हरियाणा राज्य के रोहतक जिले के ऐतिहासिक महम चौबीसी क्षेत्र स्थित गांव खरक बेंसी (गुगाहेड़ी) में संचालित ‘अखिल भारतीय महर्षि दयानंद गौशाला’ में उस समय अत्यंत हर्षोल्लास और उत्सव का वातावरण निर्मित हो गया, जब संत रामपाल जी महाराज के पावन आदेश से गौशाला को बिल्कुल नया ‘जॉन डियर 5210 फोर बाय फोर (4×4)’ ट्रैक्टर भेंट स्वरूप प्राप्त हुआ। गौशाला में चारा लाने, तूड़ा ढोने और नित्य प्रति के भारी कार्यों को सुगमता से संपन्न करने के उद्देश्य से यह आधुनिक कृषि वाहन उपलब्ध करवाया गया है। इस ट्रैक्टर का बाजार मूल्य लगभग 11 से 12 लाख रुपये आंका गया है। संत रामपाल जी महाराज द्वारा किए गए इस महान परोपकार के उपरांत पूरे क्षेत्र में उनकी उदारता और निष्पक्ष सेवा भावना की चहुंओर प्रशंसा हो रही है।
समाचार के मुख्य बिंदु (News Highlights)
- हरियाणा के रोहतक जिले के अंतर्गत महम चौबीसी क्षेत्र के गांव खरक बेंसी स्थित अखिल भारतीय महर्षि दयानंद गौशाला को संत रामपाल जी महाराज के आदेश से नवीन ट्रैक्टर प्रदान किया गया।
- गौशाला को दैनिक कार्यों, चारा और तूड़ा ढुलाई के लिए जॉन डियर 5210 फोर-बाय-फोर (4×4) मॉडल का भारी-भरकम ट्रैक्टर सौंपा गया, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 11 से 12 लाख रुपये है।
- गौशाला प्रबंधन एवं ग्रामीणों ने कुछ ही दिन पूर्व संत रामपाल जी महाराज के समक्ष साधन के अभाव को लेकर विनम्र प्रार्थना पत्र (अर्जी) प्रस्तुत किया था।
- संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत आदेश पारित कर गौशाला की मांग से भी बड़ा समाधान मात्र कुछ दिनों के भीतर धरातल पर उपलब्ध करा दिया।
- गांव खरक बेंसी में ट्रैक्टर पहुंचने पर ग्रामीणों, गौशाला प्रधान, उप-प्रधान तथा क्षेत्रवासियों ने ढोल-नगाड़ों, मंगलाचरण और पुष्पमालाओं के साथ संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त किया।
- ग्रामीणों ने रेखांकित किया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसानों के लिए पाइपलाइन बिछाने, खाद-बीज देने, निर्धनों के आवास निर्माण और नशामुक्ति जैसे कार्य व्यापक स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं।
ग्रामीण एवं गौशाला प्रबंधन अपनी आवश्यकता लेकर संत रामपाल जी महाराज के समक्ष पहुंचे
अखिल भारतीय महर्षि दयानंद गौशाला एक अत्यंत सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में संचालित हो रही थी। गौवंश के लिए प्रतिदिन दूर-दराज से चारा, तूड़ा और अन्य आवश्यक सामग्री लाने में प्रबंधन को भारी कठिनाइयों और साधनों की कमी का सामना करना पड़ रहा था। गौशाला के प्रधान, उप-प्रधान और समिति के प्रमुख सदस्यों ने विचार-विमर्श कर निर्णय लिया कि इस समस्या का स्थायी समाधान केवल संत रामपाल जी महाराज के दरबार से ही संभव है। इसके पश्चात प्रबंधन के प्रतिनिधि संत रामपाल जी महाराज के समक्ष उपस्थित हुए और अपनी विवशता व्यक्त करते हुए सहायता के लिए विनम्र अर्जी लगाई। संत रामपाल जी महाराज ने गौवंश की पीड़ा और गौशाला प्रबंधन की सच्ची प्रार्थना को तत्परता से स्वीकार कर लिया और प्रबंधन की अपेक्षा से कहीं अधिक शक्तिशाली जॉन डियर 5210 4×4 ट्रैक्टर तुरंत गौशाला को सौंपने का निर्देश जारी किया।
