हरियाणा: हिसार के गढ़ी गांव में संत रामपाल जी महाराज की रहमत से 3300 एकड़ जमीन पर फिर लहलहाई गेहूं की फसल

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​हिसार, हरियाणा: यह दास्तान हरियाणा के हिसार जिले की हांसी तहसील के अंतर्गत आने वाले गढ़ी गांव की है, जहां प्रकृति के प्रकोप और प्रशासनिक उदासीनता ने किसानों को भुखमरी और गहरे मानसिक अवसाद की कगार पर खड़ा कर दिया था। गांव का लगभग 90% हिस्सा और करीब 3300 एकड़ उपजाऊ भूमि पिछले कई महीनों से 5 से 6 फुट गहरे पानी में समाई हुई थी।

बाढ़ की इस विभीषिका ने न केवल खरीफ की फसलों को बर्बाद किया, बल्कि रबी (गेहूं) की बिजाई की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया था। जब सरकारी तंत्र और मंत्रियों के आश्वासन विफल हो गए, तब संत रामपाल जी महाराज एक मसीहा के रूप में प्रकट हुए और अपनी असीम कृपा से उजड़ते हुए गढ़ी गांव को फिर से आबाद कर दिया।

​जब व्यवस्था ने मोड़ा मुंह तब ग्रामीणों ने लगाई संत रामपाल जी महाराज के चरणों में अर्जी

बाढ़ की मार झेल रहे गढ़ी गांव के ग्रामीणों ने मदद के लिए हर संभव दरवाजा खटखटाया। सरपंच सरपंच सज्जन कुमार के नेतृत्व में पंचायत डीसी, एडीसी और मंत्रियों तक पहुँची, यहाँ तक कि स्वयं मुख्यमंत्री ने गांव का दौरा किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। नंबरदार जी के अनुसार, प्रशासन ने कुछ पाइप भेजे जो गांव तक पहुँचे ही नहीं और सरकारी इंजनों से केवल विवाद बढ़ा। ग्रामीणों के बीच हाहाकार मचा था, श्मशान घाट और स्कूल के रास्ते बंद थे। ऐसी हताशपूर्ण स्थिति में, एक किसान को महाराज जी की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ का कार्ड मिला।

इसी अंतिम उम्मीद के साथ सरपंच और पूरी पंचायत बरवाला स्थित संत रामपाल जी महाराज के ट्रस्ट कार्यालय पहुँची और संत रामपाल जी महाराज के चरणों में अपनी व्यथा सुनाई। महाराज जी ने तुरंत सहायता का आदेश देकर ग्रामीणों के बुझते हुए आत्मविश्वास को फिर से जगा दिया।

​संत रामपाल जी महाराज की असीम दया: निशुल्क संसाधनों का विशाल काफिला पहुँचा गढ़ी

जहां सरकारी सहायता की फाइलें महीनों तक मेजों पर अटकी रहती हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों की पुकार सुनते ही राहत सामग्री का विशाल काफिला गढ़ी गांव रवाना कर दिया। महाराज जी की ओर से लगभग 20,000 फीट लंबी उच्च गुणवत्ता वाली 8 इंची पाइपलाइन और शुरुआत में 15-15 एचपी की तीन शक्तिशाली मोटरें भेजी गईं। बाद में, जल भराव की गंभीरता को देखते हुए महाराज जी ने 20 एचपी की एक और विशालकाय मोटर उपलब्ध कराई।

इस सहायता की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि महाराज जी का स्पष्ट आदेश था कि ग्रामीणों को एक पेंच भी बाहर से न खरीदना पड़े, इसलिए केबल, स्टार्टर, पाइप जोड़ने का सॉल्यूशन (फेविकोल) और अन्य सभी आवश्यक टूल्स भी निशुल्क प्रदान किए गए।

​गढ़ी गांव बाढ़ राहत सामग्री विवरण (Material Details)

