संत रामपाल जी महाराज ने बैतूल के उड़दन प्राथमिक विद्यालय में उपलब्ध कराईं सुविधाएं

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मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की ग्राम पंचायत जामठी के अंतर्गत आने वाले गांव उड़दन स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ था। इस विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक लगभग 50 छात्र-छात्राएं हैं। विद्यालय में छात्रों के बैठने के लिए टेबल और बेंच उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण बच्चे जमीन तथा टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करने के लिए विवश थे। वर्षा ऋतु के दौरान फर्श पर नमी एवं सीलन आ जाने से बच्चों को स्वास्थ्‍य संबंधी समस्याओं एवं बैठने में अत्यधिक असुविधा का सामना करना पड़ता था।

विद्यालय परिसर की सुरक्षा और अन्य बुनियादी ढांचागत समस्याएं 

  • बाउंड्री वॉल की क्षति: विद्यालय की 450 रनिंग फीट की बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त एवं टूटी हुई थी। हालांकि सुरक्षा के उद्देश्य से तार लगाए गए थे, परंतु मवेशी आसानी से परिसर में प्रवेश कर जाते थे।
  • कच्चा एवं कीचड़ युक्त मार्ग: मुख्य मार्ग से विद्यालय परिसर तक आने वाला 100 से 150 फीट लंबा मार्ग कच्चा था। बारिश के दिनों में पूरे रास्ते में जलभराव और गहरा कीचड़ हो जाता था, जिससे होकर छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचना पड़ता था।
  • शौचालय में जल व्यवस्था का अभाव: बालक एवं बालिका शौचालयों में पानी की टंकियों, नलों एवं पाइपलाइन फिटिंग का पूर्ण अभाव था।
  • पेयजल की समस्या: छात्रों के लिए पीने के पानी की पृथक टंकी या प्याऊ उपलब्ध नहीं था, जिससे बच्चों को दूर स्थित नल व हेडपंप पर जाना पड़ता था।
  • डिजिटल शिक्षा का अभाव: विद्यालय में आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा हेतु कंप्यूटर की व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी।

अन्नपूर्णा मुहिम के तहत आवेदन, सर्वेक्षण एवं प्रशासनिक स्वीकृति

विद्यालय में व्याप्त समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु शासकीय प्राथमिक शाला उड़दन के प्रधान पाठक संजीव कुमार वर्मा, ग्राम पंचायत जामठी/उड़दन के सरपंच एवं ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किया।

प्रार्थना पत्र प्राप्त होने के उपरांत संत रामपाल जी महाराज के आदेश से एक सर्वेक्षण टीम ने विद्यालय परिसर का जमीनी निरीक्षण किया। सर्वेक्षण टीम ने छात्रों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, रास्ते की स्थिति एवं तकनीकी शिक्षा की जरूरतों का विस्तृत आकलन किया। आकलन में 20 सेट टेबल-बेंच, 2 कंप्यूटर सिस्टम, शौचालय हेतु पानी की टंकी एवं पाइपलाइन फिटिंग, पृथक पेयजल टंकी तथा 100 से 150 फीट लंबे संपर्क मार्ग के निर्माण की आवश्यकता चिन्हित की गई।

सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर संत रामपाल जी महाराज ने विद्यालय के आवेदन को स्वीकृति प्रदान की। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने जिला कलेक्टर से समन्वय किया, जिसके पश्चात कलेक्टर कार्यालय एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संत रामपाल जी महाराज के इस लोककल्याणकारी कार्य हेतु आधिकारिक लिखित अनुमति एवं अभिनंदन पत्र जारी किया गया।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्रियां एवं विकास कार्य

आवेदन स्वीकृत होने के मात्र दो दिनों के भीतर संत रामपाल जी महाराज ने विद्यालय परिसर में आवश्यक सामग्रियां भिजवाईं तथा बुनियादी निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया।

प्रदान की गई सुविधाओं तथा निष्पादित कार्यों का विवरण निम्नवत है:

