आपदा के समय जब अपने भी साथ छोड़ देते हैं, तब कोई ईश्वरीय शक्ति ही सहारा बनती है। हिसार के पातन गांव के लिए वह शक्ति 'संत रामपाल जी महाराज' के रूप में प्रकट हुई। जहाँ ड्रेन टूटने से गांव का वजूद खतरे में...
हरियाणा के पलवल जिले के किशोरपुर गाँव के निवासियों के लिए, प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी थी। नौकरशाही ने उनकी उम्मीदों को भूली हुई फाइलों और लंबित टेंडरों में उलझा दिया था। हालांकि, एक त्वरित और ईश्वरीय हस्तक्षेप ने गाँव की...
मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।