संत रामपाल जी महाराज ने फेज़ 2 में मरौली गांव पलवल में जलभराव समाधान हेतु भेजी सामग्री

Published on

spot_img

हरियाणा राज्य के जिला पलवल, तहसील होडल के अंतर्गत आने वाले गांव मरौली में विगत कई वर्षों से मानसून और बारिश के दौरान गंभीर जलभराव की समस्या बनी हुई थी। बारिश के मौसम में गांव के पांच प्रमुख बिंदुओं तथा 600 एकड़ कृषि भूमि में पानी भर जाता था। इसके कारण न केवल किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो जाती थीं, बल्कि गांव के प्राथमिक विद्यालय (प्राइमरी स्कूल), स्थानीय डिस्पेंसरी और रिहायशी गलियों में 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो जाता था।

जलभराव के कारण प्राथमिक विद्यालय में पानी घुस जाने से बच्चों की पढ़ाई कई महीनों तक बाधित रहती थी और विद्यालय का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए अध्यापकों को कड़े प्रयास करने पड़ते थे। इसके अतिरिक्त, स्थानीय डिस्पेंसरी जलमग्न हो जाने से स्वास्थ्य सेवाएं भी ठप हो जाती थीं। ग्रामीणों और किसानों के आवागमन का मार्ग बंद हो जाता था और जलभराव के कारण घरों में गंदगी फैलती थी। 

स्थानीय निवासियों के अनुसार यह समस्या बीते 50 वर्षों से लगातार बनी हुई थी, जिससे ग्रामीणों को आजीविका के लिए फरीदाबाद एवं अन्य शहरों में मजदूरी करने जाना पड़ता था।

ग्राम पंचायत की याचिका एवं सर्वे टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण

वर्षों पुरानी इस जलभराव समस्या के स्थायी और ठोस समाधान हेतु मरौली गांव की ग्राम पंचायत ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2’ के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज के सतलोक आश्रम धनाना धाम में प्रार्थना लेकर पहुंची।

  • प्रारंभिक मांग: ग्राम पंचायत ने प्रारंभ में 10,500 फीट पाइप तथा 5 वाटर पंप/मोटर की मांग रखी थी।
  • त्वरित कार्रवाई: प्रार्थना प्राप्त होते ही संत रामपाल जी महाराज ने त्वरित प्रभाव से अपनी तकनीकी सर्वे टीम को मरौली गांव जाकर स्थिति का भौतिक निरीक्षण करने का आदेश दिया।
  • सर्वेक्षण निष्कर्ष: सर्वे टीम ने गांव पहुंचकर प्राथमिक विद्यालय, जोहड़ (तालाब), 600 एकड़ जलमग्न कृषि भूमि और डिस्पेंसरी क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।

सर्वेक्षण में यह पाया गया कि गांव को 5 अलग-अलग लाइनों या 5 मोटरों की आवश्यकता नहीं है, बल्कि 2 मुख्य पाइपलाइन से ही पूरे पानी की निकासी संभव है:

  1. प्रथम लाइन (स्कूल व जोहड़ लाइन): प्राथमिक विद्यालय, डिस्पेंसरी और गांव के ओवरफ्लो जोहड़ से पानी निकासी हेतु 3,400 मीटर (11,600 फीट) लंबी 8 इंच पाइपलाइन और एक 20 एचपी की मोटर।
  2. द्वितीय लाइन (खेत व जंगल लाइन): जलमग्न कृषि भूमि क्षेत्र से निकासी हेतु 2,100 मीटर (7,200 फीट) लंबी 8 इंच पाइपलाइन और एक 10 एचपी की मोटर।

सर्वे टीम ने कुल 18,800 फीट 8 इंच पीवीसी पाइप तथा दो मोटरों की संस्तुति रिपोर्ट तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रेषित की।

राहत सामग्री का प्रेषण एवं ग्राम पंचायत को हस्तांतरण

सर्वे रिपोर्ट स्वीकृत होने के तुरंत बाद ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2’ के अंतर्गत सामग्री मरौली गांव पहुंचा दी गई। संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा एवं आपदा राहत सेवा के तहत गांव के लिए स्वीकृत पूरी पाइपलाइन सामग्री तथा अन्य तकनीकी एसेसरीज तुरंत प्रेषित करवा दी।

हस्तांतरित की गई राहत सामग्री की विस्तृत सूची

  • पीवीसी पाइप: 18,800 फीट (8 इंच व्यास) उच्च गुणवत्ता वाले हैवी ड्यूटी पाइप।
  • सपोर्टिंग एसेसरीज:
  • एयर वाल्व (पाइपलाइन में हवा के दबाव को नियंत्रित करने हेतु)
  • फेविकोल/सॉल्वेंट सीमेंट
  • नट और बोल्ट
  • मेटल प्लेट्स एवं फ्लैंज
  • बैंड्स (एल्बो/मोड़)
  • पीवीसी कनेक्टिंग पाइप्स

संत रामपाल जी महाराज ने क्रॉम्पटन (Crompton) / किर्लोस्कर (Kirloskar) कंपनी की एक 20 एचपी और एक 10 एचपी की हैवी-ड्यूटी मोटर स्वीकृत की हैं। 

सामग्री हस्तांतरण के दौरान यह शर्त रखी गई कि ग्राम पंचायत सर्वप्रथम 18,800 फीट पाइपलाइन को भूमिगत (Underground) दबाएगी तथा उसमें पानी छोड़कर एयर वाल्व के साथ लीकेज की जांच करेगी। इसके पश्चात पुनः स्थलीय सत्यापन सर्वे किया जाएगा और सत्यापन पूर्ण होते ही दोनों मोटरें ग्राम पंचायत को सौंप दी जाएंगी।