  • टेबल एवं बेंच: छात्रों के बैठने हेतु 20 सेट नए टेबल-बेंच उपलब्ध कराए गए, जिससे जमीन और टाट-पट्टी पर बैठने की बाध्यता समाप्त हो गई।
  • कंप्यूटर सिस्टम: डिजिटल शिक्षा हेतु 2 पूर्ण कंप्यूटर सिस्टम (यूपीएस, एलईडी मॉनिटर एवं एक्सेसरीज सहित) विद्यालय को सौंपे गए।
  • शौचालय में जल आपूर्ति: शौचालयों के ऊपर 500 लीटर क्षमता की पानी की टंकी, मोटर तथा पाइपलाइन एवं नल फिटिंग का कार्य पूर्ण कर जल आपूर्ति चालू की गई।
  • पेयजल व्यवस्था: छात्रों के लिए 200 लीटर क्षमता की पृथक पेयजल टंकी एवं नल युक्त प्याऊ की स्थापना की गई।
  • मार्ग निर्माण कार्य: मुख्य सड़क से विद्यालय तक 100 से 150 फीट लंबे संपर्क मार्ग पर मुरम बिछवाकर जलभराव एवं कीचड़ की समस्या का तात्कालिक समाधान किया गया। वर्षा काल समाप्त होने के पश्चात इस मार्ग पर टाइल्स व चूरी बिछाने का आश्वासन दिया गया है।
  • स्टॉक पंजी में प्रविष्टि: 9 अगस्त 2026 को समस्त सामग्री प्राप्त कर विद्यालय की आधिकारिक स्टॉक पंजी (स्टॉक रजिस्टर) में दर्ज की गई।

प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों के वक्तव्य

शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैतूलगंज के सीएसी (CAC) राजेश महाते तथा जन शिक्षक रवि अतुलकर ने विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया और उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लिया।

विभिन्न हितधारकों द्वारा व्यक्त किए गए विचार:

  • प्रधान पाठक संजीव कुमार वर्मा: “हम लंबे समय से शासन-प्रशासन से इन भौतिक सुविधाओं की मांग कर रहे थे, परंतु पूर्ति नहीं हुई। संत रामपाल जी महाराज ने आवेदन देने के दो दिन के भीतर 20 टेबल-बेंच, 2 कंप्यूटर, टंकियां और मार्ग निर्माण का कार्य पूर्ण करा दिया।”
  • सीएसी राजेश महाते: “संत रामपाल जी महाराज द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला उड़दन को कंप्यूटर और डेक्स-बेंच भेंट करना छात्र हित में अत्यंत सराहनीय कदम है।”
  • जन शिक्षक रवि अतुलकर: “संत रामपाल जी महाराज के इस सार्थक प्रयास से छात्रों को अध्ययन में आने वाली समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और उनका भविष्य उज्जवल बनेगा।”
  • सुखदेव यादव (ग्रामीण): “पूर्व में बच्चे गीली जमीन पर बैठते थे। संत रामपाल जी महाराज ने बैठने के साधन और सड़क की व्यवस्था कर बड़ी राहत दी है।”
  • सुनील नहरिया (ग्रामीण): “कंप्यूटर मिलने से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का शैक्षणिक आधार मजबूत होगा।”
  • राजेश यादव (पूर्व छात्र): “हम 6-7 वर्ष पूर्व इसी विद्यालय में जमीन पर बैठकर पढ़ते थे। संत रामपाल जी महाराज ने वर्तमान बच्चों के लिए टेबल-बेंच और कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराई है।”
  • विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया: छात्र दीपांशु बान (कक्षा 5), निधि मधुरवे, अंशिका (कक्षा 2), करिश्मा (कक्षा 1), जीविका दूर (कक्षा 5), वैष्णवी एवं वंश (कक्षा 5) ने टेबल-बेंच पर बैठने, ठंडा पानी मिलने और कंप्यूटर सीखने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

क्षेत्र में संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित अन्य कल्याणकारी परियोजनाएं

