हरियाणा के जिला रोहतक के अंतर्गत स्थित गांव बालंद में जलभराव की समस्या कई पीढ़ियों से किसानों, ग्रामीणों और पशुधन के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई थी। गांव के दोनों जोहड़ों में संपूर्ण ग्राम का गंदा पानी जमा होकर ओवरफ्लो हो जाता था। निकासी का कोई स्थाई प्रबंध न होने के कारण यह दूषित पानी आसपास की आबादी, कृषि क्षेत्रों और सरकारी स्कूलों तक पहुंच जाता था।
स्थिति इतनी विकट हो चुकी थी कि गांव का एक पुराना सरकारी स्कूल पानी भरने के कारण उपयोग के योग्य नहीं रहा था, जबकि दूसरे स्कूल परिसर में भी जलभराव का पानी घुस जाता था। इसके अतिरिक्त, जोहड़ों के ओवरफ्लो पानी और गंदे पानी के कारण पशुओं को बाहर निकालने में असुविधा होती थी तथा पशु भी बीमार पड़ते थे।
धान की फसल की बिजाई प्रभावित होती थी और अगली फसल की बुआई भी नहीं हो पाती थी। सरकारी स्तर पर वर्षों से प्रयास करने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकल पाया था।
ग्रामीणों द्वारा प्रार्थना और सर्वे कार्य
इस गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए ग्राम पंचायत के प्रधान श्रीपाल सतगामा, सरपंच और 15-20 गणमान्य ग्रामीणों (जिनमें सदार मेजर दिलबाग सिंह भी शामिल थे) ने किसान मजदूर बचाओ अभियान के तहत संत रामपाल जी महाराज के चरणों में धनाना गांव पहुंचकर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना मिलने के तुरंत बाद, संत रामपाल जी महाराज के आदेश से एक सर्वे टीम गांव बालंद पहुंची।
सर्वे टीम ने गांव के दोनों जोहड़ों, जलभराव प्रभावित कृषि क्षेत्र, स्कूल परिसर, आबादी क्षेत्र और पानी की निकासी के संभावित मार्ग का जमीनी निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत द्वारा शुरुआत में लगभग 8000 फुट पाइपलाइन और तीन मोटरों की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया था। परंतु मौके पर तकनीकी पैमाइश करने के बाद वास्तविक आवश्यकता 5200 फुट 8 इंची पाइपलाइन और 310 एचपी मोटर निर्धारित की गई। यह सर्वे रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रेषित की गई, जिसे तुरंत स्वीकार कर लिया गया।
सामग्री प्रेषण एवं तकनीकी विवरण
संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार किसान मजदूर बचाओ अभियान के तहत गांव बालंद को राहत सामग्री भेजी गई। सेवादारों द्वारा गांव में पहुंच कर निम्नलिखित आवश्यक सामग्री ग्राम पंचायत को सौंपी गई:
- 5200 फुट लंबी 8 इंची पीवीसी पाइपलाइन
- 3 यूनिट 10 एचपी (10 HP) पानी की मोटरें (स्वीकृत, जो पाइपलाइन भूमिगत होने के बाद निरीक्षण उपरांत दी जाएंगी)
- पीवीसी बैंड, फेविकोल, एयर वाल
- लोहे की प्लेटें, जैन (Gasket), स्टील के नट बोल्ट तथा अन्य सभी आवश्यक एक्सेसरीज
इस व्यवस्था के अंतर्गत तीन स्थानों पर निकासी का प्रबंध किया जा रहा है, जिससे खेतों में जमा बरसाती पानी और जोहड़ों के गंदे पानी की समय पर निकासी सुनिश्चित होगी। आवश्यकता पड़ने पर जेएलएन (JLN) नहर से जोहड़ में साफ पानी डालने और निकालने दोनों की सुविधा उपलब्ध होगी।
कार्यान्वित राहत कार्यों का सारांश
| क्रमांक | राहत एवं सेवा कार्य का विवरण | संबंधित क्षेत्र / लाभार्थी | स्थिति / विवरण |
| 1 | 5200 फुट 8 इंची पाइपलाइन एवं एक्सेसरीज | गांव बालंद, रोहतक (हरियाणा) | मौके पर ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दी गई |
| 2 | 3 यूनिट 10 एचपी पानी की मोटरें | गांव बालंद, रोहतक (हरियाणा) | प्रस्ताव स्वीकृत, भूमिगत पाइपलाइन निरीक्षण के बाद प्रेषित होंगी |
| 3 | सरकारी स्कूल एवं बुनियादी सुविधाएं | बालंद गांव के सरकारी स्कूल | स्कूल में जलभराव मुक्ति, क्षतिग्रस्त दरवाजे-खिड़कियां ठीक, बिजली, पंखे, डबल बैटरी तथा पेयजल हेतु आरओ प्लांट की सुविधा |
| 4 | शुद्ध पेयजल एवं डिग्गी निर्माण | गांव बालंद की जल डिग्गियां | दोनों डिग्गियों पर आरओ प्लांट का निर्माण (एक पूर्ण, दूसरी प्रक्रियाधीन) |
| 5 | अन्य जनहित निर्माण कार्य | सतगामा चबूतरा पार्क | चबूतरा पार्क का निर्माण तथा गेट का निर्माण कार्य प्रगति पर |
अन्नपूर्णा मुहिम एवं राष्ट्रव्यापी सेवा योजनाएं
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी अभियानों के तहत किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज दो, शुद्ध पेयजल सेवा अभियान, और पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान के अंतर्गत 100 से अधिक गांवों में सेवा कार्य पूरे हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, संत रामपाल जी महाराज द्वारा अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से विश्व स्तर पर एक बड़ी घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत:
- ढाई एकड़ तक की भूमि वाले समस्त किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक दवाइयां पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- किसानों को इसके लिए कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है; किसानों को केवल अपनी फरत (जमीन की नकल), आधार कार्ड और ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होता है।
- जानकारी एवं सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9992600931 तथा 932 जारी किए गए हैं।
- पंजीकृत किसानों के घर पर संत रामपाल जी महाराज के सेवादारों द्वारा खाद, बीज और दवाइयों के कट्टे सीधे उतारे जाते हैं।
- यह मुहिम भारत सहित संपूर्ण विश्व के किसानों के लिए लागू की गई है।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया एवं आभार प्रदर्शन
सामग्री पहुंचने पर ग्राम प्रधान श्रीपाल सतगामा, सरपंच, सदार मेजर दिलबाग सिंह तथा समस्त ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के चित्रपट/स्वरूप का स्वागत और सम्मान किया।
ग्रामीणों ने मंगलाचरण और गुरु स्तुति के साथ संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी तंत्र की विफलता के बावजूद संत रामपाल जी महाराज ने मात्र 24 से 48 घंटों के भीतर उनकी पीढ़ियों पुरानी समस्या का त्वरित समाधान कर दिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज बिना किसी भेदभाव के गरीब, अमीर, पशु-पक्षी और संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।



