दिव्य कृपा का चमत्कार: कैसे संत रामपाल जी महाराज ने किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के माध्यम से हरियाणा के पलवल जिले के पोंडरी गांव को बाढ़ राहत प्रदान की

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जब मानवीय प्रयास असफल हो जाएं और प्रशासनिक व्यवस्था पीड़ितों की ओर से आंखें मूंद ले, तब दिव्य हस्तक्षेप ही दुखियों के लिए अंतिम आशा बन जाता है। हरियाणा के पलवल जिले की हथीन तहसील स्थित पोंडरी गांव में सैकड़ों किसान परिवार वर्षों तक इस पीड़ा को झेलते रहे, जहां हर वर्ष उनकी कृषि भूमि जलभराव की चपेट में आ जाती थी। चुनावों के दौरान राजनीतिक नेताओं ने केवल खोखले वादे किए और फिर चले गए, लेकिन जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज असहाय किसानों के घावों पर मरहम लगाने के लिए आगे आए। अपनी जनकल्याणकारी पहल अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज़ 2 के माध्यम से उन्होंने तत्काल, स्थायी और व्यापक बाढ़ राहत प्रदान कर किसानों की भूमि और आजीविका दोनों को पुनर्जीवित किया।

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गांव की वर्तमान स्थिति

लगभग 15 से 20 वर्षों से पोंडरी गांव की 200 से 300 एकड़ उपजाऊ भूमि जलभराव और भूमि की बढ़ती लवणता से गंभीर रूप से प्रभावित थी। किसानों द्वारा बोई गई फसलें ठहरे हुए पानी में सड़ जाती थीं, जिससे उनकी जीवनभर की कमाई बर्बाद हो जाती और अनेक किसान भारी कर्ज के बोझ तले दब गए। कई खेत इतने अधिक जलमग्न थे कि किसान वर्षों तक एक दाना भी नहीं काट सके। जीवनयापन तक कठिन हो गया और भीषण आर्थिक संकट का सामना कर रहे असहाय किसान अपनी पैतृक जमीन बेचने की कगार पर पहुंच गए।

विशेष समाचार रिपोर्ट (पोंडरी, हथीन, पलवल): हरियाणा राज्य के जिला पलवल की तहसील हथीन अंतर्गत स्थित गांव पोंडरी में मानसून एवं अत्यधिक बरसात के दौरान खेतों में भारी जलभराव की भीषण समस्या दशकों से बनी हुई थी। लगभग 250 से 300 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि जलमग्न रहने के कारण सैकड़ों किसान अपनी भूमि पर खेती करने से वंचित रह जाते थे और प्रतिवर्ष उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता था। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह संकट 30 से 40 वर्षों से चला आ रहा था, जिसके चलते किसान पूरी तरह लाचार हो चुके थे।

इस विकट स्थिति से मुक्ति पाने के लिए पोंडरी ग्राम पंचायत एवं स्थानीय किसानों ने सर्वसम्मति से ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज दो’ के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज के पावन चरणों में अरदास लगाई। संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों की पुकार सुनकर तत्काल राहत सामग्री स्वीकृत की। पहले चरण में 11,200 फीट 8 इंची पाइपलाइन और 10 एचपी क्षमता की 4 विद्युत मोटरें गांव पोंडरी भिजवाई गईं, जिससे कई जलमग्न क्षेत्रों में जल निकासी का कार्य आरंभ हुआ।

पोंडरी ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने जलभराव संकट से मुक्ति हेतु संत रामपाल जी महाराज के चरणों में लगाई गुहार

सहायता के प्रथम चरण में 11,200 फीट पाइप लाइन बिछाने के उपरांत जब क्षेत्र का पुनः तकनीकी आकलन किया गया, तो यह स्पष्ट हुआ कि गांव के कुछ अन्य निचले और दूरदराज के कृषि क्षेत्रों में अभी भी जलजमाव की समस्या बनी हुई थी। लगभग 150 एकड़ अतिरिक्त भूमि को जलमुक्त करने के लिए अधिक संसाधनों की आवश्यकता महसूस की गई।

