संत रामपाल जी महाराज ने गांव पेटवाड़ में किसान मजदूर बचाओ अभियान चरण 2 के तहत राहत सामग्री पहुंचाई

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हरियाणा राज्य के हिसार/हाँसी जिले के नारनौंद तहसील के ग्राम पंचायत पेटवाड़ में पिछले 10 से 15 वर्षों से भारी बरसाती जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। बारिश के मौसम में खेतों में लगभग 4 से 5 फुट तक पानी भर जाता था। इस अत्यधिक जलभराव के कारण किसानों की खड़ी फसलें गलकर पूरी तरह नष्ट हो जाती थीं और किसान गेहूं की अगली फसल की समय पर बिजाई करने में भी असमर्थ हो जाते थे।

खेतों के अलावा ग्रामीण आवासों और ढाणियों तक जाने वाले रास्ते भी जलमग्न हो जाते थे। जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल जाना बाधित होता था तथा जहरीले जीवों जैसे सांपों का खतरा बना रहता था। किसानों द्वारा अपनी घरेलू मोटरों के माध्यम से पानी निकालने का प्रयास किया जाता था, लेकिन लगातार बारिश और मोटरों के पानी में डूब जाने के कारण यह प्रयास असफल सिद्ध होते थे।

संत रामपाल जी महाराज के निर्देश पर 36 घंटों के भीतर राहत प्रक्रिया और सर्वेक्षण का निष्पादन

ग्राम पंचायत पेटवाड़ के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने संगठित होकर संत रामपाल जी महाराज के समक्ष जलभराव समस्या के स्थायी समाधान हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। संत रामपाल जी महाराज ने प्रार्थना स्वीकार करते हुए तुरंत सर्वेक्षण टीम गठित कर गांव में भेजने का आदेश दिया।

संत रामपाल जी महाराज के आदेश पर अगले ही दिन पेटवाड़ गांव पहुंचकर जलभराव से प्रभावित 200 एकड़ कृषि भूमि, ढाणियों तथा जल निकासी के संभावित मार्गों का विस्तृत जमीनी निरीक्षण हुआ। सर्वेक्षण रिपोर्ट में 4500 फीट 8 इंच चौड़ी पाइपलाइन तथा 8 10-एचपी (HP) क्षमता की मोटरों की आवश्यकता निर्धारित की गई।

प्रार्थना प्रस्तुत किए जाने के बाद संत रामपाल जी महाराज ने त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए मात्र 20 से 36 घंटों के भीतर सर्वेक्षण पूरा करवाकर संपूर्ण राहत सामग्री गांव में भिजवाने की व्यवस्था की।

राहत सामग्री का वितरण एवं तकनीकी उपकरणों की विस्तृत सूची

संत रामपाल जी महाराज ने किसान मजदूर बचाओ अभियान चरण 2, शुद्ध पेयजल सेवा अभियान और पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत पेटवाड़ को निम्नलिखित उपकरण एवं तकनीकी सामग्री उपलब्ध करवाई:

  • 8 10-एचपी (HP) क्षमता की विद्युत मोटरें
  • 4500 फीट 8 इंची पीवीसी (PVC) पाइपलाइन (20-20 फीट के सुंडी टुकड़े)
  • एलएंडटी (L&T) कंपनी के 8 स्टार्टर
  • विद्युत केबल एवं वायर
  • लोहे के बैंड एवं रिड्यूसर
  • 8 स्वीट केस / पीवीसी प्लेट्स
  • एयर वाल्व तथा स्लूज वाल्व
  • स्टील के नट-बोल्ट एवं सोल्यूशन (Slochin)
  • मोटर तथा पाइपलाइन स्थापना से संबंधित अन्य समस्त एसेसरीज

सामग्री के पेटवाड़ गांव पहुंचने पर मंगलाचरण का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा एवं मालाएं अर्पित कर संत रामपाल जी महाराज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा राहत सामग्री का भौतिक सत्यापन कर उसे प्राप्त किया।

ग्राम पंचायत पेटवाड़ (हाँसी, हरियाणा) को दी गई राहत सामग्री का विवरण

सामग्री का विवरणमात्रा / क्षमतामुख्य विनिर्देश
विद्युत मोटरें8 इकाई10 एचपी (HP) क्षमता
पीवीसी पाइपलाइन4500 फीट8 इंच व्यास (20-20 फीट के सुंडी टुकड़े)
मोटर स्टार्टर8 इकाईएलएंडटी (L&T) कंपनी
एयर वाल्व8 इकाईएयर वाल्व एवं स्लूज वाल्व
कनेक्टिंग एसेसरीज1 सेटलोहे के बैंड, रिड्यूसर, पीवीसी प्लेट्स, वायर
फास्टनर व विलायक1 सेटस्टील नट-बोल्ट एवं स्लूज सोल्यूशन

कृषि भूमि, ग्रामीण आबादी और पशुधन पर राहत कार्य का व्यापक प्रभाव

संत रामपाल जी महाराज ने इस राहत सेवा के माध्यम से गांव पेटवाड़ के कृषि क्षेत्र, पर्यावरण और सामाजिक-आर्थिक जीवन को निम्नलिखित सुरक्षा प्रदान की:

  • 200 एकड़ कृषि भूमि से जल निकासी: खेतों में जमा 4 से 5 फुट पानी को तेजी से बाहर निकालकर खड़ी फसलों को सड़ने से बचाना संभव हुआ।
  • समय पर बिजाई: खेत समय पर सूखने से किसान आगामी गेहूं की फसल की बिजाई बिना रुकावट कर सकेंगे।
  • आवागमन की बहाली: ढाणियों और ग्रामीण रास्तों से जलभराव हटने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का आवागमन सुचारू हुआ।
  • मजदूरों एवं पशुधन को सुरक्षा: फसलें सुरक्षित रहने से कृषि आधारित मजदूरों की आजीविका सुरक्षित हुई तथा पशुधन के लिए हरे चारे की उपलब्धता बनी रही।
  • अन्य स्थायी कल्याणकारी योजनाएं: संत रामपाल जी महाराज ने ढाई एकड़ तक की कृषि भूमि वाले छोटे किसानों के लिए नि:शुल्क खाद, बीज व दवाइयां उपलब्ध कराने, निर्धन बालिकाओं के विवाह हेतु सहायता, गरीब परिवारों को आवास निर्माण तथा व्यापक नि:शुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की योजनाओं का भी संचालन किया है। अब तक 100 से अधिक जल संकटग्रस्त गांवों में इस प्रकार के सेवा कार्य पूरे किए जा चुके हैं।

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