हरियाणा राज्य के सोनीपत जिले की गोहाना तहसील में स्थित मिर्जापुर खेड़ी गांव में पिछले लगभग दो से तीन वर्षों से गांव का मुख्य तालाब पूरी तरह सूखा पड़ा था। इस स्थिति के कारण गांव के पशुधन के लिए पीने और नहाने के पानी की गंभीर किल्लत उत्पन्न हो गई थी। तालाब ही गांव के मवेशियों के लिए जल प्राप्ति का मुख्य स्रोत था, किंतु पर्याप्त एवं स्वच्छ जल की अनुपलब्धता के कारण पशुपालकों को अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। गंदे अथवा अपर्याप्त पानी के प्रयोग से पशुओं के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ने का जोखिम बना हुआ था।
इस दीर्घकालिक समस्या के स्थायी समाधान हेतु गांव की ग्राम पंचायत तथा ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत संचालित ‘पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान’ के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
तकनीकी सर्वे टीम द्वारा स्थल निरीक्षण
ग्राम पंचायत द्वारा मिर्जापुर खेड़ी के तालाब तक पास में स्थित ड्रेन से स्वच्छ पानी लाने हेतु प्रारंभिक स्तर पर लगभग 5000 फुट पाइपलाइन तथा एक मोटर की आवश्यकता का अनुमान व्यक्त किया गया था।
संत रामपाल जी महाराज ने प्रार्थना स्वीकार करते हुए गांव में तकनीकी सर्वे टीम भेजी। रविवार को आश्रम में दी गई प्रार्थना के पश्चात दूसरे-तीसरे दिन ही सर्वे टीम गांव मिर्जापुर खेड़ी पहुंची। सर्वे टीम ने तालाब से लेकर निकटवर्ती ड्रेन तक के पूरे मार्ग का सूक्ष्म तकनीकी निरीक्षण एवं सटीक मापन किया:
- तकनीकी माप: सर्वे के दौरान ड्रेन से तालाब तक की वास्तविक दूरी 4400 फुट 8 इंच पाइपलाइन तथा एक 7.5 एचपी (HP) क्षमता की मोटर पाई गई।
- संतुष्टि: ग्राम पंचायत तथा ग्रामीणों ने सर्वे टीम द्वारा किए गए इस सटीक एवं वैज्ञानिक आकलन पर पूर्ण प्रसन्नता एवं संतुष्टि व्यक्त की।
- द्विमार्गी उपयोगिता: इस पाइपलाइन प्रणाली की मुख्य विशेषता यह है कि सूखा पड़ने पर इसके द्वारा ड्रेन से स्वच्छ जल तालाब में लाया जा सकेगा, तथा अत्यधिक वर्षा के समय तालाब में गंदा या अतिरिक्त पानी जमा होने पर इसी पाइपलाइन के माध्यम से पानी को बाहर ड्रेन में निकाला जा सकेगा।
मिर्जापुर खेड़ी गांव में राहत सामग्री एवं सहायता का वितरण
सर्वे टीम की विस्तृत रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसके उपरांत सहायता प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई। प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने के मात्र तीन से चार दिनों के भीतर ही राहत सामग्री से भरा वाहन मिर्जापुर खेड़ी गांव पहुंच गया।
संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम तथा ‘पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान’ के तहत मिर्जापुर खेड़ी ग्राम पंचायत को निम्नलिखित सामग्री एवं उपकरण प्रदान किए:
- मुख्य उपकरण: 4400 फुट 8 इंची पाइपलाइन तथा 1 संख्या 7.5 एचपी (HP) क्षमता की मोटर।
- विद्युत एवं नियंत्रण प्रणाली: एलएंडटी (L&T) कंपनी का स्टार्टर तथा विद्युत कनेक्शन वायर।
- पाइप संयोजन सामग्री: 20-20 फीट की सुंडियां (सक्शन पाइप), पीवीसी (PVC) पाइप, पीवीसी बैंड, तथा लोहे के बैंड।
- सुरक्षा एवं सहायक उपकरण: फेविकॉल (चिपकाने हेतु), एयर वाल्व, डस्टर, पीवीसी प्लेट, लोहे की प्लेट, जेन (गैस्केट), क्लिप, तथा स्टील के नट-बोल्ट।
गांव में राहत सामग्री पहुंचने पर ग्रामीणों एवं बुजुर्गों ने पुष्पवर्षा एवं फूल-मालाओं के साथ सेवादारों एवं संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप का स्वागत किया तथा मंगलाचरण का पाठ किया।