इस परिस्थिति को देखते हुए पोंडरी ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों एवं मौजिज ग्रामीणों ने एक बार फिर संत रामपाल जी महाराज के श्री चरणों में उपस्थित होकर अपनी समस्या रखी और अतिरिक्त पाइप तथा मोटरों की मांग हेतु अरदास लगाई। संत रामपाल जी महाराज के आदेश मिलते ही महज कुछ ही घंटों के भीतर सर्वेक्षण टीम (सर्वे टीम) गांव पोंडरी पहुंची। सर्वे टीम ने धरातल पर जाकर पूरे प्रभावित क्षेत्र का सूक्ष्म निरीक्षण किया।

ग्राम पंचायत द्वारा बताए गए बिंदुओं और पानी के रुख की जांच करने के बाद सर्वे टीम ने पाया कि गांव की मांग बिल्कुल तर्कसंगत एवं सटीक है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार गांव को अतिरिक्त 9,000 फीट 8 इंची पाइपलाइन, 10 एचपी क्षमता की 2 मोटरें तथा 20 एचपी क्षमता की 1 मोटर की अत्यंत आवश्यकता थी। यह सर्वे रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के चरणों में समर्पित की गई, जिसके तुरंत बाद महाराज जी के पावन आदेश से संपूर्ण सहायता सामग्री को तत्काल प्रभाव से पास कर दिया गया।

72 घंटों से भी कम समय में पोंडरी गांव पहुंची राहत सामग्री की दूसरी विशाल खेप

संत रामपाल जी महाराज द्वारा सहायता सामग्री स्वीकृत किए जाने के मात्र 48 से 72 घंटों के भीतर (20 जून को) राहत सामग्री से भरे विशाल ट्रक गांव पोंडरी की सीमा में पहुंच गए। इतनी तीव्र गति से राहत सामग्री उपलब्ध कराए जाने पर पूरा गांव आश्चर्यचकित और आनंदित हो उठा।

गांव पोंडरी में राहत सामग्री के प्रवेश करते ही ग्रामीणों, किसानों एवं महिलाओं ने ढोल-नगाड़ों, जयकारों और पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया। ट्रैक्टरों और वाहनों का एक विशाल काफिला गांव के बीचों-बीच से होकर चौपाल एवं कार्यक्रम स्थल तक पहुंचा। ग्रामीणों ने गुरु जी की जय-जयकार करते हुए अपनी असीम भक्ति और कृतज्ञता प्रकट की।

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बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय भार के संपूर्ण एसेसरीज एवं प्राविधिक सामग्री भी कराई गई उपलब्ध

जल निकासी परियोजना के निष्पादन में ग्राम पंचायत अथवा किसानों पर कोई वित्तीय बोझ न पड़े, इसके लिए संत रामपाल जी महाराज के आदेश से पाइपलाइन और मोटरों के अतिरिक्त उसमें प्रयुक्त होने वाले संपूर्ण तकनीकी उपकरण एवं एसेसरीज भी प्रदान की गई हैं।

हैंड ओवर की गई एसेसरीज सूची:

  1. पीवीसी एयर वाल्व (पाइप में एयर प्रेशर रोकने एवं लीकेज से बचाव हेतु)
  2. पीवीसी पाइप बैंड (मोड़ हेतु)
  3. कनेक्शन प्लेट्स (फ्लेंज)
  4. उच्च गुणवत्ता वाला फेविकोल/सॉल्वेंट सीमेंट
  5. नट-बोल्ट एवं रबर शीट्स (जॉइंट सीलिंग हेतु)
  6. विभिन्न प्रकार की क्लिप्स एवं सहायक सामग्रियां

संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट निर्देश है कि पाइप दबाते समय एयर वाल्व अवश्य लगाए जाएं और बिछाने के दौरान पाइप में पानी छोड़कर लीकेज का परीक्षण किया जाए, ताकि पाइप लंबे समय तक टिकाऊ रहें।