स्वीकृत एवं वितरित सामग्री का सारांश

विवरण / श्रेणीस्वीकृत / वितरित परिमाण
लाभान्वित क्षेत्रगांव मरौली, तहसील होडल, जिला पलवल (हरियाणा)
प्रभावित कृषि भूमि600 एकड़ कृषि भूमि
मुख्य प्रभावित संरचनाएंराजकीय प्राथमिक विद्यालय, गांव की डिस्पेंसरी, मुख्य सड़कें व जोहड़
कुल स्वीकृत पाइपलाइन18,800 फीट (8 इंच व्यास)
प्रथम लाइन (स्कूल/जोहड़)11,600 फीट (3,400 मीटर)
द्वितीय लाइन (कृषि भूमि)7,200 फीट (2,100 मीटर)
स्वीकृत वाटर पंप (मोटर)1 इकाई (20 HP) तथा 1 इकाई (10 HP) – क्रॉम्पटन/किर्लोस्कर
सहायक सामग्री (एसेसरीज)एयर वाल्व, नट-बोल्ट, फेविकोल, फ्लैंज, प्लेट्स, एल्बो बैंड्स
अभियान का नामकिसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2

ग्रामीणों द्वारा स्वागत, प्रतिक्रियाएं एवं भावी कार्ययोजना

सामग्री से भरे ट्रकों के मरौली गांव पहुंचने पर ग्रामीणों और ग्राम पंचायत ने भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और डीजे पर मंगलाचरण के साथ राहत सामग्री का स्वागत किया और संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप पर पुष्पमालाएं अर्पित कीं।

  • महेश कुमार (सरपंच, मरौली): “हमारे गांव में पिछले तीन पीढ़ियों से जलभराव की गंभीर समस्या थी, जिससे स्कूल, डिस्पेंसरी और खेत पानी में डूब जाते थे। प्रार्थना करने के मात्र 24 घंटे के भीतर संत रामपाल जी महाराज ने 18,800 फीट पाइप और दो मोटरें स्वीकृत कर गांव में भिजवा दीं। ग्राम पंचायत अगले 15 से 20 दिनों के भीतर पाइपलाइन को भूमिगत दबाने का कार्य पूरा कर लेगी।”
  • राजू (ग्रामीण): “हमारे जन्म से ही यह समस्या बनी हुई थी। हर साल स्कूल में महीनों छुट्टियां रखनी पड़ती थीं और पूरी फसल डूब जाती थी। इस राहत सामग्री से गांव का पुनरुद्धार हुआ है।”
  • रणवीर (ग्रामीण): “पानी भरने के कारण हमारी प्रति एकड़ 1 से 1.5 लाख रुपये की फसल बर्बाद हो जाती थी और किसानों को आजीविका के लिए शहरों में मजदूरी करने जाना पड़ता था। संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा एवं राहत अभियान के माध्यम से किसानों का जीवन बचा लिया है।”
  • मास्टरजी (स्थानीय शिक्षक): “विगत 50 वर्षों से स्कूल और डिस्पेंसरी में पानी भर जाता था, जिससे स्कूल का सारा रिकॉर्ड डूबने की नौबत आ जाती थी और बच्चों की पढ़ाई बाधित होती थी। इस पाइपलाइन से स्कूल व गांव जलभराव से मुक्त होगा।”
  • अन्य ग्रामीण (दीपचंद व साथी): “हमने जनप्रतिनिधियों (एमपी, एमएलए) और प्रशासनिक अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाई थी, परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी राजनीतिक स्वार्थ या वोट की लालसा के यह निस्वार्थ सेवा प्रदान की है।”

मरौली गांव में जलभराव मुक्ति एवं कृषि-शिक्षा सुरक्षा का स्थायी मार्ग प्रशस्त

संत रामपाल जी महाराज ने ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2’ के माध्यम से 18,800 फीट पाइपलाइन और दो शक्तिशाली पंप उपलब्ध करवाकर मरौली गांव की 50 वर्ष पुरानी जलभराव समस्या का पूर्ण निराकरण कर दिया है। 15 से 20 दिनों में पाइपलाइन बिछने और मोटरों की स्थापना के बाद गांव के प्राथमिक विद्यालय, डिस्पेंसरी, 600 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि और गलियों से पानी का निकास सीधे नाले में हो सकेगा, जिससे सैकड़ों किसान परिवारों की आजीविका और बच्चों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित हो गया है।

Latest articles

लुड़ेसर में बजट के अभाव में अधूरा था गोदाम, जानिए कैसे 15 दिन में पूरा हुआ 55×125 फीट का चारा शेड

हरियाणा के सिरसा जिले के गांव लुड़ेसर स्थित श्री कृष्ण प्रणामी गौशाला एवं नंदीशाला...

संत रामपाल जी महाराज द्वारा भिवानी के गांव नलोई की गौशाला को एक करोड़ की सहायता

हरियाणा राज्य के भिवानी जिले की सिवानी तहसील के अंतर्गत स्थित गांव नलोई तथा...

International Day for the Eradication of Poverty 2026: Sat-Bhakti is the Best Mean to Eradicate Poverty

Last Updated on 13 October 2026 IST | On October 17, 2026, people around...
spot_img

More like this

लुड़ेसर में बजट के अभाव में अधूरा था गोदाम, जानिए कैसे 15 दिन में पूरा हुआ 55×125 फीट का चारा शेड

हरियाणा के सिरसा जिले के गांव लुड़ेसर स्थित श्री कृष्ण प्रणामी गौशाला एवं नंदीशाला...

संत रामपाल जी महाराज द्वारा भिवानी के गांव नलोई की गौशाला को एक करोड़ की सहायता

हरियाणा राज्य के भिवानी जिले की सिवानी तहसील के अंतर्गत स्थित गांव नलोई तथा...