संत रामपाल जी महाराज ने बचाई हिसार के गढ़ी की 3300 एकड़ खेती
  • ​पाइपलाइन की कुल लंबाई: 20,000 फीट (उच्च गुणवत्ता वाले 8 इंची पाइप)
  • ​मोटर क्षमता (शुरुआत में): 15-15 HP की तीन शक्तिशाली मोटरें
  • ​अतिरिक्त विशाल मोटर: 20 HP की एक अन्य बड़ी मोटर (बाद में जरूरत पड़ने पर प्रदान की गई)
  • ​तकनीकी सहायक सामग्री: स्टार्टर, केबल, पाइप जोड़ने वाला सॉल्यूशन और आवश्यक नट-बोल्ट।

​विशेष निर्देश: संत रामपाल जी महाराज का सख्त निर्देश था कि ग्रामीणों को एक पेंच (Screw) भी बाहर से न खरीदना पड़े, इसलिए सारा सामान निशुल्क और पूर्ण रूप से भेजा गया।

यह भी पढ़ें: हरियाणा, झज्जर, बीरबरक्ताबाद: संत रामपाल जी महाराज ने मिटाया 30 साल का जलभराव संकट

​दिन-रात मशीनों का संचालन: पानी को खदेड़कर खेतों में गूंजी ट्रैक्टरों की आवाज

संत रामपाल जी महाराज द्वारा उपलब्ध कराए गए इन शक्तिशाली संसाधनों का सदुपयोग करते हुए ग्रामीणों ने दिन-रात पानी निकासी का कार्य किया। मशीनों ने वह असंभव कार्य कर दिखाया जिसे प्रशासन महीनों में नहीं कर पाया था। जो गढ़ी गांव समंदर बना हुआ था, वहां से पानी को 2.5 किलोमीटर दूर ड्रेन में सफलतापूर्वक निकाला गया। आज स्थिति यह है कि गांव की गलियाँ सूखी हैं, श्मशान घाट का रास्ता खुल गया है और खेतों में गेहूं की फसल मुस्कुरा रही है।

सरपंच प्रतिनिधि के अनुसार, पंचायत ने अब 20 एचपी की मोटर को स्थायी रूप से स्थापित कर दिया है और लाइन को अंडरग्राउंड (जमीन के नीचे) कर दिया है ताकि भविष्य में कभी ऐसी आपदा न आए।

किसानों की आपबीती: संत रामपाल जी महाराज ने दिया पुनर्जन्म

गांव के बुजुर्ग किसान कुलदीप जी भावुक होकर बताते हैं कि किसान इस कदर कर्ज और बर्बादी में डूबे थे कि उनके पास आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। वे कहते हैं, “महाराज जी ने हमें केवल पाइप और मोटर नहीं दिए, बल्कि कम से कम 200 किसानों को मरने से बचाकर नया जीवन दान दिया है।” किसान कृष्ण जी, जिनकी 5 एकड़ जमीन पर धान की फसल डूब रही थी, बताते हैं कि महाराज जी की रहमत से उनकी पुरानी फसल का कुछ हिस्सा बच गया और अब गेहूं की बिजाई भी समय पर हो गई है।

​मानवता के रक्षक और साक्षात भाग्य विधाता संत रामपाल जी महाराज

आज गढ़ी गांव का हर निवासी, चाहे वह बुजुर्ग हो या युवा, संत रामपाल जी महाराज की जय-जयकार कर रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि महाराज जी ने सिद्ध कर दिया है कि सच्ची देशभक्ति और मानवता की सेवा क्या होती है। जब सबने हाथ खड़े कर दिए थे, तब महाराज जी एक पिता की तरह सहारा बनकर आए।

​साक्षात मसीहा बनकर उभरे संत रामपाल जी महाराज

आज गढ़ी गांव में जो गेहूं की फसलें मुस्कुरा रही हैं, वह संत रामपाल जी महाराज के संकल्प का परिणाम हैं। महाराज जी ने केवल संसाधन नहीं भेजे, बल्कि उन डूबते हुए परिवारों के अंदर आत्मविश्वास और देशभक्ति की नई ऊर्जा पैदा की। गढ़ी गांव का हर घर और हर किसान उस ‘संजीवनी बूटी’ रूपी मदद के लिए महाराज जी के चरणों में नतमस्तक है, जिसने न केवल उनके खेतों को बंजर होने से बचाया बल्कि उनके उजड़ते हुए संसार को फिर से बसा दिया। महाराज जी की यह सेवा इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगी।

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