गांव पोंडरी (पलवल) को संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकृत सामग्री का संपूर्ण विवरण

सामग्री / उपकरणप्रथम चरण (स्वीकृत एवं प्राप्त)द्वितीय चरण (स्वीकृत एवं प्राप्त)गांव पोंडरी हेतु कुल स्वीकृत योग
8 इंच पीवीसी पाइपलाइन11,200 फीट9,000 फीट20,200 फीट
10 एचपी विद्युत मोटर4 थान2 थान6 थान
20 एचपी विद्युत मोटर0 थान1 थान1 थान
कुल मोटरों की संख्या4 थान3 थान7 थान
सम्पूर्ण एसेसरीजसम्मिलितसम्मिलितपूर्ण सेट (नट-बोल्ट, फेविकोल, एयर वाल्व आदि)

ग्रामीणों की भावपूर्ण गुहार

सरकारी उदासीनता से निराश होकर पोंडरी गांव की ग्राम पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज को अपना अंतिम सहारा माना। ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि उनकी शरण में सतलोक आश्रम पहुंचे और उनके समक्ष अपनी पीड़ा रखी। उनकी मूल मांग में शामिल था:

  • 15,000 फीट ड्रेनेज पाइपलाइन
  • चार 10 HP हैवी-ड्यूटी मोटर

संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्थल सर्वे और प्रदान की गई राहत

अद्वितीय करुणा का परिचय देते हुए संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत गांव की वास्तविक आवश्यकता का आकलन करने के लिए सर्वे टीम भेजने का निर्देश दिया। अगले ही दिन उनकी सर्वे टीम ने पोंडरी गांव के चार प्रमुख जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण किया। सटीक माप के आधार पर वास्तविक आवश्यकता 8 इंच की 11,200 फीट पाइपलाइन तथा चार 10 HP हैवी-ड्यूटी मोटरों की निर्धारित की गई। 

स्वीकृति मिलने के मात्र तीन दिनों के भीतर अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज़ 2 के अंतर्गत पोंडरी गांव में निःशुल्क राहत सामग्री पहुंचा दी गई:

  • 8 इंच की 11,200 फीट उच्च गुणवत्ता वाली PVC ड्रेनेज पाइप
  • स्थापना के लिए संपूर्ण सामग्री, जिसमें एडहेसिव सॉल्यूशन, एयर वाल्व, बेंड प्लेट, नट, बोल्ट, PVC फिटिंग तथा रबर शीट शामिल थीं
  • चार 10 HP हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक मोटर (जिन्हें पाइपलाइन स्थापना पूर्ण होने के बाद ग्राम पंचायत को सौंपने की स्वीकृति दी गई)

यह भी पढ़ें: संत रामपाल जी महाराज ने किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत रोहतक के बहू अकबरपुर में भेजी राहत सामग्री

स्थापना के लिए सटीक निर्देश और संपूर्ण मार्गदर्शन

संत रामपाल जी महाराज ने केवल उपकरण ही उपलब्ध नहीं कराए, बल्कि ग्रामीणों को दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने हेतु संपूर्ण तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया। उनके प्रतिनिधियों ने पाइपलाइन को भूमिगत बिछाने के संबंध में निम्न निर्देश दिए:

  • मिट्टी डालने से पहले पाइपों को पानी से भर दिया जाए, ताकि ऊपर से पड़ने वाले मिट्टी के भारी दबाव के कारण पाइप क्षतिग्रस्त न हों।
  • पाइपलाइन के साथ प्रत्येक 10 से 12 किल्ले (एकड़) की दूरी पर एयर वाल्व लगाए जाएं, जिससे भीतर फंसी हुई हवा का दबाव आसानी से निकल सके।
  • पाइपलाइन पूरी तरह भूमिगत बिछ जाने तथा अनुवर्ती सर्वे में सत्यापन होने के बाद चारों 10 HP हैवी-ड्यूटी मोटर तत्काल ग्राम पंचायत को सौंप दी जाएंगी।

