हिसार जिले का गाँव प्रेमनगर, जो कभी अपनी खुशहाली के लिए जाना जाता था, पिछले तीन महीनों से प्रकृति की मार और प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रहा था। यह कहानी केवल जलमग्न खेतों की नहीं थी, बल्कि उन डूबते हुए मकानों और बिखरते...
मथुरा, उत्तर प्रदेश: मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील के बरसाना क्षेत्र के श्रीनगर गांव में पिछले लगभग तीन महीनों से किसान अपनी ही ज़मीन पर बेबस खड़े थे। खेतों में भरे बाढ़ के पानी ने फसलों को नष्ट कर दिया था। ठहरे हुए पानी...
मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।