हरियाणा के रोहतक जिले के गांव गिरावड़ में पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। गांव में करीब 7,000 फीट लंबी 8 इंच की पाइपलाइन उपलब्ध कराए जाने और बिछाए जाने के बाद अब 10 एचपी की सबमर्सिबल मोटरों सहित दो पूर्ण ट्यूबवेल सेट और स्थापना से जुड़ी आवश्यक सामग्री ग्राम पंचायत को सौंप दी गई है। यह सहायता संत रामपाल जी महाराज के नेतृत्व में चल रहे पेयजल सेवा अभियानों के तहत दी गई है।
गांव की पेयजल समस्या के समाधान के लिए दो नए ट्यूबवेलों की आवश्यकता को लेकर ग्रामीण प्रार्थना लेकर गए थे। प्रार्थना के बाद संत रामपाल जी महाराज के आदेश से कुछ ही दिनों में आवश्यक पूरा सामान उपलब्ध करा दिया गया।
गिरावड़ पेयजल सहायता: मुख्य बिंदु
- गांव गिरावड़ हरियाणा के रोहतक जिले में स्थित है।
- पहले करीब 7,000 फीट लंबी 8 इंच की पाइपलाइन उपलब्ध कराई गई और गांव में बिछाई गई।
- मीठे पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए दो नए ट्यूबवेलों की आवश्यकता थी।
- ग्राम पंचायत को दो पूर्ण समर्सिबल सेट सौंपे गए हैं।
- प्रत्येक सेट में 10 एचपी की एक मोटर और 100 फीट की लोरिंग पाइप शामिल है।
- स्टार्टर, वायर, रस्से, पीवीसी फिटिंग और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
- रोड क्रॉसिंग के लिए 20 फीट का लोहे का पाइप भी दिया गया है।
- यह सहायता किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़-2 और शुद्ध पेयजल सेवा अभियान के तहत प्रदान की गई है।
- संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत यह सहायता उपलब्ध कराई है।
ट्यूबवेल के सामान से पहले उपलब्ध कराई गई पाइपलाइन
गिरावड़ में पेयजल व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया है। इससे पहले तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के आदेश से गांव के लिए करीब 7,000 फीट लंबी 8 इंच की पाइपलाइन उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद पाइपलाइन को जमीन के नीचे बिछाया गया।
पाइपलाइन बिछाए जाने के बाद सर्वे भी किया गया। दो ट्यूबवेलों की आवश्यकता सामने आने के बाद गांव की ओर से आवश्यक सामान के लिए प्रार्थना रखी गई।
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अब दो पूर्ण समर्सिबल सेट ग्राम पंचायत को सौंपे जाने के साथ प्रस्तावित पेयजल व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है।
10 एचपी के दो पूर्ण समर्सिबल सेट सौंपे गए
उपलब्ध कराया गया सामान केवल मोटरों तक सीमित नहीं है। दोनों ट्यूबवेलों की स्थापना और संचालन के लिए आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
| सामग्री | विवरण |
| समर्सिबल मोटर | दो, 10-10 एचपी |
| लोरिंग पाइप | 100-100 फीट, कुल 200 फीट |
| लोहे का पाइप | 20 फीट, रोड क्रॉसिंग के लिए |
| स्टार्टर | दो |
| वायर | दोनों मोटरों के लिए |
| रस्से | मोटर को सपोर्ट देने के लिए |
| पीवीसी सामग्री | पाइप और फिटिंग |
| लोहे की हांडी | दोनों सेटों के लिए |
| अन्य एक्सेसरीज | जॉइंट, बैंड, टी और जरूरी फिटिंग |
| फास्टनर्स | स्टील के नट-बोल्ट |
सेवादारों के अनुसार, दोनों ट्यूबवेलों के लिए बड़ी और छोटी, दोनों प्रकार की आवश्यक एक्सेसरीज़ उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि गांव को छोटी से छोटी जरूरी सामग्री के लिए भी अलग से व्यवस्था न करनी पड़े।
ग्राम पंचायत को सौंपा गया पूरा सामान
दोनों ट्यूबवेलों का पूरा सामान औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत गिरावड़ को सौंप दिया गया। इस दौरान गांव के प्रतिनिधि, सरपंच और हैंडओवर से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।
