गिजाड़ौद, झज्जर, हरियाणा: झज्जर जिले की झज्जर तहसील के गांव गिजाड़ौद में बाबा भैया वाले जोहड़ के ओवरफ्लो होने से उत्पन्न जलभराव की समस्या के समाधान के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा ड्रेनेज सामग्री उपलब्ध कराई गई। बारिश के मौसम में जोहड़ का जलस्तर बढ़ने के कारण गंदा पानी आसपास के रिहायशी क्षेत्रों और कृषि भूमि में फैल रहा था।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, इस जलभराव से बीपीएल कॉलोनी, ग्रामीणों के मकानों और लगभग 10 से 11 एकड़ कृषि भूमि पर प्रभाव पड़ा। समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष जल निकासी व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
बाबा भैया वाले जोहड़ के ओवरफ्लो से जलभराव
बारिश के दौरान बाबा भैया वाले जोहड़ का जलस्तर बढ़ने से पानी आसपास के क्षेत्रों में फैल गया था। ओवरफ्लो होकर निकला गंदा पानी समीप स्थित बीपीएल कॉलोनी और ग्रामीणों के मकानों तक पहुंच गया।
स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुसार, कई स्थानों पर पानी घरों के आसपास और अंदर तक भर गया था, जिससे लोगों का सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ। जलभराव के कारण रास्तों पर आवाजाही मुश्किल हो गई थी और रिहायशी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
10 से 11 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न
जलभराव का असर गांव की कृषि भूमि पर भी पड़ा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लगभग 10 से 11 एकड़ कृषि क्षेत्र पानी में डूब गया था।
इन खेतों में धान की खड़ी फसल होने के कारण किसानों को फसल खराब होने की आशंका थी। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ आगामी दो से तीन महीनों में होने वाली गेहूं की बुआई को लेकर भी चिंता उत्पन्न हो गई थी।
यदि खेत समय पर सूख नहीं पाते, तो किसानों के लिए अगली फसल की तैयारी और समय पर बुआई करना मुश्किल हो सकता था।
गंदे पानी से स्वास्थ्य संबंधी चिंता
लंबे समय तक जमा रहे गंदे बरसाती पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों और अन्य कीटाणुओं के बढ़ने की स्थिति भी बताई गई। स्थानीय स्तर पर इसे संक्रामक बीमारियों के संभावित खतरे से जोड़कर देखा गया।
बीपीएल कॉलोनी और रिहायशी क्षेत्रों के आसपास पानी जमा होने के कारण जल निकासी को केवल कृषि समस्या ही नहीं, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे और स्वच्छता से जुड़ी आवश्यकता के रूप में भी देखा गया।
ग्राम पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज से मांगी सहायता
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गिजाड़ौद की ग्राम पंचायत ने किसान मजदूर बचाओ अभियान के तहत संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
गांव के सरपंच नरेश कुमार कथित तौर पर रविवार को जल निकासी की मांग लेकर संत रामपाल जी महाराज के समक्ष पहुंचे। प्रार्थना प्रस्तुत किए जाने के बाद संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार तकनीकी सर्वे टीम को गांव भेजा गया। स्थानीय जानकारी के अनुसार, यह टीम प्रार्थना प्रस्तुत किए जाने के लगभग 24 घंटे के भीतर गांव पहुंची।
24 घंटे के भीतर तकनीकी सर्वे
सर्वे टीम ने बाबा भैया वाले जोहड़, बीपीएल कॉलोनी, जलमग्न रिहायशी क्षेत्रों और प्रभावित कृषि भूमि का जमीनी निरीक्षण किया। टीम ने पानी निकासी के संभावित मार्ग का भी तकनीकी मूल्यांकन किया। सर्वे में बाबा भैया वाले जोहड़ से दूसरे जोहड़ तक लगभग 5,200 फुट लंबे मार्ग की जांच की गई, जिसके माध्यम से जमा पानी को आगे निकाला जाना प्रस्तावित था।
ग्राम पंचायत ने प्रारंभ में 5,000 फुट पाइपलाइन और दो 10 एचपी मोटरों की आवश्यकता बताई थी। हालांकि, सर्वे के बाद तकनीकी टीम ने 5,200 फुट 8 इंच पाइपलाइन और एक 10 एचपी मोटर को पर्याप्त बताया। सर्वे रिपोर्ट पर सरपंच नरेश कुमार और ग्राम पंचायत द्वारा सहमति व्यक्त किए जाने के बाद रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत की गई।
संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल दी स्वीकृति
सर्वे रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संत रामपाल जी महाराज ने ड्रेनेज व्यवस्था के लिए प्रार्थना को स्वीकृति प्रदान की। उनके आदेश पर आवश्यक पाइपलाइन, मोटर और ड्रेनेज असेंबली से संबंधित सामग्री गांव तक भेजी गई। स्थानीय जानकारी के अनुसार, स्वीकृति के तीसरे दिन सेवादार पूरी सामग्री लेकर गिजाड़ौद पहुंचे।
सामग्री सौंपने से पहले सेवादारों ने संत रामपाल जी महाराज का स्वरूप स्थापित कर मंगलाचरण किया। इसके बाद ग्रामीणों और ग्राम पंचायत सदस्यों ने सेवादारों का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया।
