​गाँव डीघल, झज्जर (हरियाणा) में संत रामपाल जी महाराज द्वारा जल निकासी समस्या का ऐतिहासिक समाधान

Published on

spot_img

​हरियाणा राज्य के झज्जर जिले की बेरी तहसील के अंतर्गत आने वाले गाँव डीघल में पिछले तीन दशकों से अधिक समय से जोहड़ के गंदे और बरसाती पानी की निकासी को लेकर एक अत्यंत गंभीर समस्या बनी हुई थी। प्रत्येक वर्ष मानसून और बरसात के मौसम में जोहड़ ओवरफ्लो हो जाता था जिसके कारण गाँव की गलियों और मुख्य रास्तों पर लगभग 3 से 4 फुट तक गंदा पानी भर जाता था। कई बार यह जलभराव सीधे लोगों के घरों के अंदर तक प्रवेश कर जाता था जिससे डीघल गाँव के निवासियों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाता था। इस विकट स्थिति के कारण न केवल ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था बल्कि पशुओं की सुरक्षा, संपत्ति के नुकसान और संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी निरंतर खतरा बना रहता था। स्थानीय निवासियों और ग्राम पंचायत ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और शासन के समक्ष गुहार लगाई थी, परंतु किसी भी स्तर पर जल निकासी की कोई स्थाई व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो सकी थी।

​किस प्रकार ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष रखी अपनी समस्या

​जब प्रशासनिक स्तर पर डीघल गाँव की इस तीन दशक पुरानी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला, तब ग्राम पंचायत ने हार न मानते हुए ‘पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान’ और ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान’ के तहत संत रामपाल जी महाराज के श्री चरणों में अपनी प्रार्थना प्रस्तुत की। ग्रामीणों की इस विनती को स्वीकार करते हुए संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल अपने सेवादारों और सर्वे टीम को गाँव डीघल में भेजा। 

सर्वे टीम ने आधुनिक जीपीएस प्रणाली और जमीनी पैमाइश के माध्यम से यह मुआयना किया कि जोहड़ के गंदे पानी को मुख्य ड्रेन तक सफलतापूर्वक कैसे पहुँचाया जा सकता है। इस संपूर्ण तकनीकी सर्वेक्षण के बाद यह पाया गया कि गाँव को जलभराव से मुक्त करने के लिए 5000 फुट लंबी 10 इंची विशेष पाइपलाइन, एक 20 एचपी की मोटर तथा मोटर की सुरक्षा व रखरखाव के लिए 15/15 फुट के एक कमरे की आवश्यकता है। संत रामपाल जी महाराज ने इस रिपोर्ट पर तुरंत मुहर लगाते हुए डीघल गाँव के लिए राहत सामग्री भेजने का आदेश जारी कर दिया।

यह भी पढ़ें: नारायणपुरा में दिखी सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी की अनोखी मिसाल, संत रामपाल जी महाराज के हजारों शिष्यों ने मिलकर पूरे गांव को साफ करने का उठाया बीड़ा

​गाँव डीघल, झज्जर, हरियाणा में राहत सामग्री का आगमन और भव्य स्वागत

​संत रामपाल जी महाराज के पावन आदेशानुसार जब पाइपों और आवश्यक उपकरणों से भरे हुए ट्रक गाँव डीघल की सीमा पर पहुँचे तो पूरा ग्रामीण क्षेत्र खुशी की लहर में डूब गया। गाँव के लोग ट्रैक्टरों और ढोल-नगाड़ों के साथ गाँव के बाहर एकत्र हुए। वहाँ उपस्थित सभी ग्रामीणों ने मंगलाचरण का पाठ किया और फूल-मालाओं तथा पुष्पवर्षा के साथ इस सहायता सामग्री का अत्यंत भव्य एवं आदरपूर्वक स्वागत किया। 

ग्राम पंचायत के प्रधान, बुजुर्गों, माताओं और युवाओं ने एक स्वर में संत रामपाल जी महाराज को जगत का मसीहा और पूर्ण परमात्मा का अवतार बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जहाँ सरकारी कार्यालयों और प्रशासन से एस्टीमेट पास करवाने में महीनों और वर्षों लग जाते हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज के दरबार में प्रार्थना पहुँचते ही अगले ही दिन त्वरित गति से सहायता सामग्री मौके पर उपलब्ध करा दी जाती है।

​राहत कार्यों और प्रदाय सामग्री का विवरण

​संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से संचालित अभियानों के अंतर्गत गाँव डीघल को प्रदान की गई सामग्री और उपकरणों का विस्तृत विवरण निम्नलिखित सारणी में दर्शाया गया है:

