हरियाणा के जींद जिले की नरवाना तहसील का दनौदा खुर्द गांव कुछ समय पहले जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। गांव के सैकड़ों एकड़ खेत लंबे समय तक पानी में डूबे रहे। किसानों की खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी...
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील में स्थित गाँव सरूरपुर की यह कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। कान्हा की नगरी का यह गाँव पिछले 5-6 वर्षों से जलमग्न था, जहाँ करीब 500 से 700 बीघा उपजाऊ भूमि ड्रेन के पानी...
मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।