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World Aids Day 2022 (Hindi): विश्व एड्स दिवस पर जानिए क्या है एड्स का स्थाई इलाज़?

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Last Updated on 29 November 2022, 2:35 PM IST: World Aids Day in Hindi [2022]: हर व्यक्ति चाहता है कि उसे कोई बीमारी ना हो लेकिन जाने अनजाने में कई बीमारियां इस कदर खतरा बन कर आती हैं कि पूरी मानवता भयभीत हो जाती है। आज विश्व एड्स दिवस 2022 के अवसर पर हम बात कर रहे हैं भयानक बीमारी एड्स की और सत्य साधना रूपी कारगर औषधि से उसके समाधान की। 1 दिसम्बर को पूरे विश्व में प्रतिवर्ष एड्स दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य सभी आयुवर्ग के लोगों में एड्स को लेकर जागरूकता फैलाना है। आइए जानें कब से मनाया जाता है एड्स दिवस तथा जानेंगे एड्स से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य एवं रोकथाम के उपाय।

Table of Contents

क्या है विश्व एड्स दिवस?

World Aids Day 2022 [Hindi]: संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) के तत्वाधान में विश्व एड्स दिवस (World Aids Day in Hindi) प्रत्येक वर्ष 1 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दुनिया भर के लोगों के लिए एचआईवी के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होने, एचआईवी (HIV) से पीड़ित लोगों के लिए समर्थन प्रदर्शित करने और एड्स संबंधित बीमारी से मर चुके लोगों को याद करने का अवसर है। एड्स दिवस को प्रतिवर्ष लोगों के बीच जागरूकता के एक साधन के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। विश्व में घातक बीमारियों में से एक है एड्स।

एड्स दिवस मनाने की कल्पना 1987 में WHO (डब्ल्यूएचओ) ने की थी। 1988 से प्रतिवर्ष 1 दिसम्बर दुनियाभर में एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। एचआईवी संक्रमण का पहला मामला 1959 में कांगो में मिला था। 1996 में एड्स को लेकर जागरूकता एवं प्रचार की जिम्मेदारी संभालते हुए इसके विषय में लोगों को जागरूक एवं शिक्षित करना शुरू किया। इसे विश्व एड्स अभियान कहा गया। 

विश्व एड्स दिवस मनाने का क्या इतिहास रहा है? (History of World AIDS Day)

World Aids Day 2022: अगस्त 1987 में ‘जेम्स डब्ल्यू वन’ और ‘थॉमस मैटर’ नाम के दो व्यक्तियों ने सबसे पहले विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day) की शुरूआत का कदम आगे बढ़ाया था। यह दोनों ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) के विश्व एड्स ग्लोबल कार्यक्रम के सार्वजनिक सूचना अधिकारी के रूप में जिनेवा व स्विजरलैंड में नियुक्त किये गए थे। उन्हीं के द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन के ग्लोबल ऑन एड्स के डायरेक्टरेट (निदेशक) डॉक्टर जॉनाथन मनन (Jonathan Mann) के सामने यह सुझाव रखने पर और जोनाथन को यह सुझाव उचित लगने पर 1 दिसंबर 1988 को वर्ल्ड एड्स डे मनाने के लिए इस दिन को चुना गया। तभी से यह दिन विश्व एड्स दिवस (World Aids Day in Hindi) के रूप में मनाया जाने लगा।

World Aids Day Theme 2022: वर्ष 2022 में विश्व एड्स दिवस की विषयवस्तु क्या है?

World Aids Day 2022: प्रत्येक वर्ष विश्व एड्स दिवस के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाते हैं। जिसके लिए प्रत्येक वर्ष अलग-अलग विषय होते हैं। एड्स दिवस का आयोजन विश्व भर में इसके प्रति जागरूकता लाने, चुनौतियों का सामना करने एवं इसकी रोकथाम के विभिन्न उपायों के लिए एक विशेष थीम के तहत किया जाता है। वर्ष 2021 में इसकी थीम थी ‘असमानताओं को समाप्त करना एवं एड्स का खात्मा करना’। वर्ष 2022 में इसकी थीम है EQUALIZE यानी बराबरी। इसका स्लोगन है कॉल टू एक्शन (call to action)। इसकी थीम का उद्देश्य है एचआईवी से जुड़े सभी परीक्षणों, जानकारी एवं जागरूकता को बढ़ाना। एड्स से संक्रमित लोगों एवं स्वस्थ लोगों के बीच असमानता के दायरे को खत्म करना। तो वही 1988 में पहले विश्व एड्स दिवस की विषयवस्तु (Theme) “Communication (संचार)” थी। 

विश्व एड्स दिवस (World Aids Day) कैसे मनाया जाता है? 

