राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में सूखे और अकाल की गंभीर स्थिति के बीच विभिन्न गांवों, गौशाला समितियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल संत रामपाल जी महाराज से भेंट करने पहुंचे। इन मुलाकातों के दौरान प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं को साझा किया और अपनी गौशालाओं में पल रहे हजारों गौवंश के संरक्षण के लिए चारे व बुनियादी सुविधाओं की गुहार लगाई। संत रामपाल जी महाराज ने सभी को पूर्ण सहायता का आश्वासन दिया।
असरजाना गांव के गौशाला सदस्यों ने चारे के लिए किया अनुरोध
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के असरजाना गांव से आए मंदिर और गौशाला के सदस्यों ने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में भीषण अकाल की स्थिति है, जिससे गौवंश प्रभावित हो रहा है। गौवंश के संरक्षण के लिए उन्होंने चारे की अत्यंत आवश्यकता बताते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली चारे की मांग का लिखित पत्र सौंपा। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी अर्जी स्वीकार करते हुए चारे की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया और साथ ही उन्हें अनावश्यक खर्चों से बचने की सलाह दी।
जगसरी बड़ी की ग्राम विकास शिक्षा समिति ने व्यक्त किया आभार
हनुमानगढ़ के भादरा के पास स्थित जगसरी बड़ी गांव की ‘ग्राम विकास शिक्षा समिति’ के प्रतिनिधि संत जी के दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले गांव में आश्रम की ओर से प्रदान की गई चिकित्सा और शिक्षा संबंधी सेवाओं को देखकर पूरा गांव उनके सेवा भाव के प्रति समर्पित हो गया है। ग्रामीणों ने इस सेवा कार्य के लिए कोटि-कोटि अभिनंदन और धन्यवाद किया तथा अपनी प्रार्थना का लिखित पत्र सौंपा। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की और उन्हें फिजूलखर्ची से बचकर केवल आवश्यक कार्यों पर खर्च करने का मार्गदर्शन दिया।
पीलीबंगा की सतगुरु गौशाला कमेटी ने शेड निर्माण हेतु मांगी मदद
हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा से ‘सतगुरु गौशाला कमेटी’ के सदस्य संत रामपाल जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल अखिल भारतीय किसान सभा के तहसील अध्यक्ष (जो पहले भारतीय किसान यूनियन टिकैत के विधानसभा अध्यक्ष भी रहे हैं) ने बताया कि उनके साथ पीलीबंगा गांव के सभी जातियों और धर्मों के लगभग 60 लोग आए हैं।
उन्होंने दिल्ली में किसान आंदोलन, कोविड महामारी और पंजाब-हरियाणा-राजस्थान में आई बाढ़ के दौरान आश्रम द्वारा की गई निस्वार्थ सेवा की सराहना की। उन्होंने राजस्थान जाट महासभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामनारायण जी चौधरी का भी जिक्र किया, जिनका कैंसर यहाँ आने के बाद ठीक हो गया था। प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी गौशाला में लगभग 500 गौवंश हैं, जिनके लिए उन्हें 100×200 फीट के शेड की आवश्यकता है। महाराज जी ने उनकी मांग स्वीकार करते हुए लिखित आवेदन देने को कहा और आश्वस्त किया कि गौ माता को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा और पूरी मदद की जाएगी।
श्री गौशाला सेवा संस्थान ने संकट काल में लगाई मदद की गुहार
राजस्थान के ‘श्री गौशाला सेवा संस्थान’ के सेवादार और प्रतिनिधि अकाल की मार झेल रहे गौवंश की रक्षा के लिए पहुंचे। प्रतिनिधियों ने बताया कि क्षेत्र में बारिश न होने के कारण भीषण अकाल पड़ गया है, जिससे गौशाला की लगभग 700 से 750 गायों के सामने जीवन का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चारे की व्यवस्था के लिए अपनी मांग का पत्र सौंपा। संत रामपाल जी महाराज ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए तुरंत चारा भेजने का आश्वासन दिया और कहा कि राजस्थान के गौवंश को किसी भी हाल में भूखा नहीं रहने दिया जाएगा।
