देश के विभिन्न राज्यों में इन दिनों सामाजिक सरोकारों और जनकल्याणकारी अभियानों की गूंज सुनाई दे रही है। विशेषकर हरियाणा और राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़ और अकाल जैसी गंभीर स्थितियों से जूझ रहे किसानों, मजदूरों और बेसहारा पशुओं की सहायता के लिए संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में चलाए जा रहे राहत कार्यों ने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।
‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज-2’, ‘पशुधन बचाओ, शुद्ध जल पिलाओ अभियान’, ‘शुद्ध पेयजल सेवा अभियान’ तथा ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के अंतर्गत हजारों क्विंटल चारा, आधुनिक टिन-शेड, पीने के पानी के लिए लंबी पाइपलाइनें और राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
इसी सिलसिले में राजस्थान के चूरू, सिरसा, हनुमानगढ़ तथा हरियाणा के रोहतक, झज्जर, सोनीपत और अन्य जिलों से आए सरपंचों, गौशाला प्रधानों एवं तपा पंचायतों के प्रतिनिधियों ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की और उनके इन महान सामाजिक कार्यों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
किसान मजदूर बचाओ अभियान और पशुधन बचाओ मुहिम का व्यापक असर
हरियाणा और राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ और सूखे जैसी विपरीत परिस्थितियों के कारण किसानों और पशुपालकों के समक्ष आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया था। ऐसे कठिन दौर में संत रामपाल जी महाराज के द्वारा संचालित अभियानों ने उम्मीद की एक नई किरण जगाई है।
राजस्थान के चूरू जिले के मेहरा सरूपाद्यान गांव के सरपंच ने बताया कि उनके क्षेत्र में अकाल और सूखे जैसे हालात हैं, जहां गौशालाओं में सैकड़ों गायों के चारे का भारी संकट था। संत रामपाल जी महाराज की ओर से ऐसे गांवों में न केवल भारी मात्रा में चारा पहुंचाया गया है, बल्कि गौशालाओं के विकास के लिए आधुनिक टिन-शेड और अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं।
इसी तरह कालुआना (सिरसा, हरियाणा), नेशल (चूरू, राजस्थान) और मोखरा (रोहतक, हरियाणा) की तपा पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी बताया कि उनके इलाकों में संकट की घड़ी में जो अकल्पनीय सहायता पहुंचाई गई है, उसने स्थानीय जनता को एक बड़ी राहत दी है।
गांवों में पेयजल संकट और बाढ़ से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकी सहायता
ग्रामीण क्षेत्रों में केवल चारे और राशन की ही नहीं, बल्कि शुद्ध पेयजल और जल निकासी की भी गंभीर समस्या देखने को मिली है। झज्जर के बिरधाना सहित कई अन्य गांवों में बाढ़ के पानी के जमा होने और जलभराव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा हजारों फीट लंबी नीले-काले रंग की पाइपलाइनें, भारी क्षमता की मोटरें और सोलर पंप स्थापित किए गए हैं, जिससे जल निकासी और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से हो सकी है।
इसके अलावा, किसानों के खेतों में समय पर खाद, बीज और कीटनाशक दवाइयां भी निःशुल्क वितरित की जा रही हैं, जिससे फसलों की बुआई और रख-रखाव में भारी मदद मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि मोबाइल और मीडिया के माध्यम से जब उन्होंने इन सामाजिक कार्यों को देखा, तो वे गहराई से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके।
अन्नपूर्णा मुहिम और बेसहारा परिवारों को राहत का संबल
संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में चलाई जा रही ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े असहाय, गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक राशन की सामग्रियां पहुंचाई जा रही हैं। सोनीपत के गोहाना, रोहतक के किशनगढ़ और विभिन्न अन्य क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं तथा असहाय परिवारों ने आश्रम पहुंचकर अपनी आपबीती साझा की और बताया कि किस प्रकार इस मुहिम ने उनके घरों के चूल्हे जलने में मदद की है।
विधवा महिलाओं, दिव्यांगों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को समय-समय पर आर्थिक व वस्तुगत सहायता प्रदान करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रहा है। गोहाना, सोनीपत और बिहार के समस्तीपुर से पहुंचे युवा जिला पार्षदों व गणमान्य नागरिकों ने भी इस बात पर जोर दिया कि कलयुग में इस तरह के निःस्वार्थ लोक कल्याणकारी कार्य केवल सतगुरु के सानिध्य में ही संभव हैं।
गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण और चारे की आपूर्ति पर विशेष जोर
पशुधन संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत राजस्थान और हरियाणा की दर्जनों गौशालाओं को सीधा लाभ मिला है। चूरू, हनुमानगढ़, झुंझुनू और चरखी दादरी के विभिन्न गांवों से पहुंचे गौशाला प्रधानों ने बताया कि उनके यहां चारे के गोदाम खाली पड़े थे और मवेशियों की भूख मिटाना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
ऐसे में संत रामपाल जी महाराज द्वारा मांग से भी अधिक मात्रा में—जैसे कहीं 1500 क्विंटल तो कहीं 500 क्विंटल उत्तम क्वालिटी का चारा—उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही गौशालाओं में गायों के उत्तम रख-रखाव, आधुनिक टीन-शेड निर्माण, जल भराव निकासी और मिट्टी भराई के कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
ग्रामीण प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसा सेवाभाव उन्होंने इतिहास में पहली बार देखा है जहां बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक मदद खुद चलकर पहुंच रही है।
पंजाब के फाजिल्का जिले के सैदावाली गांव से जिला परिषद सदस्य और सरपंच प्रतिनिधि ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से भेंट की। उन्होंने क्षेत्र में सेम की समस्या और पीने के पानी की भारी किल्लत से अवगत कराया। साथ ही, किसानों को बीज वितरण, मकान निर्माण सहायता और गौमाता की सेवा जैसे सामाजिक कार्यों की सराहना की।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की टिब्बी तहसील के मसीनावाली, गांव के सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज के दर्शन किए। उन्होंने मेहरवाला में 4000 फीट लंबी पाइपलाइन बिछाए जाने और क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का हवाला देते हुए अपनी गौशाला के लिए सहायता का निवेदन किया।
प्रमुख हस्तियों के बयान
| हस्ती | पद/परिचय | बयान | वीडियो स्रोत |
| मेहरा सरूपाद्यान के सरपंच | सरपंच, मेहरा सरूपाद्यान, चूरू, राजस्थान | गांव में अकाल और सूखे की स्थिति के बीच गौशालाओं के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा गरीबों और मवेशियों की सेवा में जो अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं, उनसे पूरा ग्रामीण समाज अत्यधिक प्रभावित है। | वीडियो देखे |
| कालुआना गौशाला प्रधान | गौशाला प्रधान, कालुआना, सिरसा, हरियाणा | गौशालाओं में गायों के उत्तम रख-रखाव, चारे की व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा जो निःशुल्क सहायता दी जा रही है, वह वंदनीय है। | वीडियो देखे |
| मोखरा तपा पंचायत प्रतिनिधि | प्रतिनिधि, मोखरा तपा पंचायत, रोहतक, हरियाणा | संकट और आपदा के समय संत रामपाल जी महाराज के अभियानों के माध्यम से ग्रामीण अंचलों को जो संबल मिला है, उससे आम जनजीवन को बहुत बड़ी राहत मिली है। | वीडियो देखे |
| नेशल गांव के सरपंच | सरपंच, नेशल, चूरू, राजस्थान | हमारे क्षेत्र की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सतलोक आश्रम और संत रामपाल जी महाराज की ओर से जो त्वरित और उदार सहायता पहुंचाई गई है, उसके लिए हम आजीवन आभारी रहेंगे। | वीडियो देखे |
| गोहाना से आए श्रद्धालु एवं प्रतिनिधि | श्रद्धालु एवं सामाजिक कार्यकर्ता, गोहाना, सोनीपत, हरियाणा | ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत गरीब और असहाय परिवारों को मिल रहा राशन का सहारा कलयुग में मानवता की असली मिसाल पेश कर रहा है। | वीडियो देखे |
जनसेवा का यह कारवां दे रहा है नई दिशा
हरियाणा, राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में चल रहे ये राहत अभियान यह साबित करते हैं कि यदि सच्ची निष्ठा और सेवाभाव हो, तो समाज की हर बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
बाढ़, सूखा, पेयजल संकट या पशुधन की रक्षा—हर मोर्चे पर जिस प्रकार प्रशासनिक तंत्र से परे जाकर संत समाज ने एक समानांतर सेवा मॉडल प्रस्तुत किया है, उसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दे रही है। ग्रामीण जनता और जनप्रतिनिधियों का उमड़ता जनसैलाब इस बात का प्रतीक है कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रहीं अनेकों मुहिम पुरे संसार के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।



