हरियाणा के भिवानी जिले के पिंजोखरा स्थित श्री श्याम गौशाला में करीब 1100 गौवंश की देखभाल की जा रही है। चारे की कमी और 300 से 400 नंदियों के लिए सुरक्षित शेड की ज़रूरत के बीच गौशाला में 800 क्विंटल सूखा चारा पहुंचाया गया। आठ ट्रकों में आई इस सहायता से करीब एक महीने के चारे की व्यवस्था होने की बात गौशाला प्रबंधन ने कही है।
पिंजोखरा गौशाला में 800 क्विंटल चारे की सहायता: मुख्य बिंदु
- श्री श्याम गौशाला में करीब 1100 गौवंश हैं।
- प्रतिदिन लगभग 40 क्विंटल चारे की खपत होती है।
- कम बारिश और खारे ट्यूबवेल के पानी से चारे की उपलब्धता को लेकर चिंता थी।
- करीब 300 से 400 नंदी पर्याप्त शेड नहीं होने से खुले में रहते थे।
- 120×140 फीट के प्रस्तावित शेड का सर्वे किया गया है।
- गौशाला को 800 क्विंटल सूखा चारा आठ ट्रकों में पहुंचाया गया।
- गौशाला प्रबंधन के अनुसार यह करीब एक महीने की जरूरत के बराबर है।
- सहायता किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़-2 सहित संबंधित सेवा अभियानों के संदर्भ में पहुंची।
चारे की कमी और नंदियों के लिए शेड बनी बड़ी ज़रूरत
पिंजोखरा की श्री श्याम गौशाला में गौवंश की संख्या करीब 1100 बताई गई। गौशाला प्रबंधन के अनुसार रोज़ लगभग 40 क्विंटल चारे की खपत होती है। क्षेत्र में बारिश की कमी और ट्यूबवेल का पानी खारा होने के कारण आगे चारे की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई थी। उस समय गौशाला के पास करीब एक महीने का चारा था, जो खत्म होने वाला था।
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दूसरी ओर करीब 300 से 400 नंदियों के लिए पर्याप्त शेड नहीं था। बारिश और धूप के दौरान उन्हें खुले में रहना पड़ता था। इसी वजह से 120×140 फीट के प्रस्तावित शेड की भी आवश्यकता बताई गई। गांव के लोग और गौशाला कमेटी इस संबंध में प्रार्थना लेकर गई थी। इसके बाद गौशाला की वास्तविक स्थिति और आवश्यकता जानने के लिए सर्वे टीम भेजी गई। टीम ने गौवंश की संख्या, चारे की वास्तविक ज़रूरत और प्रस्तावित शेड का सर्वे किया।
सर्वे रिपोर्ट के बाद चारे को दी गई प्राथमिकता
सर्वे रिपोर्ट तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत की गई। इसके आधार पर गौशाला में तत्काल 800 क्विंटल सूखा चारा पहुंचाने का आदेश दिया गया। गौशाला कमेटी को लगभग एक सप्ताह का समय बताया गया था, लेकिन सहायता इससे पहले ही पहुंच गई। कमेटी के अनुसार वे 6 तारीख को गए थे और अगले ही दिन कार्रवाई के लिए टीम पहुंची। 11 तारीख को 800 क्विंटल सूखा चारा गौशाला पहुंच गया।
आठ ट्रकों में चारा गौशाला लाया गया। मौके पर ट्रकों को खाली कराया गया और ट्रैक्टरों की मदद से सूखे चारे को गोदाम और स्टोर रूम में रखा गया।
एक महीने के चारे की व्यवस्था
गौशाला प्रधान के अनुसार 800 क्विंटल चारे से करीब एक महीने की ज़रूरत पूरी हो गई। पहले से भी चारा स्टॉक में था और अब बाजरे की फसल आने के बाद आगे की व्यवस्था चलने की उम्मीद जताई गई। ज़रूरत पड़ने पर आगे फिर सहायता के लिए प्रार्थना करने की बात कही गई। गौशाला कमेटी ने सहायता मिलने पर धन्यवाद व्यक्त किया। ग्रामीणों और समिति के सदस्यों ने भी इसे गौवंश के लिए राहत बताया।
