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नूना माजरा जलभराव राहत: तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने झज्जर में फेज़ 2 के तहत स्थायी जल निकासी समाधान के लिए बढ़ाया...

हरियाणा के झज्जर जिले की बहादुरगढ़ तहसील स्थित नूना माजरा गांव वर्षों से बरसात के दौरान गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रहा था। गांव के जोहड़ों का पानी ओवरफ्लो होकर बस्तियों, गलियों और आसपास की कृषि भूमि में भर जाता था। ग्राम पंचायत...

गतौली गाँव का 40 साल पुराना दर्द 2 दिन में खत्म: संत रामपाल जी महाराज ने 4000 फुट पाइप भेजकर दिया किसानों को नया...

हरियाणा का किसान अपनी मेहनत और लहलहाती फसलों के लिए पूरे देश में जाना जाता है। लेकिन जींद जिले की जुलाना तहसील के अंतर्गत आने वाले गतौली गाँव के किसानों के लिए उनकी ज़मीन पिछले 40 सालों से गहरे दुख का कारण बनी हुई...

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परमेश्वर कबीर जी द्वारा अजामिल (अजामेल) और मैनका का उद्धार

अजामेल (अजामिल) की कथा: काशी शहर में एक अजामेल (अजामिल) नामक व्यक्ति रहता था। वह ब्राह्मण कुल में जन्म था फिर भी शराब पीता था। वैश्या के पास जाता था। वैश्या का नाम मैनका था, वह बहुत सुंदर थी। परिवार तथा समाज के समझाने पर भी अजामेल नहीं माना तो उन दोनों को नगर से निकाल दिया गया। वे उसी शहर से एक मील (1.7 किमी.) दूर वन में कुटिया बनाकर रहने लगे। दोनों ने विवाह कर लिया। अजामेल स्वयं शराब तैयार करता था। जंगल से जानवर मारकर लाता और मौज-मस्ती करता था। गरीब दास जी महाराजजी हमे बताते है कि

कैसे हुआ गंगा नदी का उद्गम, क्या है इसका इतिहास, आखिर क्यों गंगाजल खराब नहीं होता?

गंगा एक ऐसी नदी जिसका पानी विश्व की किसी भी अन्य नदी से अलग है। गंगा एक ऐसी नदी है जो केवल पृथ्वी पर ही नहीं बल्कि जनमानस की अभिव्यक्ति में भी लोकोक्तियों एवं मुहावरों के रूप में बहती है। अपनी इसी लोकप्रियता एवं अद्वितीय रूप में बहने के कारण यह लगातार जन्म मृत्यु के उपरांत किये जाने वाले कर्मकांड का हिस्सा बनी। आइए जानें क्या है गंगा जल का रहस्य? कैसे आई गंगा पृथ्वी पर और क्यों है यह अतुलनीय।

ऋषि मुनीन्द्र, हनुमान जी और नल-नील की कथा [कहानी]

Last Updated on 21 July 2024 IST: Munindra Rishi Story in Hindi: लाखो साल...

मीरा बाई (Meera Bai) ने श्री कृष्ण जी की भक्ति करनी क्यों छोड़ी और किस भक्ति से वे मूर्ति में समाई?

मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।

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किसान मजदूर बचाओ अभियान चरण 3: गांव निंदाना के 21 किसानों को मिली मुफ्त खाद और दवाएं

भारत में बढ़ती कृषि लागत और घटती आय के कारण छोटे व सीमांत किसान...

मानवता की सेवा और सत्य भक्ति का केंद्र: संत रामपाल जी महाराज से मिलने उमड़ा जनसैलाब

देश-विदेश के विभिन्न राज्यों, जिलों और गाँवों से श्रद्धालुओं, जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम...