बड़ेसरा, भिवानी, हरियाणा: हरियाणा के भिवानी जिले के गांव बड़ेसरा में भारी वर्षा के कारण कृषि भूमि पर गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्राम पंचायत और ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लगभग 1,500 से 2,000 एकड़ कृषि क्षेत्र पानी में डूब गया था। इनमें करीब 1,500 एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसलों के लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से नुकसान की स्थिति बनी हुई थी।
जलभराव की समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सहायता की प्रार्थना प्रस्तुत की। उनके निर्देश पर सर्वे टीम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और रिपोर्ट के आधार पर किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत 4,200 फीट पाइपलाइन, दो 10 एचपी मोटर और आवश्यक ड्रेनेज एक्सेसरीज़ उपलब्ध कराई गईं।
1,500 से 2,000 एकड़ कृषि भूमि में जलभराव
भारी बारिश के बाद बड़ेसरा गांव के बड़े कृषि क्षेत्र में पानी जमा हो गया था। स्थानीय जानकारी के अनुसार, कुल प्रभावित कृषि क्षेत्र लगभग 1,500 से 2,000 एकड़ था।
लगभग 1,500 एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसलें पानी में डूब गई थीं। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने के कारण फसलों के खराब होने की आशंका बढ़ गई थी। इसके साथ ही आगामी फसल की समय पर बिजाई को लेकर भी किसानों के सामने चिंता उत्पन्न हो गई थी।
जलभराव के कारण किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की तत्काल आवश्यकता थी, ताकि कृषि भूमि को दोबारा खेती के योग्य बनाया जा सके।
बड़ेसरा में पहले भी दी जा चुकी है सहायता
बड़ेसरा गांव में जलभराव की समस्या नई नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पूर्व में भी भारी बारिश के कारण गांव के एक हिस्से में ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई थी। उस समय संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से गांव को 5 मोटरें और 12,000 फीट पाइप उपलब्ध कराए थे। इन उपकरणों की सहायता से प्रभावित क्षेत्र से पानी निकालने का कार्य किया गया था। वर्तमान वर्ष में गांव के दूसरे हिस्से में दोबारा गंभीर जलभराव होने के बाद ग्राम पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज से सहायता मांगी।
ग्राम पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज से मांगी सहायता
जलभराव से परेशान होकर गांव के सरपंच भूप सिंह और ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सहायता के लिए पहुंचे। ग्राम पंचायत ने जल निकासी के लिए प्रारंभिक रूप से चार मोटर और 5,000 फीट पाइप की मांग रखी थी।
प्रार्थना प्राप्त होने के बाद संत रामपाल जी महाराज ने प्रभावित क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकता का आकलन करने के लिए एक विशेष सर्वे टीम को गांव भेजने के निर्देश दिए।
संत रामपाल जी महाराज के आदेश पर हुआ जमीनी सर्वे
सर्वे टीम ने बड़ेसरा पहुंचकर जलभराव से प्रभावित खेतों और पानी की निकासी के संभावित मार्ग का विस्तृत जमीनी निरीक्षण किया।
तकनीकी मूल्यांकन के बाद आवश्यक पाइपलाइन और मोटरों की संख्या निर्धारित की गई। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, जल निकासी के लिए 4,200 फीट 8 इंच की PVC पाइपलाइन और दो 10 एचपी मोटरें पर्याप्त पाई गईं। रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद उन्होंने राहत सामग्री को स्वीकृति प्रदान की।
48 घंटे में गांव पहुंची राहत सामग्री
इस राहत कार्य की प्रमुख विशेषता इसकी त्वरित आपूर्ति रही। ग्राम पंचायत द्वारा प्रार्थना प्रस्तुत किए जाने के लगभग 48 घंटे के भीतर संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकृत आवश्यक सामग्री बड़ेसरा गांव पहुंचा दी गई।
उनके निर्देश पर सेवादारों ने पाइपलाइन, मोटरों और ड्रेनेज सिस्टम में उपयोग होने वाली विभिन्न एक्सेसरीज़ को गांव तक पहुंचाया। राहत सामग्री से भरे वाहनों का काफिला मंगलाचरण के साथ गांव पहुंचा। सरपंच भूप सिंह और ग्रामीणों ने सेवादारों का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया।
बड़ेसरा जलभराव राहत कार्य का सारांश
| विवरण | तथ्य और आंकड़े |
| राज्य और जिला | हरियाणा, जिला भिवानी |
| प्रभावित गांव | बड़ेसरा |
| प्रभावित कृषि क्षेत्र | लगभग 1,500–2,000 एकड़ |
| प्रारंभिक मांग | 5,000 फीट पाइप और 4 मोटर |
| स्वीकृत पाइपलाइन | 4,200 फीट, 8 इंच PVC |
| स्वीकृत मोटर | 2 मोटर, 10 एचपी प्रत्येक |
| सहायक सामग्री | स्टार्टर, वायर, PVC/लोहे के बैंड, रिड्यूसर, एयर वाल्व, प्लेटें, फ्लैंज, नट-बोल्ट आदि |
| आपूर्ति समय | प्रार्थना के 48 घंटे के भीतर |
| मुख्य योजना | किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2 |
| पूर्व सहायता | 5 मोटरें और 12,000 फीट पाइप |
संपूर्ण ड्रेनेज असेंबली सामग्री उपलब्ध कराई गई
संत रामपाल जी महाराज द्वारा ग्राम पंचायत को केवल मुख्य पाइपलाइन और मोटर ही नहीं, बल्कि ड्रेनेज सिस्टम की स्थापना के लिए आवश्यक सहायक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
इसमें L&T कंपनी के स्टार्टर, इलेक्ट्रिक कनेक्शन वायर, 20-20 फीट की PVC सुंडियां, PVC बैंड, लोहे के बैंड, रिड्यूसर, स्लोचन/फेविकोल, एयर वाल्व, जैन क्लिप, PVC एवं लोहे की प्लेटें, स्टील के नट-बोल्ट और फ्लैंज शामिल हैं।
ग्राम पंचायत के अनुसार, सामग्री इतनी व्यापक थी कि ग्रामीणों को ड्रेनेज सिस्टम की स्थापना के लिए बाहर से छोटी या बड़ी अतिरिक्त एक्सेसरीज़ खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
सरपंच और ग्रामीणों ने जताया आभार
सामग्री प्राप्त होने के अवसर पर सरपंच भूप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत सहायता की मांग लेकर गई थी और इसके बाद 48 घंटे के भीतर आवश्यक सामग्री गांव तक पहुंच गई।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी प्रक्रियाओं में कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और सहायता मिलने में समय लग सकता है। वहीं, संत रामपाल जी महाराज के माध्यम से उन्हें त्वरित रूप से ड्रेनेज सामग्री उपलब्ध हुई।
कुछ ग्रामीणों ने उनके किसान हितैषी कार्यों की तुलना ऐतिहासिक किसान नेता सर छोटूराम से भी की। यह तुलना ग्रामीणों की प्रतिक्रिया के रूप में सामने आई।
जल निकासी से कृषि क्षेत्र को संभावित राहत
4,200 फीट 8 इंच PVC पाइपलाइन और दो 10 एचपी मोटरों की सहायता से खेतों में जमा पानी को निकालने की व्यवस्था की गई। इसका उद्देश्य लगभग 1,500 एकड़ में प्रभावित खड़ी फसलों को लंबे समय तक जलमग्न रहने से बचाना और खेतों को आगामी फसल के लिए समय पर तैयार करना है।
समय पर जल निकासी होने से खेतों में दोबारा कृषि कार्य शुरू करने की संभावना बढ़ती है। इसका प्रभाव किसानों के साथ-साथ खेतिहर मजदूरों और पशुपालकों की आजीविका पर भी पड़ सकता है, क्योंकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था कृषि गतिविधियों से सीधे जुड़ी होती है।
किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत सहायता
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत बड़ेसरा में यह राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से अब तक 100 से अधिक गांवों में बाढ़ और जलभराव से संबंधित राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त, शुद्ध पेयजल सेवा अभियान और पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान के माध्यम से भी विभिन्न राज्यों में जल संबंधी सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है।
छोटे किसानों के लिए निशुल्क खाद, बीज और दवा योजना
संत रामपाल जी महाराज द्वारा छोटे और जरूरतमंद किसानों के लिए निशुल्क खाद, बीज और कृषि दवाइयां उपलब्ध कराने की योजना की भी जानकारी दी गई। बताई गई योजना के अनुसार, ढाई एकड़ तक भूमि वाले किसानों को सहायता प्रदान की जाती है। इसके लिए आधार कार्ड, बायोमेट्रिक सत्यापन और ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल से संबंधित प्रक्रिया बताई गई है। सहायता संबंधी जानकारी के लिए 9992600931 और 9992600932 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत अन्य सहायता
संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत असहाय परिवारों को सहायता प्रदान करने की जानकारी भी दी गई है। इसमें एक महीने की राशन किट, गैस सिलेंडर, रसोई का सामान, बच्चों की पढ़ाई और चिकित्सा खर्च जैसी सहायता शामिल होने की बात कही गई है। बड़ेसरा में पहले भी अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से पांच मोटर और 12,000 फीट पाइप उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है।
बड़ेसरा में जलभराव से राहत की दिशा में कदम
बड़ेसरा गांव में 4,200 फीट पाइपलाइन और दो 10 एचपी मोटरों की आपूर्ति के साथ जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य जलभराव से प्रभावित कृषि भूमि से पानी निकालना और खेतों को आगामी फसल के लिए तैयार करने में सहायता करना है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, इस राहत सामग्री से लगभग 1,500 एकड़ में प्रभावित खड़ी फसलों को लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से बचाने और किसानों को आगामी फसल की तैयारी के लिए समय उपलब्ध कराने में सहायता मिल सकती है।