ग्रामीणों द्वारा भव्य स्वागत

राहत सामग्री लेकर पहुंचा काफिला पोंडरी गांव के लिए आस्था के महापर्व में बदल गया। ग्रामीण फूल-मालाओं के साथ एकत्रित हुए, भव्य DJ सिस्टम पर उत्सव का संगीत बजाया गया और संत जी के सेवादारों का अत्यंत श्रद्धा के साथ स्वागत किया गया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने हर्षोल्लास के साथ “बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी भगवान की जय!” के जयकारे लगाए और उनके दिव्य चरणों में कृतज्ञतापूर्वक नतमस्तक होकर अपने भविष्य को संवारने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

ग्रामीणों की जुबानी

पोंडरी गांव के लोगों की गहरी कृतज्ञता इस दिव्य हस्तक्षेप के व्यापक प्रभाव को स्पष्ट करती है:

  • एक ग्रामीण ने कहा, “हम बार-बार अपने चुने हुए विधायकों के पास गए, लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी। चुनाव के समय केवल झूठे वादे किए गए। हमारे लिए भगवान से बढ़कर कोई नहीं है।”
  • ग्राम पंचायत के एक प्रतिनिधि ने बताया, “हमारे गांव की 250 से 300 एकड़ भूमि जलभराव से बुरी तरह प्रभावित थी। सरकारी कार्यालयों से कोई सहायता नहीं मिली। हम शनिवार को आश्रम पहुंचे और मात्र तीन दिनों में पूरी राहत सामग्री हमारे गांव पहुंच गई।”
  • एक बुजुर्ग भावुक होकर बोले, “3-4 वर्षों तक फसल न होने के कारण किसान भूखमरी की स्थिति में पहुंच गए थे। संत रामपाल जी महाराज ने हम पर अपनी असीम कृपा बरसाई।”
  • ग्रामीण शिव सिंह ने कहा, “15 से 20 वर्षों तक हमारी फसलें बर्बाद होती रहीं। प्रधानमंत्री हों या विधायक, किसी ने भी वह कार्य नहीं किया जो भगवान संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी कागजी कार्रवाई और बिना किसी रिश्वत के एक ही क्षण में कर दिखाया।”
  • एक अन्य ग्रामीण ने कहा, “गरीब किसानों के कल्याण के लिए बाबा का दरबार खुलकर कार्य कर रहा है। दुनिया में किसी संत या सरकार ने आज तक इतना निःस्वार्थ कार्य नहीं किया।”
  • एक किसान ने सामग्री की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा, “उन्होंने नट, बोल्ट और एडहेसिव तक हर सामान हमारे घर के दरवाजे तक पहुंचा दिया। हमें एक भी स्क्रू खरीदने की जरूरत नहीं पड़ी।”

संत रामपाल जी महाराज: विश्व के उद्धारकर्ता

संत रामपाल जी महाराज ने सिद्ध कर दिया है कि सच्ची आध्यात्मिकता मानवता की निःस्वार्थ एवं व्यावहारिक सेवा में ही प्रकट होती है। किसान मसीहा, तत्वदर्शी संत तथा पृथ्वी पर पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में वे देशभर से दुखों को दूर करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। वे वर्तमान युग के एकमात्र पूर्ण संत हैं, जो पवित्र धर्मग्रंथों के अनुसार सत्य भक्ति का मार्ग प्रदान करते हैं और पुण्यात्माओं को अज्ञान रूपी अंधकार से बाहर निकालते हैं। करोड़ों लाभान्वित परिवार उन्हें स्वयं भगवान के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजते हैं। 

अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज़ 2 के अंतर्गत उनके दिव्य कार्य आज भी विश्व को आलोकित कर रहे हैं और यह प्रमाणित करते हैं कि पूर्ण संत के वचन की शक्ति ही संसार को अराजकता से बचाने का एकमात्र मार्ग है।

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