भालौठ गांव जलभराव राहत: तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने रोहतक में किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत दी दीर्घकालिक जल निकासी सहायता

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हरियाणा के रोहतक जिले के भालौठ गांव में वर्षों से जलभराव किसानों और ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बना हुआ था। बरसात के दौरान कृषि भूमि, गांव के रास्ते और श्मशान घाट जलमग्न हो जाते थे, जिससे खेती और जनजीवन प्रभावित होता था। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत सर्वे के बाद जल निकासी सहायता स्वीकृत की, जिससे इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कार्य शुरू हुआ।

गांव के ग्रामीण और ग्राम पंचायत वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के अंतर्गत तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के चरणों में प्रार्थना लेकर पहुंचे थे। यह समस्या गांव की कृषि भूमि के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों को भी प्रभावित कर रही थी।

भालौठ गांव जलभराव राहत: प्रमुख बिंदु

मुख्य बिंदुविवरण
स्थानभालौठ गांव, रोहतक, हरियाणा
मुख्य समस्याखेतों, रास्तों और श्मशान घाट में वर्षों से जलभराव
प्रभावित क्षेत्रलगभग 150–200 एकड़ कृषि भूमि
अभियानकिसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2
स्वीकृत सहायता5,300 फीट पाइपलाइन, एक 10 एचपी और एक 20 एचपी मोटर
अतिरिक्त सामग्रीएयर वाल्व, फेविकोल, नट-बोल्ट, बैंड, प्लेट तथा अन्य आवश्यक सामग्री
उद्देश्यजल निकासी की स्थायी व्यवस्था और कृषि भूमि की सुरक्षा

वर्षों से जलभराव ने खेती और आवागमन को किया प्रभावित

ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के अनुसार, प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान आसपास के क्षेत्रों का पानी गांव की कृषि भूमि में भर जाता था। इससे लगभग 150–200 एकड़ भूमि प्रभावित होती थी। कई स्थानों पर समय पर बुवाई नहीं हो पाती थी और किसानों की धान तथा गेहूं जैसी फसलों को लगातार नुकसान उठाना पड़ता था।

यह समस्या केवल खेती तक सीमित नहीं थी। जलभराव के कारण श्मशान घाट और आसपास के रास्ते भी प्रभावित होते थे। ग्रामीणों के अनुसार, भारी बारिश के दौरान श्मशान घाट और खेतों तक पहुंचना कठिन हो जाता था।

ग्राम पंचायत की प्रार्थना के बाद कराया गया सर्वे

ग्रामीणों की प्रार्थना प्राप्त होने के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के आदेश पर सर्वे टीम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। सर्वे के दौरान जल निकासी के लिए दो बिंदु चिन्हित किए गए—

  • पहला बिंदु: 1,125 मीटर (लगभग 3,700 फीट)
  • दूसरा बिंदु: 487 मीटर (लगभग 1,600 फीट)

सर्वे में ग्राम पंचायत का आकलन सही पाया गया और जल निकासी के लिए कुल 5,300 फीट पाइपलाइन, एक 10 एचपी मोटर तथा एक 20 एचपी मोटर की आवश्यकता की पुष्टि की गई।

किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत स्वीकृत हुई सहायता

सर्वे रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के अंतर्गत निम्न सहायता स्वीकृत की—

  • 5,300 फीट पाइपलाइन
  • एक 10 एचपी मोटर
  • एक 20 एचपी मोटर

इसके साथ ही ग्राम पंचायत को एयर वाल्व, फेविकोल, नट-बोल्ट, बैंड, प्लेट तथा पाइपलाइन स्थापना के लिए आवश्यक अन्य सभी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई, ताकि कार्य बिना किसी अतिरिक्त खर्च के पूरा किया जा सके।

सर्वे टीम ने ग्राम पंचायत को निर्देश दिए कि पाइपलाइन को भूमिगत करने के बाद उसमें पानी छोड़कर लीकेज की जांच की जाए तथा एयर वाल्व लगाने के बाद ही मिट्टी डाली जाए। पाइपलाइन का सत्यापन पूरा होने के बाद दोनों मोटर भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

यह भी पढ़ें:  ​गाँव डीघल, झज्जर (हरियाणा) में संत रामपाल जी महाराज द्वारा जल निकासी समस्या का ऐतिहासिक समाधान

तेज़ी से हुआ सर्वे और सामग्री उपलब्ध कराई गई

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सरपंच कुलदीप ने बताया कि आवेदन एक दिन पहले दिया गया था। उनके अनुसार, उसी दिन सर्वे पूरा हुआ और सहायता स्वीकृत होने की प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ी।

गांव के प्रतिनिधियों ने बताया कि आवेदन के तुरंत बाद समिति ने संपर्क किया, प्रस्तावित पाइपलाइन मार्ग का ड्रोन सर्वे किया और अगले ही दिन गांव में पाइपलाइन की सामग्री पहुंचा दी गई।

ग्रामीणों ने वर्षों पुरानी समस्या का किया उल्लेख

ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव की समस्या कई वर्षों से बनी हुई थी। उनके अनुसार, बारिश के दौरान कलोई रोड और रुड़की रोड के आसपास पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित होता था और आसपास के गांवों के लोगों को भी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने यह भी बताया कि अंतिम संस्कार के समय श्मशान घाट तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता था। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि यह जल निकासी परियोजना खेतों में जलभराव कम करेगी, कृषि भूमि की सुरक्षा करेगी और गांव के रास्तों पर आवागमन को सुगम बनाएगी।

एक ग्रामीण प्रतिनिधि ने यह भी बताया कि इससे पहले ग्राम पंचायत के अनुरोध पर तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत गांव के लिए पेयजल सेवा हेतु एक पानी का टैंकर उपलब्ध कराया था, जिससे आज भी ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

ग्राम पंचायत ने सामग्री प्राप्त होने की पुष्टि की

ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों ने पुष्टि की कि पाइपलाइन स्थापना के लिए आवश्यक संपूर्ण सामग्री प्राप्त हो चुकी है और किसी भी ज़रूरी सामान की कमी नहीं है। उन्होंने सामग्री की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने और गांव की स्थिति में सुधार लाने में सहायक होगी।

ग्राम पंचायत ने यह भी कहा कि पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद खेतों, गांव के रास्तों और श्मशान घाट में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीणों को दीर्घकालिक राहत मिलेगी।

जल निकासी परियोजना से दीर्घकालिक राहत की उम्मीद

ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के अनुसार, किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत मिली यह सहायता भालौठ गांव, रोहतक, हरियाणा की वर्षों पुरानी जलभराव समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वीकृत जल निकासी व्यवस्था से कृषि भूमि की सुरक्षा, जल निकासी में सुधार तथा मानसून के दौरान ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों में कमी आने की उम्मीद है।

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