संत रामपाल जी महाराज के समाज सेवा कार्यों से प्रभावित होकर गणमान्य लोग पहुंचे उनके आश्रम, जताया आभार

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विभिन्न राज्यों, विशेषकर हरियाणा और राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में प्राकृतिक आपदाओं, जल संकट और बेसहारा गौवंश की समस्याओं ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। ऐसे कठिन समय में संत रामपाल जी महाराज द्वारा किए जा रहे समाज कल्याण के कार्य आम जनता और किसानों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आए हैं। हाल ही में सामने आए कई वीडियो के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग संत रामपाल जी महाराज के आश्रम पहुंच रहे हैं।

इनमें कई गांवों के सरपंच, गौशालाओं के प्रधान, उप प्रधान, सचिव और आम श्रद्धालु शामिल हैं। ये सभी लोग संत रामपाल जी महाराज द्वारा बाढ़ ग्रस्त इलाकों में पानी निकालने के लिए दी गई पाइप लाइनों, जल संकट से जूझ रहे गांवों में भेजी गई मोटरों और बेसहारा गायों के लिए चलाए जा रहे ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत प्राप्त हुई सहायता के लिए अपना आभार व्यक्त करने आए थे। संत रामपाल जी महाराज ने इन सभी प्रतिनिधियों से मुलाकात की, उनकी समस्याओं को सुना और भविष्य के लिए भी हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। प्रस्तुत रिपोर्ट में इन सभी मुलाकातों का तथ्यात्मक विवरण दिया गया है।

प्राकृतिक आपदाओं में मददगार साबित हुए संत रामपाल जी महाराज

मेहरवाला में 20 हजार रकबा कृषि भूमि को डूबने से बचाया

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित मेहरवाला गांव के सरपंच ने संत रामपाल जी महाराज के आश्रम पहुंचकर उनसे विशेष मुलाकात की। सरपंच ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा उनके गांव में किए गए बाढ़ राहत कार्यों के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। सरपंच ने जानकारी दी कि पिछले दिनों उनके क्षेत्र में भयंकर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। हालात इतने खराब थे कि उनके गांव का लगभग 20,000 रकबा कृषि क्षेत्र पूरी तरह से पानी में डूब गया था। इस भीषण संकट के समय में, जब किसानों की फसलें बर्बाद होने की कगार पर थीं, संत रामपाल जी महाराज ने उनकी सहायता की।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा लगभग दो महीने पूर्व (28 तारीख को) मेहरवाला गांव में पानी की निकासी के लिए भारी-भरकम मोटर और 4,000 फुट लंबी पाइप लाइन भेजी गई थी। इन उपकरणों की सहायता से गांव से पानी निकाला गया और किसानों को बड़े नुकसान से बचाया जा सका। सरपंच ने इस निस्वार्थ सेवा के लिए धन्यवाद किया। इस पर संत रामपाल जी महाराज ने अत्यंत विनम्रता से कहा कि वे तो केवल एक सेवक हैं और भविष्य में भी यदि गांव को किसी मदद की आवश्यकता होगी, तो वे अवश्य सहायता करेंगे।

भिवानी के चांग गांव में जल संकट का समाधान

हरियाणा के भिवानी जिले के चांग गांव से आए एक श्रद्धालु ने भी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष उपस्थित होकर उनके द्वारा चलाए जा रहे भलाई के कार्यों का वर्णन किया। श्रद्धालु ने बताया कि शुरुआत में वे हिसार जाने वाले बस ड्राइवरों और कंडक्टरों से संत रामपाल जी महाराज के बारे में सुनते थे। बाद में जब उन्होंने आश्रम में आना शुरू किया, तो उन्हें वहां का वातावरण बहुत सकारात्मक लगा।

श्रद्धालु ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज ने चांग गांव में बड़ी मदद पहुंचाई है। संत रामपाल जी महाराज द्वारा गांव की गौशाला में चारा भेजा गया और जल संकट के समाधान के लिए 18,000 फुट लंबी पाइप लाइन और पानी की मोटर उपलब्ध कराई गई। इस सहायता से अत्यधिक प्रभावित होकर श्रद्धालु अपने परिवार और अपने बेटे (जो कि एलएलएम, पीएचडी शिक्षित वकील हैं) के साथ संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेने पहुंचे। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि बिना जांचे-परखे अंधाधुंध विश्वास नहीं करना चाहिए और ज्ञान को समझकर भक्ति मार्ग अपनाना चाहिए।

‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत बेसहारा गौवंश को मिला आसरा

