हरियाणा के सोनीपत जिले की तहसील सोनीपत के अंतर्गत आने वाले बागड़ू गांव में पिछले 4-5 वर्षों से लगातार जलभराव की समस्या बनी हुई थी। इस वर्ष मानसून के दौरान गांव की लगभग 500 से 600 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी। खेतों...
हरियाणा के हिसार जिले की हांसी तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव ढाणी पीरवाली में पिछले 15 से 20 वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई थी। गांव की लगभग 60 से 70 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि गंदे पानी के कारण तालाब का...
मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।