सामाजिक प्रतिक्रिया, किसान यूनियन एवं अन्य कल्याणकारी योजनाएं
सामग्री वितरण के अवसर पर गांव के सरपंच, ग्रामीणों तथा भारतीय किसान यूनियन (कैथल, जिला) से आए प्रतिनिधि मनजीत (गांव करोड़ा) ने संत रामपाल जी की महिमा करते हुए अपने विचार रखे।
राहत वितरण के दौरान निम्नलिखित बिंदु रेखांकित किए गए:
- पारदर्शिता: संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी जाने वाली सहायता पूरी तरह से नि:शुल्क है। इसके लिए किसी भी प्रकार का चंदा, पर्ची या शुल्क नहीं लिया जाता और न ही किसी विशेष सिफारिश की आवश्यकता होती है।
- किसान यूनियन का समर्थन: किसान नेता मनजीत ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हजारों गांवों की मदद करने, नशा मुक्ति, दहेज मुक्त विवाह (रमैनी), तथा सामाजिक कल्याण हेतु चलाए जा रहे कार्यों का किसान यूनियन पूर्ण समर्थन करती है।
- अन्य नि:शुल्क कल्याणकारी सेवाएं: संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत 2.5 एकड़ (ढाई एकड़) या 5 एकड़ तक की भूमि वाले छोटे किसानों के लिए फ्री खाद, बीज एवं दवाइयां उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके लिए किसान का आधार कार्ड, जमीन की फरद तथा ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ में नाम दर्ज होना अनिवार्य है।
- अतिरिक्त सामाजिक कार्य: असहाय एवं गरीब परिवारों के लिए नि:शुल्क मकान निर्माण, बच्चों की शिक्षा तथा चिकित्सीय उपचार की व्यवस्था भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा की जा रही है। अब तक 100 से अधिक गांवों में ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2’, ‘शुद्ध पेयजल सेवा अभियान’ एवं ‘पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान’ के तहत राहत कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।
मिर्जापुर खेड़ी गांव में जल संकट का स्थायी समाधान
| विवरण / मापदंड | मिर्जापुर खेड़ी गांव हेतु स्वीकृत एवं वितरित आंकड़े |
| स्थान / गांव | मिर्जापुर खेड़ी, तहसील गोहाना, जिला सोनीपत (हरियाणा) |
| अभियान का नाम | पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान / किसान मजदूर बचाओ अभियान (फेज़ 2) |
| समस्या की अवधि | पिछले 2 से 3 वर्षों से गांव का तालाब सूखा |
| अनुमानित बनाम स्वीकृत पाइपलाइन | ग्रामीणों का अनुमान: 5000 फीट | स्वीकृत: 4400 फीट 8 इंची पाइपलाइन |
| प्रदान की गई मोटर क्षमता | 1 संख्या 7.5 एचपी (HP) मोटर |
| विद्युत उपकरण ब्रांड | एलएंडटी (L&T) स्टार्टर एवं कनेक्शन वायर |
| सहायक उपकरण | 20 फीट सुंडियां, पीवीसी/लोहे के बैंड, एयर वाल्व, फेविकॉल, स्टील नट-बोल्ट आदि |
| कुल सहायता शुल्क | 100% नि:शुल्क (बिना चंदा/पर्ची के) |
जल सुरक्षा से पशुधन एवं ग्रामीणों को प्राप्त राहत
संत रामपाल जी महाराज द्वारा मिर्जापुर खेड़ी ग्राम पंचायत को 4400 फुट पाइपलाइन, 7.5 एचपी की मोटर एवं समस्त आवश्यक एसेसरीज प्रदान किए जाने से गांव के तालाब में नियमित रूप से स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है।
इस स्थायी व्यवस्था से जहां एक ओर पशुधन को पीने एवं नहाने हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध होगा, वहीं दूसरी ओर जल की कमी से पशुओं में होने वाली बीमारियों का खतरा भी समाप्त होगा। इसके अतिरिक्त, वर्षा ऋतु के दौरान तालाब में अत्यधिक जल भराव होने पर जल निकासी की सुविधा भी बनी रहेगी। निःसन्देह संत रामपाल जी द्वारा मिर्ज़ापुर खेड़ी गांव में दी गई मदद सराहनीय है।