खुईयां गौशाला: 550 गायों के लिए शेड और चारे की मंजूरी

संत रामपाल जी महाराज द्वारा बेसहारा गायों की रक्षा के लिए ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ चलाई जा रही है। इसी मुहिम के बारे में सुनकर हनुमानगढ़ जिले के नोहर तहसील के खुईयां गांव की गौशाला के प्रधान संत रामपाल जी महाराज के पास सहायता मांगने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में सूखे की स्थिति है और चारे का पूर्ण अभाव है। उनकी गौशाला में 550 गाएं हैं, जिनके लिए कोई शेड नहीं है और वे खुले आसमान के नीचे कड़ी धूप में खड़ी रहने को मजबूर हैं।

गौशाला प्रधान ने संत रामपाल जी महाराज से 150×15 आकार के एक बड़े शेड की मांग की। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी स्थिति को समझा और तुरंत उनके लिए एक शेड तथा सूखे चारे की मांग को मंजूर कर लिया। साथ ही, संत रामपाल जी महाराज ने उन्हें सलाह दी कि अगली बार मांगें लेकर आते समय गांव से अधिक लोगों को साथ लाने की आवश्यकता नहीं है, ताकि उनका यात्रा खर्च बच सके।

बालासर की 45 साल पुरानी गौशाला का विकास

राजस्थान के ही हनुमानगढ़ जिले के बालासर गांव से एक 45 साल पुरानी गौशाला के अध्यक्ष ने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज द्वारा आसपास के गांवों में की गई सेवाओं को देखा था। उन्होंने बताया कि उनकी गौशाला में गायों को रखने के लिए टीन शेड नहीं है। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से एक टीन शेड, सूखे चारे और पानी के एक कुंड की मांग की। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी बात सुनी और बिना किसी देरी के गौशाला के लिए इन तीनों मांगों को अपनी मंजूरी दे दी।

गौशालाओं में मजबूत निर्माण कार्यों की सराहना और नई मांगें

हुमायूंपुर में मजबूत टीन शेड का निर्माण

हरियाणा के हुमायूंपुर गांव से गौशाला कमेटी के उप प्रधान और उनके साथ आए सदस्यों ने संत रामपाल जी महाराज से मिलकर उनके कार्यों की भरपूर सराहना की। हुमायूंपुर की गौशाला में संत रामपाल जी महाराज द्वारा पहले ही एक टीन शेड का निर्माण करवाया गया था। उप प्रधान ने उस निर्माण कार्य की गुणवत्ता का उल्लेख करते हुए बताया कि वह शेड बहुत ही बेहतरीन और मजबूत तरीके से बनाया गया है। उन्होंने कहा कि शेड की नींव और खंभे इतने मजबूत हैं कि आसपास के सात-आठ गांवों में ऐसा ठोस काम कहीं नहीं हुआ है। उप प्रधान ने इस निर्माण को पीढ़ियों तक चलने वाला बताया। इसके बाद उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से गायों के पानी पीने के लिए एक ‘खेल’ बनवाने का निवेदन किया, जिसे संत रामपाल जी महाराज ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

कालवा के सरपंच द्वारा कार्यों की प्रशंसा

हरियाणा के जींद जिले के कालवा गांव के सरपंच ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष उपस्थित होकर उनके द्वारा किए जा रहे नेक कार्यों की अत्यधिक प्रशंसा की। सरपंच ने कहा कि समाज में ट्रैक्टर बांटने, गौशालाओं में सूखा चारा पहुंचाने और टीन शेड बनवाने जैसे जो कार्य संत रामपाल जी महाराज कर रहे हैं, उनसे आम जनता बहुत प्रभावित है। सरपंच ने संत रामपाल जी महाराज से अपनी गौशाला के लिए एक छोटे ट्रैक्टर और एक शेड की मांग रखी, जिसे तुरंत मंजूर कर लिया गया। बातचीत के दौरान संत रामपाल जी महाराज ने स्पष्ट किया कि वे समाज के हर वर्ग को एक समान मानते हैं और बिना किसी भेदभाव के दुखियों की सहायता करते हैं। सरपंच ने संत रामपाल जी महाराज से अपने गांव कालवा में दर्शन देने का भी आग्रह किया।

मेघना और ख्याली की गौशालाओं से पहुंचे प्रतिनिधि

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के मेघना गांव की गौशाला के सचिव ने भी संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। सचिव ने बताया कि उनकी गौशाला में 400 गाएं हैं। उन्होंने बीमार गायों की देखभाल के लिए एक एंबुलेंस (पिकअप गाड़ी) और 600 क्विंटल सूखे चारे की आवश्यकता जताई। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी मांगों को सुना और उन्हें लिखित रूप में देने को कहा।

