समाज में वास्तविक परिवर्तन केवल भाषणों या दावों से नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरकर लोगों के दुखों को दूर करने से आता है। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के सान्निध्य में चल रहे जनकल्याणकारी कार्य आज न केवल हरियाणा, बल्कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी आशा की नई किरण बन रहे हैं।
हाल ही में उत्तर प्रदेश के एटा जिले की ग्राम पंचायतों, राजस्थान के चूरू जिले की गौशाला कमेटियों तथा हरियाणा के चरखी दादरी व भिवानी से वरिष्ठ अधिवक्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज जी से भेंट की। इस दौरान खारे पानी की समस्या के स्थायी समाधान, गोवंश संरक्षण हेतु चारा आपूर्ति और अन्नपूर्णा मुहिम के तहत गरीबों की मदद पर सार्थक चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडलों का आगमन और मुख्य बिंदु
| क्रम | आगंतुक का नाम/ पद | स्थान (राज्य) | मुख्य चर्चा / सराहना का विषय |
| 1. | रतन सिंह (वरिष्ठ एडवोकेट व पूर्व प्रधान) | दादरी (हरियाणा) | जनकल्याणकारी मुहिम, धैर्य और समाज सेवा की पूरे प्रदेश में चर्चा। |
| 2. | गौशाला अध्यक्ष व ग्रामीण प्रतिनिधि | नवां की ढाणी, राजगढ़ (भिवानी-हरियाणा बॉर्डर) | भूखी गायों के लिए तत्काल चारा (तूड़ी) व्यवस्था कराने पर आभार। |
| 3. | ग्राम सरपंच व गौशाला संचालक | देवगढ़, चूरू (राजस्थान) | गौशाला के लिए चारा सहायता और जनहितैषी सामाजिक कार्यों की प्रशंसा। |
| 4. | गौशाला प्रधान, सरपंच व समाज कल्याण अधिकारी | मेहराणा, चूरू (राजस्थान) | 1500 गोवंश के लिए तूड़ी सहायता व सेम पीड़ितों को पाइपलाइन राहत। |
| 5. | ग्राम प्रधान, 30 सदस्यीय दल व पूर्व सैनिक (राम सेवक) | एटा (उत्तर प्रदेश) | गांवों में पीढ़ियों से खारे पानी की समस्या के समाधान हेतु सर्वे व ट्यूबवेल। |
“पूरे प्रदेश में आपके धैर्य और काम की चर्चा है”: संत रामपाल जी महाराज से मिलकर बोले वरिष्ठ अधिवक्ता रतन सिंह
हरियाणा के चरखी दादरी (चौरान खान बाड़ा) से पूर्व प्रधान व वरिष्ठ अधिवक्ता रतन सिंह अपने परिवार सहित आश्रम पहुंचे। उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा चलाई जा रही जनसेवा मुहिम की गूंज आज पूरे हरियाणा प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी जिस धैर्य और लगन से संत जी जनकल्याण कर रहे हैं, वह इतिहास के महान संतों और महापुरुषों के चरित्र की याद दिलाता है। उन्होंने महाराज जी के सामाजिक संकल्प के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया।
भिवानी के नवां की ढाणी से आए गौशाला प्रधान को मिला चारा संबल
भिवानी व राजगढ़ क्षेत्र के पास स्थित नवां की ढाणी से गौशाला अध्यक्ष आश्रम पहुंचे। उन्होंने बताया कि गौशाला में चारे की भारी कमी हो गई थी और गोवंश संकट में था। संत रामपाल जी महाराज जी के सामने अरदास लगाने के बाद गौशाला के लिए तुरंत चारा सहायता स्वीकृत की गई। अध्यक्ष ने कहा कि संकट के समय में संत रामपाल जी महाराज जी ने बेसहारा गोवंश के लिए पालनहार की तरह मदद पहुंचाई है।
राजस्थान के देवगढ़ से पहुंचे सरपंच ने रखी गोवंश की बात, बोले- “बिना किसी स्वार्थ के हो रही ऐसी सेवा कहीं नहीं देखी”
राजस्थान के चूरू जिले के देवगढ़ गांव से वर्तमान सरपंच और गौशाला प्रतिनिधि आश्रम पहुंचे। उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग और मूक पशुओं के लिए किए जा रहे कार्य बेहद सराहनीय हैं। सरपंच ने गौशाला के लिए तूड़ी (चारा) की मांग रखी, जिस पर महाराज जी ने उन्हें आश्वस्त किया कि गोवंश को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा उनके लिए हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
मेहराणा के 150 ग्रामीणों संग पहुंचे समाज कल्याण अधिकारी, देखी 20 ट्रॉली तूड़ी
राजस्थान के मेहराणा गांव से गौशाला प्रधान, सरपंच, पूर्व सरपंच और करीब 150 ग्रामीण बस भरकर सतलोक आश्रम पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में रामसरा व डाबीड़ी क्षेत्र में सेम पीड़ितों को पाइपलाइन देकर आश्रम ने जो उपकार किया, वह सरकारें भी नहीं कर पाई थीं। उन्होंने अपनी गौशाला के 1500 गोवंश के लिए मासिक तूड़ी का प्रबंध करने की विनती की।
इसी दौरान राजस्थान सरकार के समाज कल्याण अधिकारी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने रास्ते में किराड़ा गांव की गौशाला के लिए आश्रम से भेजी गई 20-20 ट्रैक्टर-ट्रॉली तूड़ी देखी, जिससे प्रभावित होकर वे स्वयं संत रामपाल जी महाराज जी के दर्शन करने आश्रम पहुंचे।
30 साल देश की सेवा करने वाले पूर्व सैनिक ने जब देखी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’, तो बोल पड़े- “यही है सच्चा धर्म”
उत्तर प्रदेश के एटा जिले से दो ग्राम पंचायतों के प्रधान, 30 सदस्यीय ग्रामीणों का दल और 30 साल सेना में सेवा दे चुके पूर्व सैनिक राम सेवक आश्रम पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि उनके क्षेत्र में पीढ़ियों से पीने का पानी खारा है, जिससे लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा था। संत रामपाल जी महाराज के निर्देश पर आश्रम की टीम ने गांव में बोरवेल और मीठे पानी के लिए सर्वे पूरा कर लिया है। प्रधान व पूर्व सैनिक ने आभार जताते हुए कहा कि जहां सरकारी तंत्र नाकाम रहा, वहां संत रामपाल जी महाराज जी ने ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ और पेयजल सेवा देकर भगवान के समान काम किया है।
आध्यात्मिक मार्गदर्शन और जनसेवा का संगम
चाहे उत्तर प्रदेश के गांवों में खारे पानी से जूझते लोगों को मीठा पानी उपलब्ध कराना हो, राजस्थान के सुदूर क्षेत्रों में हज़ारों बेसहारा गोवंश के लिए चारे की आपूर्ति सुनिश्चित करना हो, या जलभराव व सेम से बर्बाद होती ज़मीनों को पाइपलाइन से बचाना हो, संत रामपाल जी महाराज जी के सेवा कार्य यह स्पष्ट करते हैं कि सच्चा अध्यात्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। धरातल पर पीड़ित मानवता और मूक प्राणियों के आंसू पोंछने का यह निःस्वार्थ अभियान आज पूरे उत्तर भारत में सामाजिक सद्भाव और विश्वास का प्रतीक बन चुका है।



