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बहलबा गाँव की दर्दभरी कहानी: बाढ़ की तबाही से उम्मीद की हरियाली तक

हरियाणा के रोहतक जिले का ऐतिहासिक गाँव बहलबा, जो दो पंचायतों—बहलबा और बहलबा बजान—में बंटा हुआ है, आज एक ऐसी कहानी लिख चुका है जिसे सुनकर कोई भी भावुक हो जाए। यह कहानी सिर्फ बाढ़ और तबाही की नहीं, बल्कि उम्मीद, एकजुटता और समय...

रोहतक का सैमाण गांव: जहां बाढ़ के अंधेरे के बाद उम्मीद की हरियाली लौटी

हरियाणा के रोहतक जिले की महम तहसील में स्थित सैमाण गांव… कुछ महीने पहले तक यह गांव एक ऐसी पीड़ा से गुजर रहा था जिसे शब्दों में बयान करना आसान नहीं है। खेत, जो कभी किसानों की मेहनत से लहलहाते थे, महीनों तक पानी...

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‘‘ऋषि रामानन्द स्वामी को गुरु बना कर शरण में लेना’’

स्वामी रामानन्द जी अपने समय के सुप्रसिद्ध विद्वान कहे जाते थे। वे द्राविड़ से...

‘‘शिशु कबीर परमेश्वर का नामांकन’’

कबीर साहेब के पिता नीरू (नूर अल्ली) तथा माता नीमा पहले हिन्दू ब्राह्मण-ब्राह्मणी थे।...

‘‘कबीर परमेश्वर जी का कलयुग में अवतरण’’

भारत वर्ष के काशी शहर में सुदर्शन के पिता वाले जीव ने एक ब्राह्मण...

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मथुरा के लठाकुरी गांव में दो साल की जल-त्रासदी का अंत: जब संत रामपाल जी महाराज ने भेजा सेवा का काफिला

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की पावन भूमि—जहां गोवर्धन और बरसाना जैसे आध्यात्मिक स्थल...