शेड की प्रार्थना पर भी सर्वे पूरा
गौशाला की दूसरी बड़ी ज़रूरत नंदियों के लिए सुरक्षित शेड है। 120×140 फीट के प्रस्तावित शेड का सर्वे पूरा हो चुका है। बताया गया कि फिलहाल कई गौशालाओं में शेड का काम चल रहा है, इसलिए पिंजोखरा गौशाला के शेड का नंबर आने पर आगे की कार्रवाई संत रामपाल जी महाराज जी के आदेश से किए जाने की बात कही गई।
इस बीच चारे की तत्काल ज़रूरत को प्राथमिकता देकर पहले पूरी किया गया।
फेज़-2 के सेवा अभियानों का भी उल्लेख
रिपोर्ट में किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़-2, शुद्ध पेयजल सेवा अभियान और पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान के तहत किए जा रहे सेवा कार्यों का उल्लेख किया गया। इसमें 100 से अधिक गांवों में सेवा कार्य पूरा होने और सेवा लगातार जारी रहने की बात कही गई।
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इन अभियानों के संदर्भ में जल संकटग्रस्त गांवों में राहत, किसानों और मज़दूरों के लिए सहायता तथा गौशालाओं में चारा, शेड और पानी जैसी ज़रूरतों का उल्लेख किया गया। अन्नपूर्णा मुहिम के तहत गौ सुरक्षा अभियान भी इस कार्यक्रम से जोड़ा गया।
गांव में स्वागत, काफिले के साथ पहुंची सहायता
800 क्विंटल चारा पहुंचने पर गांव के गणमान्य लोगों, बुजुर्गों और ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज जी के स्वरूप का फूल मालाओं से स्वागत किया। मंगलाचरण के बाद सेवादार, स्वरूप को लेकर पैदल गौशाला की ओर रवाना हुए। उनके पीछे ग्रामीण, गौशाला कमेटी के सदस्य और ट्रैक्टरों का काफिला भी चला।
गौशाला कमेटी के सदस्यों और ग्रामीणों ने सहायता के लिए आभार जताया। मौके पर मौजूद लोगों ने चारे के अलावा बाढ़ के पानी की निकासी के लिए पंप-मोटर, समर्सिबल, गरीब परिवारों के लिए अनाज और अन्य सहायता जैसे कार्यों का भी उल्लेख किया।
गौशाला तक सीधे पहुंचाई गई सहायता
मौके पर मौजूद सेवादारों ने बताया कि पिंजोखरा गौशाला को 800 क्विंटल सूखा चारा आठ ट्रकों में उपलब्ध कराया गया है। चारे को ट्रैक्टरों के ज़रिए गोदाम में पहुंचाया गया। पूरी प्रक्रिया में पहले आवश्यकता का सर्वे, फिर रिपोर्ट, आदेश और उसके बाद गौशाला तक सहायता पहुंचने की कड़ी सामने आई। गौशाला कमेटी के अनुसार इस सहायता से तत्काल चारे की चिंता दूर हुई है। अब शेड की आवश्यकता पर आगे की प्रक्रिया पूरी होने का इंतज़ार है।
सहायता से गौशाला की तत्काल चिंता हुई दूर
पिंजोखरा की श्री श्याम गौशाला में चारे की कमी को लेकर बनी तत्काल चिंता 800 क्विंटल सूखे चारे की आपूर्ति के बाद दूर हुई है। करीब 1100 गौवंश वाली इस गौशाला में अब लगभग एक महीने के चारे की व्यवस्था बताई गई है। वहीं 300 से 400 नंदियों के लिए प्रस्तावित 120×140 फीट शेड की ज़रूरत पर सर्वे पूरा हो चुका है। आगे की कार्रवाई आदेश के अनुसार होने की बात कही गई है।



