Last Updated on 27 Feb 2025 IST: Ramadan Festival 2025: Ramadan, also spelled Ramazan, Ramzan, Ramadhan or Ramathan, is the ninth month of the Islamic calendar, observed by Muslims worldwide as a month of fasting, prayer, reflection and community. The word Ramadan is derived...
पुनर्जन्म की सच्चाई: पहले मनुष्य जन्म मिला, फिर जीवन शुरू हुआ। फिर संभलना और चलना सीखा, पढ़ाई की, नौकरी की तलाश की, शादी हुई, बच्चे हुए, घर गृहस्थी संभाली, वृद्धावस्था व बीमारी का दुख सहा और फिर एक दिन स्टोरी एंड यानी खत्म। सभी...
On this Govardhan Puja, know the real reason behind why Lord Krishna lifted Govardhan mountain through this blog with facts and proofs. Also, know its date and story.
Diwali Festival is celebrated annually in Kartik Amavasya by Hindu community. Know the correct way of worship of the Supreme God other than the Hindu Trinity
Every year on November 1st, vegans around the world celebrate World Vegan Day. Louise Wallis, then-Chair of The Vegan Society in the United Kingdom, founded the event in 1994 to commemorate the organization's fiftieth anniversary. In honor of World Vegan Day, here is an overview of how veganism is becoming a trend in the entire world.
National Unity Day: सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जयंती 31 अक्टूबर को मनाई जाती है। सरदार वल्लभ भाई ने 562 रियासतों का विलय कर भारत को एक राष्ट्र बनाया था। यही कारण है कि वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) मनाया जाता है। पहली बार राष्ट्रीय एकता दिवस 2014 में मनाया गया था।
World Polio Day is an attempt to recognize the unrelenting efforts of frontline health workers to provide life-saving polio vaccines to all children. This day also reminds us of the enormous value of safe, effective, and reliable vaccines. The Global Polio Eradication Initiative (GPEI) eradicates polio and stops the misery from this dreadful infection.
Ahoi Ashtami: कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए माता पार्वती के अहोई स्वरूप की पूजा-अर्चना करती हैं। पार्वती माता के साथ साथ गणेश जी की पूजा भी की जाती है। इस वर्ष यह पूजा 28 अक्टूबर 2021, बृहस्पतिवार को है। श्रद्धालु माताएं सूर्योदय के बाद से तारे दिखने तक निर्जला व्रत रखती हैं। अहोई माता के व्रत रखकर महिलाएं संतान के अच्छे स्वास्थ्य, सुखी जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं। भोले भक्त यह भी नहीं जानते कि पवित्र शास्त्रों में ऐसी कथाओं और पूजाओं का कोई वर्णन तक नहीं है, फिर जिस लाभ की आशा में व्रत रख रही हैं वह कैसे होगा।