संत रामपाल जी महाराज ने फेज़ 2 में सोनीपत के फरमाना का जल संकट मिटाया

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हरियाणा राज्य के जिला सोनीपत की तहसील खरखौदा के अंतर्गत आने वाले गांव फरमाना लुरजान (फरमाना लुझान) में पिछले लगभग 12 वर्षों से अधिक समय से गांव का जोहड़ (डोबा तालाब) पूरी तरह सूखा पड़ा हुआ था। ग्रामीण निवासियों तथा स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार यह समस्या 20 से 30 वर्षों और कुछ मामलों में 40 से 55 वर्षों से बनी हुई थी। जोहड़ का कुल क्षेत्रफल 7 एकड़ है, जिसमें से 2 एकड़ क्षेत्र में खुदाई की गई है। नहर से पानी की आवक न होने के कारण जोहड़ में पानी का ठहराव समाप्त हो गया था, जिससे गांव में पशुओं के लिए पीने के पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था।

जल संकट के कारण ग्रामीणों को अपने पशुओं को बेचने या पशुपालन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। पशुओं के पीने के पानी के लिए ग्रामीणों ने एक ट्यूबल लाइन से जोड़कर हुदी (टंकी) और टूटी की अस्थायी व्यवस्था की थी, जो गांव के बड़े पशुधन समूह के लिए अपर्याप्त सिद्ध हो रही थी। इसके अतिरिक्त, गांव फरमाना लुरजान की घरेलू पेयजल आपूर्ति प्रणाली केवल एक 7 एचपी (हॉर्स पावर) मोनोब्लॉक मोटर पर निर्भर थी। यह मोटर दैनिक स्तर पर 18 से 20 घंटे तक चलाई जाती थी, जिसके कारण वह बार-बार खराब हो जाती थी। मोटर खराब होने पर पूरे गांव को दो से तीन दिनों तक पेयजल संकट का सामना करना पड़ता था।

पूर्व में प्रशासनिक स्तर पर किए गए प्रयास असफल रहे थे। ढाणा से आने वाली लगभग 40 किलोमीटर लंबी लाइन से पानी गांव तक नहीं पहुंच सका था। 

फरमाना और पड़ोसी गांव निजामपुर माजरा के ब्लॉक समिति सदस्य तथा स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों और सरकार से कई बार गुहार लगाने, धरना देने तथा तालाब की दोबारा खुदाई कराने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका था। इसके अतिरिक्त, गंदे नाले का पानी ओवरफ्लो होकर स्वच्छ जल क्षेत्र में मिलने की समस्या भी पिछले तीन वर्षों से शासन स्तर पर लंबित थी।

ग्राम पंचायत की प्रार्थना और ड्रोन एवं सैटेलाइट से सर्वे

गांव में आयोजित एक सामाजिक बैठक (ग्रामीण अनिल के पिता के निधन के अवसर पर) के दौरान ब्लॉक समिति सदस्य और ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज से सहायता मांगने का निर्णय लिया। इसके पश्चात ग्राम पंचायत फरमाना लुरजान ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष जल संकट के स्थायी समाधान हेतु औपचारिक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना में 6 से 6.5 किलोमीटर दूर स्थित सलीमसर माजरा (सलीम शर्माजरा) माइनर से जोहड़ तक पाइपलाइन बिछाने तथा आवश्यक मोटर्स उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।

संत रामपाल जी महाराज ने प्रार्थना स्वीकार करते हुए सर्वेक्षण दल (सर्वे टीम) को तुरंत गांव फरमाना लुरजान भेजा। सर्वेक्षण दल ने आधुनिक ड्रोन तकनीक और सैटेलाइट मैपिंग के माध्यम से संपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र तथा मार्ग का निरीक्षण किया। मापन और निरीक्षण के सभी आंकड़ों को सर्वेक्षण डायरी में दर्ज किया गया। सर्वेक्षण की विस्तृत रिपोर्ट में निम्नलिखित आवश्यकताओं की पुष्टि हुई:

