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संत रामपाल जी महाराज जी के जनसेवा कार्यों की गूंज: अन्नपूर्णा मुहिम, जल संरक्षण और गौसेवा की पूर्व विधायक व सरपंचों ने की सराहना

​आज के समय में जहां आम इंसान अपनी बुनियादी ज़रूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं समाज में कुछ ऐसी निस्वार्थ पहल भी चल रही हैं जो सीधे धरातल पर उतरकर गरीब, किसान और बेसहारा लोगों के आंसू पोंछ रही हैं। जगतगुरु तत्वदर्शी...

किसानों, खिलाड़ियों, गौशालाओं और जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं के समाधान की पहल: विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने संत रामपाल जी महाराज के सामने...

समाज में जरूरतमंद व्यक्ति की समस्या को सुनना और उसके समाधान के लिए आगे बढ़ना मानव सेवा का महत्वपूर्ण स्वरूप माना जाता है। इसी भावना के साथ अलग-अलग गांवों, गौशालाओं और सामाजिक क्षेत्रों से आए लोगों ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष अपनी-अपनी...

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परमेश्वर कबीर जी द्वारा अजामिल (अजामेल) और मैनका का उद्धार

अजामेल (अजामिल) की कथा: काशी शहर में एक अजामेल (अजामिल) नामक व्यक्ति रहता था। वह ब्राह्मण कुल में जन्म था फिर भी शराब पीता था। वैश्या के पास जाता था। वैश्या का नाम मैनका था, वह बहुत सुंदर थी। परिवार तथा समाज के समझाने पर भी अजामेल नहीं माना तो उन दोनों को नगर से निकाल दिया गया। वे उसी शहर से एक मील (1.7 किमी.) दूर वन में कुटिया बनाकर रहने लगे। दोनों ने विवाह कर लिया। अजामेल स्वयं शराब तैयार करता था। जंगल से जानवर मारकर लाता और मौज-मस्ती करता था। गरीब दास जी महाराजजी हमे बताते है कि

कैसे हुआ गंगा नदी का उद्गम, क्या है इसका इतिहास, आखिर क्यों गंगाजल खराब नहीं होता?

गंगा एक ऐसी नदी जिसका पानी विश्व की किसी भी अन्य नदी से अलग है। गंगा एक ऐसी नदी है जो केवल पृथ्वी पर ही नहीं बल्कि जनमानस की अभिव्यक्ति में भी लोकोक्तियों एवं मुहावरों के रूप में बहती है। अपनी इसी लोकप्रियता एवं अद्वितीय रूप में बहने के कारण यह लगातार जन्म मृत्यु के उपरांत किये जाने वाले कर्मकांड का हिस्सा बनी। आइए जानें क्या है गंगा जल का रहस्य? कैसे आई गंगा पृथ्वी पर और क्यों है यह अतुलनीय।

ऋषि मुनीन्द्र, हनुमान जी और नल-नील की कथा [कहानी]

Last Updated on 21 July 2024 IST: Munindra Rishi Story in Hindi: लाखो साल...

मीरा बाई (Meera Bai) ने श्री कृष्ण जी की भक्ति करनी क्यों छोड़ी और किस भक्ति से वे मूर्ति में समाई?

मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।

हिंदी कहानियाँ (Hindi Stories)-रंक से राजा कैसे बना तैमूर लंग?

हिंदी कहानियाँ (Hindi Stories ): आज हम आप को हिंदी कहानी (Hindi Story) में...

Who were the Seu & Samman: Motivational & Moral Story in Hindi

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​हरियाणा के पलवल जिले के गांव राखौता में संत रामपाल जी महाराज ने किया जलभराव का स्थाई समाधान

हरियाणा राज्य के जिला पलवल के अंतर्गत आने वाले गांव राखौता में लंबे समय...

फेस 2: पलवल, हरियाणा के जौहर खेड़ा गांव में किसानों की पुकार पर संत रामपाल जी महाराज ने किया जलभराव का स्थायी समाधान

हरियाणा के पलवल जिले की हथीन तहसील स्थित जौहर खेड़ा गांव के किसान पिछले...