World Aids Day 2022 [Hindi]: विश्व एड्स दिवस (World Aids Day in Hindi) दुनिया भर में एचआईवी संक्रमित लोगों के साथ एकजुटता दिखाने का अवसर है, अधिकांश लोग इस दिन जागरूकता के लिए लाल रिबन (Red Ribbon) पहनते हैं, यह लाल रिबन ऑनलाइन स्टोर या किसी भी केमिस्ट स्टोर से खरीदे जा सकता हैं। इस साल डिजिटल रेड रिबन भी उपलब्ध हैं। 

  • प्रति वर्ष संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां, सरकारें एवं नागरिक समाज में एचआईवी से संबंधित विशिष्ट विषयों पर चलाए जा रहे अभियानों में शामिल होते हैं।
  • एचआईवी से ग्रस्त लोग अपने जीवन के जरूरी मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते हैं । 
  • दुनिया भर में इस दिन इस संक्रमण के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली गतिविधियां की जाती है।

लोग लाल रिबन लगाकर एड्स संक्रमितों का कैसे बढ़ाते हैं उत्साह?

अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में पीले रिबन प्रर्दशन से प्रेरित होकर अमेरिका के प्रसिद्ध कलाकारों ने एचआईवी के साथ लड़ने वाले लोगों के लिए समर्थन और एकजुटता के प्रतीक और एड्स संबंधित बीमारियों से मरने वालों को याद करने के लिए एक लाल रिबन प्रर्दशन करने के लिए चुना। जिसे अब वैश्विक स्तर पर पूरे विश्व के लोग पिन कर अपने कपड़ों में लगाते हैं।

एड्स दिवस का महत्व क्या है? (Importance of World Aids Day in Hindi)

नए एचआईवी संक्रमणों को रोकने के लिए वैश्विक प्रयासों का जश्न मनाने, एचआईवी के प्रति लोगों को जागरूक करने और ज्ञान बढ़ाने के साथ में एचआईवी पॉजिटिव के साथ रहने वालों का समर्थन जाहिर करने का भी यह दिन एक अवसर है।

एड्स किसे कहते हैं? (What is Aids)

World Aids Day 2022: एड्स का पूरा नाम (Full Form) है ‘एक्वायर्ड इम्यूनो डिफिशिएंसी सिंड्रोम।’ एड्स एचआईवी के कारण होता है जो मनुष्य के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर प्रभाव डालता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली की टी कोशिकाओं पर हमला करता है। इस रोग को प्रथम बार वर्ष 1981 में मान्यता दी गई थी और 27 जुलाई 1982 को इसे एड्स के नाम से जाना गया। एड्स का सबसे पहला मामला साल 1959 में अफ्रीका के कांगो में पाया गया था और इससे ग्रस्त व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद उस व्यक्ति के खून की जांच की गई तो पाया कि वह एड्स से पीड़ित था। वर्ष 1980 में यह बीमारी सबके सामने आई। 

Read in English: World AIDS Day: Sat-Bhakti can Cure HIV / AIDS

प्रारम्भ में एड्स दिवस को प्रायः बच्चों एवं युवाओं से ही जोड़कर देखा जाता था। किंतु बाद में यह सामने आया कि एचआईवी संक्रमण किसी भी आयु के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। एड्स (AIDS) का अर्थ है ऑटो इम्युन डिफिशिएंसी सिंड्रोम (Auto Immune Deficiency Syndrome)। यह होता है एचआईवी (HIV) यानी (Human Immunodeficiency Virus) वायरस के संक्रमण से। एड्स का सीधा असर व्यक्ति के इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है। इसके कारण व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य बीमारियों से लड़ने में भी अक्षम होने लगती है।

एड्स का शरीर पर प्रभाव 

World Aids Day in Hindi: एचआईवी वायरस मनुष्य की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है और उसे कमज़ोर बनाता है। एचआईवी वायरस शरीर में अन्य बीमारियों से लड़ने के लिए उपलब्ध श्वेत रक्त कोशिकाओं पर हमला करता है। यह श्वेत रक्त कोशिकाओं के सीडी 4 नामक टी सेल्स पर हमला करता है और अपनी संख्या लगातार बढ़ाता जाता है। इस तरह एचआईवी संक्रमित व्यक्ति की सीडी 4 कोशिकाएं घटने लगती हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति में सीडी 4 कोशिकाओं की संख्या 500-1600 के बीच होती है वहीं एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के भीतर इसकी संख्या 200 से भी नीचे पाई जा सकती है। इसके संपर्क में आने के बाद व्यक्ति बीमारियों एवं संक्रमणों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो जाता है एवं शरीर की प्रतिरोधक क्षमता काम करना बंद कर देती है।

