Phase II के तहत संत रामपाल जी महाराज से गांव अहरवां को मिली स्थायी जल निकासी व्यवस्था, 39,000 फीट पाइपलाइन और सात मोटरों से किसानों को बड़ी राहत

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हरियाणा के पलवल जिले के गांव अहरवां में लगभग 25 से 28 वर्षों से चली आ रही बरसाती जलभराव की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत विस्तृत सर्वे के बाद जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के आदेशानुसार गांव को 39,000 फीट पाइपलाइन, सात हैवी-ड्यूटी मोटरें तथा जल निकासी के लिए आवश्यक अन्य सामग्री उपलब्ध करवाई गई। इससे किसानों को जलभराव की समस्या से राहत मिलने और कृषि गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

गांव अहरवां की ग्राम पंचायत ने वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए किसान मज़दूर बचाओ अभियान के तहत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना प्रस्तुत की थी। उनके आदेश पर सर्वे टीम ने गांव का निरीक्षण कर जल निकासी के लिए आवश्यक पाइपलाइन और मोटरों की वास्तविक आवश्यकता का आकलन किया। इसके आधार पर गांव को दो चरणों में आवश्यक सामग्री स्वीकृत कर उपलब्ध करवाई गई।

Table of Contents

मुख्य बिंदु: गांव अहरवां में फेज़ टू के तहत जल निकासी व्यवस्था

मुख्य बिंदुविवरण
गांवगांव अहरवां, पलवल (हरियाणा)
मुख्य समस्याबरसाती पानी से कृषि भूमि में जलभराव
समस्या की अवधिलगभग 25–28 वर्ष
अभियानकिसान मजदूर बचाओ अभियान फेज टू
स्वीकृत पाइपलाइन39,000 फीट (8 इंच) पाइपलाइन
उपलब्ध करवाई गई मोटरें7 हैवी-ड्यूटी मोटरें (2 × 20 HP एवं 5 × 10 HP)
अन्य सामग्रीएलएंडटी स्टार्टर, सक्शन पाइप, पीवीसी पाइप, केबल वायर, रेड्यूसर, एयर वाल्व, क्लैंप, स्टील नट-बोल्ट, लोहे के बैंड तथा अन्य आवश्यक ब्रांडेड फिटिंग सामग्री
संभावित लाभबेहतर जल निकासी, कृषि भूमि की पुनर्बहाली और खेती को दीर्घकालिक राहत

करीब ढाई दशक से जलभराव की समस्या से जूझ रहा था गांव अहरवां

ग्रामीणों के अनुसार, गांव अहरवां में बरसाती पानी के जलभराव की समस्या लगभग 25 से 28 वर्षों से बनी हुई थी। जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होती थी।

ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से किसानों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। कई क्षेत्रों में खेती प्रभावित होती रही और यह समस्या वर्षों से किसानों की प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई थी।

ग्राम पंचायत की प्रार्थना पर हुआ सर्वे, दो चरणों में मिली स्वीकृति

स्थायी समाधान की मांग को लेकर ग्राम पंचायत अहरवां ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान के तहत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के चरणों में प्रार्थना की।

यह भी पढ़ें:  संत रामपाल जी महाराज ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान Phase 2 के तहत गांव भूरावास (झज्जर, हरियाणा) को दी जलभराव से राहत के लिए सहायता

उनके आदेश पर सर्वे टीम ने गांव का दौरा कर जल निकासी व्यवस्था के लिए आवश्यक पाइपलाइन और मोटरों का विस्तृत आकलन किया। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सहायता दो चरणों में स्वीकृत की गई।

प्रथम चरण

  • 8 इंच की 15,000 फीट पाइपलाइन
  • कुल 3 मोटरें
    • 20 HP की 2 मोटरें
    • 10 HP की 1 मोटर

द्वितीय चरण (फेज़ टू)

बाद में गांव के अतिरिक्त क्षेत्रों में भी जल निकासी की आवश्यकता सामने आने पर ग्राम पंचायत ने पुनः प्रार्थना की।