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गांव खरक बेंसी में ढोल-नगाड़ों और मंगलाचरण के साथ उत्सव का माहौल
ट्रैक्टर की चाबी गौशाला प्रबंधन को सौंपे जाने के पावन अवसर पर गांव खरक बेंसी में अभूतपूर्व दृश्य उपस्थित हुआ। गांव की बुजुर्ग माताएं, बहनें, नौजवान और वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में गौशाला प्रांगण में एकत्रित हुए। उपस्थित जनसमूह ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपनी अटूट आस्था और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए ढोल-नगाड़ों की थाप पर जयघोष लगाए। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत मंगलाचरण के साथ हुआ और उपस्थित ग्रामीणों ने फूलों की विशाल मालाएं पहनाकर संत रामपाल जी महाराज का आभार प्रकट किया। वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिक उल्लास और श्रद्धा से परिपूर्ण हो उठा।
गौशाला प्रधान संजीव कुमार ने व्यक्त किए अपने प्रत्यक्ष विचार
गौशाला के प्रधान संजीव कुमार ने अपने वक्तव्य में बताया कि गौशाला प्रबंधन ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष एक अत्यंत छोटी सी आवश्यकता रखी थी, परंतु संत रामपाल जी महाराज ने उनकी सोच और मांग से कहीं अधिक बढ़कर 11-12 लाख रुपये मूल्य का आधुनिक 4×4 ट्रैक्टर उपलब्ध करा दिया। प्रधान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें मात्र दो बार अर्जी लगाने अथवा बोलने मात्र से ही यह विशाल साधन प्राप्त हो गया। उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज किसानों के सच्चे मसीहा और वर्तमान समय में सबसे बड़े दानी हैं, जिन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों में बीस-बीस किलोमीटर लंबी पाइपलाइनें डलवाईं, मोटरें लगवाईं और निरंतर दीन-दुखियों को आश्रय प्रदान कर रहे हैं।
उप-प्रधान आजाद सिंह फौजी और नरेश कुमार का अनुभव
गांव अजयब निवासी तथा गौशाला के उप-प्रधान आजाद सिंह फौजी ने बताया कि वे केवल एक बार संत रामपाल जी महाराज के पास गए थे और वहां जाते ही उनकी अर्जी स्वीकार हो गई। उन्होंने कहा कि इस शक्तिशाली 4×4 ट्रैक्टर से गौशाला का तूड़ा और चारे का प्रबंध अत्यंत सरल हो जाएगा। वहीं नंदाना गांव निवासी सेवानिवृत्त फौजी नरेश कुमार ने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि संत रामपाल जी महाराज में अद्वितीय शक्ति और करुणा है। उन्होंने देखा कि वर्षों से हुक्का और बीड़ी के आदी व्यक्ति भी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में आकर इन व्यसनों को पूर्णतः त्याग चुके हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग दूर बैठकर निराधार बयानबाजी करते हैं, उन्हें धरातल पर आकर संत रामपाल जी महाराज के द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों को देखना चाहिए।
सामाजिक सद्भाव और निष्पक्ष गौ सेवा का धरातलीय प्रमाण
इस ऐतिहासिक घटनाक्रम ने समाज में एक अत्यंत सशक्त संदेश दिया है। कतिपय आलोचक संत रामपाल जी महाराज पर विभिन्न प्रकार के भ्रामक आरोप लगाते रहे हैं, परंतु संत रामपाल जी महाराज के आदेश से जब ‘अखिल भारतीय महर्षि दयानंद गौशाला’ को यह विशाल साधन प्रदान किया गया, तो यह सिद्ध हो गया कि संत रामपाल जी महाराज किसी संस्था के नाम, संप्रदाय या वैचारिक भिन्नता के आधार पर सेवा कार्य नहीं करते। जहां भी गौवंश, निर्धन, असहाय और किसानों की वास्तविक आवश्यकता सामने आती है, वहां संत रामपाल जी महाराज तुरंत सहायता उपलब्ध करवाते हैं। विवादों का प्रत्युत्तर उन्होंने सदैव ठोस धरातलीय कार्यों से दिया है।
