हरियाणा के फतेहाबाद जिले की भूना तहसील स्थित धौलू गांव में मौजूद दशकों पुरानी जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। किसान मज़दूर बचाओ अभियान के फेज़ II के तहत तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने तकनीकी सर्वे के आधार पर बाढ़ राहत सहायता स्वीकृत की। सर्वे में गांव की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 5,400 फीट पाइपलाइन और 20 एचपी मोटर की आवश्यकता पाई गई।
ग्राम पंचायत के अनुसार, गांव के प्रतिनिधियों ने लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना की थी। इसके बाद किसी भी प्रकार की सहायता स्वीकृत करने से पहले वास्तविक आवश्यकता का आकलन करने हेतु तत्काल तकनीकी सर्वे कराने के निर्देश दिए गए।
धौलू गांव बाढ़ राहत: प्रमुख बिंदु
| बिंदु | विवरण |
| गांव | धौलू, फतेहाबाद, हरियाणा |
| तहसील | भूना |
| पहल | किसान मजदूर बचाओ अभियान – फेज II |
| समस्या | दशकों पुरानी जलभराव की समस्या, जिससे खेती और ढाणियां प्रभावित |
| सर्वे में आवश्यकता | 5,400 फीट पाइपलाइन और एक 20 एचपी मोटर |
| प्रारंभिक मांग | लगभग 3,000 फीट पाइपलाइन और एक मोटर |
| सर्वे का तरीका | ड्रोन एवं आधुनिक तकनीकी सर्वे |
| स्वीकृत सहायता | 5,400 फीट पाइपलाइन, संबंधित सामग्री तथा सत्यापन के बाद 20 एचपी मोटर |
दशकों से जलभराव से जूझ रहे थे किसान
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, गांव में पिछले लगभग 40 से 45 वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई थी। प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान लगभग 150 से 200 एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब जाती थी, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचता था और खेती का कार्य प्रभावित होता था।
इस समस्या का असर लगभग 30 से 40 ढाणियों पर भी पड़ता था। भारी बारिश के दौरान इन ढाणियों में रहने वाले परिवारों को अपने घर छोड़कर रिश्तेदारों या अन्य स्थानों पर करीब डेढ़ से दो महीने तक रहना पड़ता था। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार पानी का स्तर चार से पांच फीट तक पहुंच जाता था, जिससे लोगों और पशुओं का आवागमन भी कठिन हो जाता था।
ग्राम पंचायत ने मांगी थी सहायता
ग्राम पंचायत ने बताया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पहले भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार अनुरोध किया गया था, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
इसके बाद गांव के प्रतिनिधियों ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात कर सहायता की प्रार्थना की। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार पंचायत ने लगभग 3,000 फीट पाइपलाइन और एक मोटर की आवश्यकता बताई थी, जिससे जल निकासी व्यवस्था में सुधार किया जा सके।
तकनीकी सर्वे में बढ़ी आवश्यकता
ग्राम पंचायत के अनुरोध के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल तकनीकी सर्वे कराने के निर्देश दिए। सर्वे टीम के अनुसार, जब टीम गांव पहुंची, उस समय पंचायत के प्रतिनिधि अभी वापस नहीं पहुंचे थे।
ड्रोन और आधुनिक सर्वे तकनीकों की सहायता से पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूरे प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। सर्वे में पाया गया कि वास्तविक आवश्यकता पंचायत के प्रारंभिक अनुमान से अधिक है।
तकनीकी आकलन में 3,000 फीट के बजाय 5,400 फीट पाइपलाइन तथा प्रभावी जल निकासी के लिए एक 20 एचपी मोटर की आवश्यकता निर्धारित की गई।
राहत सामग्री स्वीकृत कर सौंपी गई
सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद सहायता स्वीकृत कर दी गई।
ग्राम पंचायत को सौंपी गई स्वीकृत सामग्री में शामिल हैं—
- 5,400 फीट पाइपलाइन
- एयर वाल्व
- नट-बोल्ट
- एसआर
- फेविकोल
- पाइपलाइन से संबंधित अन्य आवश्यक सामग्री
सर्वे टीम ने बताया कि 20 एचपी मोटर भूमिगत पाइपलाइन बिछाने के बाद सत्यापन होने पर उपलब्ध कराई जाएगी।
ग्रामीणों ने बताया त्वरित कार्रवाई
गांव में हुई बातचीत के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि मानसून से पहले पूरी प्रक्रिया में एक से दो महीने का समय लग सकता है। हालांकि, उनके अनुसार अनुरोध किए जाने के तुरंत बाद तकनीकी सर्वे किया गया और अगले ही दिन स्वीकृत पाइपलाइन सामग्री गांव पहुंच गई।
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सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि गांव के लोग पहले भी कई अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जलभराव की समस्या के समाधान की मांग कर चुके थे, लेकिन स्थायी समाधान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जल निकासी सहायता स्वीकृत होने से किसानों में राहत की भावना है।
अन्य ग्रामीणों ने भी सर्वे और सहायता प्रक्रिया की गति पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि नई जल निकासी व्यवस्था भविष्य में जलभराव की समस्या को कम करने में सहायक होगी।
किसानों ने बताया बाढ़ का प्रभाव
ग्रामीणों के अनुसार, जलभराव के कारण धान, कपास, बाजरा और ज्वार जैसी कई फसलें प्रभावित होती थीं। फसलों के नुकसान के अलावा भारी वर्षा के दौरान पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ता था।
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि नहर के पार निचले क्षेत्र में पानी जमा होने से ढाणियों में रहने वाले परिवारों को गंभीर कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। कई बार जलस्तर अधिक बढ़ जाने पर लोगों को सुरक्षित निकालने की आवश्यकता भी पड़ती थी।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि स्वीकृत जल निकासी व्यवस्था आगामी मानसून से पहले हालात में सुधार लाएगी।
पंचायत करेगी भूमिगत पाइपलाइन बिछाने का कार्य
पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि पाइपलाइन को जल्द से जल्द भूमिगत बिछाया जाएगा ताकि धान की फसल और मानसून आने से पहले कार्य पूरा किया जा सके।
उन्होंने कहा कि भूमिगत पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद सर्वे टीम को इसकी सूचना दी जाएगी। इसके बाद दोबारा सत्यापन किया जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वीकृत 20 एचपी मोटर उपलब्ध कराई जाएगी।
बेहतर जल निकासी की उम्मीद
ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा जल निकासी सेवा से वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा। उनका मानना है कि 5,400 फीट पाइपलाइन तथा सत्यापन के बाद उपलब्ध कराई जाने वाली 20 एचपी मोटर कृषि भूमि की सुरक्षा, प्रभावित ढाणियों में रहने वाले परिवारों की परेशानियों को कम करने और आने वाले मानसून में खेती की बेहतर परिस्थितियां सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अधिक जानकारी के लिए SA News यूट्यूब चैनल पर विज़िट करें।