इसी प्रकार, राजस्थान के ही ख्याली गांव से गौशाला के कोषाध्यक्ष संत रामपाल जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे। कोषाध्यक्ष ने भी अपनी गौशाला के लिए सहायता प्राप्त करने के उद्देश्य से संत रामपाल जी महाराज के समक्ष अपनी बात रखी। संत रामपाल जी महाराज ने उनका स्वागत किया और उन्हें भी अपनी आवश्यकताएं लिखित में देने का निर्देश दिया।

प्रमुख हस्तियों के बयान

हस्तीपद/परिचयबयानवीडियो स्रोत
सरपंचसरपंच, कालवा (जींद, हरियाणा)उन्होंने संत रामपाल जी महाराज द्वारा ट्रैक्टर बांटने, गौशालाओं में चारा पहुंचाने और शेड बनवाने के कार्यों की सराहना की। उन्होंने अपनी गौशाला के लिए एक छोटे ट्रैक्टर और शेड की मांग की।https://youtu.be/NbEaxNhfsEw
कोषाध्यक्षकोषाध्यक्ष, गौशाला, ख्याली (राजस्थान)उन्होंने अपनी गौशाला के लिए सहायता प्राप्त करने के उद्देश्य से संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की और अपनी स्थिति बताई।https://youtu.be/8IQwwDvxiYE
अध्यक्षअध्यक्ष, गौशाला, बालासर (हनुमानगढ़, राजस्थान)उन्होंने बताया कि उनकी 45 साल पुरानी गौशाला में सुविधाओं की कमी है। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से टीन शेड, पानी के कुंड और सूखे चारे की मांग की।https://youtu.be/UPpEv_l3mfQ
उप प्रधानउप प्रधान, गौशाला कमेटी, हुमायूंपुर (हरियाणा)उन्होंने संत रामपाल जी महाराज द्वारा बनवाए गए शेड की मजबूती की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आसपास के गांवों में ऐसा मजबूत निर्माण नहीं हुआ है और पानी की खेल बनवाने का निवेदन किया।https://youtu.be/DtmC1fZPgrU
सरपंचसरपंच, मेहरवाला (हनुमानगढ़, राजस्थान)उन्होंने बताया कि उनके गांव की 20,000 रकबा कृषि भूमि बाढ़ में डूब गई थी। संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई 4000 फुट पाइप और मोटर से गांव को बचाया गया, जिसके लिए वे आभारी हैं।https://youtu.be/qh_DbAFcGtc
प्रधानप्रधान, गौशाला, खुईयां (हनुमानगढ़, राजस्थान)उन्होंने बताया कि उनकी गौशाला की 550 गाएं बिना शेड के कड़ी धूप में रहती हैं। उन्होंने सूखे की वजह से चारे और एक बड़े टीन शेड की मांग रखी।https://youtu.be/2BTuoiUFKP4
सचिवसचिव, गौशाला, मेघना (हनुमानगढ़, राजस्थान)उन्होंने अपनी गौशाला की 400 गायों के लिए 600 क्विंटल तूड़ी (सूखा चारा) और बीमार गायों के लिए एक एंबुलेंस (पिकअप) की मांग रखी।https://youtu.be/SLktDQ8UZHU
श्रद्धालुश्रद्धालु, चांग (भिवानी, हरियाणा)उन्होंने बताया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा उनके गांव में 18,000 फुट पाइप, मोटर और चारा उपलब्ध कराया गया। वे अपने परिवार और वकील बेटे के साथ नाम दीक्षा लेने आए।https://youtu.be/yihOxFDEMwo

समाज कल्याण और निस्वार्थ सेवा का निरंतर बढ़ता स्वरूप

उपरोक्त सभी मुलाकातों और तथ्यों से यह स्पष्ट रूप से सिद्ध होता है कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा समाज भलाई के जो कार्य किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से जमीनी स्तर पर हैं। चाहे राजस्थान के सूखे इलाके हों या हरियाणा के बाढ़ प्रभावित गांव, संत रामपाल जी महाराज ने हर स्थान पर पहुंचकर लोगों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किया है। ये सभी सहायता कार्य बिना किसी भेदभाव के किए जा रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज ने स्वयं स्पष्ट किया है कि वे केवल समाज के सेवक हैं और उनका एकमात्र उद्देश्य लोगों और बेजुबान जानवरों के दुखों को दूर करना है। इन्ही कार्यों के परिणामस्वरूप दूर-दूर से आमजन और जनप्रतिनिधि स्वतः ही उनके पास पहुंच रहे हैं।

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