एड्स के सामान्य लक्षण (Symptoms of Aids)

World Aids Day 2022: कोई भी व्यक्ति एचआईवी वायरस से कई असावधानियों से संक्रमित हो सकता है। इसके लक्षणों के सामने आने में 8 से 10 वर्ष का समय भी लग सकता है। इसके शुरुआती दिनों में कोई लक्षण सामने नहीं आते हैं। इसके लक्षणों में जो सर्व प्रमुख हैं वे नीचे दिए जा रहे हैं। 

  • लंबे समय तक बुखार बना रहना या बार बार आना।
  • अत्यधिक थकान महसूस होना, शरीर में दर्द रहना।
  • अत्यधिक पसीना आना।
  • सूखी खांसी का आना, गले मे खराश रहना।
  • त्वचा पर चिकत्ते आना, त्वचा का अत्यंत संवेदनशील होना।
  • बार बार दस्त लगना (डायरिया की स्थिति) खराब पेट रहना।
  • गले की नली, मुंह अथवा गुप्तांग में घाव रहना।
  • लिम्फ नोड्स में सूजन रहना।
  • वजन घटना।

कैसे फैलता है एड्स?

विश्व एड्स दिवस 2022 (World Aids Day in Hindi): कोई भी व्यक्ति एचआईवी वायरस से अनेकों तरह से संक्रमित हो सकता है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए व्यक्ति के साथ किसी खून, इंजेक्शन या उपकरण को साझा करने से हो सकता है। यह एक माँ से शिशु को भी हो सकता है। वर्तमान में एचआईवी का कोई प्रभावी इलाज दुनिया में मौजूद नहीं है। इसके लिए कुछ सावधानियों का बरतना अत्यंत आवश्यक है। एचआईवी फैलने के बहुत से कारण हो सकते हैं, जिनमे से कुछ 

निम्नलिखित है:

  • संक्रमित खून आदान प्रदान से या संक्रमित सुई के पुनः उपयोग से 
  • गर्भ धारण करते समय, प्रसव या स्तनपान द्वारा मां से बच्चों तक
  • शरीर के संक्रमित तरल पदार्थ या ऊतकों द्वारा
  • एच. आई. वी संक्रमित रक्त के साथ दूषित होने के कारण लार, थूक, आँसू, पसीना, नाक स्राव, मल मूत्र, या उल्टी एच. आई. वी. संक्रमित कर सकते हैं

एड्स संबंधित जांचें कौन सी है?

  • एलीसा जांच
  • वेस्टर्न ब्लॉट जांच
  • एचआईवी पी-24 ऐंटीजेन (पी.सी.आर.) जांच
  • सीडी-4 काउंट जांच

कैसे पहुँचा एड्स दुनिया भर में?

कांगो की राजधानी किंशास उस समय सेक्स ट्रेड का अड्डा था। सेक्स ट्रेड ने इस बीमारी को अन्य देशों तक पहुंचाने में अहम माध्यम बनाया। 1960 में यह बीमारी कैरिबियाई द्वीपों एवं हैती तक पाई गई। असल में कांगो में कैरिबिया के हैती के लोग कार्य करते थे जहां उनके माध्यम से यह बीमारी उनके देश पहुंची। 1970 में कैरिबिया से यह वायरस अमेरिका की न्यूयॉर्क सिटी में पहुँचा और उसके बाद यह पूरे विश्व भर में फैल गया। 1980 के दशक के बाद इस बीमारी ने जोर पकड़ा और अब तक ये पूरे विश्व में लाखों को अपनी चपेट में ले चुका है।

एड्स के मौजूदा आँकड़े

UNAIDS की 2021 रिपोर्ट के मुताबिक,

• अब तक दुनियाभर के लगभग 4 करोड़ (40.1 मिलियन) लोग HIV संक्रमण के कारण जान गंवा चुके हैं।

• साल 2021 की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर 38.4 मिलियन लोग एचआईवी संक्रमण के साथ जी रहे थे, जिनमें से दो तिहाई अर्थात लगभग 25.6 मिलियन लोग अफ्रीकी क्षेत्र में हैं।

• UNAIDS की 2021 की रिपोर्ट बताती है कि 1.5 मिलियन (डेढ़ करोड़) लोग एचआईवी से संक्रमित हुए।

