संत रामपाल जी महाराज ने किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2 में झज्जर के गांव निवादा हेतु 15000 फीट पाइपलाइन स्वीकृत की

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हरियाणा राज्य के जिला झज्जर स्थित गांव निवादा (तहसील साल्हावास) में दो गंभीर समस्याएं कई वर्षों से बनी हुई थीं। वर्ष 1992-93 और वर्ष 1995 की भीषण बाढ़ के बाद से गांव के खेतों में बरसात के दौरान 3 से 4 फीट तक पानी भर जाता था। इससे लगभग 250 से 300 एकड़ (एक तरफ 100 से 125 किले और दूसरी तरफ 150 किले) कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न हो जाती थी। 

जल निकासी न होने से धान (जीरी) की फसलें नष्ट हो जाती थीं और खेतों में पटेरा (खरपतवार) उग आता था। आसपास के गांवों जैसे ढाकला, कासने और मुंडाड़ा की तरफ से भी पानी बहकर निवादा के खेतों में आ जाता था। झील के पास बने नाले की सफाई न होने तथा बंधान टूटने से समस्या और विकराल हो जाती थी। खेतों से ड्रेन की दूरी लगभग 12 से 14 किले है।

गांव में वर्ष 2000-2001 में ओम प्रकाश चौटाला के शासनकाल के दौरान सीमेंट/पत्थर की पेयजल पाइपलाइन दबाई गई थी। समय के साथ वह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त और जर्जर हो चुकी थी। रेडवास के नालों का गंदा पानी फटी हुई पाइपलाइन में मिक्स हो जाता था। गांव के बोरवेल का पानी खारा हो चुका था, जिसका टीडीएस (TDS) 2000 तक पहुंच गया था। 

स्वास्थ्य जांच अधिकारियों ने इस पानी को स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक घोषित किया हुआ था। इस कारण ग्रामीण 15-16 वर्षों से 2 से 3 किलोमीटर दूर स्थित तीसरे गांव (जैसे चढ़वाना, रेडवास, या कनवा पीर बाबा स्थान) से सिर पर, मोटरसाइकिल पर, साइकिल पर अथवा पैदल जाकर पीने का पानी लाने को मजबूर थे।

ग्राम पंचायत की प्रार्थना और संत रामपाल जी महाराज का आदेश

गांव निवादा की ग्राम पंचायत ने इन दोनों स्थायी समस्याओं के समाधान हेतु संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रार्थना प्रस्तुत की।

  • प्रारंभिक मांग: ग्राम पंचायत ने जल निकासी के लिए 4,400 फीट 8 इंच पाइपलाइन और एक 10 एचपी मोटर तथा शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए 8,000 फीट 6 इंच पाइपलाइन और एक 10 एचपी सबमर्सिबल मोटर की मांग रखी थी।
  • सर्वे टीम द्वारा निरीक्षण: संत रामपाल जी महाराज ने ग्राम पंचायत की प्रार्थना स्वीकार करते हुए तुरंत अपनी तकनीकी सर्वे टीम को गांव निवादा भेजा।
  • तकनीकी जांच: सर्वे टीम ने ड्रोन कैमरे और गूगल मैप (Google Maps) के माध्यम से प्रभावित खेतों, जल भराव वाले क्षेत्रों, सरकारी मेडिकल कॉलेज के पास स्थित नाले तथा 3 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन का हवाई व जमीनी सर्वेक्षण किया।

सर्वे रिपोर्ट और स्वीकृत सामग्री का विवरण

तकनीकी सर्वे के उपरांत सर्वे टीम ने वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन कर रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत की। संत रामपाल जी महाराज ने किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2, शुद्ध पेयजल सेवा अभियान तथा अन्नपूर्णा मुहिम के तहत निवादा गांव के लिए संशोधित सहायता स्वीकृत की:

  • कृषि जल निकासी हेतु (किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2):
  • 5,000 फीट लंबी 8 इंच पीवीसी पाइपलाइन (पंचायत की 4,400 फीट मांग से अधिक)।
  • 10 एचपी की 1 नई इलेक्ट्रिक मोटर (गांव के पास 1 पुरानी मोटर पहले से उपलब्ध थी)।
  • शुद्ध पेयजल व्यवस्था हेतु (शुद्ध पेयजल सेवा अभियान):
  • 10,000 फीट लंबी 6 इंच पीवीसी पाइपलाइन (3 किलोमीटर दूरी कवर करने हेतु, पंचायत की 8,000 फीट मांग से अधिक)।
  • 10 एचपी की सबमर्सिबल मोटर (वर्तमान 5 एचपी मोटर 3 किमी दूरी तक पानी पहुंचाने में असमर्थ थी)।
  • 2,000 लीटर प्रति घंटा क्षमता का आरओ (RO) प्लांट।
  • सहायक सामग्री (एक्सेसरीज):
  • एयर वाल्व, पीवीसी बैंड, पीवीसी पाइप, फेविकोल, नट-बोल्ट, टी-टैग, लोहे की प्लेटें, जॉइंट्स और अन्य आवश्यक सामग्री।

कार्य निष्पादन प्रक्रिया एवं शर्ते

संत रामपाल जी महाराज ने सामग्री वितरण के साथ-साथ कार्य को सही ढंग से पूरा करने हेतु स्पष्ट निर्देश जारी किए:

  • ग्राम पंचायत तथा ग्रामीण सबसे पहले 15,000 फीट पाइपलाइन को भूमिगत (Underground) करेंगे।
  • पाइपलाइन बिछाने के बाद बिना लीकेज सुनिश्चित किए उसमें पानी का परीक्षण किया जाएगा।
  • इसके उपरांत एयर वाल्व स्थापित कर पाइपलाइन पर मिट्टी डाली जाएगी।
  • भूमिगत कार्य पूर्ण होने के पश्चात ग्राम पंचायत द्वारा सूचित किए जाने पर सर्वे टीम पुनः निरीक्षण करेगी।
  • निरीक्षण में कार्य सही पाए जाने पर संत रामपाल जी महाराज के आदेश से दोनों 10 एचपी की मोटरें गांव को सौंप दी जाएंगी।

सहायता विवरण तालिका

श्रेणीग्राम पंचायत की मांगसर्वे एवं संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकृत
जल निकासी पाइपलाइन (8 इंच)4,400 फीट5,000 फीट
पेयजल पाइपलाइन (6 इंच)8,000 फीट10,000 फीट (लगभग 3 किमी)
जल निकासी मोटर10 एचपी (1 इकाई)10 एचपी (1 इकाई)
पेयजल सबमर्सिबल मोटर10 एचपी (1 इकाई)10 एचपी (1 इकाई)
शुद्ध पेयजल संयंत्रउल्लिखित नहीं2,000 लीटर क्षमता का आरओ प्लांट
अन्य सहायक सामग्रीकेवल पाइपएयर वाल्व, बैंड, फेविकोल, नट-बोल्ट, प्लेट्स, टी-टैग

गांव निवादा में सामग्री आगमन और ग्रामीणों का अनुभव

संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत राहत सामग्री से भरे वाहनों को गांव निवादा भिजवाया।

  • स्वागत: ग्रामीणों और ग्राम पंचायत ने ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर गांव की सीमा पर सामग्री का स्वागत किया।
  • ग्रामीणों की प्रतिक्रिया: सरपंच और ग्रामीणों ने बताया कि सरकार में अनेक प्रस्ताव देने के बावजूद 15 वर्षों से खारे पानी की समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ था।
  • अन्नपूर्णा मुहिम का प्रभाव: संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से खेतों के जल भराव और खारे पानी के संकट दोनों का स्थायी समाधान कर दिया, जिससे 250-300 एकड़ कृषि भूमि उपजाऊ बनेगी और ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल प्राप्त होगा।

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