हरियाणा के रोहतक जिले का ऐतिहासिक गाँव बहलबा, जो दो पंचायतों—बहलबा और बहलबा बजान—में बंटा हुआ है, आज एक ऐसी कहानी लिख चुका है जिसे सुनकर कोई भी भावुक हो जाए। यह कहानी सिर्फ बाढ़ और तबाही की नहीं, बल्कि उम्मीद, एकजुटता और समय...
हरियाणा के रोहतक जिले की महम तहसील में स्थित सैमाण गांव… कुछ महीने पहले तक यह गांव एक ऐसी पीड़ा से गुजर रहा था जिसे शब्दों में बयान करना आसान नहीं है। खेत, जो कभी किसानों की मेहनत से लहलहाते थे, महीनों तक पानी...
मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।