संत रामपाल जी महाराज ने माधवगढ़, झुंझुनू की गौशाला को भिजवाया 500 क्विंटल चारा

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राजस्थान के जिला झुंझुनू के माधवगढ़ गांव स्थित केशव आदर्श गौशाला को पिछले लगभग एक वर्ष से कोई सरकारी अनुदान प्राप्त नहीं हो रहा था। इस वित्तीय अभाव के कारण गौवंश के लिए पर्याप्त सूखा चारा जुटाना लगातार कठिन होता जा रहा था। गौशाला प्रबंधन और ग्रामीण गांव में घर-घर जाकर एक-दो पोटली फूस या चारा इकट्ठा कर किसी तरह व्यवस्था चला रहे थे। हालांकि यह प्रबंध तात्कालिक था और समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकल पा रहा था। गौशाला की इस गंभीर आर्थिक और चारे की समस्या से दुखी होकर गौशाला के प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सहायता के लिए औपचारिक प्रार्थना प्रस्तुत की।

प्रार्थना के पश्चात सर्वे और राहत सामग्री का आदेश

गौशाला प्रतिनिधियों की प्रार्थना पर संज्ञान लेते हुए संत रामपाल जी महाराज ने गौशाला का सर्वे करवाने का निर्देश दिया। सर्वे टीम ने माधवगढ़ पहुंचकर चारे की वास्तविक आवश्यकता का आकलन किया। सर्वे रिपोर्ट में चारे की भारी आवश्यकता की पुष्टि होते ही संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल प्रभाव से सहायता पहुंचाने का आदेश जारी किया। केवल तीन से चार दिनों के भीतर माधवगढ़ की केशव आदर्श गौशाला तक 500 क्विंटल सूखा चारा पहुंचा दिया गया।

निःशुल्क परिवहन और अन्य गौशालाओं में सहायता का विस्तार

इस सहायता अभियान की मुख्य विशेषता यह रही कि गौशाला से चारे की कोई कीमत नहीं वसूली गई और न ही वाहनों या पिकअप गाड़ियों का किराया लिया गया। चारा और उसका संपूर्ण परिवहन खर्च संत रामपाल जी महाराज के आदेश से पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करवाया गया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, झुंझुनू जिले के बबाई, कालोटा और माधवगढ़ की गौशालाओं में कुल 31 पिकअप वाहन तूड़ा लेकर पहुंचे, जिनमें एक पिकअप वाहन में लगभग 60 क्विंटल तूड़ा शामिल था।

ग्रामीणों और प्रबंधकों की प्रतिक्रियाएं

माधवगढ़ में इस सहायता सामग्री के पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों और गौशाला पदाधिकारियों ने राहत व्यक्त की।

  • केशव आदर्श गौशाला के अध्यक्ष कैप्टन घीसाराम ने बताया कि एक वर्ष से कोई सहायता न मिलने के कारण संकट था, जिसे संत रामपाल जी महाराज ने दूर किया।
  • ग्रामीण दयाराम ने उल्लेख किया कि गांव में पहले घर-घर जाकर एक-दो पोटली फूस मांगा जाता था, जबकि संत रामपाल जी महाराज ने 500 क्विंटल फूस निःशुल्क प्रदान किया है।
  • ग्राम सरपंच ने भी सार्वजनिक मंच से इस सहायता की सराहना करते हुए कहा कि संत रामपाल जी महाराज के दरबार से जरूरतमंदों को सहायता प्राप्त होती है।

सहायता वितरण विवरण और तथ्य तालिका

विवरण श्रेणीतथ्य एवं आंकड़े
स्थान एवं जिलामाधवगढ़, जिला झुंझुनू, राजस्थान
गौशाला का नामकेशव आदर्श गौशाला धारी धाम, माधवगढ़
वितरित सामग्री500 क्विंटल सूखा चारा (तूड़ा)
वाहन संख्याबबाई, कालोटा और माधवगढ़ हेतु कुल 31 पिकअप वाहन
परिवहन एवं मूल्यशत-प्रतिशत निःशुल्क (चारे व भाड़े का कोई शुल्क नहीं)
सहायता प्रदातासंत रामपाल जी महाराज (मुन धर्मा ट्रस्ट कुरुक्षेत्र)
संपर्क हेल्पलाइनखाद, बीज और दवाई हेतु नंबर: 9992600931, 9992600932

जनहितकारी सेवाएं और कृषकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं

संत रामपाल जी महाराज द्वारा केवल गौशालाओं को ही नहीं, बल्कि संपूर्ण देश में विभिन्न कल्याणकारी कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

  • बेसहारा पशुओं और गौवंश के लिए सूखा चारा तथा शेड निर्माण की व्यवस्था।
  • गरीब परिवारों के लिए मकान निर्माण में सहायता।
  • गरीब बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य उपचार हेतु वित्तीय सहायता।
  • किसानों के लिए खाद, बीज और दवाई की निःशुल्क व्यवस्था, जिसके लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर (9992600931 और 9992600932) जारी किए गए हैं (योजना का लाभ लेने हेतु फर्द, आधार कार्ड और ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है)।

माधवगढ़ गौशाला में चारे की आपूर्ति से प्राप्त दीर्घकालिक राहत

माधवगढ़ की केशव आदर्श गौशाला में 500 क्विंटल सूखे चारे के एक साथ पहुँच जाने से आगामी छह महीनों के लिए चारे की समस्या का समाधान हो गया है।  गौशाला प्रबंधन और ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज का आभार जताते हुए इस बात की पुष्टि की है कि पूर्व में जहां थोड़ी-थोड़ी मात्रा में चारे के लिए संघर्ष करना पड़ता था, वहीं अब संत रामपाल जी महाराज के माध्यम से प्राप्त इस सहायता से गौवंश का सुचारू पालन-पोषण सुनिश्चित हो गया है।

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