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संत रामपाल जी महाराज ने दहकोरा में दूसरे चरण के तहत दी पाइपलाइन सामग्री

हरियाणा के झज्जर जिले की बहादुरगढ़ तहसील के गांव दहकोरा में मानसून के दौरान भारी जलभराव से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसलें, खासकर बाजरा और धान, प्रभावित होती थीं। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था न होने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, संबंधित...

दावों से परे धरातल की हकीकत: खारे पानी और गौशालाओं के संकट पर जब मसीहा बने संत रामपाल जी महाराज

समाज में वास्तविक परिवर्तन केवल भाषणों या दावों से नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरकर लोगों के दुखों को दूर करने से आता है। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के सान्निध्य में चल रहे जनकल्याणकारी कार्य आज न केवल हरियाणा, बल्कि राजस्थान और उत्तर...

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परमेश्वर कबीर जी द्वारा अजामिल (अजामेल) और मैनका का उद्धार

अजामेल (अजामिल) की कथा: काशी शहर में एक अजामेल (अजामिल) नामक व्यक्ति रहता था। वह ब्राह्मण कुल में जन्म था फिर भी शराब पीता था। वैश्या के पास जाता था। वैश्या का नाम मैनका था, वह बहुत सुंदर थी। परिवार तथा समाज के समझाने पर भी अजामेल नहीं माना तो उन दोनों को नगर से निकाल दिया गया। वे उसी शहर से एक मील (1.7 किमी.) दूर वन में कुटिया बनाकर रहने लगे। दोनों ने विवाह कर लिया। अजामेल स्वयं शराब तैयार करता था। जंगल से जानवर मारकर लाता और मौज-मस्ती करता था। गरीब दास जी महाराजजी हमे बताते है कि

कैसे हुआ गंगा नदी का उद्गम, क्या है इसका इतिहास, आखिर क्यों गंगाजल खराब नहीं होता?

गंगा एक ऐसी नदी जिसका पानी विश्व की किसी भी अन्य नदी से अलग है। गंगा एक ऐसी नदी है जो केवल पृथ्वी पर ही नहीं बल्कि जनमानस की अभिव्यक्ति में भी लोकोक्तियों एवं मुहावरों के रूप में बहती है। अपनी इसी लोकप्रियता एवं अद्वितीय रूप में बहने के कारण यह लगातार जन्म मृत्यु के उपरांत किये जाने वाले कर्मकांड का हिस्सा बनी। आइए जानें क्या है गंगा जल का रहस्य? कैसे आई गंगा पृथ्वी पर और क्यों है यह अतुलनीय।

ऋषि मुनीन्द्र, हनुमान जी और नल-नील की कथा [कहानी]

Last Updated on 21 July 2024 IST: Munindra Rishi Story in Hindi: लाखो साल...

मीरा बाई (Meera Bai) ने श्री कृष्ण जी की भक्ति करनी क्यों छोड़ी और किस भक्ति से वे मूर्ति में समाई?

मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।

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हिंदी कहानियाँ (Hindi Stories ): आज हम आप को हिंदी कहानी (Hindi Story) में...

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संत रामपाल जी महाराज ने दहकोरा में दूसरे चरण के तहत दी पाइपलाइन सामग्री

हरियाणा के झज्जर जिले की बहादुरगढ़ तहसील के गांव दहकोरा में मानसून के दौरान...

दावों से परे धरातल की हकीकत: खारे पानी और गौशालाओं के संकट पर जब मसीहा बने संत रामपाल जी महाराज

समाज में वास्तविक परिवर्तन केवल भाषणों या दावों से नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरकर...

अन्नपूर्णा मुहिम के फेज़ 2 के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज ने हरियाणा के बिरोहड़ गांव के जलभराव संकट का स्थायी राहत के साथ...

जब प्राकृतिक आपदाएं आती हैं, तो ग्रामीण समुदाय अक्सर प्रशासनिक देरी और अधूरे वादों...

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम फेज़ 2 ने हरियाणा के रोहतक के बल्ब गांव में समय पर पहुंचाई बाढ़ राहत

गंभीर संकट के समय, जब ग्रामीण समुदाय पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी खतरों में फंस...