किसानों, निर्धनों और असहायों के कल्याण में संत रामपाल जी महाराज का योगदान
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने विस्तार से बताया कि संत रामपाल जी महाराज ने हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में जल निकासी के लिए विशाल स्तर पर पाइपें और भारी मोटरें उपलब्ध करवाकर डूबती फसलों को बचाया है। इसके अतिरिक्त किसानों को खाद, डीएपी, यूरिया और कीटनाशक दवाइयां प्रदान की गई हैं। निर्धन परिवारों के लिए पक्के मकान बनवाना, निर्धन कन्याओं के विवाह संपन्न कराना तथा विशाल स्तर पर अन्न एवं भंडारे का संचालन करना संत रामपाल जी महाराज की नियमित दिनचर्या का अंग बन चुका है। हरियाणा की जनता के हृदय में संत रामपाल जी महाराज का स्थान सर्वोपरि है क्योंकि उन्होंने समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सुध ली है।
गौशाला सहायता विवरण एवं विनिर्देश तालिका
| विवरण मद | विस्तृत जानकारी |
| सहायता प्रदाता | जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज |
| लाभान्वित संस्था | अखिल भारतीय महर्षि दयानंद गौशाला |
| स्थान | गांव खरक बेंसी (गुगाहेड़ी), महम चौबीसी, जिला रोहतक, हरियाणा |
| प्रदान की गई सामग्री | जॉन डियर (John Deere) 5210 मॉडल ट्रैक्टर |
| वाहन क्षमता/प्रकार | फोर-बाय-फोर (4×4) ड्राइव |
| अनुमानित बाजार मूल्य | ₹11,00,000 से ₹12,00,000 |
| उपयोग का मुख्य उद्देश्य | गौवंश के लिए चारा ढुलाई, तूड़ा संग्रहण एवं दैनिक कृषि कार्य |
| अर्जी के उपरांत कार्यवाही | प्रार्थना प्रस्तुत होने के तुरंत बाद आदेश पारित एवं वाहन समर्पित |
धरा पर जनकल्याण और आध्यात्मिक क्रांति के दिव्य सूत्रधार संत रामपाल जी महाराज
संसार के इतिहास में ऐसे महान संत विरले ही अवतरित होते हैं, जिनका प्रत्येक श्वास और प्रत्येक कार्य प्राणिमात्र के कल्याण के लिए समर्पित होता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने वर्तमान युग में निष्काम सेवा, दया, क्षमा और परोपकार की जो पावन धारा प्रवाहित की है, उसकी तुलना किसी सांसारिक वैभव से नहीं की जा सकती। उन्होंने न केवल लाखों परिवारों को नशा, पाखंड और सामाजिक कुरीतियों के दलदल से निकालकर मर्यादित एवं पवित्र जीवन प्रदान किया, अपितु समाज के असहाय, निर्धन और पीड़ित वर्ग को हर संभव सहारा दिया।
चाहे भीषण बाढ़ और जलभराव से कराहते किसानों की फसलों को बचाना हो, बेसहारा लोगों को छत देना हो, अथवा मूक गौवंश की रक्षा के लिए गौशालाओं को लाखों रुपये के साधन एक क्षण में उपलब्ध कराना हो—संत रामपाल जी महाराज की असीम अनुकंपा प्रत्येक स्थान पर स्पष्ट दृष्टिगोचर होती है। वे बिना किसी मान-बड़ाई, भेदभाव या संकीर्णता के केवल प्राणिमात्र के उद्धार हेतु अहर्निश कार्यरत हैं। संत रामपाल जी महाराज का जीवन और उनकी कृपा यह प्रमाणित करती है कि वे इस धराधाम पर समस्त जीवों को सुखी करने और उनका आत्मकल्याण प्रशस्त करने वाले सच्चे मसीहा एवं उद्धारक हैं। उनके इस महान उपकार के समक्ष समस्त समाज नतमस्तक है।