सरपंच ने बताया कि गांव की ओर से पेयजल आपूर्ति और दो ट्यूबवेलों की आवश्यकता को लेकर प्रार्थना रखी गई थी। उन्होंने कहा कि पहले उपलब्ध कराई गई पाइपलाइन बिछाई जा चुकी थी और इसके बाद नया सामान उपलब्ध कराया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि इस सहायता से केवल लोगों को ही नहीं, बल्कि पानी की आवश्यकता वाले पशुओं, पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं को भी लाभ मिलेगा। उनके अनुसार, गांव इस व्यवस्था से खुश है और ट्यूबवेल शुरू होने के बाद पेयजल समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
जिला पार्षद ने बताई अपनी प्रार्थना
वार्ड नंबर 12 की जिला पार्षद सुमन ने बताया कि वह करीब पांच दिन पहले गांव के लिए आवश्यक मोटरों को लेकर संत रामपाल जी महाराज के पास स्वयं प्रार्थना और आवेदन लेकर गई थीं। उनके अनुसार, संत रामपाल जी महाराज ने कहा था कि दो-चार दिन के भीतर मोटरें गांव पहुंच जाएंगी। उन्होंने बताया कि पांचवें दिन मोटरें गांव में पहुंचा दी गईं।
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले पाइपलाइन की मांग को आगे बढ़ाने में भी उनकी भूमिका रही थी और मोटरों से पहले पाइपलाइन उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने कहा कि गांव की जिस पेयजल आवश्यकता का समाधान उनके अनुसार सरकारी स्तर पर नहीं हो पाया था, उसे इस सहायता से पूरा करने की दिशा में काम हुआ है।
बिजली कनेक्शन और ट्यूबवेल का कार्य
गांव के प्रतिनिधियों ने ट्यूबवेलों के संचालन के लिए आवश्यक बिजली संबंधी प्रक्रिया पर भी जानकारी दी। उनके अनुसार, कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है और दोनों ट्यूबवेल नहर के पास लगाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान यह उम्मीद जताई गई कि ट्यूबवेल चालू होने के बाद मीठे पेयजल की आपूर्ति गांव और आगे घरों तक पहुंच सकेगी। ग्रामीणों और प्रतिनिधियों ने कहा कि पानी की उपलब्धता से राहत मिलेगी, क्योंकि पीने का पानी लोगों के साथ-साथ पशुओं और पक्षियों के लिए भी आवश्यक है।
किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़-2 के तहत सहायता
गिरावड़ में दी गई सहायता को किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़-2, शुद्ध पेयजल सेवा अभियान और पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान का हिस्सा बताया गया है। कार्यक्रम में साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन अभियानों के तहत जल संकट से प्रभावित 100 से अधिक गांवों में सेवा कार्य पूरा हो चुका है और यह सेवा लगातार जारी है। इन अभियानों का उद्देश्य लोक दिखावे के बजाय ज़मीनी स्तर पर काम करना है।
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत पेयजल व्यवस्था
संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत पेयजल के लिए यह सहायता उपलब्ध कराई है। गिरावड़ में इसमें प्रस्तावित दो ट्यूबवेलों के लिए दो पूर्ण समर्सिबल सेट शामिल हैं। बताया गया उद्देश्य गांव में पर्याप्त, स्वच्छ और मीठा पेयजल उपलब्ध कराना तथा केवल अस्थायी राहत के बजाय स्थायी पेयजल व्यवस्था की दिशा में काम करना है।
घर-घर पेयजल आपूर्ति की ओर बढ़ता गांव
गांव में पाइपलाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है और अब दो ट्यूबवेलों का सामान ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया है। 10-10 एचपी की दो समर्सिबल मोटरों और उनके साथ उपलब्ध कराई गई सामग्री का उपयोग ट्यूबवेलों की स्थापना और संचालन में किया जाना है। ग्रामीण प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि इससे गांव में और घरों तक पेयजल की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी।
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