• वहीं साल 2021 में लगभग 6.5 लाख लोगों की मौत एचआईवी संक्रमित होने की वजह से हो गई।

• जबकि UNICEF की वेबसाइट के अनुसार 2020 में, कम से कम 300,000 बच्चे एचआईवी से संक्रमित थे यानि हर दो मिनट में एक बच्चा एचआईवी (HIV) से संक्रमित हुआ। इसी वर्ष, एड्स (AIDS) से संबंधित कारणों से 120,000 बच्चों और किशोरों की मृत्यु हुई यानि हर पांच मिनट में एक बच्चे की मौत हो गई।

World Aids Day in India [Hindi]: भारत में एड्स की स्थिति

विश्व एड्स दिवस (World Aids Day in Hindi): राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (National AIDS Control Organization- NACO) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के 2021 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की संख्या करीब 24 लाख थी। साल 2021 में लगभग 63000 नए एचआईवी संक्रमित मरीज मिले थे जबकि एड्स से करीब 42000 मौत हो गई। लेकिन यूएनएड्स के एक अनुमान के मुताबिक भारत में एड्स पीड़ितों की संख्या 30 लाख तक होना मुमकिन है। हालांकि पिछले कुछ सालों में एड्स के प्रति जागरूकता अभियानों (Awareness Programs) के ​चलते इस संक्रमण (Infection) पर कुछ हद तक काबू पाया गया है लेकिन कुछ हद तक चुनौतियाँ अब भी बरकरार हैं।

एड्स और एच.आई.वी में क्या अंतर है?

एड्स (AIDS) अर्थात ‘एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम’ (Acquired Immune Deficiency Syndrome) की बीमारी HIV (Human Immunodeficiency Virus) नाम के अतिसूक्ष्म रोग विषाणु के संक्रमण के कारण होती है। एड्स द्वारा अन्य रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता घटने के कारण अवसरवादी रोग फुफ्फुस प्रदाह, टीबी, कर्क रोग सहज हो जाते हैं जिनका इलाज कठिन होने से रोगी की मौत तक हो सकती है।

World Aids Day [Hindi]: एड्स को कैसे ठीक करें?

World Aids Day in Hindi: हम यह तो नहीं कहते कि एड्स का उपचार संभव नहीं है, परन्तु चिकित्सा विज्ञान अब तक इसे जड़ से खत्म करने की दवा बनाने में सफल नहीं हो पाया है। आइये जानते हैं एड्स के रोकथाम के उपायों के बारे में। मनुष्य के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने से एड्स नियंत्रित किया जा सकता है। आस पास वातावरण में उपस्थित जीव संक्रमण के कारक के रूप में शरीर के हर अंग प्रणाली को प्रभावित करते हैं। जरूरत है जागरूक होने की कि किस तरह से यह रोग फैलता है। एड्स होने से बचना ही एड्स का सर्वोत्तम उपचार है। ध्यान रखने योग्य बातें –

  • असुरक्षित यौन संबंध को हमेशा बचें। 
  • खून की जांच या खून चढ़वाते समय सावधानी रखें।
  • किसी भी अन्य व्यक्ति के खून या बॉडी फ्लूइड्स से दूर रहें।
  • ड्रग्स को कहें ना क्योंकि ड्रग्स के इंजेक्शन एक दूसरे के साथ साझा करना एड्स का बड़ा कारण हैं।

एड्स के लिए कोई भी इलाज उपलब्ध न होने की स्थिति में जागरूकता ही प्राथमिक उपाय है।

क्या स्थायी समाधान है एड्स जैसी खतरनाक बीमारियों का?

पृथ्वी पर अनेक प्रकार के कष्टप्रद रोगों से मानव जूझता रहा है, एक बीमारी का समाधान खोजता है तो दूसरी आन खड़ी होती है। एक के बाद एक विकराल बीमारियां या संक्रमण मनुष्य को मौत के मुंह में डाल देते हैं। शास्त्रों के अनुसार मनुष्य को जो भी कष्ट होते हैं उनका आधार उसके प्रारब्ध कर्म ही होते हैं। कर्म के अनुसार ही मनुष्य इन कष्टों को भोगने के लिए विवश होता है और ना चाहते हुए भी काल का ग्रास बन जाता है। वेदों में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा अपने सत्य साधक को पूर्ण संत द्वारा दी गई सत्य साधना कराता है और उसे किसी भी असाध्य रोग से मुक्त कर देता है। पूर्ण परमात्मा आवश्यकतानुसार सत्य साधक की आयु भी बढ़ा सकता है। 

