संत रामपाल जी महाराज ने डीग के दाँदू गाँव में 2,000 बीघा भूमि को बाढ़ से बचाया 

Published on

spot_img

डीग, राजस्थान: जब प्रकृति का प्रकोप बरसता है और शासन-प्रशासन की ओर से निराशा हाथ लगती है, तब केवल ईश्वरीय सत्ता ही सहारा बनती है। राजस्थान के नवगठित डीग जिले की ग्राम पंचायत दाँदू के हजारों किसानों के लिए संत रामपाल जी महाराज साक्षात भगवान का रूप बनकर सामने आए हैं। जहाँ वर्षों से जलभराव के कारण जीवन नारकीय हो चुका था, वहाँ संत रामपाल जी महाराज ने महज 48 घंटों के भीतर एक ऐतिहासिक मदद पहुँचाकर पूरे क्षेत्र का भविष्य सुरक्षित कर दिया।

निराशा के गहरे सागर में डूबा दाँदू क्षेत्र

डीग जिले की ग्राम पंचायत दाँदू, जिसके अंतर्गत दाँदू, खान और समन गाँव आते हैं, पिछले 3-4 वर्षों से भीषण समस्या का सामना कर रहे थे। इन गाँवों की लगभग 2000 बीघा से अधिक उपजाऊ जमीन लगातार बाढ़ के पानी में डूबी हुई थी। खेतों में 2 से 3 फीट पानी खड़ा होने के कारण जमीन बंजर हो चुकी थी।

किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था और वे पलायन करने को मजबूर हो रहे थे। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के हर दरवाजे पर गुहार लगाई, लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हुई। निराशा के इस गहरे अंधकार में, ग्रामीणों को एक ही उम्मीद की किरण नजर आई – संत रामपाल जी महाराज।

संत रामपाल जी महाराज का त्वरित और ऐतिहासिक कदम

जब हर तरफ से रास्ते बंद हो गए, तब ग्राम पंचायत ने एक अर्जी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में लगाई। यह चमत्कार ही था कि जिस मदद के लिए ग्रामीण वर्षों से तरस रहे थे, संत रामपाल जी महाराज ने उनकी वह पुकार तत्काल सुन ली।

अर्जी पहुँचने के महज 48 घंटे के भीतर, रात के अंधेरे में संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजा गया एक विशाल राहत काफिला ग्राम पंचायत दाँदू के द्वार पर पहुँच गया। इतनी त्वरित और विशाल सहायता देखकर ग्रामीणों की आँखें फटी की फटी रह गईं।

प्रदान की गई विशाल राहत सामग्री: एक स्थाई समाधान

संत रामपाल जी महाराज ने केवल तात्कालिक राहत नहीं दी, बल्कि उन्होंने समस्या का स्थाई समाधान प्रदान किया। उन्होंने ग्रामीणों की माँग से बढ़कर सहायता भेजी। संत रामपाल जी महाराज द्वारा ग्राम पंचायत को निम्नलिखित सामग्री सदा के लिए निःशुल्क प्रदान की गई:

  • विशाल पाइपलाइन: 6250 फीट उच्च गुणवत्ता वाला पाइप (जिसमें 600 फीट 6 इंची पाइप शामिल है)।
  • शक्तिशाली मोटरें: 10 हॉर्स पावर (HP) की 8 हैवी-ड्यूटी मोटरें (किर्लोस्कर कंपनी की)।
  • ट्रैक्टर कपलिंग सेट: 3 सेट।
  • विद्युत केबल: 750 फीट थ्री-फेज तार।
  • संपूर्ण खर्च: चूँकि जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली नहीं थी, इसलिए संत रामपाल जी महाराज ने जनरेटर का किराया और उसे चलाने के लिए डीजल का पूरा खर्च भी स्वयं वहन किया, ताकि ग्रामीणों पर एक रुपये का भी बोझ न पड़े। इसके अतिरिक्त, पाइप जोड़ने के लिए आवश्यक सभी छोटे-बड़े सामान (नट-बोल्ट, वाल्व, असेंबली आदि) भी उन्होंने भेजे।

पारदर्शिता और जिम्मेदारी का संदेश: विशेष निवेदन पत्र

राहत सामग्री के साथ, संत रामपाल जी महाराज ने ग्राम पंचायत को एक ‘विशेष निवेदन पत्र’ भी भेजा, जो उनके द्वारा चलाए जा रहे परमार्थ कार्यों में अनुशासन और पारदर्शिता को दर्शाता है।

