संत रामपाल जी महाराज के प्रयासों से हरियाणा में सामाजिक बदलाव की नई लहर, समाजसेवियों ने मिलकर की सराहना

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हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, किसान यूनियनों के पदाधिकारियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने धनाना धाम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। 

इस महत्वपूर्ण समागम के दौरान समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने, किसान-मजदूरों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने, दहेज प्रथा पर अंकुश लगाने और बेजुबान पशुओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे 13 सूत्रीय जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा उनकी सराहना की गई।

संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियानों का मुख्य ध्येय समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सीधी सहायता पहुंचाना और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना करना है। 

विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि आश्रम द्वारा कृषि, पेयजल, आवास निर्माण और निशुल्क विवाह की जो पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है, वह कलयुग में सामाजिक समरसता और मानव सेवा का अनूठा उदाहरण है।

धनाना धाम में विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों का समागम और संत रामपाल जी महाराज से संवाद

धनाणा धाम में आयोजित कार्यक्रम में सोनीपत, गोहाना, रोहतक, हिसार, करनाल और चरखी दादरी से पहुंचे नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों ने संत रामपाल जी महाराज के दर्शन किए और आश्रम की विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का जायजा लिया। 

गोहाना (सोनीपत) से प्रसिद्ध वैद्य परिवार के सदस्य, जिनमें डॉक्टर कपूर सिंह के भाई वैद्य धर्मचंद्र के बेटे और उनके परिवार के सदस्य शामिल थे, जो चंडीगढ़ में निवास करते हैं, ने आश्रम की व्यवस्था देखकर अपना समर्थन व्यक्त किया।

उनके साथ गोहाना क्षेत्र के बौदा गांव के पूर्व सरपंच एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य तथा किसान खाद-बीज एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। प्रतिनिधियों ने कहा कि वे आश्रम की शुरुआत के दौर से ही संत रामपाल जी महाराज के विचारों से जुड़े हुए हैं और 36 बिरादरी के लिए चलाए जा रहे निष्काम सेवा कार्यों की सराहना करते हैं। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा गुरु महिमा में रचित भजनों का गायन भी किया गया, जिसमें सतलोक आश्रम को सच्चा शांति धाम बताया गया।

संत रामपाल जी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यदि बुजुर्ग समाज में बुराइयों और व्यसनों को त्यागने का संकल्प लेंगे, तो युवा पीढ़ी स्वतः ही सही मार्ग अपनाएगी। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में जिस प्रकार पंचायतें सत्य और धर्म के निर्णय लेती थीं, उसी प्रकार आज भी पंचायतों और समाज को आगे आकर कुरीतियों का अंत करना होगा।

किसान मजदूर बचाओ अभियान और 13 सूत्रीय समाज सुधार कार्यक्रम

संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में संचालित ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान (चरण-2)’ के अंतर्गत किसानों और मजदूरों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। जिन किसानों की भूमि 2.5 एकड़ (ढाई एकड़) तक है, उन्हें कृषि कार्य के लिए पूरी तरह निशुल्क खाद, गुणवत्तायुक्त बीज और कीटनाशक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

संत रामपाल जी महाराज ने घोषणा की कि जो किसान अपने घर से नशा पूरी तरह समाप्त कर देंगे, उनके लिए निशुल्क खाद-बीज सहायता का दायरा बढ़ाकर 5 एकड़ तक कर दिया जाएगा।

अभियान के तहत उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहां किसान जलभराव या अत्यधिक सूखे की मार झेल रहे थे। दिल्ली और हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे कंझावला, नरेला और सोनीपत के ग्रामीण इलाकों में जलभराव की समस्या का समाधान करने के लिए आश्रम द्वारा विशेष वाटर पंप और लंबी पाइपलाइनें बिछाई गईं, जिससे किसानों की डूबी हुई फसलों को बचाकर भूमि को पुनः कृषि योग्य बनाया गया।

इसके साथ ही, जिन असहाय और गरीब परिवारों के पास रहने के लिए पक्के मकान नहीं हैं, आश्रम प्रबंधन उनके लिए निशुल्क पक्के मकानों का निर्माण करवा रहा है। करनाल से आए श्रद्धालुओं ने भी इन आवास निर्माण परियोजनाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दी जा रही सीधी सहायता की पुष्टि की।

किसान आंदोलन के प्रतिनिधियों का आगमन और कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन

सोनीपत जिले के शामड़ी गांव से किसान यूनियन के प्रदेश सचिव, जो किसान आंदोलन के दौरान खनौरी बॉर्डर और दिल्ली सीमाओं पर लगातार 14 महीने तक सक्रिय रहे थे और जगजीत सिंह डल्लेवाल के 132 दिवसीय अनशन दल से जुड़े रहे हैं, धनाना धाम पहुंचे। 

उनके साथ शामड़ी गांव के पूर्व सरपंच भी मौजूद थे। किसान नेता ने किसान आंदोलन के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय में संत रामपाल जी महाराज के सेवादारों द्वारा सीमाओं पर लंगर और आवास की जो व्यवस्था की गई थी, उसने आंदोलनकारियों को बहुत बड़ी राहत दी थी।

किसान यूनियन के प्रदेश सचिव ने घोषणा की कि वे अपने गांव शामड़ी (सोनीपत) में एक नई गौशाला का निर्माण कराने जा रहे हैं और इसके लिए उन्होंने आश्रम की कार्यप्रणाली तथा लंगर व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि निष्काम भाव से की जाने वाली सेवा ही मानव का सच्चा कर्म है और इसका फल अवश्य मिलता है।

इसके साथ ही, महम खेड़ी (रोहतक) के वर्तमान ग्राम सरपंच और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। सरपंच ने कहा कि आज के दौर में जिस प्रकार से किसानों, जमींदारों और गरीब वर्ग की मदद की जा रही है, वैसा निस्वार्थ कार्य कोई अन्य संस्था नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि इन पारदर्शी प्रयासों से ग्रामीण जनता का मनोबल अत्यधिक बढ़ा है।

17 मिनट में बिना दहेज विवाह (रमैणी) और नशामुक्त समाज का संकल्प

पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान संत रामपाल जी महाराज ने समाज में फैली दहेज प्रथा पर अपने बेबाक विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि आश्रम के माध्यम से मात्र 17 मिनट में बिना किसी आडंबर, 

बिना डीजे, बिना बैंड-बाजा और बिना किसी लेन-देन के विवाह संपन्न कराए जाते हैं, जिसे ‘रमैणी’ कहा जाता है। इसमें नामदान प्राप्त जोड़े एक-दूसरे को स्वीकार करते हैं और कबीर साहेब की वाणी के उच्चारण के साथ विवाह संपन्न होता है।

इस व्यवस्था का पौराणिक आधार बताते हुए संत रामपाल जी महाराज ने देवी पुराण का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि देवी दुर्गा ने अपने तीनों पुत्रों—श्री ब्रह्मा जी, श्री विष्णु जी और श्री शिव जी का विवाह क्रमशः सावित्री, लक्ष्मी और पार्वती के साथ बिना किसी बारात, डीजे या फिजूलखर्ची के अत्यंत सादगीपूर्ण शब्द-संस्कार से कराया था। 

उन्होंने कहा कि आज विवाहों में लाखों-करोड़ों रुपए व्यर्थ बहाए जाते हैं और दहेज के कारण बेटियां प्रताड़ित होती हैं। यदि माता-पिता वही धन बचाकर अपनी बेटी की जरूरत के समय मकान बनाने या व्यापार में मदद करें, तो समाज से दहेज जैसी कुरीति हमेशा के लिए समाप्त हो सकती है।

इसके अतिरिक्त, संत रामपाल जी महाराज से दीक्षा लेने वाले प्रत्येक शिष्य के लिए बीड़ी, सिगरेट, शराब, तंबाकू और अन्य सभी प्रकार के नशों का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है। हिसार से आए जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) और उनके सॉफ्टवेयर इंजीनियर साथी ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य लंबे समय से आश्रम से जुड़े हैं और नशामुक्त जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवाओं को भी इस आध्यात्मिक और नैतिक अभियान से जुड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए।

बेजुबान पशुधन सुरक्षा, गौशाला सहायता और अन्नपूर्णा मुहिम

सड़कों पर भटकते बेजुबान मवेशियों और गौवंश की दुर्दशा पर बात करते हुए संत रामपाल जी महाराज ने कहा कि केवल बातें करने से गौवंश की रक्षा नहीं हो सकती, बल्कि धरातल पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि जो भी गौशाला संचालक या संस्थाएं बेजुबान पशुओं की सेवा के लिए आगे आती हैं, आश्रम उन्हें शेड निर्माण, हरा चारा, सूखा भूसा और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के लिए पूरा सहयोग प्रदान करता है।

