हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ तहसील के छोटे से गांव लोवा कलाँ की यह कहानी सिर्फ पानी से डूबे खेतों की नहीं है, बल्कि उस संघर्ष, बेबसी और फिर अचानक मिली राहत की कहानी है जिसने पूरे गांव की तस्वीर बदल दी। पिछले...
हरियाणा के झज्जर जिले की बहादुरगढ़ तहसील का गांव कानौंदा पिछले कई वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। यह केवल एक मौसमी परेशानी नहीं थी, बल्कि एक स्थायी संकट बन चुकी थी जिसने खेती, आजीविका और गांव के सामाजिक ढांचे...
मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।