उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की किरावली तहसील स्थित गांव साधन के किसान वर्षों से गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रहे थे। इस समस्या के कारण सैकड़ों बीघा कृषि भूमि लंबे समय तक पानी में डूबी रहती थी, जिससे फसलें नष्ट होती थीं और किसानों की आजीविका प्रभावित हो रही थी। किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने पहले पाइपलाइन सामग्री, विद्युत केबल और मोटर उपलब्ध करवाईं। इसके बाद ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पाइपलाइन को भूमिगत कराने की व्यवस्था भी करवाई, जिससे वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, जलभराव की गंभीर समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत साधन ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना प्रस्तुत की थी। इसके बाद उन्होंने गांव का विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर गांव को 13,100 फीट 8 इंच पाइपलाइन, 3,200 मीटर विद्युत केबल और चार 10 एचपी मोटर उपलब्ध करवाई गईं। पहले चरण में मोटरों की सहायता से बड़ी मात्रा में पानी निकालने के बाद ग्रामीणों ने पुनः पाइपलाइन को भूमिगत कराने की प्रार्थना की, क्योंकि गांव की आर्थिक स्थिति इतनी मज़बूत नहीं थी कि यह कार्य स्वयं करा सकें।
गांव साधन में किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 : प्रमुख बातें
- स्थान: गांव साधन, तहसील किरावली, जिला आगरा, उत्तर प्रदेश
- अभियान: किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2
- प्रभावित क्षेत्र: लगभग 800 बीघा कृषि भूमि
- जलभराव की गहराई: लगभग 5 से 8 फीट
- उपलब्ध कराई गई सामग्री:
- 13,100 फीट 8 इंच पाइपलाइन
- 3,200 मीटर विद्युत केबल
- चार 10 एचपी मोटर
- पहले चरण में लगभग 70 प्रतिशत पानी निकाला गया।
- ग्रामीणों की दूसरी प्रार्थना के बाद पाइपलाइन को भूमिगत करने का कार्य शुरू किया गया।
- 3 जून 2026 को तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के निर्देश पर कार्य प्रारंभ हुआ।
वर्षों तक जलभराव ने खेती को किया प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार, गांव साधन में वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई थी। लगभग 800 बीघा कृषि भूमि बरसात और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण प्रभावित रहती थी। कई स्थानों पर पानी की गहराई 5 से 8 फीट तक पहुंच जाती थी।
इस कारण किसान गेहूं, धान सहित अन्य फसलों की खेती नहीं कर पा रहे थे। बार-बार फसलें नष्ट होने से कृषि आय प्रभावित हुई और अनेक किसान आर्थिक संकट में आ गए। ग्रामीणों के अनुसार, कई परिवारों के लिए बिजली के बिल जमा करना भी कठिन हो गया था, जबकि कुछ किसानों के सामने खेती छोड़ने की स्थिति तक बन गई थी।
ग्राम पंचायत की प्रार्थना के बाद हुआ सर्वे, मिली आवश्यक सामग्री
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्राम पंचायत साधन ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना की।
इसके बाद उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराने के निर्देश दिए। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर गांव को निम्न सामग्री उपलब्ध करवाई गई—
| उपलब्ध कराई गई सामग्री | मात्रा |
| 8 इंच पाइपलाइन | 13,100 फीट |
| विद्युत केबल | 3,200 मीटर |
| मोटर | चार 10 एचपी |
ग्रामीणों ने इन मोटरों की सहायता से लगभग 70 प्रतिशत जलभराव वाले क्षेत्र से पानी बाहर निकाला, जिससे कई खेतों में दोबारा खेती संभव हो सकी।
किसानों ने बताया कि जिन खेतों से पानी निकल गया, वहां गेहूं की खेती की गई, जबकि निचले हिस्सों में बाद में पानी निकालकर मक्का और चरी की फसल बोई गई।
दूसरी प्रार्थना के बाद भूमिगत पाइपलाइन का कार्य शुरू
पहले चरण से राहत मिलने के बावजूद गांव के निचले हिस्सों में जलभराव की समस्या बनी रही। ग्रामीणों का कहना था कि इसका स्थायी समाधान तभी संभव है, जब पूरी पाइपलाइन को भूमिगत किया जाए। ग्राम पंचायत के अनुसार, गांव के किसान इतनी आर्थिक स्थिति में नहीं थे कि स्वयं हजारों फीट पाइपलाइन को जमीन में दबा सकें। इसी कारण ग्रामीणों ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से पुनः प्रार्थना की। साक्षात्कार में शामिल ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने यह प्रार्थना तुरंत स्वीकार की।
इसके बाद मशीनें, ट्रैक्टर, श्रमिक और एक समर्पित टीम गांव साधन पहुंची तथा मानसून से पहले पाइपलाइन को भूमिगत करने का कार्य शुरू किया गया।
3 जून 2026 से किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत शुरू हुआ कार्य
3 जून 2026 को किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत गांव साधन में पाइपलाइन दबाने का कार्य शुरू किया गया। कार्य के दौरान खुदाई, पाइपों को जोड़ने और उन्हें भूमिगत करने का काम एक साथ चलता रहा। ग्रामीणों, श्रमिकों और तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की टीम ने मिलकर इस कार्य को आगे बढ़ाया।
कार्य के दूसरे दिन टीम के सदस्यों ने बताया कि लगभग 90 पाइप, यानी करीब 1,800 फीट पाइपलाइन, भूमिगत की जा चुकी थी। साथ ही खुदाई और पाइप जोड़ने का कार्य भी लगातार जारी था। टीम के अनुसार, भूमिगत पाइपलाइन बिछाने का पूरा खर्च और कार्य तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार कराया जा रहा था, चाहे इसे पूरा करने में जितना भी समय लगे।
ग्राम प्रधान जोगेंद्र सिंह ने बताई गांव की स्थिति
ग्राम प्रधान जोगेंद्र सिंह ने बताया कि गांव लगभग 20 वर्षों से जलभराव की समस्या से प्रभावित था, जिससे किसानों की खेती लगातार प्रभावित हो रही थी। उन्होंने बताया कि पहली प्रार्थना के बाद तीन से चार दिनों के भीतर गांव में मोटर और पाइपलाइन पहुंच गई थीं, जिसकी मदद से लगभग 70 प्रतिशत पानी बाहर निकाल लिया गया।
उनके अनुसार, फसल कटने के बाद किसानों ने पाइपलाइन को भूमिगत कराने के लिए दोबारा प्रार्थना की, क्योंकि वे स्वयं यह कार्य कराने में सक्षम नहीं थे। जोगेंद्र सिंह ने बताया कि प्रार्थना शीघ्र स्वीकार कर ली गई और उसके बाद पाइपलाइन दबाने का कार्य शुरू हो गया।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले जल निकासी के लिए सरकारी स्तर पर भी कई बार प्रयास किए गए थे, लेकिन कोई प्रभावी समाधान नहीं मिला। बाद में गांव के चंद्रवीर सिंह ने ग्राम पंचायत को तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के पास प्रार्थना करने की जानकारी दी, जिसके बाद सहायता का यह क्रम शुरू हुआ।
ग्राम प्रधान ने भूमिगत पाइपलाइन के कार्य को संतोषजनक बताते हुए कहा कि पूरा कार्य ग्राम पंचायत और तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की टीम की निगरानी में किया गया। उन्होंने गांव और किसानों की ओर से तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का आभार भी व्यक्त किया।
Website: www.jagatgururampalji.org
YouTube: Sant Rampal Ji Maharaj
Facebook: Spiritual Leader Saint Rampal Ji
‘X’ handle: @SaintRampalJiM



