मसूदपुर में सरकारी तंत्र फेल, संत रामपाल जी महाराज ने 5260 फुट पाइपलाइन से बदली किसानों की तकदीर

Published on

spot_img

रोहतक (मसूदपुर): रोहतक जिले के तहसील कलानौर के गांव मसूदपुर की फिजा बदली हुई है। यहां की गलियों में गूंजता ‘संत रामपाल जी महाराज की जय’ का उद्घोष किसी धार्मिक आयोजन का नहीं, बल्कि उन किसानों की विजय का है जो पिछले तीन दशकों से अपने खेतों को तालाब में तब्दील होते देख रहे थे। जब सरकारी फाइलों और अधिकारियों के चक्कर काटकर मसूदपुर की पंचायत थक गई, तब एक अंतिम उम्मीद के साथ उन्होंने जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के दरबार में अरदास लगाई। आज नतीजा सबके सामने है, मसूदपुर की सीमा में जैसे ही पाइपों से लदे ट्रक दाखिल हुए, पूरे गाँव की आंखे छलक उठी।

30 साल का दंश और सिस्टम की बेरुखी

मसूदपुर गांव भौगोलिक रूप से एक ऐसी मार झेल रहा था जहाँ जलभराव की समस्या स्थाई हो चुकी थी। पिछले 20-30 सालों से यहाँ के खेत बाढ़ के पानी में डूबे रहते थे।

सरकारी दफ्तरों के अंतहीन चक्कर

ग्रामीणों के अनुसार, वे बार-बार सरकार और प्रशासन के द्वार पर गए। लेकिन वहाँ से उनकी जरूरत के अनुसार कोई स्थाई समाधान प्राप्त न हो सका। अधिकारियों के चक्कर काटते-काटते किसानों की पूरी पीढ़ी कर्ज और बर्बादी की भेंट चढ़ गई।

जब उम्मीदें जवाब दे गईं

इस बार भी हालात बेकाबू थे। स्कूल पानी में डूबे थे, डिस्पेंसरी बंद थी और पशुओं के लिए चारा तक नहीं बचा था। इसी संकट के बीच जिला पार्षद (वार्ड 10, रोहतक) जयदेव डागर और सरपंच की अगुवाई में गांव ने संत रामपाल जी महाराज की कमेटी के पास जाकर संत रामपाल जी महाराज के चरणों में अपनी परेशानी रखने का निर्णय लिया । 

संत रामपाल जी महाराज ने प्रार्थना स्वीकार की

संत रामपाल जी महाराज ने गांव की इस करुण पुकार को न केवल सुना, बल्कि महज सात दिनों के भीतर राहत सामग्री का जखीरा गांव पहुंचा दिया।

राहत सामग्री का तकनीकी विवरण

यह सहायता कोई प्रतीकात्मक मदद नहीं, बल्कि एक पूर्ण इंजीनियरिंग समाधान है। महाराज जी की ओर से निम्नलिखित सामान भेजा गया:

  • 5260 फुट लंबी पाइपलाइन: जो 8 इंच व्यास की है और खेतों से पानी को मुख्य निकासी तक ले जाएगी।
  • शक्तिशाली मशीनरी: 10-10 हॉर्स पावर (HP) की दो हाई-कैपेसिटी मोटरें।
  • पूर्ण इंस्टॉलेशन किट: इसमें स्टार्टर, केबल, नट-बोल्ट, एल्बो, जैन तार, और पाइप जोड़ने के लिए सबसे अच्छी गुणवत्ता का फेविकोल (सॉल्वेंट) भी शामिल है।

स्थाई समाधान का वादा

ग्रामीणों ने बताया कि यह सामान ‘परमानेंट’ (स्थाई) तौर पर गांव को सौंपा गया है। किसी अस्थाई जुगाड़ की तरह इसे वापस नहीं लिया जाएगा। इसे जमीन में दबाकर स्थाई पाइपलाइन बनाई जा रही है ताकि भविष्य में कभी भी जलभराव न हो।

