राजस्थान के जिला चूरू की तहसील तारानगर के गांव जिगसाना ताल स्थित श्री हरि गौ सेवा समिति गौशाला में रह रहे करीब 200 बेसहारा गौवंश के लिए संत रामपाल जी महाराज की ओर से सूखे चारे की बड़ी सहायता पहुँचाई गई है। साल 2022 से संचालित इस गौशाला को बड़े रूप में विकसित करने और दुर्घटनाओं में घायल पशुओं के उपचार हेतु तैयार किया जा रहा था, लेकिन प्रबंधन के सामने सबसे बुनियादी चुनौती सूखे चारे की कमी की थी। इस समस्या के समाधान हेतु गौशाला के प्रतिनिधि सहायता की प्रार्थना लेकर धनाना धाम पहुँचे। प्रार्थना सुनने के बाद संत रामपाल जी महाराज द्वारा गौशाला का त्वरित सर्वे करवाया गया और आवश्यकता की पुष्टि होते ही महज दो दिनों के भीतर चारे की खेप पहुँचाकर गौशाला कमेटी को सौंप दी गई।
गौशाला विस्तार के बीच सूखे चारे की कमी बनी बड़ी चुनौती
श्री हरि गौ सेवा समिति गौशाला की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। गौ सेवा टीम ने इसे गोद लेकर एक बड़े चिकित्सालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया था, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले, फ्रैक्चर या टांकों की समस्या से जूझ रहे बेसहारा पशुओं का समुचित उपचार और देखभाल की जा सके। गौशाला में करीब 200 गायें आश्रय ले रही हैं। हालांकि, उचित देखभाल और चिकित्सा व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए सबसे बुनियादी और पहली आवश्यकता उनके पर्याप्त भरण-पोषण की थी। बिना पर्याप्त चारे के घायल व लावारिस पशुओं का संरक्षण संभव नहीं था, जिसके चलते गौशाला प्रतिनिधियों को बाहर से मानवीय सहयोग की आवश्यकता महसूस हुई।
संत रामपाल जी महाराज के आदेश से पहुँचा 300 क्विंटल चारा
गौशाला की बुनियादी जरूरत की पुष्टि होने के बाद संत रामपाल जी महाराज के आदेश से 300 क्विंटल सूखा चारा (तूरी/तूड़ा) उपलब्ध कराया गया। चारे की इस खेप को वाहनों के जरिए सीधे गांव जिगसाना ताल स्थित गौशाला परिसर में पहुँचाया गया और गौशाला कमेटी के सुपुर्द किया गया। गौ सुरक्षा अभियान के तहत गौशालाओं में चारे, पानी और शेड आदि की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के क्रम में यह 300 क्विंटल चारे की आपूर्ति सुनिश्चित की गई ताकि वहां मौजूद 200 गौवंश के लिए आहार की कोई कमी न रहे।
ग्रामीणों और गौशाला प्रतिनिधियों ने व्यक्त किया आभार
सहायता प्राप्त होने पर गांववासियों एवं गौशाला प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए:
- गौ सेवा टीम प्रतिनिधि: उन्होंने बताया कि गौशाला को दुर्घटनाग्रस्त गायों के चिकित्सालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे पाँच लोग धनाना धाम प्रार्थना लेकर गए थे, जहाँ उनसे आवश्यकता पूछी गई और 300 क्विंटल चारा पास कर तुरंत उपलब्ध करा दिया गया।
- सुभाष (स्थानीय निवासी): उन्होंने बताया कि गौशाला में 200 गायें हैं और 300 क्विंटल चारा डलवाने से अब पशुओं के खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था हो जाएगी।
- नोवरंग लाल: उन्होंने लावारिस गायों की सेवा के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 18 तारीख को गए थे, 19 को टीम आई और दो दिनों के भीतर चारा उपलब्ध करा दिया गया।
- कमेटी प्रतिनिधि: चारे की प्राप्ति की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजा गया 300 क्विंटल सूखा चारा उन्होंने प्राप्त कर लिया है और यह बहुत सराहनीय कार्य है।
मानवीय सहायता में तत्परता और कार्यप्रणाली
यह मानवीय पहल त्वरित निर्णय और संगठित कार्यप्रणाली को दर्शाती है। ग्रामीणों के अनुसार, धनाना धाम में पाँच प्रतिनिधियों द्वारा प्रार्थना रखे जाने के बाद संत रामपाल जी महाराज ने सीधे तौर पर पहले जमीनी सर्वे कराने का आदेश दिया। 18 तारीख को की गई प्रार्थना और 19 तारीख को हुए सर्वे के पश्चात मात्र 48 घंटे (दो दिन) के भीतर 300 क्विंटल सूखा चारा सीधे गौशाला स्थल तक पहुँचा दिया गया। संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित यह गौ सुरक्षा अभियान बिना किसी अनावश्यक देरी के सीधे जरूरतमंद गौशालाओं तक सहायता पहुँचाने की व्यवस्था पर आधारित है।
एक समाज सुधारक के रूप में संत रामपाल जी महाराज
जिगसाना ताल में पहुँची यह सहायता संत रामपाल जी महाराज के व्यापक सामाजिक और मानवीय सरोकारों को रेखांकित करती है। उनके सानिध्य में चलाए जा रहे अभियानों में न केवल बेसहारा व घायल गौवंश के लिए चारा, पानी और शेड जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, बल्कि समाज में नशामुक्ति, दहेज-मुक्त विवाह और आपदाओं में राहत जैसे कार्य भी प्रमुखता से शामिल हैं। संत रामपाल जी महाराज की दया से यह कार्य निस्वार्थ सेवा और जीव मात्र पर दया के सनातन मानवीय मूल्यों को समाज में पुनर्जीवित करने का एक व्यावहारिक प्रयास है।