चरखी दादरी की प्रसिद्ध भागेश्वरी गौशाला समिति के प्रतिनिधियों ने धनाना धाम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज का धन्यवाद किया। भीषण गर्मी के मौसम में बेजुबान पशुओं के लिए ‘पशुधन बचाओ, शुद्ध जल पिलाओ अभियान’ के तहत आश्रम द्वारा जगह-जगह जलकुंड बनवाए गए हैं और गौशालाओं को आर्थिक व संसाधन सहायता दी जा रही है।

आश्रम में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे चलने वाले निशुल्क लंगर और चाय-प्रसाद की व्यवस्था के संबंध में पूछे जाने पर संत रामपाल जी महाराज ने कहा कि यह सब पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब की दया से संचालित हो रहा है। उन्होंने कबीर साहेब की वाणी उद्धृत करते हुए कहा:

“चिड़ी चोंच भर ले गई, नदी ना घटयो नीर, दान दिए धन घटे नहीं कह गए साहिब कबीर “

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब शिष्य बुराइयों और व्यसनों को त्याग देते हैं, तो उनका व्यर्थ का खर्चा बच जाता है। इसी बचे हुए धन से श्रद्धालु स्वेच्छा से दान करते हैं, जिसे आश्रम बिना किसी भेदभाव के जनता की सेवा, गरीब कन्याओं के विवाह, प्राकृतिक आपदाओं में राहत और ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत भोजन वितरण में लगा देता है।

प्रमुख हस्तियों के बयान

हस्तीपद/परिचयबयानवीडियो स्रोत
वैद्य धर्मचंद्र के पुत्र / कपूर सिंह के परिवारप्रतिनिधि, चंडीगढ़ व गोहाना (सोनीपत)जलभराव की समस्या हल करने और 36 बिरादरी के कल्याण के लिए आश्रम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।वीडियो देखें
किसान प्रदेश सचिवप्रदेश सचिव, किसान यूनियन (शामड़ी, सोनीपत)आंदोलन के समय आश्रम की लंगर व्यवस्था की सराहना की तथा गांव शामड़ी में नई गौशाला खोलने और सेवा कार्यों से जुड़ने की बात कही।वीडियो देखें
वर्तमान सरपंचग्राम सरपंच, महम खेड़ी (रोहतक)किसानों, गरीबों और जमींदारों के लिए चलाए जा रहे निस्वार्थ सेवा कार्यों को अद्वितीय बताते हुए संत रामपाल जी महाराज का आभार जताया।वीडियो देखें
करनाल के प्रतिनिधिश्रद्धालु प्रतिनिधि, करनालगरीब परिवारों को पक्के मकान बनाकर देने और निशुल्क सामाजिक सहायता अभियानों की सराहना की।वीडियो देखें
हिसार के प्रतिनिधियुवा प्रतिनिधि, हिसारगरीब कन्याओं की शादी और समाज सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए युवाओं से अभियानों से जुड़ने का आह्वान किया।वीडियो देखें
जूनियर इंजीनियर व सॉफ्टवेयर इंजीनियरपेशेवर इंजीनियर, हिसारनशामुक्त और नैतिक जीवनशैली को सराहा तथा किसानों के कल्याण के लिए आश्रम के तकनीकी व सामाजिक प्रयासों को महान बताया।वीडियो देखें
भागेश्वरी गौशाला प्रतिनिधिगौशाला समिति प्रतिनिधि, चरखी दादरीभीषण गर्मी में बेजुबान पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था और गौशालाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।वीडियो देखें

समाज सुधार और मानव सेवा का नया अध्याय

धनाना धाम में आयोजित इस विशाल समागम ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब आध्यात्मिक मार्गदर्शन और व्यावहारिक समाज सेवा का मिलन होता है, तो समाज की बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान संभव हो जाता है। 

किसान नेताओं, सरपंचों, डॉक्टरों, इंजीनियरों और आम नागरिकों का एक मंच पर आकर संत रामपाल जी महाराज के 13 सूत्रीय अभियानों का समर्थन करना इस बात का प्रमाण है कि दहेजमुक्ति, नशामुक्ति, निशुल्क कृषि सहायता और पशु सेवा जैसे मुद्दे आज जन-जन की आवश्यकता बन चुके हैं। 

17 मिनट की सादगीपूर्ण ‘रमैणी’ शादी और निष्काम लंगर व्यवस्था ने समाज के सामने फिजूलखर्ची रोकने का एक व्यावहारिक मॉडल पेश किया है। यदि इन अभियानों को व्यापक स्तर पर अपनाया जाता है, तो यह न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा बल्कि एक स्वस्थ, कुरीतिमुक्त और समृद्ध समाज के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

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