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत उड़दन एवं आसपास के क्षेत्रों में कई अन्य सामाजिक एवं ढांचागत विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं:

  • सामुदायिक भवन निर्माण: उड़दन गांव में 60×80 फीट (तथा 90×70 फीट) आकार का सामुदायिक भवन शेड एवं 150 फीट बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है।
  • विधवा महिला हेतु आवास निर्माण: उड़दन में 2 वर्ष पूर्व पति को खो चुकी 1 बच्चे की निर्धन विधवा महिला के लिए 24×40 फीट के पक्के मकान का निर्माण स्वीकृत किया गया है। स्थल पर ईंट, रेत, गिट्टी, सीमेंट एवं बालू पहुंचाकर भूमि पूजन संपन्न कराया गया।
  • जामठी हायर सेकेंडरी विद्यालय भवन: ग्राम पंचायत जामठी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय में अध्ययनरत 275 विद्यार्थियों के लिए स्थान की कमी को देखते हुए संत रामपाल जी महाराज ने 8 कमरों एवं 2 शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है।

शासकीय प्राथमिक शाला उड़दन में विकास कार्यों का सारांश

विवरण / मदपूर्व स्थितिसंत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदत्त सुविधालाभार्थी / प्रभाव
बैठने की व्यवस्थाजमीन/टाट-पट्टी, सीलन20 सेट टेबल-बेंच50 विद्यार्थियों को बैठने की सुविधा
डिजिटल शिक्षासुविधा का अभाव2 कंप्यूटर सिस्टम (यूपीएस व एलईडी सहित)प्राथमिक स्तर से कंप्यूटर शिक्षा
शौचालय जल आपूर्तिटंकी व नल अनुपस्थित500 लीटर टंकी, मोटर, पाइपलाइन व नल फिटिंगपरिसर में स्वच्छता एवं जल आपूर्ति
पेयजल सुविधादूर नल/हेडपंप पर निर्भरता200 लीटर पृथक टंकी व नल युक्त प्याऊशुद्ध पेयजल की उपलब्धता
विद्यालय मार्ग100-150 फीट कच्चा व कीचड़ युक्तमुरम भराव कार्य (भावी टाइल्स कार्य प्रस्तावित)सुरक्षित आवागमन
सामुदायिक भवन (उड़दन)अनुपस्थित60×80 फीट शेड व 150 फीट बाउंड्री वॉलसमूचा उड़दन ग्राम
निजी आवास सहायताकच्चा/असुरक्षित मकान24×40 फीट पक्का मकान (सामग्री आपूर्ति पूर्ण)निर्धन विधवा महिला व 1 बच्चा
हायर सेकेंडरी स्कूल (जामठी)3 छोटे कमरे, 275 छात्र8 नए कमरे एवं 2 शौचालयों की स्वीकृति275 छात्र-छात्राएं

उड़दन प्राथमिक विद्यालय में शैक्षणिक सुविधाओं का कायाकल्प एवं ग्रामीण विकास पर प्रभाव

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत शासकीय प्राथमिक शाला उड़दन में 20 टेबल-बेंच, 2 कंप्यूटर सिस्टम, जल आपूर्ति टंकियां, प्याऊ एवं मुरम मार्ग का निर्माण कराए जाने से विद्यालय का भौतिक वातावरण पूर्णतः परिवर्तित हो गया है। 9 अगस्त 2026 को विद्यालय के स्टॉक रजिस्टर में दर्ज हुई इन सामग्रियों से 50 विद्यार्थियों को टाट-पट्टी पर बैठने और बरसात के मौसम में सीलन सहने की समस्या से स्थायी मुक्ति मिल गई है। 

इसके साथ ही उड़दन में सामुदायिक भवन, असहाय विधवा हेतु पक्के मकान तथा जामठी हायर सेकेंडरी स्कूल के 8 कमरों के निर्माण की स्वीकृतियों से समूचे ग्राम पंचायत क्षेत्र के सामाजिक एवं बुनियादी विकास को नई दिशा प्राप्त हुई है।

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