तत्वज्ञान की मर्यादा है बचाव का रास्ता- संत रामपाल जी महाराज अब तक विश्व में सबसे बड़े समाज सुधारक संत के रूप में उभरे हैं। संत रामपाल जी ने लोगों में दहेजमुक्ति एवं नशामुक्ति की अलख जगाई एवं लाखों का जीवन बदल दिया है। संत रामपाल जी ने तत्वज्ञान के लिए जो मर्यादाएं निर्धारित की हैं वे निश्चित रूप से महत्वपूर्ण हैं जैसे नशामुक्ति अभियान। ड्रग्स में इस्तेमाल की जाने वाली सीरिंज एड्स को फैलाने का बड़ा माध्यम है। परस्त्रीगमन का निषेध अपने आप में एड्स जैसी अन्य बीमारियों से एक बहुत बड़ा बचाव है। उनके द्वारा बताए गए तत्त्वज्ञान से जीवनशैली में सुधार आता है जो शारीरिक एवं आध्यात्मिक सुख प्रदान करती हैं।

अब भी है बचने की आशा

एड्स का इस विश्व में कोई इलाज सम्भव नहीं है। किंतु आशा की किरण अब भी जिंदा है। ईश्वर ने विज्ञान बनाया। विज्ञान की शक्तियां सीमित हैं किंतु ईश्वर की नहीं। आध्यात्मिक शक्ति के माध्यम से अनेकों रोग काटे जा सकते हैं। चाहे वे कैंसर और एड्स जैसे जानलेवा और घातक ही क्यों न हों। याद रखें परमात्मा वह सबकुछ कर सकता है जो जीव के वश एवं बुद्धि दोनों में ही नहीं है। किंतु आध्यात्मिक शक्ति तभी सभी काम करेगी जब शास्त्रानुकूल अर्थात सही हो। पाखण्डवाद और अध्यात्म में अंतर है। वर्तमान में पूर्ण तत्वज्ञान प्रदान करने वाले संत हैं संत रामपाल जी महाराज। जिन्होंने विश्व को सही तत्वज्ञान यानी आध्यात्मिक ज्ञान से अवगत कराया है। कोई दुख परमात्मा के लिए बड़ा नहीं है। अधिक जानकारी के लिए डाउनलोड करें संत रामपाल जी महाराज एप्प

एकमात्र तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से सत्य साधना लेकर कष्ट मुक्त हों

वर्तमान में पूर्ण परमात्मा की सत्य साधना एकमात्र तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज सतलोक आश्रम बरवाला जिला हिसार हरियाणा वाले बता रहे हैं। उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली साधना शास्त्रों के अनुसार है। जिससे साधक के प्रारब्ध कर्म भी कट रहे हैं और बड़े बड़े असाध्य रोग एड्स, कैंसर इत्यादि केवल सत भक्ति करने मात्र से ही ठीक हो रहे हैं। पूर्ण परमात्मा कबीर साहब कहते हैं कि उस संत की शरण में जाना चाहिए जो “भाग्य में सूली हो तो उसे भी कांटे में बदल दे” अर्थात सभी कष्टों को टाल दे। सत्य साधना ज्ञान प्राप्त करने के लिए पढ़े पवित्र पुस्तक “जीने की राह साथ ही सुने साधना चैनल पर 7:30 सायं सत्संग

कबीर, संत शरण में आने से, आई टलै बला |

जै भाग्य में सूली हो, कांटे में टल जाय ||

एड्स से जुड़े रोचक तथ्य (Interesting facts about AIDS)

  • एड्स विषय पर आधारित सबसे पहली हॉलीवुड फिल्म ‘एंड द बैंड प्लेन ऑन’ बनायीं गयी था
  • यदि 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान होता है तो एचआईवी के विषाणु मारे जा सकते है।
  • वर्ष 1986 में मद्रास में भारत में सबसे पहला एड्स का मामला सामने आया था।

FAQ about World Aids Day [Hindi]

एड्स का फुल फॉर्म क्या है?

AIDS का फुल फॉर्म है- Auto Immune Deficiency Syndrome

HIV का फुल फॉर्म क्या है?

HIV का फुल फॉर्म है-Human Immunodeficiency Virus)

एड्स का पहला मामला कहाँ मिला था?

एड्स का पहला मामला कांगो में मिला था । 

विश्व एड्स दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व एड्स दिवस 1 दिसम्बर को मनाया जाता है। 

विश्व एड्स दिवस 2022 की थीम क्या है?

 विश्व एड्स दिवस 2022 की थीम है Equalize

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