क्रम संख्यासामग्री एवं उपकरण का नामविवरण एवं मात्राउद्देश्य
1पीवीसी पाइप (PVC Pipes)5000 फुट लंबी, 10 इंची स्पेशल पाइपलाइनजोहड़ के गंदे और बरसाती पानी को मुख्य ड्रेन तक पहुँचाना
2जल पंप मोटर (Water Pump Motor)20 एचपी क्षमता की 1 मोटरपानी के तेज बहाव और सुगम निकासी को सुनिश्चित करना
3मोटर सुरक्षा कक्ष (Protection Room)15/15 फुट का 1 कमरास्थापित होने वाली 20 एचपी मोटर की सुरक्षा और रखरखाव हेतु
4सहायक उपकरण (Accessory Items)एयर वाल्व, पीवीसी बैंड, फेविकोल, लोहे के बैंड, प्लेट्स, जैन, स्टील के नट-बोल्ट आदिपाइपलाइन को जोड़ने और जल रिसाव (Leakage) को रोकने हेतु

जल निकासी व्यवस्था की कार्यप्रणाली और आगामी निर्देश

​गाँव डीघल में पाइपलाइन और सहायक एक्सेसरीज हैंडओवर करने के साथ-साथ संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार एक विशेष प्रक्रिया तय की गई है। ग्राम पंचायत को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी 5000 फुट लंबी पाइपलाइन को नियमानुसार भूमिगत (Underground) तरीके से दबाएं। पाइपलाइन दबाने के बाद उसमें पानी छोड़कर प्रत्येक जोड़ और लीकेज की बारीकी से जांच करनी होगी।

जब पूरी पाइपलाइन के भूमिगत होने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो जाएगी, तब ग्राम पंचायत सर्वे टीम को इसकी सूचना देगी। इसके पश्चात पुनः सर्वे करवाकर संत रामपाल जी महाराज के चरणों में रिपोर्ट भेजी जाएगी और उनके आदेशानुसार 20 एचपी की मोटर ग्राम पंचायत को सौंप दी जाएगी। मोटर स्थापित होने के उपरांत उसके सुरक्षित रखरखाव के लिए संत रामपाल जी महाराज के आदेश से 15/15 फुट के कमरे का निर्माण कार्य भी करवाया जाएगा।

​इस परियोजना से गाँव को मिलने वाले लाभ

​संत रामपाल जी महाराज द्वारा डीघल गाँव में भिजवाई गई इस 5000 फुट लंबी पाइपलाइन और मोटर व्यवस्था से निम्नलिखित महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे:

  • ​गाँव के जोहड़ का ओवरफ्लो होकर गलियों और मुख्य रास्तों पर भरने वाला 3 से 4 फुट गंदा पानी हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा।
  • ​ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों का आवागमन सुचारू होगा तथा लोगों के घरों के अंदर पानी घुसने का खतरा टल जाएगा।
  • ​गंदे पानी के जमाव के कारण फैलने वाली संक्रामक बीमारियों और महामारी का खतरा कम होगा जिससे लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा।
  • ​किसानों के खेतों तक आने-जाने वाले रास्ते पूरी तरह से साफ और सुगम हो जाएंगे जिससे कृषि कार्यों में बाधा नहीं आएगी।
  • ​गाँव के पशुधन को गंदे पानी में रहने और घूमने से होने वाली शारीरिक समस्याओं तथा संपत्तियों को होने वाले नुकसान से स्थाई राहत मिलेगी।

​कबीर प्रकटे संत रामपाल रूप में: हर पीड़ित जीव के संकटहर्ता और सहायता के प्रतीक

​संत रामपाल जी महाराज केवल हरियाणा के झज्जर जिले के डीघल गाँव तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके द्वारा ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज दो’, ‘शुद्ध पेयजल सेवा अभियान’ और ‘पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान’ के माध्यम से 100 से अधिक जल संकटग्रस्त गाँवों में ऐतिहासिक सेवा कार्य पूरे किए जा चुके हैं। 

डीघल गाँव के निवासियों ने एक स्वर में स्वीकार किया कि संत रामपाल जी महाराज किसी साधारण मानव या संत की श्रेणी में नहीं आते, बल्कि वे साक्षात पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब के अवतार हैं जो जाति,पाति, अमीर-गरीब और भेदभाव से परे हटकर संपूर्ण मानवता के उद्धार के लिए कार्य कर रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज का यह डीघल गाँव में किया गया जल निकासी का कार्य न केवल एक भौतिक सहायता है, बल्कि यह पीड़ित मानवता के प्रति उनकी असीम करुणा, दया और सर्वहितकारी विचारधारा का एक जीवंत प्रमाण है। डीघल गाँव की पावन धरती पर संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई यह अनुपम सौगात आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगी।

Latest articles

बेसहारा को मकान और बाढ़ पीड़ित किसानों को राहत: सतभक्ति और समाज सुधार की अनूठी मिसाल बने संत रामपाल जी महाराज

संत रामपाल जी महाराज असहायों और पीड़ितों के लिए सबसे बड़े सहारे बन चुके...
spot_img

More like this

बेसहारा को मकान और बाढ़ पीड़ित किसानों को राहत: सतभक्ति और समाज सुधार की अनूठी मिसाल बने संत रामपाल जी महाराज

संत रामपाल जी महाराज असहायों और पीड़ितों के लिए सबसे बड़े सहारे बन चुके...