Also Read: संत रामपाल जी महाराज द्वारा हरियाणा के महम नगर पालिका क्षेत्र में बाढ़ पीड़ित किसानों को बड़ी राहत

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा, “यह तो भगवान …”

जैसे ही गांव को खबर मिली कि मदद आ रही है, पूरा मसूदपुर दोपहर 2:00 बजे से ही सड़कों पर पलकें बिछाए खड़ा हो गया। पाइपों से लदे ट्रकों और ट्रॉलियों के आते ही फूलों की बारिश शुरू हो गई और ढोल-नगाड़ों के साथ गाँवभर में उत्सव मनाया गया।

पार्षद और सरपंच की प्रतिक्रिया

जिला पार्षद जयदेव डागर ने कहा, “हमने सिर्फ एक बार गुहार लगाई थी और चंद दिनों में अन्नपूर्णा मुहिम के तहत गाड़ियों का काफिला सामान लेकर पहुंच गया। जहाँ बड़े-बड़े कथावाचक दान का पैसा डकार जाते हैं, वहाँ संत रामपाल जी महाराज निस्वार्थ भाव से समाज का उत्थान कर रहे हैं।” वहीं सरपंच ने महाराज जी के प्रति आभार जताते हुए पूरी पंचायत की तरफ से सम्मान स्वरूप ‘पगड़ी’ भेंट की।

संत रामपाल जी का सख्त आदेश: “लहलहाती फसल चाहिए”

राहत सामग्री के साथ महाराज जी का एक पत्र भी पढ़ा गया, जिसमें सेवा के प्रति उनकी गंभीरता साफ झलकती है।

ड्रोन से निगरानी और पारदर्शिता

ट्रस्ट ने गांव की बाढ़ग्रस्त स्थिति की ड्रोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की है। महाराज जी का आदेश है कि अगर इस सामग्री से पानी नहीं निकला और अगली फसल की बिजाई नहीं हुई, तो ट्रस्ट गाँव की आगे किसी विपदा में कोई मदद नहीं करेगा। ट्रस्ट पानी निकलने के बाद और फिर फसल लहलहाने के बाद की वीडियो भी बनाएगा ताकि दान देने वाली संगत को पता चले कि उनके पैसे से कितने परिवारों का चूल्हा जला है। वीडियो यहाँ देखी जा सकती हैं । 

400 से अधिक गांवों में सेवा पूरी हो चुकी है

महाराज जी के शिष्यों ने बताया कि यह सेवा केवल मसूदपुर तक सीमित नहीं है। अब तक पूरे भारत में 400 से अधिक गांवों में ऐसी आपदा राहत पहुंचाई जा चुकी है। यह मुहिम ’36 बिरादरी’ के लिए है, जिसमें किसान और मजदूर दोनों का हित जुड़ा है।

Latest articles

Mother’s Day 2026: Unveil The Perfect Gift To Say Thank You To Your Mother

Last Updated on 1 May 2026 IST: Ever wondered how, when something goes missing...

झज्जर के लोहारहेड़ी की ग्राउंड रिपोर्ट: पानी में डूबे खेतों से फिर लहलहाती फसल तक का सफर

हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ तहसील का छोटा सा गांव लोहारहेड़ी पिछले कुछ...

हरियाणा के मालवी गांव में तीन महीने की बाढ़ का संकट और राहत की कहानी

हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील का छोटा सा गांव मालवी पिछले तीन...
spot_img

More like this

Mother’s Day 2026: Unveil The Perfect Gift To Say Thank You To Your Mother

Last Updated on 1 May 2026 IST: Ever wondered how, when something goes missing...

झज्जर के लोहारहेड़ी की ग्राउंड रिपोर्ट: पानी में डूबे खेतों से फिर लहलहाती फसल तक का सफर

हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ तहसील का छोटा सा गांव लोहारहेड़ी पिछले कुछ...