मंडकोला गांव के निवासी पिछले 25 से 50 वर्षों से जलभराव की समस्या का सामना कर रहे थे। स्थिति इतनी गंभीर थी कि किसान खेती छोड़ने और अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर हो गए थे। इस संकट की घड़ी में ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के चरणों में जाकर प्रार्थना की। संत रामपाल जी महाराज ने किसानों की पुकार को सुना और एक के बाद एक तीन चरणों में सहायता भेजकर गांव को जलमग्न होने से बचा लिया। गांव के सरपंच और ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने केवल प्रार्थना की और संत रामपाल जी महाराज ने 24 घंटे के भीतर उस पर अमल करते हुए सर्वे करवाया और सहायता पहुँचा दी।
जलभराव से मुक्ति: तीन चरणों में संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिया गया संबल
संत रामपाल जी महाराज ने इस कार्य को व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया। प्रत्येक चरण में गांव की जरूरतों का आकलन किया गया और उसके अनुसार सामग्री भेजी गई।
| सहायता चरण | पाइपलाइन (फीट में) | मोटर (संख्या) |
|---|---|---|
| प्रथम चरण | 30,000 | 5 (10 HP) |
| द्वितीय चरण | 7,300 | 4 (10 HP) |
| तृतीय चरण | 7,200 | 3 (1x 20 HP, 2x 10 HP) |
| कुल सहायता | 44,500(8 inch) | 12 |
उपरोक्त तालिका के अनुसार, संत रामपाल जी महाराज ने पाइपलाइन के अलावा नट-बोल्ट, एयर वॉल, प्लेट, फेविकोल और अन्य एक्सेसरीज भी उपलब्ध कराईं, ताकि पाइपलाइन बिछाने का कार्य बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके।
कृषि और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव: जमीन बेचने को मजबूर किसानों की नई उम्मीद
स्थानीय किसान रतन सिंह ने बताया कि पहले उनकी जमीन की कोई कीमत नहीं थी और जलभराव के कारण वे औने-पौने दामों पर जमीन बेचने को मजबूर थे। लेकिन संत रामपाल जी महाराज द्वारा उपलब्ध कराई गई इस सुविधा से जमीन अब उपजाऊ बन रही है और फसलों का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। गांव के सरपंच ने पुष्टि की कि इस सहायता के बाद गांव के लोगों में खुशी की लहर है। अब किसान अपनी जमीन नहीं बेच रहे हैं, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि वे अब अपनी जमीन पर अच्छी फसल उगा पाएंगे, जिससे परिवार का भविष्य सुरक्षित होगा और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
पंचायत और ग्रामीणों का कृतज्ञता ज्ञापन: संत रामपाल जी महाराज के चरणों में नमन
गांव के बीचों-बीच से गुजरते हुए संत रामपाल जी महाराज के काफिले का स्वागत पुष्प वर्षा और मालाओं से किया गया। ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि आज से पहले किसी सरकार या प्रशासन ने उनकी इतनी सुध नहीं ली, जितनी संत रामपाल जी महाराज ने ली है। ग्राम प्रधान सुशील डागर ने कहा कि राजनीति की ओर ध्यान न देते हुए संत रामपाल जी महाराज ने मानवता का जो कार्य किया है, वह अविस्मरणीय है। लोग अपने घरों से बाहर निकलकर फूल बरसा रहे थे और महाराज जी की जय-जयकार कर रहे थे। प्रत्येक ग्रामीण के मन में महाराज जी के प्रति अगाध श्रद्धा दिखाई दे रही थी।
भविष्य की दृष्टि: संत रामपाल जी महाराज का सतत सेवा का संकल्प
संत रामपाल जी महाराज के सेवादारों ने ग्रामीणों को निर्देश दिए कि जब पाइपलाइन भूमिगत बिछा ली जाए, तो वे पुनः सूचना दें। महाराज जी के आदेशानुसार, यदि और भी किसी चीज की आवश्यकता होगी, तो उसकी पूर्ति की जाएगी। यह कार्य केवल एक बार का दान नहीं है, बल्कि एक स्थायी व्यवस्था है। संत रामपाल जी महाराज ने सुनिश्चित किया है कि गांव का एक-एक क्षेत्र बाढ़ मुक्त हो।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल भगवान ही कर सकते हैं जो अपने बच्चों की पीड़ा को समझकर उसका समाधान करते हैं। मंडकोला गांव अब जलभराव मुक्त होने की राह पर है और यह सब केवल संत रामपाल जी महाराज की अपार कृपा से संभव हुआ है।
संत रामपाल जी महाराज: मानवता के सच्चे उद्धारक और करुणा के सागर
- संत रामपाल जी महाराज दीन-दुखियों के सच्चे सहायक हैं, जिन्होंने मंडकोला गांव के किसानों के कष्टों को दूर कर उनकी सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।
- महाराज जी ने न केवल जलभराव से खेतों को मुक्त कराया, बल्कि किसानों के टूटे हुए मनोबल और भविष्य की आशाओं को भी नई ऊर्जा प्रदान की है।
- मंडकोला की धरती और वहां की आने वाली पीढ़ियां संत रामपाल जी महाराज के इस महान उपकार को सदैव कृतज्ञता के साथ याद रखेंगी।
- महाराज जी का व्यक्तित्व साक्षात करुणा और दया का सागर है, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के करोड़ों का सामान और सेवाएं ग्रामीणों को समर्पित की हैं।



