Last Updated on 13 March 2026 IST: आज से हजारों वर्ष पहले, द्वापरयुग में महाभारत का युद्ध हुआ। यह युद्ध साधारण युद्ध नहीं था क्योंकि इसमें स्वयं विष्णु अवतार कृष्ण सम्मिलित थे। इसी युद्ध के समय वेदों का सार कही जाने वाली गीता का...
झज्जर जिले की बहादुरगढ़ तहसील का सोलधा गांव आज एक ऐसी मिसाल बन गया है, जहां भक्ति और शक्ति (सेवा) का अनूठा संगम देखने को मिला। 4 फीट गहरे पानी में डूबे इस गांव के लिए संत रामपाल जी महाराज की सहायता किसी दैवीय...
मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।