इसके बाद दूसरे चरण में स्वीकृत किया गया—

  • 8 इंच की 24,000 फीट पाइपलाइन
  • 10 HP की 4 अतिरिक्त मोटरें

इस प्रकार दोनों चरणों में गांव अहरवां को कुल 39,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन तथा सात हैवी-ड्यूटी मोटरें उपलब्ध करवाई गईं।

भूमिगत पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद उपलब्ध करवाई गईं मोटरें

ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, सबसे पहले दोनों चरणों की पाइपलाइन और आवश्यक सामग्री ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई गई। इसके बाद ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने निर्धारित समय के भीतर पूरी पाइपलाइन को सफलतापूर्वक भूमिगत कर दिया।

कार्य पूरा होने के बाद सर्वे टीम ने दोबारा गांव पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण में कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने पर री-सर्वे रिपोर्ट जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के चरणों में प्रस्तुत की गई।

रिपोर्ट स्वीकृत होने के पश्चात उन्होंने गांव अहरवां को सात हैवी-ड्यूटी मोटरें उपलब्ध करवाने का आदेश दिया।

जल निकासी प्रणाली के लिए संपूर्ण स्थापना सामग्री भी सौंपी गई

सात हैवी-ड्यूटी मोटरों के साथ ग्राम पंचायत को जल निकासी व्यवस्था के संचालन के लिए आवश्यक संपूर्ण सामग्री भी उपलब्ध करवाई गई।

उपलब्ध करवाई गई सामग्री में शामिल हैं—

  • एलएंडटी स्टार्टर
  • सक्शन पाइप
  • पीवीसी पाइप
  • केबल वायर
  • लोहे के बैंड
  • रेड्यूसर
  • एयर वाल्व
  • कनेक्शन प्लेट
  • क्लैंप
  • स्टील नट-बोल्ट
  • फिटिंग कार्य में उपयोग होने वाली अन्य आवश्यक ब्रांडेड सामग्री

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान बताया गया कि मंगलाचरण के उपरांत यह संपूर्ण सामग्री औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत को सौंप दी गई।

ग्राउंड रिपोर्ट में सरपंच और ग्रामीणों ने बताई परियोजना की उपयोगिता

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सरपंच ने बताया कि गांव में 39,000 फीट पाइपलाइन पहले ही भूमिगत की जा चुकी है और अब गांव को 20 HP की दो तथा 10 HP की पांच मोटरें, कुल सात मोटरें प्राप्त हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में फिर से पानी भर गया था, लेकिन पाइपलाइन पहले से बिछी होने के कारण मोटरें चालू होते ही जमा बरसाती पानी की निकासी संभव हो सकेगी।

यह भी पढ़ें:  संत रामपाल जी महाराज ने फेज़ 2 में मरौली गांव पलवल में जलभराव समाधान हेतु भेजी सामग्री

सरपंच के अनुसार, गांव की लगभग 1,000 से 1,500 एकड़ कृषि भूमि जलभराव से प्रभावित होती रही है। उनका कहना था कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद खेतों से पानी निकलेगा, जिससे फसल उत्पादन में सुधार होगा और किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की मिली उम्मीद

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान एक अन्य ग्राम प्रतिनिधि ने बताया कि गांव में जलभराव की समस्या को लेकर वे जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के पास प्रार्थना लेकर गए थे। उनके अनुसार, गांव की 150 एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलभराव के कारण अनुपयोगी हो गई थी।

उन्होंने बताया कि अब पाइपलाइन भूमिगत की जा चुकी है और गांव को सातों मोटरों के साथ उनकी स्थापना के लिए आवश्यक संपूर्ण सामग्री भी प्राप्त हो गई है। मोटरें चालू होने के बाद बरसाती पानी की निकासी संभव होगी और प्रभावित भूमि पर दोबारा खेती की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि जिस कार्य को वर्षों तक पूरा नहीं किया जा सका, वह अब साकार हुआ है।

एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि इस पूरी व्यवस्था के लिए किसानों को अपनी ओर से कोई आर्थिक खर्च नहीं करना पड़ा। उन्होंने इसे किसानों के हित में की गई निस्वार्थ सेवा बताते हुए कहा कि इससे गांव की कृषि व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

