हरियाणा के रोहतक जिले के भालौठ गांव में वर्षों से जलभराव किसानों और ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बना हुआ था। बरसात के दौरान कृषि भूमि, गांव के रास्ते और श्मशान घाट जलमग्न हो जाते थे, जिससे खेती और जनजीवन प्रभावित होता था।...
मंडकोला गांव के निवासी पिछले 25 से 50 वर्षों से जलभराव की समस्या का सामना कर रहे थे। स्थिति इतनी गंभीर थी कि किसान खेती छोड़ने और अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर हो गए थे। इस संकट की घड़ी में ग्रामीणों ने संत...
मीरा बाई (Meera Bai) सिर्फ़ एक नाम नहीं है मीरा बाई भक्ति की तरंग, आस्था की लहर और श्रद्धा की गरिमा है। मीरा बाई श्री कृष्ण जी की अनन्य भक्त थीं। बचपन में ही वह कृष्ण जी के प्रति आसक्त हो गईं थीं। मीरा बाई को लोग कृष्ण भक्त मानते हैं परंतु मीरा बाई के गुरु कबीर साहेब जी थे यह लोग नहीं जानते। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मीरा बाई के जीवन से जुड़ी कई सच्ची जानकारियां देंगे कि कैसे मीरा बाई ने तीन लोक के स्वामी विष्णु जी उर्फ श्री कृष्ण जी की त्रिगुणमयी भक्ति त्याग कर कौनसी सतभक्ति करनी आरंभ की थी। इसके बारे में संक्षेप में बताएंगे जिसे जानने के बाद आप यह निर्णय खुद कर सकेंगे कि मनुष्य जीवन में सतभक्ति करनी कितनी ज़रूरी है।