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हरियाणा के जिला हांसी स्थित गांव कुंभा में संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से पहुंची 22,000 फीट पाइपलाइन, किसानों और पशुओं को मिली...

​हरियाणा के जिला हांसी के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण आंचल में विकास और जनसेवा का एक नया अध्याय उस समय जुड़ा जब गांव कुंभा की वर्षों पुरानी और गंभीर समस्याओं का समाधान हुआ। इस संबंध में गांव के सरपंच योगेश (जिन्होंने अपना परिचय योगेश...

अधूरी जलनिकासी व्यवस्था हुई पूरी: संत रामपाल जी महाराज ने मगोर्रा गाँव को दिए 1880 फीट अतिरिक्त पाइप

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील में स्थित मगोर्रा गाँव लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। साल 2025 में, इस गाँव को संत रामपाल जी महाराज जी की ओर से एक बड़ी राहत मिली थी। उस समय...

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परमेश्वर कबीर जी द्वारा अजामिल (अजामेल) और मैनका का उद्धार

अजामेल (अजामिल) की कथा: काशी शहर में एक अजामेल (अजामिल) नामक व्यक्ति रहता था। वह ब्राह्मण कुल में जन्म था फिर भी शराब पीता था। वैश्या के पास जाता था। वैश्या का नाम मैनका था, वह बहुत सुंदर थी। परिवार तथा समाज के समझाने पर भी अजामेल नहीं माना तो उन दोनों को नगर से निकाल दिया गया। वे उसी शहर से एक मील (1.7 किमी.) दूर वन में कुटिया बनाकर रहने लगे। दोनों ने विवाह कर लिया। अजामेल स्वयं शराब तैयार करता था। जंगल से जानवर मारकर लाता और मौज-मस्ती करता था। गरीब दास जी महाराजजी हमे बताते है कि

कैसे हुआ गंगा नदी का उद्गम, क्या है इसका इतिहास, आखिर क्यों गंगाजल खराब नहीं होता?

गंगा एक ऐसी नदी जिसका पानी विश्व की किसी भी अन्य नदी से अलग है। गंगा एक ऐसी नदी है जो केवल पृथ्वी पर ही नहीं बल्कि जनमानस की अभिव्यक्ति में भी लोकोक्तियों एवं मुहावरों के रूप में बहती है। अपनी इसी लोकप्रियता एवं अद्वितीय रूप में बहने के कारण यह लगातार जन्म मृत्यु के उपरांत किये जाने वाले कर्मकांड का हिस्सा बनी। आइए जानें क्या है गंगा जल का रहस्य? कैसे आई गंगा पृथ्वी पर और क्यों है यह अतुलनीय।

ऋषि मुनीन्द्र, हनुमान जी और नल-नील की कथा [कहानी]

Last Updated on 21 July 2024 IST: Munindra Rishi Story in Hindi: लाखो साल...

मीरा बाई (Meera Bai) ने श्री कृष्ण जी की भक्ति करनी क्यों छोड़ी और किस भक्ति से वे मूर्ति में समाई?

मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।

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रिटायर्ड आर्मी मेजर से लेकर पहलवानों तक, सब पहुचे संत रामपाल जी महाराज के दर्शनार्थ : बताया मानवता और अध्यात्म की अनूठी मिसाल

क्या आम और क्या खास, पंचायतों के जनसैलाब से लेकर देश के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय...

बिहार के पूर्व राज्य मंत्री बच्चा यादव ने परिवार संग ली संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा

क्या राजनीति और क्या समाज सेवा, संत रामपाल जी महाराज के शास्त्र-प्रमाणित तत्वज्ञान और...