​जब देश मना रहा था दिवाली, तब गुड़ा गाँव (झज्जर) घुट रहा था बाढ़ के पानी में

Published on

spot_img

त्योहार खुशियां लेकर आते हैं, लेकिन हरियाणा के झज्जर जिले के गुड़ा गाँव के लिए इस बार की दिवाली एक काला साया लेकर आई थी। पूरा गाँव और उसके खेत भयंकर बाढ़ के पानी में डूबे हुए थे। हालात इतने बदतर थे कि गाँव की गलियों में पानी भर गया था, घरों से बाहर निकलना मुश्किल था, पशुओं को चारा-पानी देने की जगह नहीं बची थी, और पीने के साफ पानी का भारी संकट खड़ा हो गया था।

किसानों की फसलें पानी में सड़ रही थीं और अगली फसल बोने की कोई उम्मीद नहीं बची थी। ऐसे में गुड़ा गाँव के लिए दिवाली का जश्न केवल एक सपना बनकर रह गया था।

​सतगुरु के दरबार में लगाई गई अर्जी

​जब चारों ओर पानी और निराशा ही नज़र आ रही थी, तब गुड़ा की ग्राम पंचायत ने एक उम्मीद की किरण देखी। उन्होंने सुना था कि संत रामपाल जी महाराज पूरे हरियाणा और अन्य राज्यों में बाढ़ पीड़ित किसानों की बिना किसी स्वार्थ के मदद कर रहे हैं।

पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज के सतलोक आश्रम में एक अर्जी लगाई, जिसमें गाँव से पानी निकालने के लिए 4 मोटरें और 13,500 फुट पाइप की मांग की गई।

​दिवाली का सबसे बड़ा तोहफा: 4 दिन में पहुंची करोड़ों की मदद

​गुड़ा गाँव वालों को शायद ही यह यकीन था कि उनकी पुकार इतनी जल्दी सुन ली जाएगी। अर्जी देने के मात्र चार दिन बाद, ठीक दिवाली की रात को, दर्जनों ट्रकों और गाड़ियों का एक विशाल काफिला गाँव में दाखिल हुआ।

​संत रामपाल जी महाराज ने गुड़ा गाँव को दिवाली का ऐसा तोहफा दिया जिसने पूरे गाँव की किस्मत बदल दी। काफिले में शामिल था:

गुड़ा गाँव (झज्जर): जब डूबते किसानों के लिए मसीहा बने सतगुरु रामपाल जी महाराज
  • 13,500 फुट लंबी पाइप: 8 इंची चौड़ी उच्च गुणवत्ता वाली पाइपलाइन का जाल।
  • चार विशाल मोटरें (20 HP): 20-20 हॉर्स पावर की भारी-भरकम मोटरें जो तेजी से पानी फेंकने में सक्षम हैं।
  • पूरा फिटिंग का सामान: स्टार्टर, केबल, सुंडिया, बैंड और अन्य सभी ज़रूरी उपकरण साथ भेजे गए ताकि किसानों को बाज़ार से कुछ भी न लाना पड़े।

यह भी पढ़ें: जल-समाधि से जीवनदान तक: अलिका गांव के पुनर्जन्म की महागाथा

​मायूसी बदली जश्न में: “डबल दिवाली मन गई”

​रात के अंधेरे में जब ट्रकों की लाइटें गाँव में पड़ीं, तो लोगों के चेहरों पर जो मुस्कान आई, वह किसी भी दिवाली के दीयों से ज़्यादा रोशन थी।

सरपंच ने भावुक होते हुए कहा, “हमने केवल 4 दिन पहले यह अरदास लगाई थी और आज गुरुजी के आदेश से सारा सामान हमारे बीच है। संत रामपाल जी महाराज पहले हमारे ही इलाके में सिंचाई विभाग में जेई (JE) थे। समाज सेवा के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ी, और आज वो दिखा रहे हैं कि असली समाज सुधार क्या होता है। हम उनके बहुत आभारी हैं।”

​गाँव के एक अन्य किसान ने कहा, “गुरुजी ने हमारे लिए मौज कर दी! गाँव की गलियां तालाब बन गई थीं, पैर रखने की जगह नहीं थी। अब यह पानी निकल जाएगा और हमारी अगली फसल बोई जा सकेगी। आज हमारी डबल दिवाली मन गई है।”

​एक ‘परमानेंट’ समाधान और पगड़ी भेंट कर दिया सम्मान

​सेवादारों ने स्पष्ट किया कि यह करोड़ों का सामान अब गुड़ा गाँव की स्थायी संपत्ति (परमानेंट) है। भविष्य में भी अगर पानी भरता है, तो किसान इसे तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बदले में गुरुजी की केवल एक ही शर्त थी, जल्द से जल्द पानी निकालकर अगली फसल की बिजाई की जाए ताकि देश का अन्नदाता खुशहाल रहे।

​इस असीम उपकार के लिए, ग्राम पंचायत गुड़ा ने संत रामपाल जी महाराज के लिए सम्मान में सेवादारों को एक पगड़ी और मोमेंटो भेंट किया। हरियाणा में पगड़ी भेंट करने का अर्थ अपना शीश और पूरा सम्मान समर्पित करना होता है।

​डूबते हुओं का सच्चा सहारा

​गुड़ा गाँव की यह कहानी केवल 13,500 फुट पाइप की कहानी नहीं है; यह उस अपनेपन की कहानी है जो खून के रिश्तों से भी बड़ा होता है। संत रामपाल जी महाराज ने साबित कर दिया है कि वे केवल एक आध्यात्मिक गुरु नहीं, बल्कि किसानों और गरीबों के सच्चे रक्षक हैं। आज गुड़ा गाँव के खेतों में जमा गंदा पानी निकल रहा है, और उसकी जगह खुशहाली और अगली फसल की उम्मीदें लहलहा रही हैं।

Latest articles

International Mother Earth Day 2026: Know How To Empower Our Mother Earth

Last Updated on 11 April 2026 IST: International Mother Earth Day is an annual...

संत रामपाल जी महाराज सभी 11 मामलों में बाइज्जत बरी और FIR 428 में जमानत, जेल से बाहर आए: जानें कैसे हुई असत्य पर...

आध्यात्मिक नेतृत्व और न्यायिक संघर्ष के बदलते परिदृश्य में संत रामपाल जी महाराज का...

Preserving Our Past, Protecting Our Future: World Heritage Day 2026

Last Updated on 9 April 2026 IST: Every year on April 18, people commemorate...

Sant Rampal Ji Maharaj Granted Bail in Sedition Case— Release Expected Soon

Chandigarh/Hisar, April 9, 2026: The prolonged legal battle of Sant Rampal Ji Maharaj for...
spot_img

More like this

International Mother Earth Day 2026: Know How To Empower Our Mother Earth

Last Updated on 11 April 2026 IST: International Mother Earth Day is an annual...

संत रामपाल जी महाराज सभी 11 मामलों में बाइज्जत बरी और FIR 428 में जमानत, जेल से बाहर आए: जानें कैसे हुई असत्य पर...

आध्यात्मिक नेतृत्व और न्यायिक संघर्ष के बदलते परिदृश्य में संत रामपाल जी महाराज का...

Preserving Our Past, Protecting Our Future: World Heritage Day 2026

Last Updated on 9 April 2026 IST: Every year on April 18, people commemorate...