जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे समाज सुधार और निस्वार्थ जन-कल्याणकारी कार्यों का प्रभाव अब संपूर्ण देश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। विभिन्न राज्यों से जनप्रतिनिधि, पूर्व प्रत्याशी, अधिवक्ता, ग्राम प्रधान, सरपंच और गौशाला समितियों के प्रतिनिधि लगातार संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात कर उनके सेवा कार्यों के प्रति आभार जता रहे हैं और मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं।
आगंतुक प्रतिनिधियों का विवरण
- रोहतक (हरियाणा): रमेश जांगड़ा (पूर्व प्रत्याशी) व एडवोकेट – संत रामपाल जी महाराज के दर्शन एवं जनसेवा का संकल्प।
- चरखी दादरी (हरियाणा): ग्राम पंचायत व गौशाला प्रतिनिधि – गौशाला में चारे एवं शेड निर्माण हेतु सहायता।
- चूरू (राजस्थान): गौशाला प्रधान एवं प्रतिनिधिमंडल – जीव-दया और सेवा कार्यों के प्रति आभार।
- डीडवाना-कुचामन (राजस्थान): स्थानीय श्रद्धालु एवं ग्रामीण – दर्शन एवं मार्गदर्शन प्राप्ति।
- एटा (उत्तर प्रदेश): 5-6 सरपंच व 30 वर्ष से कार्यरत प्रधान – अन्नपूर्णा सेवा व पेयजल कार्यों की सराहना।
- नागौर (राजस्थान): आश्रम पहुंचे नए श्रद्धालु – आश्रम व्यवस्थाओं का अवलोकन।
रोहतक (हरियाणा) से आए अधिवक्ता व पूर्व प्रत्याशी ने की मुलाकात
हरियाणा के रोहतक विधानसभा से प्रत्याशी रहे रमेश जांगड़ा और हरियाणा सरकार में अधिवक्ता (एडवोकेट) संत रामपाल जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे समाज हित के कार्यों और अनुशासित व्यवस्थाओं को देख रहे थे। महाराज जी से मुलाकात के दौरान अधिवक्ता जी ने कहा कि दर्शन मात्र से ही उनके मन को असीम शांति मिली है और अंदर एक सुखद अहसास हुआ है। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में जुड़कर जनसामान्य, गरीब और किसानों की सेवा करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
चरखी दादरी (हरियाणा) के ग्रामवासियों ने गौशाला में शेड व चारे के लिए मांगी मदद
चरखी दादरी (हरियाणा) के बिलावल गांव की ग्राम पंचायत और गौशाला के प्रतिनिधि दल ने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। उन्होंने महाराज जी को बताया कि उनकी गौशाला में इस समय चारे का संकट बना हुआ है और टीन-शेड की सख्त जरूरत है। संत रामपाल जी महाराज ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि गौशाला के लिए चारे की व्यवस्था तुरंत करवा दी जाएगी और क्रमबद्ध तरीके से टीन-शेड का निर्माण भी प्राथमिकता के साथ पूरा कराया जाएगा।
चूरू (राजस्थान) गौशाला प्रधान बोले: “यह कार्य केवल भगवान ही कर सकते हैं”
राजस्थान के चूरू (ददरेवा) से आए गौशाला के प्रधान एवं प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने कहा कि वे सोशल मीडिया पर संत जी द्वारा की जा रही निस्वार्थ जीव-दया और जनसेवा को देखकर काफी समय से प्रभावित थे। बातचीत में गौशाला प्रधान ने भावुक होकर कहा कि गरीबों, असहायों और मूक पशुओं के प्रति जो करुणा संत रामपाल जी महाराज दिखा रहे हैं, वह कोई साधारण इंसान नहीं कर सकता; यह कार्य केवल ईश्वर स्वरूप संत रामपाल जी महाराज ही कर सकते हैं।
डीडवाना-कुचामन (राजस्थान) से दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु
राजस्थान के नवनिर्मित जिले डीडवाना-कुचामन (छोटी खाटू क्षेत्र) से आए श्रद्धालुओं के एक दल ने संत रामपाल जी महाराज के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे नियमित रूप से टेलीविजन और सोशल मीडिया पर महाराज जी के आध्यात्मिक सत्संग सुनते हैं। जैसे ही उन्हें जानकारी मिली कि संत रामपाल जी महाराज से मिलने का अवसर मिल रहा है, वे भीषण गर्मी की चिंता किए बिना उनसे मिलने और आशीर्वाद लेने के लिए खिंचे चले आए। संत रामपाल जी महाराज ने भी उनका स्वागत करते हुए अध्यात्म और भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
एटा (उत्तर प्रदेश) के सरपंचों व ग्राम प्रधानों ने जनकल्याण कार्यों की प्रशंसा की
उत्तर प्रदेश के जिला एटा से लगभग 5-6 सरपंचों और पिछले 30 वर्षों से प्रधान रहे जनप्रतिनिधियों के एक बड़े दल ने संत रामपाल जी महाराज से भेंट की। जनप्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित राशन वितरण सेवा और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था जैसे सामाजिक कार्यों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर इतना बड़ा बदलाव और सेवा कार्य उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। भावुक होकर सरपंचों ने कहा कि इन लोक-कल्याणकारी कार्यों को देखकर संत रामपाल जी महाराज को भगवान कहने में उन्हें कोई संकोच नहीं है।
नागौर (राजस्थान) के श्रद्धालुओं ने आश्रम व्यवस्थाओं की सराहना की
राजस्थान के नागौर जिले से पहली बार संत रामपाल जी महाराज के आश्रम पहुंचे श्रद्धालुओं ने महाराज जी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने आश्रम के माहौल, अनुशासन, नि:शुल्क भोजन की उत्तम व्यवस्था और ठहरने के इंतज़ाम की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आश्रम में प्रवेश करते ही एक असीम आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस होती है और यहाँ का सेवा प्रबंधन वाकई अद्भुत है।
जनसेवा और अध्यात्म से समाज में आ रहा सकारात्मक बदलाव
संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में चलाए जा रहे विभिन्न सामाजिक व जनकल्याणकारी अभियान-जैसे ‘अन्नपूर्णा योजना’, गौसेवा, नशामुक्ति, दहेज-मुक्त विवाह (रमैणी) और आपदा राहत कार्य-आज पूरे देश में मिसाल बन चुके हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से आ रहे जनप्रतिनिधियों, वकीलों, सरपंचों और गौशाला प्रतिनिधियों की यह उपस्थिति सिद्ध करती है कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिए जा रहे आध्यात्मिक ज्ञान और धरातल पर की जा रही निस्वार्थ जनसेवा से समाज में एक नए, सकारात्मक और कल्याणकारी युग का सूत्रपात हो रहा है।



