हरियाणा के जिला रोहतक की महम तहसील में स्थित गांव फरमाना बादशाहपुर हाल के महीनों में एक ऐसी मानवीय त्रासदी का गवाह बना, जिसने किसानों की कमर तोड़ दी थी। लगभग 200 एकड़ उपजाऊ भूमि 4 से 5 फुट गहरे जहरीले बाढ़ के पानी...
हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला तहसील में बसा सिंधड़ गांव आज शांति और खुशहाली का दृश्य पेश कर रहा है, लेकिन कुछ ही दिन पहले यही गांव बाढ़ की तबाही से घिरा हुआ था। खेतों में अथाह पानी भरा पड़ा था, नरमा और...
मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।