अन्नपूर्णा मुहिम किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 3: गांव मकड़ौली कलां में संत रामपाल जी महाराज ने छोटे किसानों को दी निशुल्क कृषि सहायता

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भारतीय कृषि व्यवस्था में छोटे और सीमांत किसान सदैव आर्थिक तंगहाली और बढ़ती लागत से जूझते रहे हैं। महंगे रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक दवाएं लऔर बाजार में बिचौलियों की मार के कारण खेती अब गरीब किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है। ऐसी विकट स्थिति में जब सीमांत किसानों के पास फसल उगाने के लिए भी पैसे नहीं बचते, तब जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे “अन्नपूर्णा मुहिम किसान मजदूर बचाओ अभियान – फेज़ 3” ने किसानों के जीवन में एक नई उम्मीद की किरण जगाई है। संत रामपाल जी महाराज की कृपा से बिना किसी भेदभाव के सीधे किसानों के घर-घर तक निशुल्क खाद और कीटनाशक दवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

गांव के किसानों की वर्तमान स्थिति

हरियाणा के रोहतक जिले के गांव मकड़ौली कलां में अधिकांश छोटे किसान 2.5 एकड़ (ढाई एकड़) या उससे कम भूमि पर खेती करके अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। किसानों ने बताया कि पहले धान और अन्य फसलों के समय यूरिया तथा डीएपी खरीदने के लिए उन्हें बाजार के चक्कर काटने पड़ते थे। खाद की दुकानों पर लंबी-लंबी कतारों में लगने के बावजूद समय पर खाद नहीं मिलती थी और कई बार मजबूरी में जबरन अनावश्यक महंगी दवाएं भी थमा दी जाती थीं। इस संकट से निपटने के लिए किसानों को ब्याज पर पैसे उधार लेने पड़ते थे, जिससे उनकी कृषि लागत ₹5,000 से ₹20,000 तक बढ़ जाती थी।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा क्या सहायता प्रदान की गई

संत रामपाल जी महाराज के पावन आदेश से सेवादारों की टीम कृषि सामग्री से भरी गाड़ियां लेकर सीधे गांव मकड़ौली कलां (जिला रोहतक, हरियाणा) पहुंची। मंगलाचरण के साथ कुल 11 पंजीकृत पात्र किसानों को 45 बैग यूरिया, 11 बैग डीएपी तथा धान की फसल के लिए संपूर्ण कीटनाशक व खरपतवार नाशक दवाइयों की किट बिल्कुल निशुल्क वितरित की गई। लाभान्वित किसानों का विवरण इस प्रकार है:

किसान का नामकृषि भूमि (फसल)प्रदान की गई सामग्री
दीपचंद2.5 एकड़ (धान)4 बैग यूरिया, 1 बैग डीएपी, कीटनाशक दवाइयां
प्रदीप (मीनू)8 कनाल (धान)3 बैग यूरिया, 1 बैग डीएपी, धान संरक्षण दवाइयां
शकुंतला1 किला (धान)3 बैग यूरिया, 1 बैग डीएपी, कीटनाशक किट
विकास2.5 एकड़ (धान व ज्वार)यूरिया, डीएपी एवं आवश्यक दवाइयां
निपुण (निकुल)1.5 एकड़ (धान 1121)5 बैग यूरिया, 1 बैग डीएपी, 1 बैग पोटाश, कोराजन, चेस व धनंजाइम दवाइयां
संजय2.5 एकड़ (धान)5 बैग यूरिया, 1 बैग डीएपी, सल्फर एवं फसल दवाइयां
सत्येंद्र1 एकड़ (धान/गेहूं)3 बैग यूरिया, 1 बैग डीएपी, कीटनाशक दवाइयां
नरेश कुमार1.5 एकड़ (धान)5 बैग यूरिया, 1 बैग डीएपी, कीटनाशक किट
राजेश1.5 एकड़ (धान)2 बैग यूरिया, 1 बैग डीएपी, फसल दवाइयां

अन्य पात्र किसानों को भी उनकी जमीन की आवश्यकता के अनुसार शत-प्रतिशत निशुल्क सामग्री उनके घर तक पहुंचाई गई।

सहायता प्राप्त किसानों एवं ग्रामीणों के वक्तव्य

निःशुल्क सहायता प्राप्त करके गांव मकड़ौली कलां के किसानों के चेहरे खिल उठे:

  • किसान दीपचंद ने कहा, “संत रामपाल जी महाराज की दया से हमें घर बैठे खाद और कीटनाशक दवाएं मिली हैं। पहले 10 से 15 हजार रुपये खर्च करने पड़ते थे और धक्के खाने पड़ते थे, अब हमारी सीधी बचत हुई है।”
  • किसान निपुण ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “बाजार में यूरिया के साथ जबरदस्ती दूसरी दवाएं दी जाती थीं और ब्याज पर पैसे लेने पड़ते थे। महाराज जी ने फसल लगाने से पकने तक की सारी सामग्री घर पहुंचा दी है। हम युवाओं की तरफ से संत रामपाल जी महाराज का कोटि-कोटि धन्यवाद करते हैं।”
  • किसान नरेश कुमार ने बताया, “उधारी और लंबी लाइनों से मुक्ति मिल गई है। संत रामपाल जी महाराज गरीब किसानों के सच्चे मसीहा हैं।”

संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिखाई गई पारदर्शिता एवं जवाबदेही

संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा स्वेच्छा से दिया गया दान सीधे समाज सुधार और मानव सेवा में उपयोग किया जाता है। ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के प्रथम, द्वितीय और अब तृतीय चरण के माध्यम से यह साबित हुआ है कि धन का उपयोग शत-प्रतिशत निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ हो रहा है। संत रामपाल जी महाराज के सतलोक आश्रम धनाना धाम के माध्यम से सर्वे कराकर जरूरतमंदों तक सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है।

संत रामपाल जी महाराज — विश्व उद्धारक, पूर्ण तत्वदर्शी संत एवं सच्चे किसान मसीहा

संत रामपाल जी महाराज केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि धरातल पर मानवता की निस्वार्थ सेवा करने वाले पूर्ण तत्वदर्शी संत हैं। संत रामपाल जी महाराज के आशीर्वाद से आज कलयुग में सतयुग जैसा वातावरण निर्मित हो रहा है। समस्त पाठकों से विनम्र आग्रह है कि वे संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिए जा रहे तत्वज्ञान का निष्पक्ष अध्ययन करें, उनके बताए मार्ग को समझें और सतभक्ति अपनाकर अपना कल्याण कराएं।

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