संत रामपाल जी महाराज द्वारा समाज सुधार, पर्यावरण संरक्षण, व्यसनमुक्ति और किसानों की भलाई के लिए चलाए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी अभियानों से प्रभावित होकर हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों से जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण लगातार आश्रम पहुँच रहे हैं। भिवानी जिले के ग्राम मंडोली कलां, पानीपत के ग्राम पाथरी, जींद के ग्राम देवरड़ और हिसार क्षेत्र के ग्राम सिंघवा तथा महम से आए अतिथियों ने संत रामपाल जी महाराज से भेंट की। इन बैठकों के दौरान अतिथियों ने जलभराव से प्रभावित किसानों को दी गई सहायता, निशुल्क खाद-बीज वितरण, आवास निर्माण, चिकित्सा सहायता और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन जैसे ऐतिहासिक कार्यों की सराहना की। संत रामपाल जी महाराज ने सभी आगंतुकों का आत्मीय स्वागत करते हुए मानव जीवन में सत्य भक्ति, अनुशासन और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डाला।
ग्राम मंडोली कलां और पाथरी के प्रतिनिधियों की भेंट
भिवानी जिले के ग्राम मंडोली कलां से सरपंच, ग्राम पंचायत समिति, गौशाला प्रबंधन समिति और लगभग पचास किसानों का एक बड़ा शिष्टमंडल संत रामपाल जी महाराज के दर्शन हेतु पहुँचा। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में जमा विषैले पानी को निकालने के लिए आश्रम द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से जो व्यवस्था की गई, उससे किसानों की अमूल्य भूमि सुरक्षित हो पाई है।
इसके अतिरिक्त पानीपत जिले के ग्राम पाथरी से आए सेवानिवृत्त शिक्षक (मास्टर जी) और ग्रामवासियों ने आश्रम द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान, दहेज मुक्त विवाह परंपरा और अन्नपूर्णा योजना की भरपूर प्रशंसा की। आगंतुकों ने कहा कि आश्रम की स्वच्छता, अनुशासन और निर्मल वातावरण हर व्यक्ति के मन को अद्भुत शांति प्रदान करता है। संत रामपाल जी महाराज ने प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निस्वार्थ भक्ति और सत्संग से ही घर तथा समाज में सुख-शांति का स्थायी वातावरण निर्मित होता है।
देवरड़, सिंघवा एवं महम बॉक्सिंग क्लब के सचिव का संवाद
जींद जिले के ग्राम पंचायत देवरड़ के सरपंच और ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज से मिलकर अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। देवरड़ के सरपंच ने बताया कि खेतों से जल निकासी के साथ-साथ समय पर किसानों को निशुल्क डीएपी, यूरिया और उत्तम बीज उपलब्ध कराने की पहल ने कर्ज में डूब रहे किसानों को नया जीवन प्रदान किया है।
इसी क्रम में महम बॉक्सिंग क्लब के सचिव तथा ग्राम सिंघवा से आए प्रतिनिधियों ने भी महाराज जी से मुलाकात की। सिंघवा निवासी युवा प्रतिनिधि ने बताया कि जलभराव के कारण हताश हो चुके किसानों के लिए पाइपलाइन और पंपिंग सिस्टम की सेवा अत्यंत उपयोगी साबित हुई है। महाराज जी ने स्पष्ट किया कि किसान और मजदूर देश की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी सहायता करना तथा निर्धन वर्ग को आश्रय, चिकित्सा एवं शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वोच्च सेवा है।
संत रामपाल जी महाराज का सभी आगंतुकों के लिए संदेश
संत रामपाल जी महाराज ने आए हुए सभी सरपंचों, शिक्षकों और ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आध्यात्मिक भक्ति ही मानव जीवन का वास्तविक आधार है। महाराज जी ने समझाया कि जिस प्रकार दैनिक जीवन में सांसारिक कार्य किए जाते हैं, उसी प्रकार यदि प्रत्येक परिवार में सुबह-शाम कबीर परमात्मा की भक्ति और नाम जाप होने लगे तो घर का वातावरण शुद्ध हो जाता है। यह शुद्ध भक्ति वातावरण में फैली नकारात्मकता को समाप्त कर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने सभी आगंतुकों से सामाजिक कुरीतियों जैसे दहेज प्रथा, नशा और व्यर्थ के आडंबरों को पूरी तरह से त्यागने का आह्वान किया। महाराज जी ने प्रतिनिधियों से निवेदन किया कि वे निस्वार्थ भाव से शास्त्रानुकूल भक्ति मार्ग को अपनाएं ताकि जीवन के समस्त दुखों से स्थायी मुक्ति प्राप्त हो सके।
मुलाकात हुई प्रेरणादायक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न
विभिन्न गाँवों से आए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की यह भेंट अत्यंत प्रेरणादायक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। मंडोली कलां, पाथरी, देवरड़ और सिंघवा के ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिए गए अमूल्य मार्गदर्शन और जनकल्याणकारी पहलों के प्रति अपनी अटूट निष्ठा प्रकट की। सभी आगंतुकों ने आश्रम के अनुशासित, स्वच्छ और मंगलकारी वातावरण की सराहना करते हुए संत रामपाल जी महाराज का सहृदय धन्यवाद किया। इस ऐतिहासिक मुलाकात ने संपूर्ण समाज में परोपकार, किसान हित, नशा मुक्ति और भक्ति मार्ग के प्रति एक सुदृढ़ तथा सकारात्मक संदेश प्रसारित किया है।



