संत रामपाल जी महाराज ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान Phase 2 के तहत गांव भूरावास (झज्जर, हरियाणा) को दी जलभराव से राहत के लिए सहायता

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झज्जर (हरियाणा) के गांव भूरावास, जो पिछले कई वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा था, वहां ड्रोन तकनीक और सेटेलाइट मैपिंग के माध्यम से विस्तृत सर्वे किए जाने के बाद सहायता उपलब्ध कराई गई। किसान मज़दूर बचाओ अभियान फ़ेज़ 2 के तहत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पाइपलाइन सामग्री और उससे संबंधित आवश्यक एक्सेसरीज उपलब्ध कराई गईं। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस पहल से कृषि भूमि और सार्वजनिक स्थानों को प्रभावित कर रही लंबे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान साझा की गई जानकारी के अनुसार, गांव भूरावास की ग्राम पंचायत वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की प्रार्थना लेकर तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के चरणों में पहुंची थी। पंचायत ने बताया कि बरसात के दौरान बार-बार होने वाले जलभराव से किसानों को लगातार भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए जल निकासी व्यवस्था विकसित करने हेतु सहायता का अनुरोध किया गया।

गांव भूरावास जलभराव राहत फेज़ 2: प्रमुख बिंदु

प्रमुख बिंदुविवरण
गांवगांव भूरावास, झज्जर (हरियाणा)
मुख्य समस्यावर्षों पुरानी जलभराव की समस्या, जिससे कृषि प्रभावित
प्रारंभिक मांगलगभग 4,000 फीट पाइपलाइन और एक 10 एचपी मोटर
सर्वे का तरीकाड्रोन सर्वे और सेटेलाइट मैपिंग
सर्वे में निष्कर्षजलभराव वाले तीन प्रमुख स्थानों की पहचान
उपलब्ध कराई गई सहायता7,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन और संबंधित एक्सेसरीज
अभियानकिसान मजदूर बचाओ अभियान Phase 2

वर्षों से जलभराव से प्रभावित हो रही थी खेती

ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के मौसम में गांव की लगभग 70 प्रतिशत कृषि भूमि जलभराव की चपेट में आ जाती थी। उनका कहना था कि खेतों में नियमित रूप से पानी भरने के कारण खरीफ और रबी दोनों फसलें प्रभावित होती थीं। कई स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण 3 से 4 फीट तक पानी जमा रहता था, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचता था।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जलभराव का असर गांव के मार्गों के साथ-साथ कुछ स्थानों पर विद्यालय परिसर पर भी पड़ रहा था। कई ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने वर्षों तक विभिन्न विभागों और प्रशासनिक कार्यालयों से समाधान की मांग की, लेकिन स्थायी राहत नहीं मिल सकी।

ग्राम पंचायत ने स्थायी समाधान के लिए की प्रार्थना

ग्राम पंचायत ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को बताया कि गांव के विभिन्न हिस्सों में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को लगातार फसल नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत ने प्रारंभिक रूप से लगभग 4,000 फीट पाइपलाइन और एक 10 एचपी मोटर की मांग रखी, ताकि प्रभावित क्षेत्रों का पानी निकट स्थित नहर तक पहुंचाया जा सके।

यह भी पढ़ें: फेज़ II: तकनीकी सर्वे के बाद 5,400 फीट पाइपलाइन स्वीकृत, तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने फतेहाबाद के धौलू गांव को दी बाढ़ राहत सहायता

प्रार्थना प्राप्त होने के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के निर्देश पर सर्वे टीम गांव भूरावास पहुंची और वास्तविक आवश्यकता का आकलन शुरू किया।

ड्रोन सर्वे और सेटेलाइट मैपिंग से किया गया विस्तृत आकलन

सर्वे टीम ने ड्रोन सर्वे और सेटेलाइट मैपिंग तकनीक की सहायता से प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। सर्वे के दौरान जलभराव वाले तीन प्रमुख स्थानों की पहचान की गई और आवश्यक पाइपलाइन की लंबाई तथा अन्य तकनीकी आवश्यकताओं का आकलन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान साझा की गई सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायत द्वारा मांगी गई 4,000 फीट पाइपलाइन पर्याप्त नहीं थी। विस्तृत आकलन के बाद लगभग 7,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन तथा तीन 10 एचपी मोटरों की आवश्यकता दर्ज की गई। इसके बाद सर्वे रिपोर्ट तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के चरणों में प्रस्तुत की गई।

ग्राम पंचायत को सौंपी गई पाइपलाइन और आवश्यक सामग्री

सर्वे रिपोर्ट को स्वीकृति मिलने के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत गांव भूरावास को सहायता सामग्री उपलब्ध कराई।

ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराई गई सामग्री में शामिल हैं—

  • 7,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन
  • एयर वाल्व
  • नट-बोल्ट
  • बैंड
  • प्लेट
  • फेविकोल
  • पीवीसी पाइप
  • अन्य आवश्यक एक्सेसरीज

कार्यक्रम के दौरान सर्वे टीम ने बताया कि पाइपलाइन को भूमिगत बिछाने और पुनः निरीक्षण के बाद मोटर उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही पंचायत को निर्देश दिए गए कि एयर वाल्व लगाने के बाद पाइपलाइन में पानी छोड़कर लीकेज की जांच की जाए और कार्य पूर्ण होने पर सर्वे टीम को सूचित किया जाए।

ग्रामीणों ने किया स्वागत, समाधान से जताई उम्मीद

सहायता सामग्री लेकर पहुंचा काफिला गांव भूरावास पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों और फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मंगलाचरण और भक्ति गीतों का भी आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सरपंच ने कहा कि गांव कई वर्षों से विभिन्न विभागों और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था, लेकिन स्थायी समाधान नहीं मिला। उन्होंने बताया कि तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से मिलने के बाद सर्वे टीम कम समय में गांव पहुंची और इसके तुरंत बाद पाइपलाइन सामग्री भी उपलब्ध करा दी गई।

किसानों और अन्य ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि यह परियोजना जलभराव की समस्या को कम करने, खेती को बेहतर बनाने तथा किसान और मज़दूर दोनों को राहत पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी। कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि विद्यालय परिसर और गांव के रास्ते भी जलभराव से प्रभावित थे, जिनमें सुधार की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें:  ग्राम कोसमी (बैतूल, मध्य प्रदेश) की बुजुर्ग महिला की संत रामपाल जी महाराज ने ली संपूर्ण जिम्मेदारी

कार्यक्रम के दौरान सर्वे टीम के प्रतिनिधियों ने ग्राम पंचायत से पाइपलाइन को शीघ्र भूमिगत करने का अनुरोध किया, ताकि पुनः निरीक्षण के बाद मोटर उपलब्ध कराई जा सके।

ग्रामीणों ने बातचीत के दौरान सहायता के लिए आभार व्यक्त किया और अपनी व्यक्तिगत राय साझा करते हुए कहा कि समय पर मिली इस सहायता से गांव को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

सर्वे आधारित सहायता से जगी स्थायी समाधान की उम्मीद

कार्यक्रम के दौरान साझा की गई जानकारी के अनुसार, किसान मज़दूर बचाओ अभियान Phase 2 के तहत किए गए सर्वे, तकनीकी आकलन और उपलब्ध कराई गई सहायता ने ग्रामीणों में नई उम्मीद जगाई है। उनका कहना है कि यदि पाइपलाइन योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा, कृषि गतिविधियां बेहतर होंगी और वर्षों से जलभराव के कारण हो रहे नुकसान में कमी आएगी। अधिक जानकारी के लिए SA News YouTube Channel पर अवश्य जाएं।

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