का रहस्य? कैसे आई गंगा पृथ्वी पर और क्यों है यह अतुलनीय।

ऋषि मुनीन्द्र, हनुमान जी और नल-नील की कथा [कहानी]

Last Updated on 21 July 2024 IST: Munindra Rishi Story in Hindi: लाखो साल...

मीरा बाई (Meera Bai) ने श्री कृष्ण जी की भक्ति करनी क्यों छोड़ी और किस भक्ति से वे मूर्ति में समाई?

मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।

हिंदी कहानियाँ (Hindi Stories)-रंक से राजा कैसे बना तैमूर लंग?

हिंदी कहानियाँ (Hindi Stories ): आज हम आप को हिंदी कहानी (Hindi Story) में...

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सेऊ, सम्मन और नेकी की कथा एक समय की बात है। एक सम्मन नाम...

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आज के दौर में जब आम आदमी बुनियादी समस्याओं और विकट परिस्थितियों के सामने...

देवासर की हरि गौशाला में संत रामपाल जी महाराज ने पहुँचाया 500 क्विंटल सूखा चारा, साथ ही ट्रैक्टर और शेड का आश्वासन

​राजस्थान के चूरू जिले की सरदारशहर तहसील के गाँव देवासर में गौवंश की सेवा...

राजस्थान के झुंझुनू (गांव जहाज मावता) में संत रामपाल जी महाराज द्वारा गौशाला शेड का निर्माण

राजस्थान राज्य के झुंझुनू जिले की उदयपुरवाटी तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव जहाज...