  • सलीमसर माजरा माइनर से जोहड़ तक पानी पहुंचाने के लिए लगभग 6.25 किलोमीटर (21,000 फीट) लंबी और 10 इंच व्यास वाली पाइपलाइन।
  • जोहड़ में पानी पंप करने के लिए एक 20 एचपी क्षमता की मोटर।
  • गांव की घरेलू पेयजल वितरण प्रणाली को सुचारू रखने के लिए एक अतिरिक्त 7.5 एचपी (7 एचपी) मोनोब्लॉक मोटर।

सर्वेक्षण दल ने यह रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत की, जिसके उपरांत सहायता राशि और सामग्री की स्वीकृति प्रदान की गई।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकृत सहायता और सामग्री का वितरण

संत रामपाल जी महाराज ने ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज दो’ (किसान मजदूर बचाओ अभियान चरण 2), ‘पशुधन बचाओ शुद्ध पेयजल सेवा अभियान’ तथा ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के अंतर्गत गांव फरमाना लुरजान के लिए संपूर्ण राहत सामग्री स्वीकृत की। संत रामपाल जी महाराज ने 8 से 10 ट्रकों के माध्यम से 21,000 फीट लंबी 10 इंच व्यास वाली पीवीसी पाइपलाइन गांव फरमाना लुरजान में भिजवाई।

पाइपलाइन के साथ-साथ संत रामपाल जी महाराज ने कार्य को बिना किसी बाधा के पूर्ण करने के लिए आवश्यक सभी सहायक सामग्रियां (एक्सेसरीज) भी ग्राम पंचायत को सौंप दीं। वितरित की गई सामग्री की सूची निम्नलिखित है:

  • 21,000 फीट 10-इंच पीवीसी पाइपलाइन (8-10 ट्रकों द्वारा वितरित)
  • एयर वॉल्व (Air Valve)
  • बैंड प्लेट (Bend Plate)
  • पीवीसी पाइप एवं संबंधित जॉइंट्स
  • फेविकोल (Fevicol)
  • नट-बोल्ट (Nut-Bolts)
  • पाइप क्लिप्स एवं अन्य फिटिंग्स

संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार, 20 एचपी की मोटर तथा 7.5 एचपी की मोनोब्लॉक मोटर (क्रॉम्पटन या किर्लोस्कर ब्रांड) पाइपलाइन भूमिगत बिछाए जाने के पश्चात द्वितीय सर्वेक्षण के आधार पर ग्राम पंचायत को सौंपी जाएंगी।

पाइपलाइन बिछाने के लिए गांव समिति का गठन और कार्य योजना

सामग्री प्राप्त होने के पश्चात ग्राम पंचायत फरमाना लुरजान ने पाइपलाइन को भूमिगत करने के कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए एक गांव समिति का गठन किया। इस समिति का विवरण और कार्य योजना निम्नलिखित है:

  • ग्राम पंचायत ने कुशाल को समिति का प्रधान नियुक्त किया। समिति में गांव के 8 से 10 सदस्यों को शामिल किया गया।
  • समिति 15 से 20 दिनों के भीतर निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के माध्यम से उपयुक्त ठेकेदार का चयन कर पाइपलाइन दबाने का कार्य संपन्न कराएगी।
  • पाइपलाइन को सलीमसर माजरा माइनर से जोड़कर जोहड़ तक भूमिगत बिछाया जाएगा।
  • पाइपलाइन में लीकेज न रहे और हवा के दबाव को नियंत्रित करने के लिए उपयुक्त दूरी पर एयर वॉल्व स्थापित किए जाएंगे।
  • कार्य पूर्ण होने के पश्चात ग्राम पंचायत द्वारा सर्वेक्षण दल को सूचित किया जाएगा। सर्वेक्षण दल पुनः निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, जिसके पश्चात संत रामपाल जी महाराज द्वारा दोनों मोटर्स (20 एचपी और 7.5 एचपी) गांव को सौंप दी जाएंगी।

