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Mangal Pandey Jayanti 2026: प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत तथा 1857 की क्रांति के महानायक के बारे में जानें विस्तार से

Last Updated on 16 July 2026 IST: Mangal Pandey Birth Anniversary (Jayanti): भारत के वीर सपूत तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरणा स्रोत मंगल पांडे (Mangal Pandey) की जयंती 19 जुलाई को पूरे देश में मनाई जाएगी। मंगल पांडे का नाम देश के शुरुआती...

आदुपुर गाँव बाढ़ राहत: किसान मज़दूर बचाओ अभियान चरण-2 के तहत सर्वे के बाद संत रामपाल जी महाराज ने पलवल पहुंचाई 7,000 फीट पाइपलाइन

आदुपुर गाँव (पलवल), हरियाणा: लगभग एक दशक से जलभराव की समस्या से जूझ रहे पलवल जिले के आदुपुर गाँव के किसानों को तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित किसान मज़दूर बचाओ अभियान चरण-2 की सहायता प्राप्त हुई है। यह सहायता विस्तृत सर्वेक्षण के...

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परमेश्वर कबीर जी द्वारा अजामिल (अजामेल) और मैनका का उद्धार

अजामेल (अजामिल) की कथा: काशी शहर में एक अजामेल (अजामिल) नामक व्यक्ति रहता था। वह ब्राह्मण कुल में जन्म था फिर भी शराब पीता था। वैश्या के पास जाता था। वैश्या का नाम मैनका था, वह बहुत सुंदर थी। परिवार तथा समाज के समझाने पर भी अजामेल नहीं माना तो उन दोनों को नगर से निकाल दिया गया। वे उसी शहर से एक मील (1.7 किमी.) दूर वन में कुटिया बनाकर रहने लगे। दोनों ने विवाह कर लिया। अजामेल स्वयं शराब तैयार करता था। जंगल से जानवर मारकर लाता और मौज-मस्ती करता था। गरीब दास जी महाराजजी हमे बताते है कि

कैसे हुआ गंगा नदी का उद्गम, क्या है इसका इतिहास, आखिर क्यों गंगाजल खराब नहीं होता?

गंगा एक ऐसी नदी जिसका पानी विश्व की किसी भी अन्य नदी से अलग है। गंगा एक ऐसी नदी है जो केवल पृथ्वी पर ही नहीं बल्कि जनमानस की अभिव्यक्ति में भी लोकोक्तियों एवं मुहावरों के रूप में बहती है। अपनी इसी लोकप्रियता एवं अद्वितीय रूप में बहने के कारण यह लगातार जन्म मृत्यु के उपरांत किये जाने वाले कर्मकांड का हिस्सा बनी। आइए जानें क्या है गंगा जल का रहस्य? कैसे आई गंगा पृथ्वी पर और क्यों है यह अतुलनीय।

ऋषि मुनीन्द्र, हनुमान जी और नल-नील की कथा [कहानी]

Last Updated on 21 July 2024 IST: Munindra Rishi Story in Hindi: लाखो साल...

मीरा बाई (Meera Bai) ने श्री कृष्ण जी की भक्ति करनी क्यों छोड़ी और किस भक्ति से वे मूर्ति में समाई?

मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।

हिंदी कहानियाँ (Hindi Stories)-रंक से राजा कैसे बना तैमूर लंग?

हिंदी कहानियाँ (Hindi Stories ): आज हम आप को हिंदी कहानी (Hindi Story) में...

Who were the Seu & Samman: Motivational & Moral Story in Hindi

सेऊ, सम्मन और नेकी की कथा एक समय की बात है। एक सम्मन नाम...

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