ड्रेनेज सामग्री का पूरा पैकेज उपलब्ध कराया गया
संत रामपाल जी महाराज द्वारा ग्राम पंचायत को बिना किसी शुल्क के विभिन्न प्रकार की ड्रेनेज सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसमें मुख्य रूप से 5,200 फुट 8 इंच की PVC पाइपलाइन और 10 एचपी क्षमता की एक जल निकासी मोटर शामिल है।
इसके साथ L&T कंपनी का स्टार्टर, इलेक्ट्रिकल वायर, 20 फुट लंबी सुंडिया (सक्शन पाइप), PVC पाइप और PVC बैंड, लोहे के बैंड और प्लेट, फेविकॉल, जैन गैस्केट/सील, एयर वाल्व, रिड्यूसर, स्टील के नट-बोल्ट तथा अन्य कनेक्टिंग ड्रेनेज एक्सेसरीज़ भी उपलब्ध कराई गईं।
गिजाड़ौद ड्रेनेज परियोजना का सारांश
| सामग्री/व्यवस्था | ग्राम पंचायत की प्रारंभिक मांग | सर्वे के बाद उपलब्ध सामग्री |
| ड्रेनेज पाइपलाइन | 5,000 फुट | 5,200 फुट, 8 इंच PVC |
| जल निकासी मोटर | 2 × 10 एचपी | 1 × 10 एचपी |
| स्टार्टर | — | L&T स्टार्टर |
| इलेक्ट्रिकल वायर | — | उपलब्ध |
| सक्शन पाइप | — | 20 फुट सुंडिया |
| एयर वाल्व एवं रिड्यूसर | — | उपलब्ध |
| कनेक्टिंग सामग्री | — | PVC/लोहे के बैंड, प्लेट आदि |
| फास्टनर्स | — | स्टील नट-बोल्ट |
| सीलिंग/जॉइनिंग सामग्री | — | फेविकॉल एवं जैन गैस्केट/सील |
ग्राम पंचायत ने मौके पर सामग्री प्राप्त की
सामग्री गांव पहुंचने के बाद ग्राम पंचायत ने मौके पर 5,200 फुट पाइपलाइन, 10 एचपी मोटर और अन्य ड्रेनेज असेंबली सामग्री प्राप्त की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत को केवल मुख्य पाइप और मोटर ही नहीं, बल्कि पाइपलाइन की स्थापना और कनेक्शन के लिए आवश्यक सहायक सामग्री भी प्रदान की गई। इससे प्रस्तावित जल निकासी व्यवस्था को स्थापित करने के लिए आवश्यक तकनीकी सामग्री एक ही पैकेज में उपलब्ध हुई।
बीपीएल कॉलोनी और कृषि भूमि को जलभराव से राहत की योजना
प्रस्तावित ड्रेनेज व्यवस्था के तहत बाबा भैया वाले जोहड़ और उसके आसपास जमा गंदे बरसाती पानी को लगभग 5,200 फुट दूर स्थित दूसरे जोहड़ की ओर निकाला जाना है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य बीपीएल कॉलोनी और रिहायशी मकानों के आसपास जमा पानी को हटाना है। जल निकासी होने से सड़कों और आवासीय रास्तों पर पानी का स्तर कम होने की उम्मीद है।
कृषि क्षेत्र के संदर्भ में, पानी की निकासी से 10 से 11 एकड़ में जलभराव की स्थिति कम करने और धान की खड़ी फसल को लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से बचाने का प्रयास किया जाएगा। खेतों के समय पर सूखने से आगामी गेहूं की फसल के लिए भूमि तैयार करने में भी सहायता मिल सकती है।
संत रामपाल जी महाराज की अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं
सामग्री हस्तांतरण के दौरान संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक और जनकल्याणकारी अभियानों की जानकारी भी दी गई। किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2, शुद्ध पेयजल सेवा अभियान और पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान के माध्यम से उनके द्वारा जल संकट और बाढ़ से प्रभावित गांवों में ड्रेनेज तथा पेयजल संबंधी सहायता पहुंचाने का दावा किया गया है।
इसके अतिरिक्त, छोटे किसानों के लिए ढाई एकड़ तक की कृषि भूमि हेतु निशुल्क खाद, बीज और कृषि दवाइयां उपलब्ध कराने की योजना की भी जानकारी दी गई। योजना संबंधी पात्रता और पंजीकरण के लिए आधार कार्ड तथा ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण की आवश्यकता बताई गई है।
गिजाड़ौद में जल निकासी समाधान की ओर कदम
गिजाड़ौद में 5,200 फुट पाइपलाइन और 10 एचपी मोटर सहित आवश्यक ड्रेनेज सामग्री पहुंचने के बाद परियोजना अब स्थापना के चरण की ओर बढ़ रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के माध्यम से बाबा भैया वाले जोहड़ से अतिरिक्त बरसाती पानी को दूसरे जोहड़ तक पहुंचाने की योजना है। इससे बीपीएल कॉलोनी और रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव कम करने के साथ-साथ प्रभावित कृषि भूमि से पानी निकालने में मदद मिलने की उम्मीद है।
परियोजना का अंतिम प्रभाव पाइपलाइन की स्थापना, मोटर के संचालन और जल निकासी व्यवस्था के नियमित रखरखाव पर निर्भर करेगा। स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के लिए एक संरचनात्मक समाधान के रूप में लागू की जा रही है।
अन्नपूर्णा मुहिम और अन्य सामाजिक कार्य
संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत गरीब और असहाय परिवारों के लिए भोजन, वस्त्र, मकान निर्माण, बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा सहायता जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती है। उनके द्वारा नशामुक्त समाज निर्माण के लिए जन-जागरूकता और सामाजिक गतिविधियां संचालित की जाती है।



