राजस्थान के डीग जिले के गांव अऊ में लगभग दो वर्षों से गंभीर जलभराव की समस्या बनी हुई थी, जिससे उपजाऊ कृषि भूमि की स्थिति दलदली जलाशय जैसी हो गई थी। लगभग 1000 बीघा खेती योग्य भूमि पानी में डूबी रहने के कारण किसान...
हरियाणा के भिवानी जिले के तोशाम तहसील स्थित सांगवान गांव वर्ष 2025 में भीषण बाढ़ की त्रासदी का केंद्र बन गया, जब पूरा गांव पानी में डूब गया। लगभग 1,500 घरों और करीब 6,000–7,000 लोगों की आबादी वाला यह गांव पूरी तरह जलमग्न हो...
मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।