हरियाणा के हिसार जिले की बरवाला तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव ब्याना खेड़ा में प्रकृति का ऐसा प्रकोप देखने को मिला जिसने किसानों की कमर तोड़ दी थी। मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण खेतों में 6 से 10 फीट तक पानी जमा...
राजस्थान राज्य के डीग जिले की रारह तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम अजान में पिछले तीन वर्षों से एक अत्यंत गंभीर प्राकृतिक आपदा और जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। अजान गांव की करीब 1000 से 1500 बीघा उपजाऊ कृषि भूमि एक विशाल...
मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।