कृषि और पीने का शुद्ध पानी, किसी भी ग्रामीण जीवन की दो सबसे बुनियादी ज़रूरतें हैं। लेकिन हरियाणा में रोहतक जिले की सांपला तहसील के अंतर्गत आने वाले कारौर (कारोहर) गाँव में ये दोनों ही ज़रूरतें एक बड़े संकट में बदल चुकी थीं। यह...
भारतीय कृषि व्यवस्था में छोटे और सीमांत किसान सदैव आर्थिक तंगहाली और बढ़ती लागत से जूझते रहे हैं। महंगे रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक दवाएं लऔर बाजार में बिचौलियों की मार के कारण खेती अब गरीब किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है।...
अजामेल (अजामिल) की कथा: काशी शहर में एक अजामेल (अजामिल) नामक व्यक्ति रहता था। वह ब्राह्मण कुल में जन्म था फिर भी शराब पीता था। वैश्या के पास जाता था। वैश्या का नाम मैनका था, वह बहुत सुंदर थी। परिवार तथा समाज के समझाने पर भी अजामेल नहीं माना तो उन दोनों को नगर से निकाल दिया गया। वे उसी शहर से एक मील (1.7 किमी.) दूर वन में कुटिया बनाकर रहने लगे। दोनों ने विवाह कर लिया। अजामेल स्वयं शराब तैयार करता था। जंगल से जानवर मारकर लाता और मौज-मस्ती करता था। गरीब दास जी महाराजजी हमे बताते है कि