ग्रामीणों ने साझा किए अपने अनुभव

ग्राउंड रिपोर्ट में कई ग्रामीणों ने इस पहल को गांव के लिए महत्वपूर्ण राहत बताया। एक ग्रामीण ने कहा कि उन्होंने जलभराव की समस्या के समाधान के लिए कई बार मुख्यमंत्री को लिखित रूप में आवेदन दिए थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। उनका कहना था कि गांव की प्रार्थना के बाद जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने उनकी मांग स्वीकार की और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई। उन्होंने इसे निस्वार्थ सेवा बताया।

एक बुजुर्ग किसान ने कहा कि गांव लगभग 25 से 28 वर्षों से इस समस्या से जूझ रहा था। उनके अनुसार, दूसरी बार प्रार्थना करने पर शेष आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मोटरें शुरू होने के बाद खेतों में जमा बरसाती पानी निकल जाएगा, जिससे गेहूं सहित अन्य फसलों का उत्पादन बेहतर होगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि इस व्यवस्था से किसानों को खेती योग्य भूमि वापस मिलेगी, जिससे गांव का भविष्य अधिक बेहतर दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि गांव को 39,000 फीट पाइपलाइन और सात मोटरें प्राप्त हुई हैं। उनके अनुसार, यह सहायता लगभग ₹50–60 लाख की है। वहीं कार्यक्रम के दौरान एक अन्य वक्ता ने उपलब्ध करवाई गई सामग्री का मूल्य लगभग ₹50–70 लाख बताया।

फेज़ टू के तहत 100 से अधिक गांवों में सेवा कार्य पूरा होने की जानकारी

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान बताया गया कि किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ टू, शुद्ध पेयजल सेवा अभियान तथा पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान के तहत अब तक 100 से अधिक गांवों में सेवा कार्य पूरा किया जा चुका है और यह कार्य लगातार जारी है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी का स्पष्ट संदेश है कि लोक दिखावे के बजाय जमीनी स्तर पर कार्य करके परिणाम प्रस्तुत किए जाएं। इसी क्रम में राहत प्राप्त करने वाले गांवों की सूची केवल जानकारी के उद्देश्य से साझा की गई।

ग्राम पंचायत ने बताई नई व्यवस्था से होने वाले संभावित लाभ

ग्राम पंचायत अहरवां के अनुसार, 39,000 फीट पाइपलाइन और सात मोटरों के संचालन के बाद खेतों में जमा बरसाती पानी को सीधे स्थानीय ड्रेन तक पहुंचाया जा सकेगा।

ग्राम पंचायत का कहना है कि इस व्यवस्था से—

  • बरसाती पानी की निकासी अधिक प्रभावी होगी।
  • खेतों में जलभराव की समस्या पर नियंत्रण मिलेगा।
  • सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि दोबारा खेती योग्य बन सकेगी।
  • किसानों को फसल उत्पादन में स्थायी राहत मिलने की संभावना है।
  • खेती का रकबा बढ़ेगा।
  • किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
  • गांव की उपजाऊ भूमि का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

ग्रामीणों ने कहा कि किसान हित और जनहित को ध्यान में रखते हुए जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा की गई यह पहल गांव अहरवां के लिए महत्वपूर्ण राहत लेकर आई है।

दीर्घकालिक जल निकासी व्यवस्था से किसानों को राहत की उम्मीद

लगभग 25 से 28 वर्षों से जलभराव की समस्या झेल रहे गांव अहरवां, पलवल (हरियाणा) में भूमिगत पाइपलाइन और सात हैवी-ड्यूटी मोटरों की व्यवस्था पूरी होने के बाद ग्रामीणों और ग्राम पंचायत ने खेती में सुधार की उम्मीद जताई है। उनके अनुसार, नई जल निकासी व्यवस्था से बरसाती पानी का प्रभावी प्रबंधन संभव होगा, जिससे कृषि भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा और किसानों को दीर्घकालिक राहत मिलने की संभावना है। अधिक जानकारी के लिए SA News YouTube Channel पर अवश्य जाएँ।

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