बिरकाली ग्राम पंचायत ने अकाल की स्थिति में मांगी चारे की सहायता
हनुमानगढ़ जिले की तहसील नोहर की ग्राम पंचायत बिरकाली के प्रधान और अन्य प्रतिनिधि संत रामपाल जी महाराज के दरबार में पहुंचे। उन्होंने संत जी द्वारा चलाई जा रही ‘अन्नपूर्णा योजना’ (जिसके तहत गरीबों के लिए भोजन, कपड़ा, मकान, शिक्षा, चिकित्सा और बाढ़ पीड़ितों की सहायता की जाती है) की अत्यधिक सराहना की।
उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में गंभीर अकाल और सूखे की स्थिति है, जिसके कारण उनकी गौशाला में मौजूद 1,000 से अधिक गायों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। महाराज जी ने तुरंत चारे की मांग को मंजूर करते हुए आश्वासन दिया कि दो-तीन दिनों में उनके पास चारा पहुंच जाएगा ताकि गौ माता भूखी न रहे। उन्होंने प्रतिनिधियों को कीमती उपहार लाने के बजाय उस धन को जनहित और गौ-सेवा के कार्यों में लगाने का निर्देश दिया।
भोगराना की नव-संचालित गौशाला के लिए चारे का अनुरोध
हनुमानगढ़ की तहसील के अंतर्गत आने वाले भोगराना गांव की नव-संचालित गौशाला के अध्यक्ष और सदस्य संत रामपाल जी महाराज से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में एक नई गौशाला शुरू की है जिसमें लगभग 150 से 200 गायें हैं। बारिश न होने के कारण क्षेत्र में सूखा पड़ गया है और सूखे चारे की भारी किल्लत है। महाराज जी ने नई गौशाला के संचालन की सराहना की और उन्हें चारे की आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
चैनपुरा ग्राम पंचायत ने बयां की लगातार अकाल की त्रासदी
हनुमानगढ़ जिले की ग्राम पंचायत चैनपुरा के प्रतिनिधि अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका छोटा सा गांव पिछले तीन वर्षों से भयंकर प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है। पहले अत्यधिक बारिश (अतिवृष्टि) से नुकसान हुआ, पिछले साल ओलावृष्टि ने फसलों को तबाह कर दिया, और इस वर्ष मानसून न आने (अनावृष्टि) के कारण सूखा पड़ा हुआ है। इस स्थिति में पशुओं के लिए चारे की कोई व्यवस्था नहीं बची है। संत रामपाल जी महाराज ने उनकी व्यथा सुनी और लिखित पत्र के आधार पर चारे की त्वरित व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
मंदरपुरा के प्रतिनिधियों ने 800 गौवंश के लिए मांगा सहयोग
हनुमानगढ़ के मंदरपुरा से आए प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज से भेंट की। उन्होंने बताया कि उनकी गौशाला में लगभग 800 गौवंश हैं और प्रतिदिन लगभग 40 क्विंटल चारे की आवश्यकता होती है। आश्रम में चल रही विशाल गौ-सेवा को देखकर उन्होंने गहरी प्रसन्नता और आध्यात्मिक शांति व्यक्त की। चारे की समस्या पर महाराज जी ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनके लिए चारे की मंजूरी दे दी गई है और तीन-चार दिनों के भीतर उनके यहाँ चारा पहुंच जाएगा।
निष्कर्ष: समाज सेवा और गौ-रक्षा की मिसाल
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के विभिन्न गांवों, पंचायतों और गौशालाओं से लगातार आ रहे प्रतिनिधिमंडल यह दर्शाते हैं कि प्राकृतिक आपदाओं और अकाल के समय संत रामपाल जी महाराज का आश्रम समाज के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभरा है। जाति, धर्म और पृष्ठभूमि की सीमाओं से परे जाकर लोग अपनी समस्याओं के समाधान और गौवंश के जीवन की रक्षा के लिए यहाँ पहुंच रहे हैं, जहाँ उन्हें न केवल आर्थिक और भौतिक सहायता मिल रही है, बल्कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सांत्वना भी प्राप्त हो रही है।