उन्होंने स्पष्ट आदेश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस सामग्री का उपयोग करके निर्धारित समय पर गाँव से पानी निकाला जाए, ताकि अगली गेहूं की फसल की बिजाई हो सके। उन्होंने इस कार्य की तीन चरणों में ड्रोन द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग करने का निर्देश दिया: 

  • वर्तमान जलभराव, 
  • पानी निकलने के बाद की स्थिति, और 
  • जब खेतों में फसल लहलाएगी।

उन्होंने संदेश दिया कि यह दान संगत का पैसा है और इसका सदुपयोग होना चाहिए, ताकि भविष्य में भी अन्य जरूरतमंदों की मदद की जा सके।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया: “वे हमारे लिए भगवान बनकर आए”

संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजी गई इस अकल्पनीय मदद को पाकर पूरा गाँव खुशी से झूम उठा। ग्रामीणों ने इसे दिवाली जैसा उत्सव बताया। ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं, पगड़ी और शॉल भेंट करके संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप का स्वागत किया और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

Also Read: भिवानी के पुर गांव में बाढ़ से तबाह किसानों के लिए जीवनदान बनी संत रामपाल जी महाराज की राहत सेवा

गाँव के बुजुर्गों और सरपंच ने एक स्वर में कहा कि जो काम सरकारें सालों में नहीं कर सकीं, वह संत रामपाल जी महाराज ने 48 घंटे में कर दिखाया। उन्होंने कहा, “वे हमारे लिए संत नहीं, बल्कि साक्षात भगवान के रूप में प्रकट हुए हैं। उन्होंने हमारे डूबते हुए जीवन को बचाया है।”

किसानों को अब पूरा भरोसा है कि इस सामग्री से 10-12 दिनों में पानी निकल जाएगा और वे समय पर अगली फसल की बिजाई कर सकेंगे। पलायन कर चुके लोगों के वापस लौटने की उम्मीद जगी है।

अन्नपूर्णा मुहिम

संत रामपाल जी महाराज ने 2,000 बीघा जमीन को बंजर होने से बचाया। यह सहायता उधार नहीं, बल्कि उनका एक स्थायी उपहार है, जो पीढ़ियों तक गांव के काम आएगा।

यह अभियान लगभग आठ महीने पूर्व, इस संकल्प के साथ प्रारम्भ हुआ था कि

“रोटी, कपड़ा, चिकित्सा, शिक्षा और मकान । 

हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान ।।

दाँदू गाँव को दी गई सहायता कोई अकेली घटना नहीं है। यह “अन्नपूर्णा मुहिम” का हिस्सा है, जो संत रामपाल जी महाराज द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण और निरंतर बाढ़ राहत कार्य है। यह मुहिम, जो भोजन और आश्रय प्रदान करने के प्रयास के रूप में शुरू हुई थी, अब एक व्यापक मानवीय सहायता अभियान में विकसित हो गई है, जिसने 300 से अधिक गाँवों तक पहुँच बनाई है।

सभी प्रयासों का संपूर्ण कवरेज SA News Channel द्वारा सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दस्तावेजित और प्रकाशित किया जा रहा है और आप Flood Relief | SA News Channel पर पूरा कवरेज पढ़ सकते हैं।

Latest articles

संकटमोचक बनकर आए संत रामपाल जी महाराज: उत्तर प्रदेश के मथुरा के बछगांव की 15 साल पुरानी बाढ़ का किया स्थाई समाधान

उत्तर प्रदेश के मथुरा अंतर्गत गोवर्धन क्षेत्र का ऐतिहासिक बछगांव बीते डेढ़ दशक से...

Phase II: संत रामपाल जी महाराज की दया से 70 साल पुराने जलभराव संकट से स्थायी राहत की ओर बढ़ा नगला दांदू गांव

राजस्थान के डीग जिले के नगला दांदू गांव को ‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान के...

Venezuela Earthquake Today: Twin Powerful Quakes Damage Buildings, Trigger Evacuations and Tsunami Alert

Twin powerful earthquakes struck Venezuela and parts of the Caribbean early Thursday, causing widespread...
spot_img

More like this

संकटमोचक बनकर आए संत रामपाल जी महाराज: उत्तर प्रदेश के मथुरा के बछगांव की 15 साल पुरानी बाढ़ का किया स्थाई समाधान

उत्तर प्रदेश के मथुरा अंतर्गत गोवर्धन क्षेत्र का ऐतिहासिक बछगांव बीते डेढ़ दशक से...

Phase II: संत रामपाल जी महाराज की दया से 70 साल पुराने जलभराव संकट से स्थायी राहत की ओर बढ़ा नगला दांदू गांव

राजस्थान के डीग जिले के नगला दांदू गांव को ‘किसान मज़दूर बचाओ अभियान के...