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कारौर गाँव का दोहरा संकट खत्म: संत रामपाल जी महाराज ने 12,800 फीट पाइप और मीठे पानी के प्लांट से दिया नया जीवन

कृषि और पीने का शुद्ध पानी, किसी भी ग्रामीण जीवन की दो सबसे बुनियादी ज़रूरतें हैं। लेकिन हरियाणा में रोहतक जिले की सांपला तहसील के अंतर्गत आने वाले कारौर (कारोहर) गाँव में ये दोनों ही ज़रूरतें एक बड़े संकट में बदल चुकी थीं। यह...

अन्नपूर्णा मुहिम किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 3: गांव मकड़ौली कलां में संत रामपाल जी महाराज ने छोटे किसानों को दी निशुल्क कृषि सहायता

भारतीय कृषि व्यवस्था में छोटे और सीमांत किसान सदैव आर्थिक तंगहाली और बढ़ती लागत से जूझते रहे हैं। महंगे रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक दवाएं लऔर बाजार में बिचौलियों की मार के कारण खेती अब गरीब किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है।...

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परमेश्वर कबीर जी द्वारा अजामिल (अजामेल) और मैनका का उद्धार

अजामेल (अजामिल) की कथा: काशी शहर में एक अजामेल (अजामिल) नामक व्यक्ति रहता था। वह ब्राह्मण कुल में जन्म था फिर भी शराब पीता था। वैश्या के पास जाता था। वैश्या का नाम मैनका था, वह बहुत सुंदर थी। परिवार तथा समाज के समझाने पर भी अजामेल नहीं माना तो उन दोनों को नगर से निकाल दिया गया। वे उसी शहर से एक मील (1.7 किमी.) दूर वन में कुटिया बनाकर रहने लगे। दोनों ने विवाह कर लिया। अजामेल स्वयं शराब तैयार करता था। जंगल से जानवर मारकर लाता और मौज-मस्ती करता था। गरीब दास जी महाराजजी हमे बताते है कि

कैसे हुआ गंगा नदी का उद्गम, क्या है इसका इतिहास, आखिर क्यों गंगाजल खराब नहीं होता?

गंगा एक ऐसी नदी जिसका पानी विश्व की किसी भी अन्य नदी से अलग है। गंगा एक ऐसी नदी है जो केवल पृथ्वी पर ही नहीं बल्कि जनमानस की अभिव्यक्ति में भी लोकोक्तियों एवं मुहावरों के रूप में बहती है। अपनी इसी लोकप्रियता एवं अद्वितीय रूप में बहने के कारण यह लगातार जन्म मृत्यु के उपरांत किये जाने वाले कर्मकांड का हिस्सा बनी। आइए जानें क्या है गंगा जल का रहस्य? कैसे आई गंगा पृथ्वी पर और क्यों है यह अतुलनीय।

ऋषि मुनीन्द्र, हनुमान जी और नल-नील की कथा [कहानी]

Last Updated on 21 July 2024 IST: Munindra Rishi Story in Hindi: लाखो साल...

मीरा बाई (Meera Bai) ने श्री कृष्ण जी की भक्ति करनी क्यों छोड़ी और किस भक्ति से वे मूर्ति में समाई?

मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।

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संत रामपाल जी महाराज से मिले विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु: समाज सुधार और सेवा कार्यों की हुई सराहना

​जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे समाज सुधार और निस्वार्थ जन-कल्याणकारी...

संत रामपाल जी महाराज के प्रयासों से हरियाणा में सामाजिक बदलाव की नई लहर, समाजसेवियों ने मिलकर की सराहना

हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, किसान यूनियनों के पदाधिकारियों,...