ग्रामीणों द्वारा स्वागत और स्थानीय प्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाएं

राहत सामग्री से भरे ट्रकों के गांव फरमाना लुरजान पहुंचने पर ग्रामीणों ने मुख्य चौराहे (चौक) पर ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त किया।

गांव के सरपंच, ब्लॉक समिति सदस्य, समिति प्रधान कुशाल और निवासियों ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं:

  • सरपंच और ब्लॉक समिति सदस्य: उन्होंने बताया कि सरकारी विभागों और अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी जो समाधान वर्षों तक नहीं हो सका था, वह संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रार्थना करने के तुरंत बाद पूर्ण हो गया।
  • समिति प्रधान कुशाल: उन्होंने कहा कि पानी की कमी के कारण गांव में पशुपालन समाप्त हो रहा था, परंतु इस सहायता से गांव को नया जीवन मिला है और समिति 15 से 20 दिनों में पाइपलाइन दबाने का कार्य पूरा कर लेगी।
  • ग्रामीण निवासी: ग्रामीणों ने कहा कि 6.25 किलोमीटर दूर से पानी लाने की यह परियोजना गांव के इतिहास में जल संकट का सबसे बड़ा और स्थायी समाधान है।

फरमाना लुरजान जल राहत परियोजना का विवरण

मापदंड / विवरण श्रेणीविशिष्ट जानकारी एवं आंकड़े
स्थानगांव फरमाना लुरजान, तहसील खरखौदा, जिला सोनीपत, हरियाणा
संबंधित अभियानकिसान मजदूर बचाओ अभियान फेज दो / पशुधन बचाओ शुद्ध पेयजल सेवा अभियान (अन्नपूर्णा मुहिम)
सहायता प्रदातासंत रामपाल जी महाराज
जल स्रोत एवं दूरीसलीमसर माजरा (सलीम शर्माजरा) माइनर, 6.25 किलोमीटर (6 से 6.5 किमी)
अन्य संबद्ध गांवनिजामपुर माजरा
जोहड़ (तालाब) का क्षेत्रफलकुल 7 एकड़ भूमि (2 एकड़ में खुदाई)
जल संकट की अवधि12 से 20 वर्ष (स्थानीय आकलन अनुसार 30 से 55 वर्ष)
प्रदत्त पाइपलाइन सामग्री21,000 फीट (10-इंच व्यास पीवीसी पाइप), 8 से 10 ट्रकों द्वारा वितरित
प्रदत्त सहायक सामग्रीएयर वॉल्व, बैंड प्लेट, फेविकोल, नट-बोल्ट, पीवीसी फिटिंग्स, क्लिप्स
स्वीकृत मोटर्स20 एचपी मोटर (जोहड़ हेतु), 7.5 एचपी मोनोब्लॉक मोटर (पेयजल आपूर्ति हेतु)
कार्यान्वयन समितिप्रधान कुशाल के नेतृत्व में 8-10 सदस्यीय गांव समिति (15-20 दिनों का लक्ष्य)

फरमाना लुरजान गांव में जल आपूर्ति और पशुधन संरक्षण का स्थायी समाधान

संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज दो के तहत उपलब्ध कराई गई 21,000 फीट पाइपलाइन और सहायक सामग्री से गांव फरमाना लुरजान का 12 वर्षों से चला आ रहा जल संकट समाप्त होने की दिशा में बढ़ गया है। सलीमसर माजरा माइनर से सीधे जोहड़ तक पानी पहुंचने से गांव के पशुधन के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा, जिससे बंद हो चुका पशुपालन पुनः प्रारंभ हो सकेगा। इसके साथ ही, अतिरिक्त 7.5 एचपी मोनोब्लॉक मोटर मिलने से पूरे गांव की घरेलू पेयजल आपूर्ति सुचारू होगी और 7 एचपी की पुरानी मोटर पर निर्भरता समाप्त होगी।

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